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बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं की देखभाल कैसे करें ?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राजस्थान का मारवाड़ क्षेत्र अपनी कठिन जलवायु और शुष्क मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन जब बरसात का मौसम आता है, तो यह पशुपालकों के लिए विशेष चुनौतियाँ उत्पन्न करता है। विशेष रूप से दुधारू पशुओं की देखभाल इस दौरान बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि नमी, गंदगी और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉ. जयदीप भदोरिया(पशु चिकित्सा अधिकारी), डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. मांगिलाल, और डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा सुझाए गए कुछ विशेष उपायों के माध्यम से इस मौसम में दुधारू पशुओं की देखभाल को सही ढंग से किया जा सकता है।

  1. पशुओं के रहने की जगह (आश्रय) का ध्यान रखें

  • मारवाड़ क्षेत्र में बरसात के दौरान कीचड़, गंदगी और अत्यधिक नमी की समस्या होती है, जो पशुओं की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। सही आश्रय का निर्माण, पशुओं की रक्षा के लिए आवश्यक है।
  • छांव और सुरक्षित स्थान: पशुओं को ठंड और बारिश से बचाने के लिए एक मजबूत और सूखा शेड बनाना आवश्यक है। शेड का निर्माण इस प्रकार करें कि पानी जमा न हो।
  • कीचड़ से बचाव: बाड़े की ऊंचाई बढ़ाकर और जल निकासी की उचित व्यवस्था करके कीचड़ से बचाव सुनिश्चित करें।
  • हवादारी: बाड़े में ताजे वायू का प्रवाह बनाए रखें ताकि नमी और मच्छरों से बचाव हो सके।
  1. पशुओं की सफाई और स्वच्छता

  • बरसात के मौसम में कीचड़, गंदगी और बेक्टेरिया के फैलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पशुओं की नियमित सफाई और उनके बाड़े की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • पशुओं की सफाई: गंदगी, कीचड़ और फंगस से बचने के लिए नियमित रूप से पशुओं की सफाई करें।
  • स्वच्छता बनाए रखें: पशुओं के बाड़े और आसपास की जगह को नियमित रूप से साफ रखें। मल-मूत्र को तुरंत हटाना चाहिए ताकि बैक्टीरिया के फैलने से बचा जा सके।

  1. उचित आहार और पोषण

  • बरसात के मौसम में घास में नमी और पोषण की कमी हो सकती है, जिससे दूध उत्पादन पर असर पड़ सकता है। उचित आहार देने से पशुओं की सेहत बनाए रखी जा सकती है।
  • हरे चारे का उपयोग: ताजे, सूखे और पोषक तत्वों से भरपूर हरे चारे का उपयोग करें। चारे को गीला होने से बचाएं।
  • सूखा चारा और पोषण: दुधारू पशुओं को सूखा चारा और उच्च गुणवत्ता वाले पोषण supplements दें।
  • स्वच्छ पानी: पशुओं को स्वच्छ और ताजे पानी की आपूर्ति करें, क्योंकि गंदा पानी विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकता है।
  1. बीमारियों से बचाव: टीकाकरण और रोग नियंत्रण

बरसात के मौसम में कीचड़ और नमी के कारण कई संक्रमण और बीमारियाँ फैल सकती हैं। इन्हें नियंत्रित करने के लिए सही समय पर टीकाकरण और रोग नियंत्रण की आवश्यकता होती है।

टीकाकरण: पशुओं का टीकाकरण समय पर कराएं, जैसे: लंपी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease), होडसोट स्किन डिजीज (HS), एंटरोटॉक्सेमिया (Enterotoxemia), पशु बुखार (BQ),फुट एंड माउथ डिजीज (FMD), ये बीमारियाँ दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं, इसलिए इनका उचित टीकाकरण बहुत जरूरी है। कीटों और परजीवियों से बचाव: मच्छर, flies और अन्य कीटों से बचने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करें।

  1. मानसिक तनाव और आराम

  • बरसात के मौसम में पशुओं को ठंड और नमी से मानसिक तनाव हो सकता है, जो उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर असर डालता है। उन्हें आरामदायक और तनावमुक्त वातावरण देने से यह स्थिति सुधारी जा सकती है।
  • आरामदायक वातावरण: पशुओं के लिए आरामदायक और शांत वातावरण सुनिश्चित करें ताकि वे मानसिक तनाव से बच सकें।
  • मनोबल बढ़ाने के उपाय: नियमित रूप से पशुओं को सहलाएं और उनका ध्यान रखें, ताकि उनका मनोबल बना रहे।
  1. पैरों और पंजों की देखभाल

  • बरसात के मौसम में पैरों में गंदगी और कीचड़ जमा हो सकता है, जिससे पैरों की सूजन और इंफेक्शन हो सकते हैं।
  • पैरों की सफाई: पशुओं के पैरों की सफाई और सुखाना आवश्यक है। पैरों में कीचड़ और गंदगी जमा होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • पंजों की देखभाल: विशेष रूप से गायों और भैंसों के पंजों की देखभाल करें और उन्हें संक्रमण से बचाएं।
  1. बीमारियों के लक्षण और उपचार

  • बरसात में कुछ सामान्य बीमारियाँ अधिक फैल सकती हैं, जैसे बुखार, दस्त, खांसी, और सर्दी। इनकी पहचान जल्दी से करना और उपचार देना आवश्यक है।
  • बीमारी के लक्षण: यदि पशु में बुखार, दस्त, खांसी, कमजोरी या अन्य कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
  • जल्दी उपचार: जब भी कोई बीमारी के लक्षण दिखें, तुरंत उपचार कराना चाहिए। इससे पशु जल्दी ठीक होते हैं और दूध उत्पादन में कमी नहीं आती।

भारत में दिखेगा साल का सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण, बनेगा ‘ब्लड मून’ – जानिए कब और कहां देखें

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत में इस रविवार की रात आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। यह दृश्य होगा एक पूर्ण चंद्र ग्रहण का, जिसे ‘ब्लड मून’ यानी “लाल चांद” भी कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वर्ष 2022 के बाद भारत से दिखाई देने वाला सबसे लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा।

खास बात यह है कि यह ग्रहण पूरे भारत में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, साथ ही यह चीन, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी हिस्सों में भी नजर आएगा। इससे पहले ऐसा व्यापक दृश्य 27 जुलाई 2018 को देखने को मिला था।

ग्रहण की टाइमलाइन: कब-कब क्या होगा

  • ग्रहण की शुरुआत: रात 8:58 बजे
  • पूर्ण ग्रहण का चरण: रात 11:01 बजे से 12:23 बजे तक (कुल 82 मिनट)
  • आंशिक ग्रहण समाप्ति: रात 1:26 बजे
  • ग्रहण का समापन: रात 2:25 बजे

इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाएगा और लालिमा लिए चमकता हुआ नजर आएगा, जिसे आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

क्यों होता है ‘ब्लड मून’?

चंद्र ग्रहण के दौरान, जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में पूरी तरह ढक जाता है, तब सूर्य की सीधी रोशनी उस तक नहीं पहुंच पाती। लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरने वाली कुछ लाल-नारंगी तरंगें चंद्रमा तक पहुंचती हैं, जिससे उसका रंग लाल नजर आता है। खगोलशास्त्री रयान मिलिगन के अनुसार, नीली रोशनी लाल की तुलना में अधिक बिखर जाती है, और यही कारण है कि चंद्रमा उस समय लालिमा लिए ‘खूनी’ चमक के साथ दिखता है।

कैसे करें ग्रहण का अवलोकन?

इस खगोलीय नजारे को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं है। इसे आप नंगी आंखों, दूरबीन, या टेलीस्कोप से भी सुरक्षित रूप से देख सकते हैं। unlike सूर्य ग्रहण, इस दौरान किसी आंखों की सुरक्षा उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।

भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के विशेषज्ञ निरुज मोहन रामानुजम के मुताबिक, यह एक ऐसा अवसर है जिसे आम लोग भी आसानी से देख सकते हैं और इसके लिए वैज्ञानिक यंत्रों की आवश्यकता नहीं होती।

फिर कब दिखेगा ऐसा दृश्य?

अगर आप इस बार इस खगोलीय घटना को मिस कर देते हैं, तो अगली बार इतना लंबा पूर्ण चंद्र ग्रहण 31 दिसंबर, 2028 को भारत में देखने को मिलेगा। यानी अगला मौका करीब तीन साल बाद आएगा।

भारतीय गेंदबाज भूले पत्नी का बर्थडे, फिर यूं मांगी माफी – शेयर किया दिल छू लेने वाला वीडियो

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने अपनी पत्नी जया भारद्वाज को खास अंदाज में जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, हालांकि वो उनका बर्थडे भूल गए थे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक प्यारा वीडियो शेयर करते हुए माफी मांगी और जया को दुनिया की सबसे समझदार पत्नी बताया।

दीपक चाहर ने क्या लिखा?

दीपक ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा:“जन्मदिन मुबारक हो लव। मैं सबको बताना चाहता हूं कि मेरी पत्नी कितनी समझदार और प्यारी है। मैं उसका बर्थडे भूल गया था लेकिन फिर भी उसने मुझे माफ कर दिया क्योंकि उसे मालूम है कि 90 ओवर की फील्डिंग के बाद ऐसा हो सकता है। अगली बार मैं जया का बर्थडे याद रखूंगा।”

इसके साथ दीपक ने एक वीडियो मोंटाज भी शेयर किया जिसमें उनके और जया के साथ बिताए कई खूबसूरत पलों की झलक देखने को मिली।

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केक काटने का वीडियो भी शेयर किया

कुछ घंटे बाद दीपक ने एक और वीडियो साझा किया, जिसमें वह पत्नी के साथ केक काटते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा:“आखिरकार केक कट गया। अब हम चैन की नींद सो सकते हैं।”

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क्रिकेट अपडेट: दलीप ट्रॉफी में भी दिखा रहे हैं दम

दीपक इस वक्त दलीप ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन की ओर से वेस्ट जोन के खिलाफ खेल रहे हैं। उन्होंने मैच की पहली पारी में 14 ओवर में 52 रन देकर 1 विकेट हासिल किया।

दीपक और जया की लव स्टोरी

  • दोनों ने 2022 में शादी की थी
  • दीपक ने आईपीएल 2021 के दौरान जया को स्टेडियम में प्रपोज किया था।
  • उन्होंने प्लेऑफ में प्रपोज करने की योजना बनाई थी, लेकिन एमएस धोनी की सलाह पर लीग मैच में ही प्रपोज कर दिया।

Aaj ka Rashifal 6 September 2025: जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, क्या करें और क्या नहीं?

Aaj ka Rashifal 6 September 2025:- ग्रहों की स्थिति:आज गुरु मिथुन में, शुक्र कर्क में, सूर्य-बुध-केतु सिंह राशि में, मंगल कन्या में और चंद्रमा मकर में स्थित हैं। शाम के समय चंद्रमा कुंभ राशि में राहु के साथ युति करेंगे। वहीं शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में ग्रहों की चाल आपके जीवन को किस प्रकार प्रभावित करेगी, आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का हाल…

मेष राशि (Aries):

मानसिक तनाव बना रह सकता है। रिश्तों में खटपट की आशंका है, खासकर प्रेम संबंधों में। व्यापारिक स्थिति सकारात्मक बनी रहेगी। संतान को लेकर समय सामान्य रहेगा। विद्यार्थियों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। मानसिक संतुलन बनाए रखें।
उपाय: काले रंग की वस्तु का दान करें।

वृषभ राशि (Taurus):

व्यवसाय में उतार-चढ़ाव रह सकता है। पिता की सेहत और उनके साथ संबंधों पर विशेष ध्यान दें। संतान और प्रेम जीवन अच्छा रहेगा।
उपाय: काली वस्तु का दान लाभकारी होगा।

मिथुन राशि (Gemini):

आत्मसम्मान को ठेस पहुंच सकती है। सेहत का ध्यान रखें। प्रेम और संतान क्षेत्र अच्छा रहेगा। कारोबार स्थिर रहेगा।
उपाय: काली मां को नमन करें।

कर्क राशि (Cancer):

महत्वपूर्ण कार्यों को दिन में ही पूरा कर लें, शाम के बाद समय थोड़ा कमजोर रहेगा। संतान और प्रेम जीवन अच्छा रहेगा। व्यवसाय संतुलित रहेगा।
उपाय: नीले रंग की वस्तु का दान करें।

सिंह राशि (Leo):

स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें, विशेषकर जीवनसाथी की सेहत पर ध्यान दें। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। प्रेम संबंध अच्छे रहेंगे।
उपाय: काले वस्त्र या सामान का दान करें।

कन्या राशि (Virgo):

शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, लेकिन मानसिक अशांति रह सकती है। प्रेम और संतान का क्षेत्र संतुलित रहेगा। कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
उपाय: भगवान शिव का जलाभिषेक करें।

तुला राशि (Libra):

बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम संबंधों में वाद-विवाद से बचें। आज कोई बड़ा फैसला टालना बेहतर रहेगा। मानसिक स्थिति थोड़ी अशांत रह सकती है।
उपाय: शनिदेव को नमन करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio):

परिवारिक कलह की संभावना है। प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़ी कोई भी डील सोच-समझकर करें। प्रेम और संतान को लेकर समय मिला-जुला रहेगा।
उपाय: पीले रंग की वस्तु पास में रखें।

धनु राशि (Sagittarius):

कारोबार औसत रहेगा। सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है, लेकिन संतान और प्रेम में शुभता बनी रहेगी।
उपाय: लाल रंग की वस्तु अपने पास रखें।

मकर राशि (Capricorn):

धन हानि के योग हैं। निवेश सोच-समझकर करें और वाणी पर नियंत्रण रखें। प्रेम-संतान का क्षेत्र अनुकूल रहेगा।
उपाय: हरी वस्तु अपने पास रखें।

कुंभ राशि (Aquarius):

आज किसी नकारात्मक कार्य से अपमान की स्थिति बन सकती है। मानसिक बेचैनी बनी रह सकती है। प्रेम-संतान अच्छा रहेगा।
उपाय: हरे रंग की वस्तु पास में रखें।

मीन राशि (Pisces):

सर दर्द, आंखों की तकलीफ और अनजाने भय की संभावना है। साझेदारी में समस्याएं आ सकती हैं। प्रेम और संतान का क्षेत्र भी कुछ कमजोर रह सकता है।
उपाय: काली वस्तु का दान करें।

अयोध्या, काशी, मथुरा समेत यूपी के 13 जिले होंगे भिखारियों से मुक्त

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या, मथुरा, काशी (वाराणसी) समेत 13 प्रमुख जिलों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का बड़ा फैसला लिया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा केंद्र सरकार की ‘स्माइल योजना’ (SMILE Scheme) के तहत इन जिलों में 17 सदस्यीय निगरानी समिति और एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो भिखारियों की पहचान, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना का कार्य करेगी।

कौन-कौन से जिले शामिल हैं?

नीचे सूचीबद्ध जिलों को पहले चरण में भिक्षावृत्ति मुक्त बनाया जाएगा:

क्रमांक जिला
1 अयोध्या
2 मथुरा
3 वाराणसी (काशी)
4 आगरा
5 लखनऊ
6 प्रयागराज
7 गोरखपुर
8 मेरठ
9 गाजियाबाद
10 झांसी
11 कुशीनगर
12 कानपुर नगर
13 गौतमबुद्ध नगर

 योजना का उद्देश्य

  • पर्यटन स्थलों की सौंदर्य और सामाजिक छवि को सुधारना
  • भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का पुनर्वास
  • नशा मुक्ति, शिक्षा, और कौशल विकास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में लाना
  • केंद्र सरकार की SMILE योजना (Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprise) का सफल क्रियान्वयन

निगरानी समिति और टास्क फोर्स: संरचना

निगरानी समिति में 17 सदस्य होंगे, जिनमें प्रमुख हैं: जिलाधिकारी (DM) – अध्यक्ष, जिला समाज कल्याण अधिकारी – सदस्य सचिव, जिला विकास अधिकारी, नगरीय विकास अधिकारी, शिक्षा अधिकारी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, इत्यादि गैर सरकारी संस्था (NGO) का प्रतिनिधि , टास्क फोर्स इन सदस्यों में से चुने गए अधिकारी होंगे, जो एसओपी (Standard Operating Procedure) के तहत कार्य करेंगे।

 SOP के तहत क्या होगा?

  1. भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की पहचान और सूची तैयार करना
  2. उनके स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और जरूरतों का मूल्यांकन करना
  3. आश्रय गृह, नशा मुक्ति केंद्र, कौशल विकास केंद्र में भेजना
  4. स्थायी पुनर्वास योजना तैयार करना – जैसे स्वरोजगार, ट्रेनिंग आदि
  5. जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को भीख न देने के लिए प्रेरित करना

SMILE योजना क्या है?

SMILE योजना (Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprise) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य: भीख मांगने वाले व्यक्तियों के जीवन स्तर को सुधारना,उन्हें रोजगार और पुनर्वास के माध्यम से सम्मानजनक जीवन देना, मानव तस्करी और सामाजिक बहिष्कार से लड़ना |

 अपेक्षित लाभ

धार्मिक और पर्यटन स्थलों की स्वच्छ और व्यवस्थित छवि, शहरी विकास और स्मार्ट सिटी योजनाओं में गति, समाज के वंचित वर्गों का सशक्तिकरण, भिक्षावृत्ति से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण मिलेगा |

IGRS रिपोर्ट अगस्त 2025: बलरामपुर और श्रावस्ती पहले स्थान पर, योगी सरकार के विकास कार्यों को मिल रही रफ्तार

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले आठ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में बलरामपुर और श्रावस्ती ने बराबर अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि शाहजहांपुर ने दूसरा और हमीरपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह आईजीआरएस से की जाती है समीक्षा
आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट के अनुसार बलरामपुर और श्रावस्ती ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप श्रावस्ती में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। यही वजह है कि श्रावस्ती पिछले कई माह से आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट में टॉप फाइव जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है।

टॉप टेन जिलों में बरेली, अमेठी और हाथरस ने बनायी जगह

बलरामपुर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट में बलरामपुर पहले स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आगे भी लगातार प्रयास रहेगा कि आम जनमानस की शिकायतों को निस्तारण प्राथमिकता के अधार पर किया जाए। इसी तरह शाहजहांपुर ने 134 अंक हासिल कर दूसरा, हमीरपुर ने 132 अंक प्राप्त कर तीसरा और पीलीभीत ने 130 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र पांचवे पायदान पर है। वहीं टॉप टेन जिलों में बरेली, अमेठी, हाथरस, औरैया और चंदौली ने जगह बनायी है।

अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों को केंद्र सरकार देगी राहत, जल्द आएगा विशेष पैकेज

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- भारत सरकार जल्द ही अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों के लिए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार 50% तक के टैरिफ से प्रभावित उद्योगों को समर्थन देने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।

 वित्त मंत्री ने क्या कहा?

निर्मला सीतारमण ने कहा:”हम ऐसे निर्यातकों और उद्योगों की मदद करने के लिए एक योजना पर काम कर रहे हैं, जिन्हें हालिया अमेरिकी टैरिफ के चलते नुकसान उठाना पड़ा है। हम सुनिश्चित करेंगे कि उनके काम में रुकावट न आए और उन्हें वित्तीय सहायता मिले।”

हालांकि वित्त मंत्री ने पैकेज की राशि या योजनाओं के स्वरूप पर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, लेकिन यह संकेत दिया है कि यह एक व्यापक समर्थन प्रणाली होगी।

ट्रंप टैरिफ का असर

  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 25% से 50% तक के टैरिफ लगाए गए हैं।
  • यह टैरिफ विशेष रूप से भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिका की नाराज़गी के चलते लगाया गया है।
  • प्रभावित उत्पादों में शामिल हैं: कपड़े व वस्त्र, आभूषण, जूते-चप्पल, रसायन, चमड़ा व अन्य मैन्युफैक्चरिंग उत्पाद है | इन टैरिफ के कारण भारत के निर्यात में गिरावट, पेमेंट डिले, और ऑर्डर कैंसिलेशन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

क्या हो सकता है राहत पैकेज में?

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट और सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार जिन उपायों पर विचार कर रही है, उनमें शामिल हैं:

  1. वर्किंग कैपिटल सपोर्ट

    • निर्यातकों के लिए सस्ती ब्याज दर पर पूंजी उपलब्ध कराना।

  2. लिक्विडिटी रिलीफ (Liquidity Relief)

    • कोविड-19 के समय जैसे आपातकालीन क्रेडिट गारंटी स्कीम की तर्ज पर।

  3. मार्केट डाइवर्सिफिकेशन सपोर्ट

    • अमेरिकी बाजार से हटकर यूरोप, अफ्रीका, एशिया के अन्य देशों में व्यापार विस्तार।

  4. इंफ्रास्ट्रक्चर व लॉजिस्टिक सपोर्ट

    • बंदरगाह, शिपिंग और कस्टम प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए योजना।

  5. रोजगार सुरक्षा उपाय

    • श्रमिकों की छंटनी रोकने के लिए सब्सिडी या टैक्स राहत।

भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव

ट्रंप प्रशासन के टैरिफ के बाद से भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है। भारत ने हाल ही में SCO समिट में हिस्सा लेकर चीन के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत किए हैं, जिससे अमेरिका में नाराजगी देखी जा रही है।

UPPSC Assistant Professor Vacancy 2025: यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1253 पदों पर भर्ती, जानिए आवेदन प्रक्रिया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पांच वर्षों बाद राजकीय डिग्री कॉलेजों में Assistant Professor पदों पर भर्ती के लिए बड़ा ऐलान किया है। 1253 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 सितंबर 2025 से शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी uppsc.up.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां:

प्रक्रिया तिथि
आवेदन शुरू 4 सितंबर 2025
अंतिम तिथि (शुल्क सहित) 6 अक्टूबर 2025
त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2025

रिक्त पदों का विवरण:

कुल पद: 1253
विषयों की संख्या: 28

विषय पदों की संख्या
वाणिज्य 157
अंग्रेजी 92
हिंदी 87
रसायन विज्ञान 87
गणित, बॉटनी, जूलॉजी 79-79
समाजशास्त्र 78
अर्थशास्त्र 61
कंप्यूटर साइंस, फारसी 1-1
सांख्यिकी, सैन्य विज्ञान 2-2
अन्य विषय शेष

पात्रता (Eligibility):

  • आयु सीमा: 1 जुलाई 2025 को 21 से 40 वर्ष (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट)
  • शैक्षिक योग्यता: संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन + UGC NET/SLET/Ph.D. (UPPSC द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार)

चयन प्रक्रिया (Selection Process):

इस बार तीन चरणों में चयन होगा:

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims):

  • अवधि: 2 घंटे
  • अंक: 150
  • प्रश्न: 120 (30 सामान्य अध्ययन + 90 विषय आधारित)
  • नेगेटिव मार्किंग लागू
  1. मुख्य परीक्षा (Mains):

  • अवधि: 3 घंटे
  • प्रश्न: 20
  • लघु उत्तर (8 अंक प्रति प्रश्न)
  • दीर्घ उत्तर (12 अंक प्रति प्रश्न)
  • अंक: कुल 200
  1. साक्षात्कार (Interview):

  • अंक: 25
  • अंतिम मेरिट सूची: मेन्स + इंटरव्यू के आधार पर

पिछली भर्ती से 10 गुना ज्यादा पद

2019-20 में UPPSC ने केवल 128 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती निकाली थी, जबकि इस बार सीधे 1253 पदों का विज्ञापन जारी हुआ है — जो युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है।

महिला और पुरुष वर्ग के लिए अलग पद:

  • महिला पद: 691
  • पुरुष पद: 562

 जरूरी दस्तावेज़:

  • हाई स्कूल/इंटर प्रमाण पत्र
  • पोस्ट ग्रेजुएशन मार्कशीट
  • नेट/स्लेट प्रमाण पत्र या पीएचडी डिग्री
  • जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्गों के लिए)
  • निवासी प्रमाण पत्र (यूपी आरक्षण हेतु)

अन्य भर्ती अपडेट्स:

प्रवक्ता भर्ती (1471 पद):

UP के इंटर कॉलेजों में 13 विषयों में प्रवक्ताओं के लिए भर्ती जारी है। BA + B.Ed. + PG अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 12 सितंबर 2025 है।

“टोटी कांड” अवनीश अवस्थी ने कराया था, हम कभी नहीं भूल सकते-अखिलेश यादव

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान केतकी सिंह के बयान और उसके बाद सपा छात्र सभा का उनके घर पर प्रदर्शन के मामले में सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि साल 2017 के “टोटी कांड” को लेकर उन्होंने सीधे तौर पर तत्कालीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी पर साजिश रचने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि यह पूरा मामला भाजपा की साजिश था और एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के स्टिंग ऑपरेशन में इसका खुलासा भी हो चुका है।

क्या था ‘टोटी कांड’?

जब साल 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार बनी, तब मुख्यमंत्री आवास की मरम्मत के दौरान कुछ नल (टोटियां) गायब होने की रिपोर्ट सामने आई थी। भाजपा ने उस समय समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर आरोप लगाया था कि पूर्व मुख्यमंत्री आवास से सामान चोरी हुआ है, जिसमें टोटियां भी शामिल हैं।

“हम पर टोटी चोरी का आरोप लगाया गया” — अखिलेश यादव

शुक्रवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा:”हम पर टोटी चोरी का आरोप लगाया गया। हमारे घर को गंगाजल से धुलवाया गया। लेकिन हम यह बात नहीं भूल सकते कि यह साजिश आईएएस अवनीश अवस्थी और एक अन्य ओएसडी आईएएस कौशिक (जो अब भाग गया है) ने रची थी।”

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “यह बात आप भूल सकते हो, हम नहीं भूल सकते। जब सरकार बदलेगी तो इसका जवाब मिलेगा।”

Ketki Singh के बयान पर पलटवार

भाजपा विधायक केतकी सिंह द्वारा एक बार फिर टोटी कांड का जिक्र किए जाने पर समाजवादी छात्र सभा द्वारा उनके आवास पर प्रदर्शन किया गया। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा कि:”आज भी भाजपा की विधायक हमारे बारे में वही बातें कह रही हैं, जो पहले कही गई थीं। सब लोग अब समझ चुके हैं कि असली साजिश क्या थी।”

ABVP पर भी साधा निशाना, बताया ‘अखिल भारतीय वीडियो पिटाई’

बाराबंकी में श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के एक विधि पाठ्यक्रम की संबद्धता को लेकर ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) द्वारा किए गए प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने ABVP का नया नामकरण करते हुए कहा:”अब यह संगठन अखिल भारतीय वीडियो पिटाई बन गया है। छात्र और संगठन के लोग दुखी हैं, क्योंकि जहां भी प्रदर्शन होता है, वहां लाठीचार्ज भी होता है।”

उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन तो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए, क्योंकि भाजपा खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है।

मुख्यमंत्री योगी पर अप्रत्यक्ष निशाना

अखिलेश ने सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा:”जो कुर्सी पर बैठा है, वह भाजपा का सदस्य नहीं है। पता नहीं कितने लोगों का भविष्य उस कुर्सी को पाने के चक्कर में बर्बाद हो गया।”

शिक्षक दिवस पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान: बढ़ेगा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय, कैशलेस इलाज की मिलेगी सुविधा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात दी है। राजधानी में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान सीएम योगी ने घोषणा की कि जल्द ही शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा, साथ ही इन्हें कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी दी जाएगी। सीएम योगी ने ऐलान करते हुए कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें बेसिक माध्यमिक वित्त विभिन्न अशासकीय विद्यालयों के करीब 9 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके अलावा शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है जो शिक्षामित्र और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के बारे में जल्द ही अपनी संस्तुति देगी, उसी आधार पर सरकार मानदेय की घोषणा करेगी।

दिवाली से पहले बड़ी सौगात

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में करीब 9 लाख शिक्षक, जिनमें बेसिक, माध्यमिक और वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं, अब कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इसके अलावा, शिक्षामित्र, अनुदेशक और मध्यान्ह भोजन की रसोइयों को भी इस सुविधा में शामिल किया गया है।

मानदेय बढ़ाने को लेकर गठित हुई उच्च स्तरीय कमेटी

योगी सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो अपनी सिफारिशें जल्द ही देगी। इन्हीं संस्तुतियों के आधार पर सरकार अंतिम घोषणा करेगी।

शिक्षकों को मिला राज्य अध्यापक पुरस्कार

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परिषदीय स्कूलों के 66 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरित किए गए।

स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा पर ज़ोर

सीएम योगी ने 1236 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया और 5 स्कूलों के प्रधानाचार्यों को मंच से प्रमाण पत्र भी दिए। योगी ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और तकनीक-संपन्न शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

 टैबलेट पाने वाले प्रमुख प्रधानाचार्य:

इस अवसर पर प्रदेश के 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरण किया गया। इनमें महोबा से सरगम खरे और ज्ञानवंत सिंह, प्रयागराज के धर्मेन्द्र कुमार, चंदौली के राजेश यादव और गाजियाबाद की डॉ. विभा चौहान को मुख्यमंत्री द्वारा मंच से टैबलेट प्रदान किया गया।

बाल वाटिकाओं की शुरुआत और पोषण योजना से जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग ने बाल वाटिकाओं का नया स्वरूप तैयार किया है। 5000 से अधिक बाल वाटिकाएं इस सत्र में शुरू की जा चुकी हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों को मुख्यमंत्री पोषण योजना से जोड़ा जाएगा।

भारतीय संस्कृति पर आधारित पाठ्यक्रम पर ज़ोर

सीएम योगी ने एससीईआरटी से कहा कि पुस्तकों में भारतीय पात्रों का चयन करें। रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों से प्रेरणा लें। किताबें पतली रखें ताकि बच्चे डरें नहीं, बल्कि खेल-खेल में सीखें।

मंत्री बोले: शिक्षक समाज के लिए आदर्श

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में नकल पर पूरी तरह नकेल लगी है। नकल माफिया अब पराजित हैं और पकड़े जाने पर उन्हें एक करोड़ रुपये का जुर्माना और आजीवन कारावास का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु विद्यार्थी को महान। शिक्षक समाज और बच्चों के लिए आदर्श हैं।