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BCCI की नई स्पॉन्सरशिप तलाश शुरू: ड्रीम11 के हटने के बाद 450 करोड़ रुपये का टारगेट

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ड्रीम11 के समय से पहले स्पॉन्सरशिप से हटने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नए जर्सी स्पॉन्सर की तलाश तेज कर दी है। बोर्ड की योजना 2025 से 2028 के बीच होने वाले 140 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए एक नए मुख्य स्पॉन्सर को अनुबंधित करने की है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 450 करोड़ रुपये आंकी गई है।

ड्रीम11 ने समय से पहले तोड़ा अनुबंध

ड्रीम11 ने जुलाई 2023 में BCCI के साथ तीन साल के लिए 358 करोड़ रुपये की डील साइन की थी, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त कानून लागू होने के बाद कंपनी ने यह अनुबंध एक साल पहले ही खत्म कर दिया।

नए कानून के अनुसार, वे सभी ऑनलाइन गेम अवैध माने गए हैं जिनमें यूज़र्स से पैसे लिए जाते हैं। इससे ड्रीम11 जैसे प्लेटफॉर्म्स को भारी झटका लगा, जिनका पूरा बिज़नेस मॉडल रियल मनी गेमिंग पर आधारित था।

एशिया कप से पहले स्पॉन्सर की खोज में BCCI

एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से हो रही है। ऐसे में BCCI की कोशिश है कि टीम इंडिया को जल्द से जल्द एक नया टी-शर्ट स्पॉन्सर मिल जाए। हालांकि समय कम होने की वजह से इसमें कुछ देरी भी हो सकती है।

नए स्पॉन्सर को चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, BCCI ने नए स्पॉन्सर के लिए जो वैल्यू तय की है वह ड्रीम11 की तुलना में काफी अधिक है।

  • द्विपक्षीय मैचों के लिए प्रति मैच: ₹3.5 करोड़
  • ICC और ACC टूर्नामेंट्स के लिए प्रति मैच: ₹1.5 करोड़

यह डील भारत में खेले जाने वाले होम सीरीज, विदेश में होने वाले द्विपक्षीय दौरे, और ICC तथा ACC के बहुपक्षीय टूर्नामेंट को कवर करेगी।

BYJU’S से भी ज्यादा वैल्यू

हालांकि ड्रीम11 की स्पॉन्सरशिप वैल्यू काफी बड़ी थी, लेकिन पूर्व स्पॉन्सर BYJU’S इससे भी ज्यादा रकम चुका चुका है। इससे स्पष्ट है कि BCCI अब अपने ब्रांड वैल्यू के आधार पर स्पॉन्सरशिप डील्स को और ऊंचे स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहा है।

Aaj Ka Rashifal 1 September 2025:जानिए कैसे रहेगा आपका दिन – मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 1 September 2025: आज के दिन ग्रहों की स्थिति कुछ विशेष संकेत दे रही है। गुरु मिथुन में, शुक्र कर्क में, सूर्य, बुध और केतु सिंह राशि में, मंगल कन्या में, चंद्रमा वृश्चिक राशि में, राहु कुंभ में और शनि मीन में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं आपकी राशि के अनुसार आज का दिन कैसा रहेगा।

मेष राशि (Aries)

आज का दिन सतर्कता बरतने का है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें और किसी भी तरह के जोखिम से बचें। हालांकि पारिवारिक और संतान पक्ष से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार सामान्य रहेगा। बजरंगबली की आराधना लाभदायक रहेगी।

वृषभ राशि (Taurus)

जीवन में खुशहाली का अनुभव करेंगे। नौकरी और पारिवारिक जीवन दोनों में संतुलन बना रहेगा। प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे। स्वास्थ्य और व्यापारिक स्थितियाँ अनुकूल हैं। लाल रंग की वस्तु का दान करना शुभ होगा।

मिथुन राशि (Gemini)

आज आपके शत्रु परास्त होंगे और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलेगी। ज्ञान में वृद्धि होगी और बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर हल्की-फुल्की समस्या रह सकती है। लाल वस्तु का दान करें।

कर्क राशि (Cancer)

विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थितियाँ मध्यम रहेंगी। व्यापार सामान्य रहेगा। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि (Leo)

घरेलू तनाव संभव है, लेकिन भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थितियाँ बेहतर रहेंगी। पीली वस्तु साथ रखें, लाभ होगा।

कन्या राशि (Virgo)

कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी और आपके प्रयास रंग लाएंगे। परिजनों का साथ मिलेगा और दिन जोश से भरा रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार के दृष्टिकोण से दिन उत्तम है। लाल वस्तु का दान करें।

तुला राशि (Libra)

धन लाभ के संकेत हैं और पारिवारिक दायरा बढ़ेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में सकारात्मकता रहेगी। हालांकि फिलहाल निवेश से बचने की सलाह दी जाती है। लाल वस्तु का दान शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। करियर और रोजगार में तरक्की संभव है। आज आप लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार अनुकूल रहेगा। बजरंगबली की उपासना करें।

धनु राशि (Sagittarius)

मनोबल थोड़ा कमजोर रह सकता है। खर्च बढ़ेगा और साझेदारी में समस्याएं आ सकती हैं। सिर दर्द या आंखों से संबंधित परेशानी हो सकती है। प्रेम और व्यापार की स्थिति संतुलित रहेगी। हनुमान जी की आराधना से लाभ होगा।

मकर राशि (Capricorn)

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं और नई आमदनी के स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापारिक मामलों में लाभ की स्थिति रहेगी। मां काली की उपासना करें।

कुंभ राशि (Aquarius)

व्यवसाय में सफलता मिलेगी और कानूनी मामलों में विजय के संकेत हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और प्रेम संबंधों में मिठास बनी रहेगी। व्यापारिक दृष्टि से दिन अनुकूल है। हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि (Pisces)

भाग्य आपके पक्ष में रहेगा और करियर में उन्नति के योग हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में संतुलन रहेगा। यात्रा के भी योग बन सकते हैं। हनुमान जी की आराधना आपके लिए शुभ रहेगी।

बरसाना का राधा रानी मंदिर: अनोखी परंपरा और प्राचीन इतिहास, मोर को लगता है पहला भोग

मथुरा/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बरसाना में स्थित राधा रानी मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपने अद्भुत इतिहास और अनोखी परंपराओं के लिए भी प्रसिद्ध है। यह मंदिर देवी राधा को समर्पित है और देश का एकमात्र प्रमुख मंदिर है जहां राधा रानी को मुख्य रूप से पूजा जाता है।

इस मंदिर से जुड़ी एक बेहद अनोखी परंपरा यह है कि मंदिर में पहले भोग के रूप में मोर को अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि मोर राधा रानी को अत्यंत प्रिय हैं, और इसी कारण मंदिर में सबसे पहले मोर को ही भोग लगाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

बरसाना, भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय सखी राधा रानी का जन्म स्थान माना जाता है। यह मंदिर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसे लाड़ली जी की शृंगार गिरी कहा जाता है। मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में राजा वीर सिंह ने कराया था, लेकिन इसकी पौराणिक मान्यता इससे भी पुरानी है।

यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहासकारों और वास्तु प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है, क्योंकि यहां की स्थापत्य शैली में राजस्थानी और मुगल वास्तुकला का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

मोर को पहला भोग: क्यों है खास?

राधा रानी मंदिर की सबसे विशिष्ट परंपरा यह है कि मंदिर में बनने वाले भोग का पहला भाग मोरों को समर्पित किया जाता है। मान्यता के अनुसार, राधा रानी को मोर अत्यंत प्रिय थे और मोर उनके सखा समान माने जाते हैं। मंदिर परिसर में सैकड़ों मोर आज भी स्वतः विचरण करते हैं।

राधा अष्टमी पर लगता है विशाल मेला

राधा अष्टमी, राधा रानी का जन्मोत्सव, इस मंदिर का सबसे बड़ा पर्व होता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस दिन बरसाना पहुंचते हैं। यहां पर लठमार होली, झूला उत्सव, और फूलों की होली जैसे भव्य आयोजन भी होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में काम करने का शानदार मौका, जानें सैलरी, योग्यता और चयन प्रक्रिया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अगर आप भारत की सर्वोच्च अदालत में काम करने का सपना देखते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने कोर्ट मास्टर (Court Master) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार जल्द ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें

  • कुल पदों की संख्या: 30
  • अनारक्षित (UR): 16
  • SC: 4
  • ST: 2
  • OBC (Non-Creamy Layer): 8

सैलरी और भत्ते

  • चयनित उम्मीदवारों को लेवल-11 पे मैट्रिक्स के अनुसार सैलरी मिलेगी।
  • प्रारंभिक बेसिक पे: ₹67,700
  • इसके अलावा महंगाई भत्ता, HRA और अन्य सरकारी भत्ते भी मिलेंगे।

योग्यता क्या होनी चाहिए?

  • उम्र सीमा: 30 से 45 वर्ष
  • शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduate)
  • अनुभव: कम से कम 5 वर्ष का अनुभव स्टेनोग्राफी या सचिवीय कार्य में

स्किल्स:

  • अंग्रेजी शॉर्टहैंड: 120 शब्द प्रति मिनट
  • कंप्यूटर टाइपिंग स्पीड: 40 शब्द प्रति मिनट
  • विशेष वरीयता: जिनके पास कानून (Law) की डिग्री है, उन्हें अतिरिक्त वेटेज मिलेगा।

चयन प्रक्रिया – 4 चरणों में होगा सेलेक्शन

  1. शॉर्टहैंड टेस्ट
  2. ऑब्जेक्टिव टाइप लिखित परीक्षा
  3. टाइपिंग स्पीड टेस्ट (कंप्यूटर पर)
  4. इंटरव्यू

कोर्ट मास्टर की भूमिका क्यों है खास?

कोर्ट मास्टर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सहायता करते हैं, न्यायिक कार्यवाही को रिकॉर्ड करते हैं और दस्तावेज़ों की सटीकता सुनिश्चित करते हैं। यह एक जिम्मेदार और प्रतिष्ठित पद है, जो न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आवेदन कैसे करें?

  • आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में स्वीकार किए जाएंगे।
  • आधिकारिक वेबसाइट: www.sci.gov.in
  • आवेदन की तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी।

आवेदन शुल्क

  • सामान्य वर्ग: ₹1500
  • SC/ST/OBC/PwD/एक्स-सर्विसमैन/स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित: ₹750
  • भुगतान सिर्फ UCO बैंक पेमेंट गेटवे के माध्यम से किया जा सकेगा।

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान युवक की बाइक ‘गायब’, सुरक्षा कमांडो पर गंभीर आरोप

दरभंगा (बिहार)/सर्वोदय न्यूज़:- 27 अगस्त को दरभंगा में आयोजित इंडिया गठबंधन की “वोटर अधिकार यात्रा” के दौरान एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। स्थानीय ढाबा संचालक शुभम सौरभ ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात एक कमांडो ने उनके पिता की पल्सर 220 बाइक कथित रूप से “उधार” ली और अब तक वापस नहीं की है।

घटना एनएच-27 के किनारे मब्बी इलाके की है, जहां शुभम का ‘मां दुर्गा लाइन होटल’ नाम से ढाबा है। शुभम का कहना है कि यात्रा के दिन उसके ढाबे से कुल सात बाइकों को सुरक्षा दस्ते द्वारा यात्रा में प्रयोग के लिए ले जाया गया था। बाद में छह बाइक इधर-उधर से बरामद हो गईं, लेकिन एक बाइक — जो शुभम के पिता की थी — अब तक नहीं मिली है।

“कमांडो बार-बार कह कर बाइक ले गया” – ढाबा संचालक

शुभम का दावा है कि राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मी ने बार-बार आग्रह कर बाइक ली और अब फोन करने पर उन्हें इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है। पहले उन्हें सीतामढ़ी, फिर ढाका बुलाया गया, लेकिन बाइक का कोई पता नहीं चला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा से भी संपर्क करने को कहा गया, लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली।

पुलिस और प्रशासन का जवाब

शुभम ने मब्बी थाने में मौखिक रूप से शिकायत की है, लेकिन अभी तक लिखित में कोई प्राथमिकी नहीं दी गई है। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे एक सितंबर तक इंतजार करने को कहा है, क्योंकि “यात्रा में व्यस्त” हैं।

जब इस मामले में दरभंगा एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हमें फिलहाल इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।”

मुख्यमंत्री योगी का बड़ा ऐलान: इन लोगो के लिए बसेंगी कॉलोनियां, मिलेंगे मकान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘विमुक्त जाति दिवस’ पर एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विमुक्त और घुमंतू जातियों के लिए विशेष बोर्ड का गठन करेगी। साथ ही, इन समुदायों के लिए निवास कॉलोनियों और आवासीय मकानों की योजना पर भी तेजी से कार्य होगा।

लखनऊ में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नट, बंजारा, बावरिया, सासी, कंजड़, कालबेलिया, सपेरा और जोगी जैसी जातियां भारत के इतिहास में योद्धाओं की भूमिका निभा चुकी हैं, लेकिन अंग्रेजों ने इनका पराक्रम दबाने के लिए 1871 में ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ लागू कर इन्हें जन्म से अपराधी घोषित कर दिया था। आजादी के बाद 1952 में बाबा साहब अंबेडकर के प्रयासों से इस कलंक से मुक्ति मिली।

विशेष योजनाएं होंगी लागू

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में इन जातियों को शिक्षा, आवास और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया:

  • 9 ज़िलों में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं
  • 2 नए आश्रम पद्धति विद्यालय शुरू हो चुके हैं
  • 101 आवासीय विद्यालय पहले से कार्यरत हैं
  • 264 अनुसूचित जाति छात्रावासों में विशेष सुविधा दी जा रही है

योगी ने यह भी कहा कि वनटांगिया, मुसहर, कोल, थारू, चेरो और सहरिया जैसे समुदायों को पहले ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है, और अब विमुक्त जातियों को भी भूमि के पट्टे, मतदान का अधिकार और सरकारी लाभ दिया जाएगा।

सरकारी नौकरियों में बढ़ रहा प्रतिनिधित्व

सीएम योगी ने बताया कि पुलिस भर्ती में घुमंतू जातियों के कई युवाओं का चयन हुआ है, जो सरकार की निष्पक्ष नीति को दर्शाता है। इसी मंच से उन्होंने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को निर्देश दिया कि विमुक्त जातियों के लिए अलग बोर्ड का गठन जल्द किया जाए।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, असीम अरुण, नरेंद्र कश्यप, संजीव गौड़, बैजनाथ रावत, और अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे।

बिहार चुनाव: मायावती ने की अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा, आकाश आनंद को सौंपी जिम्मेदारी

बिहार चुनाव: न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी रणनीति को धार देनी शुरू कर दी है। पार्टी प्रमुख मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि बसपा इस बार बिहार में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अकेले चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने अपने भतीजे और राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद को बिहार में चुनावी कमान सौंपी है।

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मायावती ने बताया कि बीते दो दिनों में पार्टी की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई, जिसमें उम्मीदवारों के चयन से लेकर संगठनात्मक रणनीति तक तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में चुनावी कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।

मायावती ने बताया कि पार्टी पदाधिकारियों को पूरी सक्रियता के साथ तैयारी करने और जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सितंबर की शुरुआत से शुरू होने वाली जनसभाओं और यात्राओं के लिए विशेष जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। इन कार्यक्रमों का संचालन मायावती के दिशा-निर्देशन में आकाश आनंद, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और बिहार स्टेट यूनिट की निगरानी में होगा।

बसपा प्रमुख ने कहा कि बिहार की भौगोलिक और राजनीतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए राज्य की सभी विधानसभा सीटों को तीन ज़ोन में बांटा गया है। हर ज़ोन की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है, ताकि ज़मीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाई जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने भरोसा दिलाया है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बसपा इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी। मायावती ने यह भी उल्लेख किया कि उड़ीसा और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी पार्टी संगठन को मज़बूत करने की दिशा में काम जारी है और वहां भी उत्तर प्रदेश मॉडल पर बूथ लेवल तक संगठन विस्तार की योजना पर काम हो रहा है।

SCO Summit 2025: में मोदी, पुतिन और जिनपिंग का बड़ा सम्मेलन; अमेरिका को क्यों हो रही है चिंता?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 25वां शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2024 तक चीन के तियानजिन शहर में आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित 20 से अधिक देशों के नेता भाग लेंगे। यह सम्मेलन एससीओ का अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें वैश्विक दक्षिण को एकजुट करने और अमेरिका के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कूटनीतिक कदम उठाए जाएंगे।

कौन-कौन शामिल हो रहे हैं इस ऐतिहासिक सम्मेलन में?

इस शिखर सम्मेलन में निम्नलिखित प्रमुख नेता और संगठन शामिल हो रहे हैं:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (भारत)
  • राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (रूस)
  • राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (ईरान)
  • प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (पाकिस्तान)
  • राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको (बेलारूस)
  • राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायव (कजाकिस्तान)
  • राष्ट्रपति शव्कत मिर्ज़ियोयेव (उज्बेकिस्तान)
  • राष्ट्रपति सादिर जपारोव (किर्गिस्तान)
  • राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन (ताजिकिस्तान)

इसके अलावा, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन, म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग, नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।

एससीओ का वैश्विक महत्व और अमेरिका के लिए चुनौती

एससीओ की शुरुआत 1996 में “शंघाई फाइव” के रूप में हुई थी, जिसमें चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, और ताजिकिस्तान शामिल थे। 2001 में उज्बेकिस्तान का सदस्य बनना और 2017 में भारत तथा पाकिस्तान का जुड़ना एससीओ के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। वर्तमान में, एससीओ दुनिया की 43% आबादी और 23% वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है।

चीन के लिए यह सम्मेलन एक बड़ा कूटनीतिक मंच साबित हो सकता है, जहां वह ग्लोबल साउथ को एकजुट कर पश्चिमी प्रभाव को संतुलित करने की कोशिश करेगा।

एससीओ में संघर्ष और अमेरिका की चिंताएं

एससीओ के सदस्यों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं, जिनमें रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत-पाकिस्तान तनाव, और इजरायल-गाजा संघर्ष शामिल हैं। खासकर भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले विवादों ने संगठन में तनाव बढ़ाया है। इसके बावजूद, भारत और चीन के बीच नए समीकरण बन रहे हैं, खासकर अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ बढ़ाने के बाद। इससे अमेरिका के लिए चिंता बढ़ गई है क्योंकि चीन और भारत के बीच संबंधों में सुधार हो रहा है।

अमेरिका के लिए क्या संभावित निहितार्थ हो सकते हैं?

चीन के साथ भारत की बढ़ती नजदीकी अमेरिका के लिए चिंता का विषय बन सकती है। अमेरिका ने पहले ब्रिक्स जैसे ग्लोबल साउथ संगठनों पर “अमेरिका विरोधी” होने का आरोप लगाया है। भारत का चीन के साथ तालमेल बढ़ाना और 50% टैरिफ के बाद क्वाड देशों के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ाना, अमेरिका के लिए एक नई चुनौती हो सकती है।

इस शिखर सम्मेलन के बाद, क्वाड (भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका) का सम्मेलन भी आयोजित होगा, जो चीन के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश करेगा।

क्या उम्मीद की जा रही है इस सम्मेलन से?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सम्मेलन में “तियानजिन घोषणापत्र” जारी करेंगे, जिसमें एससीओ की आगामी रणनीतियों और विकास के पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, सम्मेलन में “शंघाई स्पिरिट” को बढ़ावा दिया जाएगा, जो आपसी विश्वास, समानता, और साझा विकास पर आधारित है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि संगठन में कुछ अंदरूनी मतभेदों के कारण ठोस परिणाम प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

यह शिखर सम्मेलन ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक कूटनीतिक मंच के रूप में रूस और चीन की संज्ञात साझेदारी को प्रदर्शित करेगा।

भारतीय सेना की तैयारी: ‘भैरव कमांडो’ करेंगे दुश्मन का काम तमाम, अक्टूबर में तैनाती

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय सेना पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर त्वरित और प्रभावी हमलों की क्षमता को बढ़ाने के लिए ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियनों की स्थापना कर रही है। इन बटालियनों का लक्ष्य दुश्मन पर तेज़ और घातक हमलों को अंजाम देना है। सेना की योजना है कि 31 अक्टूबर तक पहली पांच ‘भैरव’ यूनिट्स पूरी तरह से तैयार हो जाएं, हालांकि इसमें थोड़ा और समय भी लग सकता है।

‘भैरव कमांडो’ बटालियनों का गठन

सैन्य सूत्रों के मुताबिक, ‘भैरव’ कमांडो बटालियनों का गठन विशेष रूप से प्रशिक्षित और सुसज्जित सैनिकों से किया जाएगा। हर बटालियन में 250 कमांडो होंगे, जो उन्नत हथियारों, उपकरणों और ड्रोनों से लैस होंगे। इन बटालियनों का उद्देश्य दुश्मन की सीमाओं में त्वरित घुसपैठ और स्मार्ट सैन्य ऑपरेशंस को अंजाम देना होगा।

बटालियनों की तैनाती और स्थान

  • तीन बटालियनों का गठन उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के तहत किया जाएगा, जिनमें लेह, श्रीनगर, और नगरोटा स्थित यूनिट्स शामिल हैं।
  • चौथी बटालियन पश्चिमी क्षेत्र के रेगिस्तानी इलाके में तैनात की जाएगी, जबकि पांचवीं बटालियन पूर्वी क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में बनाई जाएगी।

विशेष प्रशिक्षण और रणनीति

इन भैरव कमांडो बटालियनों को पैरा-स्पेशल फोर्सेस और अन्य विशेष बलों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। हर बटालियन में 7-8 अधिकारी होंगे, जो विशेष रूप से सैन्य मिशनों में माहिर होंगे। सूत्रों के अनुसार, इन कमांडो की योजना विशेष बलों को अधिक महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता प्रदान करना है।

उन्नत हथियारों और तकनीकी सुसज्जीकरण

भैरव कमांडो बटालियनों को अत्याधुनिक हथियारों, उपकरणों, और ड्रोन तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे ये बटालियन छोटी, फुर्तीली और उच्च-प्रभाव वाली सामरिक कार्रवाइयों को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकें। यह बटालियनों को सेना की मौजूदा 10 पैरा-स्पेशल फोर्सेस और 5 पैरा (एयरबोर्न) बटालियनों के अतिरिक्त रखा जाएगा।

सेना प्रमुख की घोषणा

जनरल उपेंद्र द्विवेदी, भारतीय सेना के प्रमुख, ने 26 जुलाई को इस बात की घोषणा की थी कि ‘रुद्र’ ब्रिगेड, ‘शक्तिबाण’ तोपखाना रेजिमेंट, और ‘भैरव बटालियनों की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया था कि अब सभी पैदल सेना बटालियनों में समर्पित ड्रोन प्लाटून होंगे।

त्रि-सेवा संयुक्त सिद्धांत

भारत की त्रि-सेवा (सेना, वायुसेना, और नौसेना) के एक नए संयुक्त सिद्धांत के तहत, वायुसेना में गरुड़ कमांडो और नौसेना में मार्कोस को भी ऑपरेशनों में सहयोग देने के लिए तैनात किया जाएगा। इस सिद्धांत की प्रस्तावना में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा, “विशेष बल अपनी फुर्ती, रणनीतिक पहुंच और मिशन-विशिष्ट क्षमताओं के कारण असाधारण परिचालन प्रभाव उत्पन्न करने के लिए आदर्श रूप से उपयुक्त हैं।”

अक्टूबर तक पूरी तरह से तैयार

सेना का उद्देश्य 31 अक्टूबर 2025 तक पहले पांच ‘भैरव’ यूनिट्स को पूरी तरह से तैयार करना है। इसके बाद, इन कमांडो बटालियनों को सीमाओं पर तैनात कर दिया जाएगा ताकि भारतीय सेना की सैन्य ताकत में और वृद्धि हो सके।

एशिया कप 2025: भारत-पाक सहित इन मैचों की टाइमिंग में बदलाव, गर्मी के कारण अब इतने बजे होंगे शुरू

स्पोर्ट्स/सर्वोदय न्यूज़:- एशिया कप 2025 के आगामी मैचों की टाइमिंग में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। संयुक्त अरब अमीरात में इस टूर्नामेंट के 19 में से 18 मैचों का समय मूल कार्यक्रम से आधे घंटे पीछे कर दिया गया है। यह निर्णय भीषण गर्मी के कारण लिया गया है, ताकि खिलाड़ी उच्च तापमान में कम थकान महसूस करें। अब सभी मैच स्थानीय समयानुसार शाम 6:30 बजे (भारतीय समयानुसार रात 8 बजे) शुरू होंगे।

समय में बदलाव क्यों?

सितंबर महीने में दुबई और अबू धाबी में दिन के दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जो खिलाड़ियों के लिए अत्यधिक गर्मी और थकान का कारण बन सकता है। इसके चलते, अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने मैचों के समय में बदलाव का फैसला किया। प्रसारकों से अनुरोध के बाद इस बदलाव पर सहमति जताई गई, ताकि खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों को भी अधिक आरामदायक अनुभव हो सके।

नई टाइमिंग के अनुसार मैच होंगे शुरू

अब सभी दिन-रात्रि मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होंगे। इस बदलाव के बाद, दर्शकों को अधिक आराम से मैच देखने का मौका मिलेगा, क्योंकि दिन के तापमान में गिरावट के बाद यह समय निर्धारित किया गया है।

एकमात्र बदलाव से अप्रभावित मैच

इस बदलाव से यूएई और ओमान के बीच 15 सितंबर को होने वाला दिन का मैच अप्रभावित रहेगा। यह मैच अबू धाबी के जायेद क्रिकेट स्टेडियम में स्थानीय समयानुसार दोपहर 4 बजे खेला जाएगा और यह एशिया कप का एकमात्र दिन का मैच होगा। बाकी सभी मैच अब शाम 6:30 बजे शुरू होंगे।

टी-20 प्रारूप में होगा टूर्नामेंट

एशिया कप 2025 का आयोजन इस बार टी-20 प्रारूप में किया जाएगा। यह टूर्नामेंट 9 से 28 सितंबर तक दुबई और अबू धाबी में खेला जाएगा। इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में आठ टीमों के बीच मुकाबले होंगे, जिसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांगलादेश, अफगानिस्तान, नेपाल, हांगकांग और यूएई शामिल हैं।

आधिकारिक बयान

ईसीबी ने अपनी वेबसाइट पर इस बदलाव की जानकारी दी, जिसमें कहा गया, “एशिया कप 2025 के 19 मैचों में से 18 के शुरू होने का समय अब स्थानीय समयानुसार शाम 6:30 बजे होगा।” इसके अलावा, 15 सितंबर को यूएई और ओमान के बीच मैच दोपहर 4 बजे शुरू होगा, जो इस टूर्नामेंट का एकमात्र दिन का मैच होगा।