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“मैं दुनिया को मनाने में लगा हूं, मेरा घर मुझसे रूठा जा रहा है” – लोकसभा में अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:-  लोकसभा में मंगलवार को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर करारा तंज कसा। उन्होंने एक शेर के जरिए बीजेपी की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा:“मैं दुनिया को मनाने में लगा हूं, मेरा घर मुझसे रूठा जा रहा है।” अखिलेश ने यह शेर दो बार दोहराया और कहा कि यह लाइनें उन्होंने खासतौर पर सत्ता पक्ष के लिए कही हैं।

BJP की विदेश नीति और ऑपरेशन सिंदूर पर हमला

अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष को लोग बधाई दे रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष को नहीं। उन्होंने मीडिया कवरेज पर तंज कसते हुए कहा,”कुछ चैनल तो यह तक कहने लगे कि कराची हमारा हो गया है। किसी ने कहा कि हमने उन्हें पकड़ भी लिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) को लेकर बड़ी बातें करती है, लेकिन जब मौका आया तो सीजफायर की घोषणा कर दी।

 “सीजफायर किसके कहने पर हुआ?”

अखिलेश यादव ने सरकार से सीधा सवाल किया:“सीजफायर किस दबाव में हुआ? किसके कहने पर हुआ?”उन्होंने व्यंग्य में कहा,“आपके मित्र ही सीजफायर की घोषणा कर देते हैं, जैसे आपको इससे कोई लेना-देना नहीं।” उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो।

पुलवामा और खुफिया तंत्र पर भी सवाल

अखिलेश ने पुलवामा हमले की चर्चा करते हुए इंटेलिजेंस फेल्योर का मुद्दा उठाया और पूछा,“इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? खुफिया एजेंसियां लगातार क्यों फेल हो रही हैं?”

सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि “आजादी के अमृतकाल का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, और विदेशी ताकतें दावा कर रही हैं कि युद्ध उन्होंने रुकवाया।” उन्होंने कहा कि इससे देश की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय क्षमता कमजोर होती है।

“पाकिस्तान के पीछे कौन है? चीन से भी खतरा!”

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि सरकार साफ तौर पर बताए कि पाकिस्तान के पीछे कौन-सा देश खड़ा है? क्या सरकार को चीन से भी उतना ही खतरा महसूस होता है जितना आतंकवाद से?

सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल

उन्होंने कहा कि सरकार की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक नीतियों में गंभीर खामियां हैं। आर्थिक मोर्चे पर सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए अखिलेश ने आत्मनिर्भर भारत के नारे की सच्चाई पर सवाल उठाए।

इंग्लैंड की नैट साइवर ने मंधाना को पछाड़ा, हरमनप्रीत कौर की जबरदस्त छलांग

स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने महिला वनडे खिलाड़ियों की ताजा रैंकिंग जारी की है, जिसमें कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट ने भारत की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना को पछाड़ते हुए वनडे की नंबर-1 बल्लेबाज का ताज फिर से हासिल कर लिया है।

नैट साइवर-ब्रंट बनीं वनडे रैंकिंग की क्वीन

इंग्लिश कप्तान नैट साइवर-ब्रंट के अब 731 रेटिंग अंक हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ तीसरे वनडे में 98 रनों की दमदार पारी खेली थी। यह तीसरी बार है जब वह वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर-1 बनी हैं। इससे पहले वह जुलाई 2023 – अप्रैल 2024 और जून – दिसंबर 2024 में भी शीर्ष पर थीं।

मंधाना दूसरे स्थान पर, हरमनप्रीत की छलांग

स्मृति मंधाना 728 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई हैं। उन्होंने आखिरी वनडे में 45 रन बनाए थे। टॉप-10 में भारत से केवल मंधाना ही बनी हुई हैं। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे वनडे में शतक (102 रन) लगाकर 10 स्थान की छलांग लगाई और अब वह 11वें स्थान पर पहुंच गई हैं। जेमिमा रोड्रिग्स (622) दो स्थान ऊपर 13वें और ऋचा घोष (516) नौ स्थान ऊपर 39वें नंबर पर आ गई हैं। यह ऋचा घोष की करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।

आयरलैंड और जिम्बाब्वे सीरीज से भी बदलाव

आयरलैंड की ऑलराउंडर ओर्ला प्रेंडरगैस्ट ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए| बल्लेबाजों में 12 स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त 22वें स्थान पर है | गेंदबाजों में 10 स्थान ऊपर चढ़कर 33वें स्थान पर पहुंच गई हैं | ऑलराउंडर्स में वह टॉप-10 में प्रवेश कर चुकी हैं। अर्लीन केली भी चार स्थान ऊपर चढ़कर गेंदबाजों में 30वें स्थान पर पहुंच गई हैं।

प्रमुख बदलावों की सूची:

खिलाड़ी रैंकिंग में बदलाव नई रैंकिंग प्रदर्शन का आधार
नैट साइवर-ब्रंट +1 (टॉप पर) 1 भारत के खिलाफ 98 रन
स्मृति मंधाना -1 2 आखिरी वनडे में 45 रन
हरमनप्रीत कौर +10 11 तीसरे वनडे में शतक (102)
जेमिमा रोड्रिग्स +2 13 लगातार स्थिर प्रदर्शन
ऋचा घोष +9 39 करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग
ओर्ला प्रेंडरगैस्ट +12 (बल्लेबाजी), +10 (गेंदबाजी) 22 (BAT), 33 (BOW) 50 और 67 रन + 2 विकेट
अर्लीन केली +4 30 (BOW) गेंदबाजी में असरदार योगदान

देवघर में कांवड़ियों की बस और ट्रक में जबरदस्त टक्कर, 18 श्रद्धालुओं की मौत, 20 से अधिक घायल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- झारखंड के देवघर जिले में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने श्रावण मास की आस्था को मातम में बदल दिया। कांवड़ियों से भरी एक बस और ट्रक की सीधी टक्कर में अब तक 18 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

यह दर्दनाक दुर्घटना गोड्डा-देवघर मुख्य मार्ग पर मोहनपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया मोड़ के पास सुबह करीब 5:30 बजे हुई। कांवड़िए बाबा बैद्यनाथ धाम में जल चढ़ाने जा रहे थे, तभी बस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर चीख-पुकार मच गई।

आपको बतादें कि  मोहनपुर थाना प्रभारी प्रियरंजन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को मोहनपुर सीएचसी अस्पताल ले जाया गया। जहा गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। जिला प्रशासन की निगरानी में राहत कार्य लगातार जारी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुर्घटना इतनी तेज थी कि बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

देवघर सांसद निशिकांत दुबे ने हादसे पर जताया गहरा शोक 

देवघर सांसद निशिकांत दुबे ने हादसे पर गहरा शोक जताया और लिखा, श्रावण मास में बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं की दुर्घटना में मौत अत्यंत दुखद है। बाबा बैद्यनाथ सभी परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।” स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, फिलहाल 6 लोगों की मौत और 23 घायल होने की सूचना मिली है। घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना को “बेहद हृदयविदारक” बताया और शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ट्वीट किया: देवघर के मोहनपुर प्रखंड में हुई बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। जिला प्रशासन को त्वरित राहत कार्य व चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपको बतादें कि देवघर, जिसे बाबा बैद्यनाथ धाम के नाम से जाना जाता है, बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। श्रावण मास में यहां लाखों श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव को जल अर्पित करने आते हैं। यह हादसा उसी धार्मिक यात्रा के दौरान हुआ, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं|

Aaj Ka Rashifal 29 July 2025: सिंह समेत इन 4 राशियों को मिलेगा धन लाभ, जानिए सभी 12 राशियों का हाल

Rashifal Today 29 July 2025: ग्रहों की चाल में आए बदलाव के कारण आज का दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक लाभ लेकर आया है। विशेष रूप से सिंह, वृश्चिक, धनु और मकर राशि वालों को आज धन संबंधित अच्छे समाचार मिल सकते हैं। आइए जानते हैं आज का विस्तृत दैनिक राशिफल (Daily Horoscope in Hindi) और किस राशि को किन बातों का ध्यान रखना है।

मेष राशि (Aries)

सेहत में हल्की परेशानियां बनी रह सकती हैं। शत्रु पक्ष पर नियंत्रण बना रहेगा। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति अनुकूल रहेगी। व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी।
उपाय: हरी वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि (Taurus)

बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम संबंधों में बहस से बचें और गुस्से पर काबू रखें। कारोबार सामान्य रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि (Gemini)

घर में विवाद के संकेत हैं, सोच-समझकर बोलें। संपत्ति और वाहन खरीदने के योग हैं। सेहत थोड़ी कमजोर रहेगी, लेकिन व्यापार में लाभ रहेगा।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

कर्क राशि (Cancer)

कर्म में उन्नति और रोज़गार में बढ़त के योग हैं। स्वास्थ्य बेहतर होगा। प्रेम व संतान से सहयोग मिलेगा। व्यवसाय में सफलता मिलेगी।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

सिंह राशि (Leo)

आज के दिन धन लाभ के विशेष योग बन रहे हैं। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी और स्वास्थ्य सुधरेगा। व्यापार में प्रगति होगी लेकिन फिलहाल निवेश से बचें।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

कन्या राशि (Virgo)

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, प्रेम संबंध मधुर होंगे और व्यापार में लाभ मिलेगा।
उपाय: लाल वस्तु का दान करें।

तुला राशि (Libra)

खर्चों की अधिकता परेशान कर सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन प्रेम और व्यापार में सुधार रहेगा।
उपाय: बजरंगबली को प्रणाम करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

नए आय के स्रोत बनेंगे और पुराने रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य सुधरेगा और व्यापार में लाभ होगा। यात्रा के योग भी हैं।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

धनु राशि (Sagittarius)

राजनीति और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और व्यवसाय में तरक्की होगी।
उपाय: हरी वस्तु का दान करें।

मकर राशि (Capricorn)

भाग्य का साथ मिलेगा और रोज़गार में उन्नति होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। व्यापार, प्रेम और सेहत सभी में संतुलन रहेगा।
उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

कुंभ राशि (Aquarius)

चोट लगने या किसी उलझन में पड़ने की संभावना है। सेहत को लेकर सतर्क रहें। प्रेम-संतान सामान्य, व्यापार संतुलित रहेगा।
उपाय: हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि (Pisces)

जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा और नौकरी में तरक्की के योग हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में सकारात्मकता रहेगी।
उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

आज का विशेष योग:

सिंह, वृश्चिक, धनु और मकर राशि वालों के लिए आज का दिन धन लाभ और व्यवसाय में प्रगति के लिए शुभ माना गया है। ग्रहों की स्थिति इन राशियों के पक्ष में दिखाई दे रही है।

“ऐरा-गैरा मार दिए और कह रहे मास्टरमाइंड”: ऑपरेशन महादेव पर क्या बोले पप्पू यादव?

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- जहां एक ओर देशभर में ऑपरेशन महादेव को लेकर भारतीय सेना की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने इस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि सरकार और सेना ने जिसे “मास्टरमाइंड” बताया है, वह वास्तव में कोई और ही हो सकता है।

पप्पू यादव का बड़ा बयान:

“ऐरा गैरा को मार दिया और अब कह रहे मास्टरमाइंड मारा गया!” एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सब जनता का ध्यान भटकाने की एक रणनीति है। “हर बार कुछ न कुछ डायवर्ट कर देते हैं – ईडी का नोटिस, लव लेटर, मंदिरों के चमत्कार… मगर असली गुनहगार कहां हैं?”

“स्कैच खुद बनवाए, फिर मिटा दिए”

पप्पू यादव ने सरकार पर मास्टरमाइंड की पहचान को लेकर ही सवाल उठाया। उन्होंने कहा:“पहले खुद स्कैच बनवाते हैं, फिर खुद ही उसे मिटा देते हैं। कहां गया वो असली मास्टरमाइंड? पुलवामा का सच आज तक छुपा है। आरडीएक्स कहां से आया, कौन लाया?”

गौरतलब है कि सोमवार को श्रीनगर के पास लिडवास जंगलों में सेना के विशेष बलों ने ऑपरेशन महादेव को अंजाम दिया। मारे गए आतंकियों में एक हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान था, जो लश्कर-ए-तैयबा और TRF से जुड़ा हुआ था। उस पर 20 लाख का इनाम घोषित था और वह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया गया।

सेना को तकनीकी इनपुट्स और इंटरसेप्ट के जरिए आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। दो दिन तक चले ऑपरेशन के बाद तीनों आतंकियों को घेर कर मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक,“हाशिम मूसा की पहचान पहले से थी, उसके खिलाफ एनआईए ने भी सबूत दिए थे। ऑपरेशन पूरी पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी के साथ हुआ है।”

पप्पू यादव का बयान कई लोगों को सत्ता के खिलाफ जनपक्षीय चिंता जैसा लग सकता है, लेकिन सेना के सटीक ऑपरेशन पर बिना ठोस आधार के सवाल खड़े करना सुरक्षा बलों के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।

‘शेर कभी मेंढक पर हमला नहीं करता’: ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में गरजे राजनाथ सिंह, दिया करारा जवाब

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- “लड़ाई बराबरी वालों में होती है, शेर कभी मेंढक पर हमला नहीं करता” – संसद में सोमवार दोपहर जब ऑपरेशन सिंदूर पर बहस शुरू हुई, तो यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सबसे बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संदेश बन गया।

लोकसभा में जैसे ही बहस की शुरुआत हुई, संसद का माहौल गंभीर और संवेदनशील हो गया। पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक (ऑपरेशन सिंदूर) को लेकर न केवल विपक्ष बल्कि देशभर की जनता के बीच भी सवाल और चर्चा का माहौल था।

रक्षा मंत्री ने अपने मजबूत और संतुलित भाषण में कहा:”अब भारत सिर्फ दस्तावेज नहीं भेजता, आतंक की जड़ तक जाकर कार्रवाई करता है।”उन्होंने कहा कि आज का भारत आतंक के खिलाफ निर्णायक रुख अपनाता है और अब वह चुप नहीं बैठता।

राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे किसी भी जवान को कोई नुकसान नहीं हुआ और सभी आतंकी ठिकाने पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। उन्होंने कहा:”अगर सवाल करना है, तो यह पूछिए – क्या हमने आतंकियों के ठिकाने तबाह किए? और इसका जवाब है – हां।”

विपक्ष के सवालों पर नाराज़ होते हुए रक्षा मंत्री ने कहा:”यह सवाल कि हमारे कितने विमान गिरे – राष्ट्रीय भावना का प्रतिनिधित्व नहीं करता। असली सवाल है, हमने कितने आतंकियों को ढेर किया।”

उन्होंने भारत की ड्रोन रोधी तकनीक, वायु रक्षा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की सराहना की और कहा कि पाकिस्तान का कोई भी हमला सफल नहीं हो पाया।

अपने भाषण को संतुलन और गहराई देने के लिए राजनाथ सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास और गौतम बुद्ध के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत शांति चाहता है लेकिन कमजोरी नहीं दिखाता।

ऑपरेशन महादेव: सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा को किया ढेर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ को ऑपरेशन महादेव के तहत एक बड़ी आतंकवाद विरोधी सफलता मिली है। सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर और 20 लाख के इनामी आतंकी हाशिम मूसा को सोमवार को लिडवास के जंगलों में मुठभेड़ में मार गिराया। हाशिम 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी।

ऑपरेशन की योजना चिनार कॉर्प्स ने बनाई थी और इसे बेहद दुर्गम, पहाड़ी और घने जंगलों वाले लिडवास इलाके में अंजाम दिया गया। संदिग्ध रेडियो कम्युनिकेशन और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर सुरक्षा बलों ने 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा की यूनिट्स के साथ दो दिवसीय तलाशी अभियान चलाया।

सोमवार सुबह 11:30 बजे सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को घेर लिया। सेना ने घुपचुप रणनीति अपनाते हुए एक घंटे के अंदर मुठभेड़ में तीनों आतंकियों को मार गिराया। दोपहर 12:37 बजे ड्रोन फुटेज से पुष्टि हुई कि ऑपरेशन सफल रहा।

हाशिम मूसा न केवल लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर था, बल्कि जैश-ए-मोहम्मद के साथ मिलकर संयुक्त आतंकी मॉड्यूल भी संचालित कर रहा था। एनआईए ने उस पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। उसका नेटवर्क पाकिस्तान से सीधे फंड और हथियार पाता था।

पहलगाम हमले के तुरंत बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और POK में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए। अब ऑपरेशन महादेव के जरिए सीधे मास्टरमाइंड को खत्म कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, 2–4 आतंकी अभी भी इलाके में सक्रिय हैं। लिडवास और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान जारी है। ऑपरेशन महादेव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

छांगुर बाबा की काली कमाई का हिसाब लेगी ईडी,कोर्ट से मिली पांच दिन की कस्टडी रिमांड

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- धर्मांतरण के नाम पर देशभर में चर्चित हो चुके छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को छांगुर बाबा की पांच दिन की कस्टडी कोर्ट से मिल गई है, जिसके तहत अब उनसे 100 करोड़ से ज्यादा की संदिग्ध संपत्ति और विदेशी फंडिंग का पूरा हिसाब लिया जाएगा।

ईडी और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में बलरामपुर के उतरौला समेत कई इलाकों में छांगुर और उसके सहयोगियों से जुड़ी 75 करोड़ रुपये से अधिक की 10 बड़ी संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनमें प्लॉट, शोरूम, कृषि भूमि और रिहायशी संपत्तियां शामिल हैं, जिन पर जल्द ही जब्ती और बुलडोजर की कार्रवाई संभव है।

एटीएस सूत्रों के अनुसार, छांगुर बाबा को विदेशी मुस्लिम संगठनों से भारी फंडिंग मिली थी, जिसका उपयोग गैर-मुस्लिमों के धर्मांतरण और संपत्ति खरीदने में किया गया। जांच एजेंसियों को मिले डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य यह पुष्टि करते हैं कि यह एक सुनियोजित धर्मांतरण सिंडिकेट था।

जांच में सामने आया है कि छांगुर गैंग को सक्रिय रूप से मदद करने वाले करीब 3,000 लोग अब ATS और ED की रडार पर हैं। इनमें कई महिलाओं और युवतियों की भूमिका भी उजागर हुई है, जिन्होंने बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाने में अहम भूमिका निभाई।

छांगुर ने धर्मांतरण को फैलाने के लिए एक कव्वाली टीम बना रखी थी, जिसका संचालन उसका भतीजा सबरोज करता था। सबरोज न सिर्फ लोगों को छांगुर से मिलवाता था, बल्कि धर्मांतरण के प्रचार-प्रसार में भी जुटा था। बीते शनिवार को सबरोज के घर पर बुलडोजर चलाया गया, जो छांगुर के लिए एक अहम ठिकाना माना जाता था।

बाराबंकी के औसानेश्वर महादेव मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को भगदड़, 2 की मौत, 29 घायल

बाराबंकी/सर्वोदय न्यूज: सावन के तीसरे सोमवार की रात बाराबंकी के प्रसिद्ध औसानेश्वर महादेव मंदिर में भयानक भगदड़ मच गई। यह घटना रात लगभग 2 बजे तब हुई जब मंदिर परिसर में जलाभिषेक का आयोजन चल रहा था।

मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर के आसपास बंदरों की उछल-कूद के कारण बिजली के तार टूट गए, जो टिन शेड के ऊपर गिरकर करंट फैलाने लगे। इसी बीच अचानक बिजली का करंट फैलने से श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।

इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया और राहत कार्य शुरू कर दिया है। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और प्रशासनिक मदद देने की घोषणा की गई है।

यह घटना सावन के पावन माह में बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है, और अधिकारियों ने मंदिर परिसर में सुरक्षा इंतजामों को कड़ा करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

योगी आदित्यनाथ बने उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री, तोड़ा गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने प्रदेश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। योगी आदित्यनाथ अब तक 8 वर्ष 132 दिन मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड 8 वर्ष 127 दिन था।

इस प्रकार योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। गोविंद बल्लभ पंत का रिकॉर्ड स्वतंत्रता से पहले और बाद के कार्यकाल को मिलाकर था, वहीं योगी आदित्यनाथ ने यह कीर्तिमान स्वतंत्र भारत में स्थापित किया है।

योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री पद संभाला था और तब से लगातार कार्यकाल में बने हुए हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक फैसलों को लेकर प्रदेश में व्यापक चर्चा और समर्थन देखने को मिला है।

योगी के कार्यकाल की खास बातें:

  • प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए कई प्रयास किए गए।
  • आर्थिक विकास, निवेश और आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया गया।
  • किसानों और युवाओं के लिए योजनाएं लागू की गईं।
  • कोविड-19 महामारी के दौरान प्रदेश के प्रभावी प्रबंधन की सराहना हुई।

अब तक 8 साल से अधिक समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने वाले योगी आदित्यनाथ की यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है। उनके कार्यकाल के बाद आगामी वर्षों में प्रदेश की राजनीति में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।