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विराट कोहली को फिटनेस टेस्ट में मिली ‘शाही’ छूट, बाकी खिलाड़ी पहुंचे बेंगलुरु सेंटर

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय क्रिकेट में एक अनोखा मामला सामने आया है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली को फिटनेस टेस्ट के लिए बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नहीं जाना पड़ा। जबकि रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव और मोहम्मद सिराज जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को इस टेस्ट के लिए बेंगलुरु में हाज़िर होना पड़ा।

इंग्लैंड में हुआ विराट कोहली का फिटनेस टेस्ट

रिपोर्ट्स के अनुसार, विराट कोहली का फिटनेस टेस्ट इंग्लैंड में कराया गया है, जहां वह इन दिनों अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने BCCI से इसके लिए विशेष अनुमति ली थी। इस तरह की “शाही छूट” पहली बार भारतीय क्रिकेट में देखने को मिली है, जिसने फैंस और विशेषज्ञों के बीच “VIP कल्चर” को लेकर बहस छेड़ दी है।

बाकी खिलाड़ियों ने बेंगलुरु में दिया टेस्ट

वहीं, वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा, तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज, टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल, टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव, विकेटकीपर जितेश शर्मा, और अन्य प्रमुख खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट बेंगलुरु के नए सेंटर में हुआ।

 इंजरी से जूझ रहे खिलाड़ियों की फिटनेस प्रक्रिया जारी

कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनका फिटनेस टेस्ट अभी बाकी है क्योंकि वे फिलहाल इंजरी से जूझ रहे हैं। इनमें केएल राहुल, ऋषभ पंत, आकाश दीप, रविंद्र जडेजा और नितीश रेड्डी शामिल हैं। इनका टेस्ट मेडिकल क्लीयरेंस के बाद ही किया जाएगा।

फिटनेस टेस्ट देने वाले कुछ प्रमुख नाम:

रोहित शर्मा, शुभमन गिल, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जायसवाल,और अन्य खिलाड़ी

BCCI के एक अधिकारी ने इस मुद्दे पर कहा, “विराट कोहली ने विदेश में फिटनेस टेस्ट के लिए निश्चित रूप से अनुमति ली होगी। फिटनेस से जुड़ी रिपोर्ट फिजियो टीम द्वारा बोर्ड को भेज दी गई है।”

Aaj Ka Rashifal 3 September 2025: जानिए कैसा रहेगा आज का दिन आपकी राशि के अनुसार

Aaj Ka Rashifal 3 September 2025: आज ग्रहों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आई है, वहीं कुछ को सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। गुरु मिथुन, शुक्र कर्क, सूर्य-बुध-केतु सिंह, मंगल कन्या, चंद्रमा धनु, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक, कैसा रहेगा आज का दिन।

मेष (Aries)

आज का दिन आपके लिए सौभाग्यशाली साबित हो सकता है। व्यापार में अच्छी गति देखने को मिलेगी और संतान व प्रेम जीवन में भी सकारात्मकता बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। सुझाव: सूर्य को जल अर्पित करें।

वृषभ (Taurus)

आज का दिन सतर्कता की मांग कर रहा है। कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले सोच-विचार जरूर करें। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित हो सकता है, लेकिन व्यापार सामान्य रहेगा। सुझाव: पीली वस्तु का दान करें।

मिथुन (Gemini)

जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होंगे। स्वास्थ्य में सुधार दिखेगा। प्रेमी या जीवनसाथी के साथ रिश्ते और बेहतर होंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल है। सुझाव: भगवान विष्णु की पूजा करें।

कर्क (Cancer)

मिश्रित फल देने वाला दिन है। कुछ विरोधियों के कारण कार्यों में रुकावट आ सकती है, लेकिन अंततः सफलता मिलेगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। सुझाव: लाल वस्तु साथ रखें।

सिंह (Leo)

विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। लेखन-पठन में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में लाभ संभावित है, हालांकि प्रेम संबंधों में थोड़ी सावधानी बरतें। सुझाव: पीली वस्तु साथ रखें।

कन्या (Virgo)

घर-परिवार में कुछ तनाव की स्थिति बन सकती है, लेकिन भौतिक सुख-सुविधाओं में इजाफा होगा। स्वास्थ्य व व्यापार की स्थिति संतोषजनक रहेगी। सुझाव: हरी वस्तु अपने पास रखें।

तुला (Libra)

व्यवसाय में मजबूती आएगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। करियर को लेकर किए गए प्रयास सफल होंगे। प्रेम और संतान पक्ष संतुलित रहेगा। सुझाव: पीली वस्तु का दान करें।

वृश्चिक (Scorpio)

आर्थिक दृष्टिकोण से लाभदायक दिन है। पारिवारिक सुख बढ़ेगा, लेकिन निवेश या वाणी को लेकर सतर्क रहें अन्यथा विवाद हो सकता है। सुझाव: संतुलन बनाए रखें और पीली वस्तु साथ रखें।

धनु (Sagittarius)

दिन उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। मनचाही सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। प्रेम व व्यापार दोनों ही क्षेत्रों में शुभता बनी रहेगी। सुझाव: लाल वस्तु अपने पास रखें।

मकर (Capricorn)

कुछ मानसिक चिंता आपको परेशान कर सकती है। आत्मबल बनाए रखें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा जबकि व्यापार में स्थिति ठीक बनी रहेगी। सुझाव: काली माता को प्रणाम करें।

कुंभ (Aquarius)

कानूनी मामलों में सफलता के संकेत हैं। व्यापार में मजबूती आएगी और रुके हुए कार्य भी गति पकड़ेंगे। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। सुझाव: लाल वस्तु का दान करें।

मीन (Pisces)

भाग्य का साथ मिलेगा और नौकरी-व्यवसाय में तरक्की के संकेत हैं। यात्रा का योग भी बन रहा है। प्रेम और परिवार का सहयोग मिलेगा। सुझाव: हरी वस्तु का दान करें।

468 अस्थायी शिक्षणेतर और 480 आउटसोर्सिंग पदों पर भर्ती करेगी योगी सरकार

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के तीन नवगठित विश्वविद्यालयों—गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद), मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) में कुल 948 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसमें 468 अस्थायी शिक्षणेतर पद और 480 आउटसोर्सिंग पद शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन पदों के सृजन से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक और कार्यात्मक व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यूपी बढ़ रहा आगे
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह निर्णय विश्वविद्यालयों को मजबूत बनाने के साथ-साथ प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार स्पष्ट किया है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा और रोजगार दोनों उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों में नए पदों का सृजन इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जो उच्च शिक्षा को सशक्त और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

468 अस्थायी शिक्षणेतर पद
प्रत्येक विश्वविद्यालय में 156 अस्थायी शिक्षणेतर पद सृजित किए गए हैं, जो 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेंगे और आवश्यकतानुसार समाप्त भी किए जा सकते हैं। इन पदों में फार्मासिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, अवर अभियंता, आशुलिपिक, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, वैयक्तिक सहायक, लेखाकार, प्रधान सहायक, चिकित्साधिकारी और स्टाफ नर्स जैसे पद शामिल हैं। इन पदों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया से की जाएगी।

480 आउटसोर्सिंग पद
इसके अलावा, प्रत्येक विश्वविद्यालय में 160 पद वाह्य सेवा प्रदाता (आउटसोर्सिंग) के माध्यम से पूरे किए जाएंगे, जिससे कुल 480 पद बनते हैं। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, स्वच्छकार, चौकीदार, माली, चपरासी, वाहन चालक और पुस्तकालय परिचर जैसे पद शामिल हैं। आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग और कार्मिक विभाग द्वारा जारी शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी नियुक्तियों में आरक्षण से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होगा।

यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: डिस्प्ले, कैमरा मॉड्यूल सहित 11 इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट्स का होगा निर्माण

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने मंगलवार को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को मंजूरी दे दी। इस नीति के तहत अगले छह वर्षों तक डिस्प्ले, कैमरा मॉड्यूल, मल्टीलेयर पीसीबी समेत 11 महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट्स के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

नीति का उद्देश्य 5000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और लाखों रोजगार के अवसर पैदा करना है। नीति का क्रियान्वयन शासन स्तर पर गठित नीति कार्यान्वयन इकाई और सशक्त समिति की देखरेख में नोडल संस्था द्वारा किया जाएगा। इसके माध्यम से राज्य में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य

प्रमुख सचिव आईटी अनुराग यादव ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

  • 2015 में केवल 2 मोबाइल निर्माण यूनिट थीं, आज 300 यूनिट्स कार्यरत हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक सामानों का उत्पादन 1.9 लाख करोड़ से बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
  • मोबाइल फोन का निर्यात 1,500 करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के आधे से अधिक मोबाइल फोन निर्माण का केंद्र बन चुका है। यह नई नीति न केवल यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देगी।

निवेश के लिए यूपी को पसंदीदा गंतव्य बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने में यह नीति मील का पत्थर साबित होगी।

भारी बारिश के चलते रेलवे का बड़ा फैसला: हेमकुंड और शालीमार एक्सप्रेस पूरे महीने के लिए रद्द

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश का असर रेलवे संचालन पर भी देखने को मिल रहा है। सहारनपुर से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को पूरे सितंबर महीने के लिए रद्द कर दिया गया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, 14609-14610 हेमकुंड एक्सप्रेस और 14661-14662 शालीमार मलानी एक्सप्रेस को 2 सितंबर से 30 सितंबर तक रद्द किया गया है। दोनों ट्रेनें दैनिक रूप से चलती हैं और यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

  • सामान्य दिनों में, 14609 हेमकुंड एक्सप्रेस ऋषिकेश से चलकर शाम 7:53 बजे सहारनपुर पहुंचती है, जबकि 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस कटरा से चलकर अगले दिन सुबह 4:10 बजे सहारनपुर आती है।

  • इसी तरह, 14661 शालीमार मलानी एक्सप्रेस बाड़मेर से चलकर रात 9:10 बजे सहारनपुर पहुंचती है और 14662 जम्मूतवी से चलकर अगले दिन सुबह 7:05 बजे सहारनपुर आती है।

रेलवे ने बताया कि बारिश के कारण ट्रैक पर पानी भरना और अन्य तकनीकी दिक्कतें इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा करने से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।

चार दिनों में ढाई लाख रुपये का रिफंड

भारी बारिश के कारण कई ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को टिकट रद्द कराना पड़ा। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रिफंड प्रक्रिया तेज़ कर दी है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार:

  • 29 अगस्त: ₹35,000
  • 30 अगस्त: ₹1,15,000
  • 31 अगस्त: ₹56,000
  • 1 सितंबर: ₹42,000

इस प्रकार चार दिनों में कुल ₹2,48,000 का रिफंड यात्रियों को दिया गया। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रभावित यात्रियों को भविष्य में यात्रा योजनाओं में सुविधा प्रदान की जाए।

आउटसोर्स जॉब में आरक्षण, OBC मंत्रालय और क्रीमीलेयर सीमा ₹15 लाख करने की मांग; अनुप्रिया पटेल ने…

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में आउटसोर्सिंग निगम के गठन को मंजूरी दे दी। सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कई अहम मांगें रखीं।

लखनऊ के विश्वेश्वरैया सभागार में पार्टी की बैठक को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अब ओबीसी क्रीमीलेयर की आय सीमा आठ लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ओबीसी मंत्रालय के गठन की भी मांग की।

अनुप्रिया ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से आउटसोर्सिंग भर्ती में आरक्षण की मांग कर रही थी, जिसे योगी सरकार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा, “पिछड़ों का हित सिर्फ एनडीए सरकार में ही सुरक्षित है। जब विपक्षी दल सत्ता में थे, तब उन्होंने ओबीसी क्रीमीलेयर की आय सीमा बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया। पहले भी इसे छह लाख से आठ लाख रुपये करने का काम राजग सरकार ने किया था। अब समय के साथ इसे 15 लाख किया जाना जरूरी है।”

उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही पंचायत चुनाव की तैयारी के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेगी। राजग के साथ मिलकर पंचायत चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर फिलहाल चर्चा नहीं हुई है।

बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने सभी विधानसभा प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी विधानसभा की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और मौजूद कमजोरियों को दूर करें।

कांग्रेस और राजद नेताओं द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी पर अनुप्रिया पटेल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमारे देश में मां की पूजा होती है। विपक्ष ओछी राजनीति कर रहा है।”

इस बीच, यूपी के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों और संस्थानों में लंबे समय से आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत थे, लेकिन उनके शोषण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। कर्मचारियों को स्वीकृत मानदेय पूरा नहीं मिल रहा था, साथ ही ईपीएफ, ईएसआई जैसे अनिवार्य अंशदान का भुगतान भी नहीं हो रहा था।

उन्होंने कहा कि इन अनियमितताओं को समाप्त करने और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए नया निगम बनाया गया है। नई व्यवस्था में एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को आरक्षण मिलेगा। महिलाओं को मातृत्व अवकाश का अधिकार भी दिया जाएगा।

इसके अलावा, कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग का आयोजन किया जाएगा। सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर 15 हजार रुपये अंतिम संस्कार सहायता के रूप में प्रदान किए जाएंगे।

“मेरी मां ने कभी अपने लिए साड़ी नहीं खरीदी”, गालियों पर भावुक हुए पीएम मोदी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एक जनसभा में अपनी मां को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने परिवार को बेहद गरीबी में पाला, खुद कभी अपने लिए नई साड़ी तक नहीं खरीदी और पूरी जिंदगी त्याग और तपस्या में गुजारी।

इस दौरान उन्होंने राजद-कांग्रेस (RJD-Congress) के मंच से आई अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर भी कड़ा विरोध जताया और कहा कि यह सिर्फ उनकी मां नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं का अपमान है

मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं, फिर भी उन्हें गालियां दी गईं”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:“आप सब जानते हैं कि मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। कुछ समय पहले उन्होंने 100 साल की उम्र पूरी की और इस संसार को छोड़ गईं।

लेकिन एक मां, जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं, जिसका शरीर भी अब इस धरती पर नहीं है—उसे आरजेडी और कांग्रेस के मंच से भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। ये बेहद दुखद, कष्टकारी और पीड़ादायक है।”

मेरी मां की तरह देश की करोड़ों मांएं करती हैं तपस्या”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी मां की तरह देश की लाखों-करोड़ों माताएं हैं जो हर दिन अपने सपनों का त्याग कर बच्चों का भविष्य बनाती हैं

“मेरी मां ने अपने लिए कभी कुछ नहीं चाहा। वो हमारे लिए हर पाई बचाती थीं। देश की करोड़ों माताएं भी ऐसा ही करती हैं—तपस्या में अपना जीवन बिताती हैं। उन्हीं माताओं के सम्मान की रक्षा मेरा कर्तव्य है।”

राजनीति में निजी हमलों पर गुस्सा और पीड़ा

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी मां कभी सार्वजनिक जीवन या राजनीति में नहीं रहीं, फिर भी राजनीतिक मंच से उन्हें अपमानित करना, केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि देश की मूल भावना पर हमला है| उन्होंने इसे एक राजनीतिक मर्यादा का पतन” बताया।

कांग्रेस-RJD के मंच से मां की गाली पर PM मोदी ने दिया जवाब “मेरी मां को गाली देना देश की मां-बहनों का अपमान” –

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  बिहार में एक साझा मंच से कांग्रेस और राजद (RJD) नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी पर अब पीएम मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि हर भारतीय मां-बहन-बेटी का अपमान बताया।

क्या कहा पीएम मोदी ने?

प्रधानमंत्री ने कहा: “यह गालियां सिर्फ मेरी मां के लिए नहीं थीं, बल्कि देश की हर मां, बहन और बेटी का अपमान हैं। मां ही हमारा संसार होती है, मां ही हमारा स्वाभिमान।”

उन्होंने इस बयान को भारतीय सभ्यता और बिहार की परंपरा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी न रहने वाली उनकी मां को निशाना बनाना, एक बेहद नीच मानसिकता को दर्शाता है।

मां से कोई राजनीतिक संबंध नहीं, फिर गाली क्यों?”

पीएम मोदी ने सवाल उठाया कि जब उनकी मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं रहा, तो फिर इस तरह की भाषा क्यों इस्तेमाल की गई?

“मेरी मां ने कभी राजनीति नहीं की, वो कभी किसी राजनीतिक मंच पर नहीं आईं, फिर भी उन्हें गाली देना… ये मानसिकता देश की महिलाओं को कमजोर समझने वाली मानसिकता है।”

पीएम मोदी ने माताओं-बहनों के बीच साझा किया अपना दुख

प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हजारों महिलाओं की मौजूदगी में कही। उन्होंने कहा:

“इतनी सारी माताओं और बहनों के सामने मैं अपने दिल का दुख साझा कर रहा हूं, ताकि आपके आशीर्वाद से इस पीड़ा को सह सकूं।”

नवरात्रि और छठ पूजा का संदर्भ देकर दिया भावनात्मक संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि: “आज से 20 दिन बाद नवरात्रि शुरू हो रही है, फिर 50 दिन बाद छठ महापर्व आएगा। मैं कांग्रेस और आरजेडी से कहना चाहता हूं—मोदी तो माफ कर देगा, लेकिन भारत की धरती मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करती।” “उन्हें छठी मैया और सात बहिनी से माफी मांगनी चाहिए।”

जहां जाएं, जनता कहेमां को गाली नहीं सहेंगे”

प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि:“आरजेडी और कांग्रेस के नेता जहां भी जाएं, हर गली से एक ही आवाज उठनी चाहिए—मां को गाली नहीं सहेंगे, इज्जत पर वार नहीं सहेंगे।”

महिलाओं को कमजोर समझने की मानसिकता है ये”

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि महिलाओं को गाली देने वाले लोग इस सोच से ग्रस्त हैं कि महिलाएं कमजोर होती हैं। “हमारी सरकार का नारी सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं बिना थके, बिना रुके महिलाओं के लिए काम करता रहूंगा।”

LLB छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज, CM योगी ने जताई नाराजगी, CO सस्पेंड, जांच के आदेश

लखनऊ/बाराबंकी(सर्वोदय न्यूज़):- रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में एलएलबी कोर्स की मान्यता रद्द होने के बावजूद एडमिशन देने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में 25 से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना ने देर रात तक तूल पकड़ लिया और छात्रों ने अस्पताल व डीएम आवास पर प्रदर्शन किया।

क्या है पूरा मामला?

बाराबंकी के रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में LLB कोर्स की बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता रद्द हो चुकी है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को एडमिशन दिया जा रहा था। इसी को लेकर ABVP और छात्रों ने सोमवार को यूनिवर्सिटी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

घायल हुए छात्र, मचा हंगामा

लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए। गुस्साए छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं ने देर रात अस्पताल और डीएम आवास के बाहर जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की।

सीएम योगी ने लिया संज्ञान, अफसर पर गिरी गाज

घटना की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए नाराजगी जताई
सीएम ने:

  • सीओ को तत्काल हटाने के आदेश दिए।
  • अयोध्या मंडलायुक्त और IG को जांच सौंपी
  • कॉलेज की डिग्री की वैधता की जांच के निर्देश दिए गए।
  • शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है।

अब मंडलायुक्त और IG अयोध्या पूरे मामले की संयुक्त जांच करेंगे। दोषी अधिकारियों और संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।