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गांठदार त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease) – एक गंभीर पशु रोग, जानिए लक्षण, बचाव और इलाज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- गांठदार त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease – LSD) एक विषाणुजनित (viral) बीमारी है जो मुख्यतः गायों और भैंसों को प्रभावित करती है। यह रोग Capripox virus के कारण होता है और बहुत तेजी से फैलता है। यह रोग आर्थिक दृष्टि से अत्यंत नुकसानदायक है क्योंकि इससे दूध उत्पादन, प्रजनन क्षमता और चमड़े की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है। यह रोग खासतौर पर गर्मी और बरसात के मौसम में अधिक देखने को मिलता है।डॉ. हेमंत तिवारी (पशु चिकित्सा विशेषज्ञ) के अनुसार –

रोग का कारण गांठदार त्वचा रोग का मुख्य कारण Capripoxvirus होता है। यह वायरस संक्रमित पशु के संपर्क, खून चूसने वाले कीट (मच्छर, मक्खी, टिक्स आदि), और दूषित उपकरणों या वस्तुओं के माध्यम से फैलता है।

लक्षण (Symptoms)-

  • शरीर पर गोल और कठोर गांठों का बनना (विशेषकर गर्दन, छाती, पीठ, और पैरों पर)
  • तेज बुखार (106°F तक)
  • भूख कम हो जाना
  • दूध उत्पादन में गिरावट
  • आंखों और नाक से स्राव (discharge)
  • लार का अत्यधिक निकलना
  • गांठों में घाव बन जाना और पस भरना
  • शरीर में कमजोरी और चलने में कठिनाई
  • कभी-कभी बाँझपन या गर्भपात

रोग का फैलाव (Transmission)

यह रोग संक्रमित पशु से सीधे संपर्क या कीटों के माध्यम से तेजी से फैलता है। एक बार यदि किसी गाँव या फार्म में यह रोग प्रवेश कर जाए तो सभी पशु जोखिम में आ जाते हैं।

नुकसान (Economic Impact)

  • दूध उत्पादन में 30-50% तक गिरावट
  • चमड़े की गुणवत्ता में गिरावट
  • प्रजनन संबंधी समस्याएँ
  • पशु की मृत्यु भी हो सकती है
  • इलाज एवं नियंत्रण पर अतिरिक्त खर्च

बचाव (Prevention)

  1. टीकाकरण (Vaccination):
    LSD से बचाव के लिए Capripox वायरस का टीका लगाया जाना चाहिए। भारत में अब LSD-specific vaccine (Goat Pox vaccine या Lumpi-ProVac) उपलब्ध है जो असरदार पाया गया है।
  2. कीट नियंत्रण (Vector Control):
  • कीटों से बचाव के लिए पशु शेड में नियमित छिड़काव करें
  • मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें
  • टिक्स, मक्खी आदि से पशु को बचाएं
  1. संक्रमित पशुओं को अलग करना:
    बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें ताकि संक्रमण न फैले।
  2. स्वच्छता बनाए रखना:
  • पशु शेड को स्वच्छ और सूखा रखें
  • बर्तन, उपकरण और पशु के संपर्क वाली वस्तुओं को कीटाणुरहित करें

इलाज (Treatment)

LSD का कोई विशेष इलाज नहीं है क्योंकि यह वायरल रोग है, लेकिन लक्षणों के आधार पर supportive इलाज दिया जाता है:

  1. एंटीबायोटिक्स:
    दूसरे बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव के लिए जैसे कि Oxytetracycline, Enrofloxacin आदि।
  2. बुखार दर्द कम करने की दवाएं:
    जैसे Meloxicam, Paracetamol
  3. मलहम या एंटीसेप्टिक घाव पर:
    गांठों पर घाव हो जाने पर Povidone iodine का प्रयोग करें।
  4. मल्टीविटामिन सपोर्ट:
    इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए मल्टीविटामिन और मिनरल सप्लीमेंट दें।
  5. तरल पदार्थ:
    पशु को निर्जलीकरण से बचाने के लिए ग्लूकोज़ या ORS दिया जा सकता है।
  6. गंभीर मामलों में डॉक्टर की देखरेख में IV fluids या अन्य उपचार जरूरी हो सकता है।

नियंत्रण और सरकारी प्रयास

भारत सरकार और राज्य पशुपालन विभाग LSD के लिए टीकाकरण अभियान चला रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की निगरानी, टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।

गांठदार त्वचा रोग एक तेजी से फैलने वाला और आर्थिक रूप से नुकसानदायक रोग है, लेकिन समय पर पहचान, रोकथाम और लक्षण आधारित इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। पशुपालकों को चाहिए कि वे समय-समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।

ED की शिकंजे में आए शिखर धवन, अवैध सट्टेबाजी एप मामले में 8 घंटे तक हुई पूछताछ

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नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (जिन्हें फैंस प्यार से गब्बर कहते हैं), अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर हैं। गुरुवार को धवन से अवैध सट्टेबाजी एप ’13Bet’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई।

सुबह लगभग 11 बजे धवन, दिल्ली स्थित ED कार्यालय पहुंचे और शाम 7 बजे के बाद बाहर निकले। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने उनसे प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पूछताछ की।

क्यों हो रही है जांच?

ईडी की जांच के केंद्र में ’13Bet’ नामक अवैध सट्टेबाजी एप है, जिसका मुख्यालय साइप्रस में है। माना जा रहा है कि शिखर धवन ने इस एप से जुड़े कुछ विज्ञापन अभियान में भाग लिया था। जांच एजेंसी उनके और एप के बीच के संबंधों को समझने का प्रयास कर रही है।

इससे पहले पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना से भी इसी केस में पूछताछ हो चुकी है।

100 अरब डॉलर से भी बड़ा है ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार

विशेषज्ञों और एजेंसियों का अनुमान है कि भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार 100 अरब डॉलर से ज्यादा का है, और यह हर साल करीब 30% की दर से बढ़ रहा है। देश में ऐसे एप्स के 22 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं | इनमें से 11 करोड़ से अधिक लोग नियमित रूप से इनका इस्तेमाल करते हैं

हाल ही में सरकार ने ऑनलाइन मनी गेम्स पर शिकंजा कसते हुए नए कानून लागू किए हैं, ताकि अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।

13Bet: अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, लेकिन अब जांच के घेरे में

  • 13Bet इंडिया, उपयोगकर्ताओं को क्रिकेट बेटिंग, ऑनलाइन कसीनो, ई-स्पोर्ट्स बेटिंग जैसे विकल्प देती है
  • टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए दांव लगाए जाते हैं
  • कंपनी ने स्पेन और फ्रांस की फुटबॉल टीमों को प्रायोजित किया है
  • जांच के चलते इसे अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, स्पेन और फ्रांस से सेवाएं वापस लेनी पड़ीं

क्या कहता है यह मामला?

यह केस सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है। यह भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते खतरे और खिलाड़ियों की ब्रांड एंडोर्समेंट से जुड़ी जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़ा करता है। विज्ञापन से जुड़े किसी भी संबंध को लेकर अब एजेंसियां ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

100 रुपये में मिल रहे वर्ल्ड कप के टिकट: इतिहास का बना ICC का सबसे सस्ता ग्लोबल टूर्नामेंट

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  ICC Women’s Cricket World Cup 2025 की टिकट बिक्री गुरुवार, 4 सितंबर से शुरू हो चुकी है और इस बार यह टूर्नामेंट इतिहास में सबसे सस्ता ग्लोबल क्रिकेट इवेंट बन गया है। टिकट की शुरुआती कीमत सिर्फ ₹100 यानी 1.14 USD) रखी गई है, जो अब तक के किसी भी ICC इवेंट से कम है — चाहे वह पुरुषों का हो या महिलाओं का।

इतनी सस्ती टिकटें पहले कभी नहीं मिलीं!

इस वर्ल्ड कप की टिकटें रिकॉर्ड कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। ₹100 में टिकट की शुरुआत|  प्री-सेल 4 दिन के लिए ओपन — 4 सितंबर से शुरू

2022 में न्यूजीलैंड में आयोजित महिला विश्व कप में बच्चों की टिकटें ₹350 (7 NZD), जबकि वयस्कों की टिकटें ₹850 (17 NZD) से शुरू होती थीं। यानी इस बार टिकट की कीमतें पिछले संस्करण से साढ़े 8 गुना सस्ती हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें, महिला क्रिकेट विश्व कप के 13वें संस्करण में आठ टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें सह-मेजबान भारत और श्रीलंका के अलावा पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीम शामिल है। सभी टीमें राउंड रोबिन फॉर्मेट में मुकाबला खेलेंगी। हर टीम को बाकी सात टीमों से एक-एक मैच में भिड़ना होगा। पॉइंट्स टेबल में टॉप की चार टीमें सेमीफाइनल में भिड़ेंगी और फिर सीधे फाइनल होगा, जो 2 नवंबर को आयोजित होगा।

रिकॉर्ड प्राइज मनी भी घोषित

ICC ने इस टूर्नामेंट के लिए 13.88 मिलियन USD की रिकॉर्ड इनामी राशि तय की है। यह राशि 2022 संस्करण की तुलना में चार गुना ज्यादा है, जब कुल प्राइज मनी 3.5 मिलियन USD थी।

Aaj Ka Rashifal 5 September 2025: सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन?

Aaj Ka Rashifal 5 September 2025: आज का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है। गुरु मिथुन राशि में, शुक्र कर्क में, सूर्य, बुध और केतु सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं। मंगल कन्या में, चंद्रमा मकर में, राहु कुंभ में और शनि मीन राशि में विराजमान हैं। आइए जानते हैं किस राशि के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मेष राशि (Aries):

आज पिता का सहयोग मिलेगा और राजनीतिक क्षेत्र से लाभ के संकेत हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। व्यवसाय में सफलता संभव है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार – तीनों ही क्षेत्रों में दिन अनुकूल रहेगा। सूर्य को जल अर्पित करें।

वृषभ राशि (Taurus):

भाग्य आज आपका साथ देगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और यात्रा के योग बन सकते हैं। अटके हुए कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति बेहतर होगी। हरी वस्तु अपने पास रखें।

मिथुन राशि (Gemini):

कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, इसलिए किसी भी जोखिम से बचें। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। हालांकि प्रेम और संतान से जुड़ी स्थितियां संतोषजनक रहेंगी। व्यापारिक दृष्टिकोण से भी दिन ठीक रहेगा। नीली वस्तु साथ रखें।

कर्क राशि (Cancer):

जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा और प्रेम संबंधों में निकटता बढ़ेगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय अनुकूल है। स्वास्थ्य में सुधार देखा जाएगा। प्रेम, संतान और व्यापार – तीनों ही क्षेत्रों में शुभ संकेत मिलेंगे। नीली वस्तु का दान करें।

सिंह राशि (Leo):

शत्रु पक्ष पर दबाव बनेगा, लेकिन स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। प्रेम और संतान की स्थिति संतुलित रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि (Virgo):

भावनाओं पर नियंत्रण रखें और अध्ययन या लेखन कार्यों में मन लगाएं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, जबकि प्रेम और व्यापार की स्थिति संतुलित रहेगी। शनि देव को प्रणाम करना लाभकारी होगा।

तुला राशि (Libra):

घरेलू विवाद के संकेत हैं। मां के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। भूमि या वाहन संबंधी खरीदारी के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और व्यापार की स्थिति बेहतर रहेगी। शनि देव को नमन करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio):

पराक्रम में वृद्धि होगी और करियर में प्रगति के योग हैं। परिजनों का सहयोग प्राप्त होगा। स्वास्थ्य सामान्य, प्रेम-संतान मध्यम और व्यापारिक स्थिति अनुकूल रहेगी। पीली वस्तु साथ रखें।

धनु राशि (Sagittarius):

आर्थिक लाभ के योग हैं और पारिवारिक विस्तार संभव है। हालांकि निवेश से बचना चाहिए और वाणी पर संयम आवश्यक है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। शनि देव को प्रणाम करना शुभ होगा।

मकर राशि (Capricorn):

आवश्यक सुविधाएं प्राप्त होंगी और जीवन आपकी योजना के अनुसार चलेगा। स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार – तीनों ही क्षेत्रों में सफलता मिलेगी। काली माता को प्रणाम करें।

कुंभ राशि (Aquarius):

चिंता और अनावश्यक खर्च परेशान कर सकते हैं। पार्टनरशिप में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हालांकि स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार संतुलित रहेंगे। गणेश जी की आराधना लाभकारी होगी।

मीन राशि (Pisces):

आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने स्रोतों से भी धन प्राप्ति के योग हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान की स्थिति बेहतर होगी। व्यापार में भी प्रगति होगी। शिवजी का जलाभिषेक करें।

1983 में नागरिकता, फिर 1980 में कैसे बनीं वोटर? सोनिया गांधी के खिलाफ कोर्ट में याचिका

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ एक नई याचिका दायर की गई है। यह याचिका अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया की अदालत में दाखिल हुई, जिसमें सवाल उठाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में उस समय दर्ज था, जब वह भारतीय नागरिक भी नहीं थीं।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था, जबकि उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि इस मामले में पुलिस जांच कराए।

शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नारंग ने दलील दी कि उपलब्ध दस्तावेजों से यह साफ है कि सोनिया गांधी 1983 में भारत की नागरिक बनीं, लेकिन 1980 की दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में उनका नाम दर्ज था। बाद में 1982 में नाम हटा दिया गया और 1983 में नागरिकता मिलने के बाद फिर से जोड़ा गया।

नारंग ने सवाल उठाया कि नाम हटाने का कारण कहीं दर्ज नहीं है। सामान्य तौर पर नाम तभी हटाया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश की नागरिकता ले ले या फिर फॉर्म 8 (ब्यौरे में सुधार का आवेदन) दाखिल करे। लेकिन यह तभी संभव है, जब संबंधित व्यक्ति भारत का नागरिक हो।

गुंडा टैक्स सपा सरकार का संस्कार था : सीएम योगी

गोरखपुर/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्वी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में गुरुवार का दिन काफी अहम रहा। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में 2251 करोड़ रुपये के निवेश और विकास परियोजना का शिलान्यास व लोकार्पण किया। निवेश की परियोजनाओं में मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला के बॉटलिंग प्लांट का भूमि पूजन, देश में अग्रणी प्लास्टिक उत्पाद-पैकेजिंग कम्पनी टेक्नोप्लास्ट की यूनिट का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार में बने सुरक्षा के माहौल को निवेश की आधारशिला बताया। इस संदर्भ के उन्होंने पूर्व की सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों से गुंडा टैक्स की वसूली सपा सरकार के संस्कार का हिस्सा था।

गीडा के प्लास्टिक पार्क में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले निवेश सपना था। डबल इंजन सरकार के द्वारा प्रतिबद्धता से जनसेवा के किए गए कार्यों का परिणाम है कि आज प्रदेश में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा का माहौल बनता है तो निवेश आता है। निवेश से नौकरी और रोजगार के द्वार खुलते हैं। रोजगार से खुशहाली आती है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। डबल इंजन की सरकार सुरक्षा का माहौल देकर समृद्धि का मार्ग सुगम कर रही है। उन्होंने बिना नाम लिए सपा पर शाब्दिक प्रहार करते हुए कहा कि जाति के नाम पर समाज को बांटने वाले, प्रदेश को दंगों की आग में झोंकने वाले लोगों ने नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। वोट बैंक की राजनीति में सुरक्षा से खिलवाड़ किया। बेटी-बहन की इज्जत की परवाह नहीं की, मातृशक्ति की गरिमा का ख्याल नहीं किया। ऐसे लोगों से विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है। जब ऐसे लोगों को मौका मिला और विकास नहीं करा पाए तो वे आगे भी नहीं करा पाएंगे।

समाज में अराजकता और वैमनस्यता फैलाई सपा ने
सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार में उद्यमियों, व्यापारियों से वसूली होती थी, गुंडा टैक्स लिया जाता था। आज ऐसा करने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता। किसी ने गुंडा टैक्स वसूला तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार करते मिलेंगे। सपा सरकार में बिजली यदा कदा आती थी। ये उजाले के दुश्मन थे। उन्होंने समाज में अराजकता फैलाई। जातीय आधार पर सामाजिक तानाबाना छिन्न भिन्न किया। तुष्टिकरण को बढ़ावा देकर वैमनस्यता पैदा किया। जब सत्ता में ऐसे लोग होते हैं तो विकास पीछे छूट जाता है, युवा पलायन को मजबूर होते हैं। आज सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है कि देश और दुनिया का सबसे अच्छा निवेश यूपी में हो रहा है। निजी क्षेत्र में हुए निवेश से 60 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

पुलिस में भर्ती पाने वाले के परिवार को करें सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है। इनमें गोरखपुर से भी काफी संख्या में युवा भर्ती हुए हैं। उन्होंने अपील की कि जिन गांवों के युवा पुलिस में भर्ती हुए हैं, ग्रामीणों को उनके परिवार को सम्मानित करना चाहिए। सीएम ने कहा कि अभी 2538 मुख्य सेविकाओं की भर्ती हुई है। पुलिस में सब इंस्पेक्टर की भर्ती निकल चुकी है। नई भर्ती के लिए भी विज्ञापन आने वाला है। इस तरह सरकारी नौकरियों की भी बाढ़ आई हुई है। हर तरफ रोजगार ही रोजगार है। सरकार का प्रयास है कि यूपी के नौजवानों को रोजगार के लिए कहीं दूसरी जगह हाथ फैलाने की नौबत न आए।

हर जिले में सरदार पटेल के नाम पर बनाएंगे एंप्लॉयमेंट जोन
मुख्यमंत्री ने विकास, निवेश और रोजगार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर 100 एकड़ में एम्प्लॉयमेंट जोन बनाएगी। उसके माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर उनके रुचि के अनुरूप कार्य देकर उन्हें सेवायोजित करेगी। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक जनपद में औद्योगिक वातावरण बन रहा है।

पीएम की मां अपमान, हर मां और सभी भारतीयों का अपमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले दिनों बिहार में कांग्रेस और राजद के मंच पर हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया गया। यह राजनीति के पतन का स्तर है। इस अशोभनीय कृत्य को कतई स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ दिन बाद शारदीय नवरात्र पर हम सब मातृशक्ति की आराधना के अनुष्ठान से जुड़ेंगे। दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि पुत्र, कुपुत्र हो सकता है लेकिन माता कभी कुमाता नहीं होती है। राजद और कांग्रेस नेताओं के मंच से पीएम मोदी की मां के प्रति अपशब्दों का प्रयोग 140 करोड़ भारतीयों और हर मां का अपमान है। नया भारत ऐसी उच्चश्रृंखलताओं को कभी स्वीकार नहीं कर सकता।

मीठा-मीठा गप और कड़वा थू नहीं चलेगा
सीएम योगी ने कहा कि ईवीएम से जब वे (विपक्ष) जीतते हैं, हम स्वीकार कर लेते हैं लेकिन जब भाजपा जीतती है तो वे ईवीएम और वोटर लिस्ट को दोषी ठहराने लगते हैं। मीठा-मीठा गप और कड़वा थू नहीं चलेगा। इंडी गठबंधन तुष्टिकरण की राजनीति पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले विकसित भारत के बैरियर हैं और इन्हें उखाड़ फेंकना है।

जातीय विभाजन फिर से गुलामी की तरफ धकेलने का कार्य
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेताओं पर हमला जारी रखते हुए कहा कि विभाजन ही गुलामी का कारण होता है। कुछ लोग जातीय विभाजन से देश को फिर से गुलामी की तरफ धकेलने का कार्य कर रहे हैं।

शताब्दी संकल्प का मंत्र बनेगा ‘विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप 2047 तक विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश और हर जनपद के हर निकाय, गांव को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सबके योगदान का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश शताब्दी संकल्प का मंत्र बनेगा। विकसित भारत का विजन हर तबके की खुशहाली, हर हाथ को काम देने का माध्यम है। 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने के लिए ही 13-14 अगस्त को विधानमंडल में लगातार 24-25 घंटे चर्चा हुई। इसके अगले क्रम में 300 से अधिक बुद्धिजीवी हर जिले में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक भी विकसित उत्तर प्रदेश के लिए विजन डॉक्यूमेंट में क्यूआर कोड से अपने सुझाव दे सकता है।

15000 से अधिक लोगों को नौकरी देने जा रहा गीडा
सीएम योगी ने गीडा की वर्तमान और आगामी निवेश परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन निवेश परियोजनाओं से गीडा 15000 से अधिक लोगों को रोजगार देने जा रहा है। युवाओं को अपने घर के पास ही रोजगार मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन औद्योगिक भूखंडो का आवंटन हुआ है उससे 5903 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और दस हजार लोगों को नौकरी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गीडा कभी सहजनवा तक सीमित था आज उसका विस्तार पिपरौली से होते हुए धुरियापार तक हो गया है।

यूपी को मॉडल स्टेट की पहचान दिलाई सीएम योगी ने : नंदी
गीडा में निवेश और विकास परियोजनाओं की सौगात देने वाले इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अद्वितीय नेतृत्व से यूपी को मॉडल स्टेट की पहचान दिलाई है। सीएम योगी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का रथ निरंतर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। आठ वर्षों के दौरान यूपी की जनता ने कथनी और करनी को एकाकार होते देखा है। अब विकास सिर्फ सैफई तक नहीं बल्कि प्रदेश के हर जिले में हो रहा है। श्री नंदी ने कहा कि तीव्र औद्योगिक प्रगति करते हुए यूपी एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विपक्ष की घिनौनी राजनीति से सचेत रहे जनता: रविकिशन
गीडा में आयोजित लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी राजनीति में निस्वार्थ संत हैं। मोदी-योगी की लोकप्रियता से घबराकर विपक्ष राजनीति के निम्न स्तर पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि जनता को विपक्ष की घिनौनी राजनीति से सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने गोरखपुर और गीडा के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा सरकार जहां कब्रिस्तान बनाना चाहती थी वहां उद्योग लगवाकर सीएम योगी रोजगार दिला रहे हैं।

सीएम योगी के मार्गदर्शन में नोएडा सा चमक रहा गीडा: प्रदीप शुक्ल
समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में गीडा, नोएडा की तर्ज पर चमक रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। एक वह दौर भी था जब यहां कोई उद्योग लगाने के बारे में सोचता भी नहीं था लेकिन आज सीएम के विजन से गीडा उद्योग और रोजगार का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। कार्यक्रम को गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, गीडा बोर्ड के अध्यक्ष/मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, उद्यमीगण ओम फ्लैक्स के शिवेंद्र टेकड़ीवाल, केयान और श्रेयस डिस्टिलरीज के विनय सिंह, अडानी ग्रुप के भीमसी कचोट, प्रशांत कुमार, टेक्नोप्लास्ट के पवन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

कोका कोला (अमृत बॉटलर्स) के प्लांट का भूमि पूजन किया सीएम योगी ने
गीडा में निवेश और विकास परियोजनाओं की सौगात देने के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले सेक्टर 27 में मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला के अमृत बॉटलर्स की बॉटलिंग प्लांट की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया। 40 एकड़ क्षेत्रफल में बॉटलिंग प्लांट की इस परियोजना में 700 करोड़ रुपये के निवेश से करीब 1200 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। पहले चरण में यहां 3000 बोतल प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट में कोका कोला ग्रुप के थम्सअप, फैंटा, स्प्राइट, माजा ब्रांड के पेय पदार्थ और किनले ब्रांड के बॉटल वाटर का उत्पादन किया जाएगा।

सेक्टर 27 में 640 करोड़ रुपये की निवेश वाली तीन यूनिट्स का सीएम ने किया शिलान्यास
गीडा में लोकार्पण और शिलान्यास के समारोह के दौरान सीएम योगी ने सेक्टर 27 में कोका कोला प्लांट के भूमि पूजन के अलावा 640 करोड़ रुपये की निवेश वाली तीन यूनिट्स का शिलान्यास भी किया। इनमें एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड, ग्रीनटेक भारत प्राइवेट लिमिटेड (एसएलएमजी ग्रुप) और कपिला कृषि उद्योग शामिल हैं। इन तीनों यूनिट्स के बन जाने पर करीब 1200 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

प्लास्टिक पार्क में टेक्नोप्लास्ट सहित तीन यूनिट्स का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
गुरुवार को गीडा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क में 120 करोड़ रुपये के निवेश से टेक्नोप्लास्ट सहित तीन यूनिट्स का लोकार्पण किया। लोकार्पित यूनिट्स में से टेक्नोप्लास्ट पैकेंजिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 96 करोड़ रुपये के निवेश से 250 लोगों को रोजगार दिया है। लोकार्पित अन्य दो कंपनियों, ओमफ्लैक्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 17 करोड़ रुपये और गजानन पाली प्लास्ट में 7 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गोरखपुर से देशभर के लिए प्लास्टिक उत्पादों की आपूर्ति होगी।

प्लास्टिक पार्क में सीपेट के सेंटर और सीएफसी का शिलान्यास
गीडा के प्लास्टिक पार्क में केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीक संस्थान (सीपेट) के स्किल ट्रेनिंग सेंटर और सीएफसी (कामन फैसिलिटी सेंटर) की स्थापना होगी। इसका शिलान्यास गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके निर्माण पर 16 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सीपेट सेंटर के लिए गीडा द्वारा पांच एकड़ भूमि निशुल्क दी गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यहीं डिग्री और डिप्लोमा लेकर, ट्रेनिंग प्राप्त कर युवा नौकरी प्राप्त कर सकेंगे।

सीईटीपी से होगा औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट का उपचार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गीडा की औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट उपचार के लिए कामन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का भी शिलान्यास किया। 4 एमएलडी क्षमता की इस सीईटीपी का निर्माण अड़िलापार में 11.15 एकड़ क्षेत्रफल में करीब 199 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शोधित जल का इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दोबारा हो सकेगा और इसका इस्तेमाल खेती में भी किया जा सकेगा। नदियों का जल भी प्रदूषित होने से बचेगा।

281 करोड़ रुपये के अवस्थापना विकास कार्यों की मिली सौगात
गीडा द्वारा विभिन्न सेक्टर्स 281 करोड़ रुपये की अवस्थापना विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया गया। इसमें गीडा क्षेत्र में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं जैसे सड़क, नाली, पुलिया, स्ट्रीट लाइट एवं विद्युत तंत्र के निर्माण से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।

आवासीय व औद्योगिक भूखंडों के आवंटन पत्र का सीएम ने किया वितरण
लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाली कालेसर आवासीय योजना सेक्टर 11 के आवंटियों को आवंटन पत्र का वितरण किया। इसके अलावा उन्होंने गीडा क्षेत्र के कुछ निवेशकों और धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के प्रमुख निवेशकों अंबुजा सीमेंट (अडानी ग्रुप), श्रेयस डिस्टिलरीज एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को औद्योगिक भूखंडों के वितरण का आवंटन पत्र प्रदान किया।

शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे ‘एक पेड़ गुरु के नाम’

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत एक दिन में 36.21 करोड़ से अधिक पौध रोप कर नया रिकॉर्ड बनाया तो दूसरी तरफ इस वर्ष भी विशिष्ट वनों की स्थापना की गई। विशिष्ट वनों का आगाज एकलव्य वन के साथ प्रारंभ हुआ तो ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ के तहत विशिष्ट आयोजन भी होगा। गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर सभी वन प्रभागों में यह आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ में कुकरैल में वन विभाग के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे।

योगी सरकार ने रचा इतिहास, 2025 में बनाया सर्वाधिक पौधरोपण का कीर्तिमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने नया इतिहास रच दिया। ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2025 में पूरे प्रदेश में एक दिन (9 जुलाई, बुधवार) में 37,21,40,925 पौधरोपण हुए। यह सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्य 37 करोड़ से 21,40,925 अधिक रहा। सीएम योगी ने अयोध्या से अभियान का आगाज किया था। उन्होंने 9 जुलाई को ही आजमगढ़ और गोरखपुर में भी पौधरोपण किया था।

लखनऊ में कुकरैल, वाराणसी में बीएचयू में लगेगा ‘एक पेड़ गुरु के नाम’
लखनऊ के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि विशिष्ट वनों की श्रृंखला में शिक्षक दिवस पर लखनऊ के कुकरैल में पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। यहां स्मृति वाटिका में भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी पौधरोपण करेंगे। यहां अधिकारियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे भी भेंट किए जाएंगे। वहीं वाराणसी की प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति श्रीवास्तव ने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) में ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ के तहत पौधरोपण होगा।

पौधरोपण महाभियान-2025 में लगाए गए विशिष्ट वन
पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि गुरु के सम्मान में 5 सितंबर को प्रदेश के सभी वन प्रभागों में ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ लगाया जाएगा। इसे लेकर सभी वन प्रभागों में तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी अनेक विशिष्ट वन स्थापित किए गए।

SC/ST एक्ट में जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: CJI ने खींची लक्ष्मण रेखा, हाई कोर्ट का आदेश पलटा

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- दलितों और आदिवासियों के खिलाफ उत्पीड़न से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने साफ किया कि SC/ST एक्ट 1989 के तहत दर्ज मामलों में अग्रिम जमानत तभी दी जा सकती है, जब पहली नजर में यह साबित हो जाए कि आरोपी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता।

पीठ ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए है। इस कानून की धारा 18 स्पष्ट रूप से CRPC की धारा 438 (अग्रिम जमानत) को बाहर करती है। यानी सामान्य तौर पर SC/ST मामलों में अग्रिम जमानत का प्रावधान लागू नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें जातिगत अत्याचार के आरोपी को अग्रिम जमानत दी गई थी।

क्या कहा अदालत ने?

  • अगर प्रथम दृष्टया (Prima Facie) यह साबित होता है कि आरोपी ने जातिसूचक गालियां या हिंसा की है, तो अग्रिम जमानत नहीं दी जाएगी।
  • केवल तभी अग्रिम जमानत संभव है, जब अदालत यह पाए कि आरोपी ने SC/ST एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं किया है।
  • ऐसे मामलों में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जानी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से जुड़ा है। नवंबर 2024 में विधानसभा चुनाव के बाद एक दलित परिवार पर हमला हुआ था। आरोप है कि हमले के दौरान आरोपी राजकुमार जीवराज जैन ने जातिसूचक गालियां दीं और लोहे की रॉड से मारपीट की। निचली अदालत ने अग्रिम जमानत से इनकार किया था।हाई कोर्ट ने मामले को “राजनीति से प्रेरित” मानते हुए जमानत दे दी। पीड़ित किरण ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का आदेश पलटते हुए कहा कि पीड़ित को जातिसूचक गालियां देना और अपमानित करना SC/ST एक्ट का सीधा उल्लंघन है।

स्वच्छता: सिर्फ घर नहीं, कार्यस्थल पर भी ज़रूरी – समाज को प्रेरित करने वाला एक संदेश

न्यूज़ डेस्क /सर्वोदय न्यूज़:- स्वच्छता एक ऐसी नींव है, जिस पर स्वस्थ जीवन, सुखद समाज और समृद्ध राष्ट्र की इमारत खड़ी होती है। हम सभी अपने घरों की सफाई को लेकर सजग रहते हैं, परंतु कार्यस्थल, दफ्तर, दुकान, फैक्ट्री या कोई भी कामकाजी स्थान – क्या वहां भी हम उतने ही सजग हैं?

डॉ. हेमंत तिवारी और डॉ. प्रियांका तिवारी का यह मानना है कि स्वच्छता सिर्फ एक व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है। आज जब हम कोरोना महामारी जैसी घटनाओं के अनुभव से गुज़र चुके हैं, तो यह और भी आवश्यक हो गया है कि हम घर के साथसाथ अपने कार्यस्थलों को भी स्वच्छ बनाए रखें।

स्वच्छता क्यों है आवश्यक?

  1. बीमारियों से बचाव का सबसे सशक्त उपाय:

गंदगी, धूल और कचरा बैक्टीरिया, वायरस, फफूंदी और कीट-पतंगों के लिए आदर्श स्थल बन जाते हैं।
कार्यस्थल पर लोग अलग-अलग पृष्ठभूमियों से आते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

स्वच्छ वातावरण में रहने से न केवल संक्रामक रोगों से बचा जा सकता है, बल्कि श्वसन संबंधी, त्वचा संबंधी और मानसिक रोगों से भी दूरी बनाई जा सकती है।

  1. कर्मचारियों की उत्पादकता और मनोबल में वृद्धि:

एक साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित ऑफिस मन को शांत करता है और दिमाग को एकाग्र।
डॉ. प्रियांका तिवारी कहती हैं कि जब कोई व्यक्ति एक साफ माहौल में कार्य करता है, तो उसकी मानसिक ऊर्जा बनी रहती है और थकावट का अनुभव कम होता है।

जिस वातावरण में अव्यवस्था और गंदगी हो, वहां कार्य करने की इच्छा कम हो जाती है।

  1. पेशेवर छवि का निर्माण:

डॉ. हेमंत तिवारी बताते हैं कि कार्यस्थल की स्वच्छता वहां आने वाले ग्राहक, क्लाइंट और अन्य आगंतुकों पर गहरा प्रभाव डालती है।
एक साफ ऑफिस यह दर्शाता है कि वहां के लोग व्यवस्थित, जागरूक और जिम्मेदार हैं। इससे भरोसा बनता है।

  1. मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव:

गंदगी और अव्यवस्था केवल शरीर को नहीं, बल्कि मन को भी प्रदूषित करती है।
स्वच्छ वातावरण में काम करने से व्यक्ति सकारात्मक सोचता है, क्रोध कम होता है, और तनाव घटता है।

  1. सुरक्षा सुनिश्चित करती है स्वच्छता:

ऑफिस या फैक्ट्री में बिखरे कागज, गंदे फर्श, खुले तार या फिसलन दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
नियमित सफाई और देखरेख से इन खतरों से बचा जा सकता है। स्वच्छता यानी सुरक्षा।

स्वच्छ कार्यस्थल के लिए क्या करें?

  • नियमित सफाई: फर्श, टेबल, बाथरूम, उपकरण, दरवाज़ों और खिड़कियों की नियमित सफाई होनी चाहिए।
  • कूड़ेदानों की व्यवस्था: हर स्थान पर ढक्कन वाले कूड़ेदान उपलब्ध कराएं और समय पर खाली करें।
  • सेनेटाइज़ेशन: विशेष रूप से महामारी या फ्लू के समय सभी सतहों को सैनिटाइज़ करना ज़रूरी है।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता: हर कर्मचारी को अपने डेस्क, हाथ और उपयोगी वस्तुओं को साफ रखने की ज़िम्मेदारी दी जाए।
  • प्रेरणा देना: ऑफिस में स्वच्छता से जुड़े स्लोगन, पोस्टर और जागरूकता कार्यक्रम चलाएं।

 समाज को प्रेरित करने का माध्यम – आप खुद बनें उदाहरण

यदि हम चाहते हैं कि हमारे समाज में स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैले, तो इसकी शुरुआत हमें अपने आप से करनी होगी।
अपने कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए जब हम स्वेच्छा से पहल करेंगे, तो हमारे सहयोगी, कर्मचारी और यहां तक कि ग्राहक भी इससे प्रेरित होंगे। परिवर्तन तब होता है, जब एक व्यक्ति उठकर उदाहरण बनता है।

एकजुट प्रयासों की ज़रूरत

स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों को सफल तभी बनाया जा सकता है जब हम हर स्थान – घर, गली, स्कूल, हॉस्पिटल, बाजार और कार्यालय को भी स्वच्छ रखें।
यह केवल सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।

डॉ. हेमंत और डॉ. प्रियांका तिवारी यह सुझाव देते हैं कि हर संस्था, कंपनी और ऑफिस को चाहिए कि वे:

  • मासिक सफाई ड्राइव रखें
  • कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए छोटे सत्र आयोजित करें
  • पुरस्कार या प्रशंसा देकर साफ-सफाई के कार्यों को प्रोत्साहित करें

आने वाली पीढ़ी को दें स्वच्छ वातावरण

हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम अपने बच्चों और युवाओं को ऐसा वातावरण दें जिसमें वे न केवल स्वस्थ रहें बल्कि स्वस्थ सोच के साथ विकसित हों।
जो बच्चे साफ-सफाई के बीच बड़े होते हैं, उनमें अनुशासन, ज़िम्मेदारी और आत्मसम्मान अधिक होता है।

स्वच्छता एक विचार है, एक जीवनशैली है, और एक प्रेरणा है। जब हम घर की तरह अपने कार्यस्थल को भी स्वच्छ रखते हैं, तो हम न केवल अपने स्वास्थ्य का बल्कि अपने समाज, अपने देश और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का भी ध्यान रखते हैं।

डॉ. हेमंत तिवारी और डॉ. प्रियांका तिवारी का यह संदेश है कि:स्वच्छता केवल शारीरिक ज़रूरत नहीं, बल्कि मानसिक शांति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय गौरव का विषय है।आइए, हम सब मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ और संवेदनशील भारत के निर्माण में योगदान दें – घर से लेकर कार्यस्थल तक।

क्रिकेट प्रेमियों पर GST 2.0 की मार, IPL टिकट बन गई ‘लग्जरी’, अब और महंगा होगा मैच देखना

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: केंद्र सरकार ने GST 2.0 की घोषणा कर दी है। जहां एक ओर कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दरों में राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर क्रिकेट प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है। अब IPL जैसे टूर्नामेंट को लग्जरी कैटेगरी में डालते हुए टिकटों पर 40% GST लगाने का फैसला किया गया है। इससे स्टेडियम में बैठकर क्रिकेट मैच देखने की कीमत में भारी इजाफा होने वाला है।

IPL टिकट पर अब 65% तक टैक्स का बोझ

अब तक IPL टिकट पर 28% GST लागू था — जिसमें केंद्र और राज्य सरकार का हिस्सा बराबर था। लेकिन GST 2.0 के तहत इसे बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। इतना ही नहीं, कुछ राज्यों में पहले से लागू 25% तक का एंटरटेनमेंट टैक्स अलग से लगेगा। इसका सीधा असर आम क्रिकेट फैन की जेब पर पड़ेगा।

उदाहरण के लिए:

  • पहले ₹1000 की टिकट पर कुल ₹1280 चुकाने पड़ते थे।
  • अब उसी टिकट के लिए ₹1400 तक देने होंगे।
  • अगर आप तमिलनाडु जैसे राज्य से हैं, तो कुल टैक्स 65% तक पहुंच सकता है।

IPL को ‘नॉन-एसेंशियल’ कैटेगरी में डाला गया

GST 2.0 के नए स्लैब के अनुसार, कैसीनो, रेस क्लब, और लग्जरी उत्पादों के साथ-साथ अब IPL जैसे टूर्नामेंट्स को भी ‘नॉन-एसेंशियल’ या गैर-जरूरी श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी की सभी सेवाओं और उत्पादों पर 40% GST लगेगा।

कब से लागू होगा नया टैक्स स्लैब?

22 सितंबर 2025 से यह नया टैक्स ढांचा प्रभावी हो जाएगा। इसका मतलब है कि IPL 2026 सीज़न से टिकटों की कीमत में सीधा उछाल देखने को मिलेगा। स्टेडियम, फ्रेंचाइजी और आयोजक अपना मुनाफा कम नहीं करना चाहेंगे, इसलिए बढ़ा हुआ टैक्स सीधे दर्शकों पर डाला जाएगा।

क्या इंटरनेशनल मैच भी होंगे महंगे?

नहीं, राहत की बात यह है कि इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों की टिकट अभी भी 18% GST स्लैब में ही रहेगी। फिलहाल यह बदलाव केवल IPL और अन्य निजी लीग टूर्नामेंट्स पर लागू होगा।

क्रिकेट फैंस के लिए आगे क्या?

अगर आप अगले सीजन IPL मैच स्टेडियम में देखने का प्लान बना रहे हैं, तो अपने बजट में बदलाव के लिए तैयार हो जाएं। टिकट की कीमतें अब आपके जेब पर और ज़्यादा असर डालेंगी।