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DRDO में बिना लिखित परीक्षा सीधी भर्ती: जानें पद, योग्यता, सैलरी और इंटरव्यू की तारीख

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- DRDO SSPL भर्ती 2025 युवाओं के लिए शानदार अवसर लेकर आई है। इस भर्ती प्रक्रिया में न कोई लिखित परीक्षा होगी और न ही लंबा चयन प्रोसेस। इच्छुक उम्मीदवार सीधे इंटरव्यू देकर नौकरी पा सकते हैं। यह भर्ती DRDO की Solid State Physics Laboratory (SSPL) के अंतर्गत की जा रही है।

DRDO SSPL में निकली भर्ती

इस भर्ती के अंतर्गत कुल 14 पदों पर नियुक्तियाँ की जाएंगी, जिसमें शामिल हैं:

  • प्रोजेक्ट असिस्टेंट-I: 12 पद
  • प्रोजेक्ट असिस्टेंट-II: 1 पद
  • मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS): 1 पद

सबसे ज्यादा पद प्रोजेक्ट असिस्टेंट-I के लिए हैं, जो इंजीनियरिंग या साइंस बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है।

योग्यता क्या होनी चाहिए?

पद का नाम आवश्यक योग्यता
प्रोजेक्ट असिस्टेंट-I साइंस या इंजीनियरिंग में स्नातक (Graduation)
प्रोजेक्ट असिस्टेंट-II ITI या डिप्लोमा (Electrical/Mechanical/Electronics/CS आदि)
MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ) 12वीं पास + टाइपिंग और बेसिक कंप्यूटर नॉलेज

आयु सीमा: सभी पदों के लिए अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित है।

सैलरी कितनी मिलेगी?

पद सैलरी (प्रति माह)
प्रोजेक्ट असिस्टेंट-I ₹30,000
प्रोजेक्ट असिस्टेंट-II ₹26,000
MTS ₹22,000

यह कॉन्सॉलिडेटेड सैलरी है। इसमें कोई अतिरिक्त भत्ता (Allowances) शामिल नहीं होगा।

आवेदन कैसे करें?

इस भर्ती के लिए कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं है। इच्छुक उम्मीदवारों को सीधे वॉक-इन इंटरव्यू के लिए पहुँचना होगा:

  • इंटरव्यू की तारीख: 26 सितंबर 2025
  • स्थान: DRDO SSPL कार्यालय
  • अधिक जानकारी:  DRDO Official Website

जरूरी दस्तावेज़ लेकर पहुंचे:

  • अपडेटेड रिज्यूमे (Resume)
  • योग्यता संबंधित प्रमाण पत्रों की मूल एवं फोटोकॉपी
  • आधार कार्ड/ID प्रूफ
  • पासपोर्ट साइज फोटो

स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर बनो: अमेरिका से व्यापार तनाव के बीच पीएम मोदी का बड़ा संदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक बार फिर स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर ज़ोर दिया। अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच पीएम मोदी का यह बयान खास महत्व रखता है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे विदेशी चीजों की जगह मेड इन इंडिया उत्पादों को अपनाएं और हर घर व हर दुकान को स्वदेशी का प्रतीक बनाएं।

स्वदेशी से ही सशक्त होगा भारत

पीएम मोदी ने कहा:“हमें वह सामान खरीदना चाहिए, जो हमारे देश में बना हो। जिसमें हमारे युवाओं की मेहनत और पसीना हो। देश की समृद्धि का रास्ता स्वदेशी से होकर ही गुजरता है।”

उन्होंने आगे कहा कि जैसे आजादी की लड़ाई में स्वदेशी आंदोलन से ताकत मिली थी, वैसे ही आर्थिक स्वतंत्रता और विकास की राह भी स्वदेशी से ही मजबूत होगी।

अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव का संदर्भ

पीएम का यह संबोधन ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है।

  • अमेरिका में ट्रंप सरकार के आने के बाद व्यापारिक समझौते अटक गए थे।
  • अमेरिका भारतीय बाजार में डेयरी प्रोडक्ट्स को बेचना चाहता था, लेकिन भारत सरकार ने इससे इनकार कर दिया।
  • नतीजतन अमेरिका ने भारत पर कुल 50% तक टैरिफ लगा दिया — 25% व्यापार डील रुकने पर और 25% रूसी तेल खरीद को लेकर।

इन हालातों में पीएम मोदी का स्वदेशी अपनाने का संदेश केवल एक विचारधारा नहीं, बल्कि रणनीतिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

‘हर घर, हर दुकान बने स्वदेशी का प्रतीक’

पीएम मोदी ने लोगों से कहा: “रोजमर्रा की जिंदगी में विदेशी चीजों से मुक्ति पानी होगी। हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है, हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है। गर्व से कहो – मैं स्वदेशी खरीदता हूं।”

उन्होंने इसे हर भारतीय की आदत और मिजाज बनाने की अपील की।

राज्य सरकारों को भी आत्मनिर्भरता की राह पर चलने का आग्रह

प्रधानमंत्री ने सभी राज्य सरकारों से भी स्वदेशी अभियान से जुड़ने और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग व निवेश को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा: “जब केंद्र और राज्य दोनों मिलकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे, तभी हर राज्य विकसित होगा और भारत विकसित होगा।”

GST सुधार और टैक्स कटौती से छोटे उद्योगों को राहत

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में GST रिफॉर्म्स और इनकम टैक्स स्लैब में की गई कटौती का जिक्र करते हुए कहा कि इससे छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को सीधा फायदा होगा। उन्होंने कहा: “हमारे लघु और कुटीर उद्योग भारत की आत्मनिर्भरता की रीढ़ हैं। एक समय था जब भारत में बने उत्पादों की गुणवत्ता विश्व स्तरीय मानी जाती थी। हमें उस गौरव को फिर से हासिल करना है।”

टी20 में भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बनने के करीब हार्दिक पांड्या, युजवेंद्र चहल को …

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज:- भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या टी20 इंटरनेशनल में एक खास उपलब्धि हासिल करने के बेहद करीब हैं। एशिया कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले सुपर फोर मुकाबले में यदि हार्दिक एक विकेट लेते हैं, तो वह भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन जाएंगे।

अभी तक हार्दिक और चहल बराबरी पर

  • हार्दिक पांड्या: 117 मैच | 96 विकेट
  • युजवेंद्र चहल: 80 मैच | 96 विकेट

अगर हार्दिक एक और विकेट चटका लेते हैं, तो वह चहल को पीछे छोड़ देंगे। चहल पिछले दो महीने से टीम का हिस्सा नहीं हैं, जिससे हार्दिक के आगे निकलने की संभावना मजबूत हो गई है।

टी20 इंटरनेशनल में भारत के टॉप विकेट टेकर

रैंक खिलाड़ी मैच विकेट
1 अर्शदीप सिंह 64 100
2 युजवेंद्र चहल 80 96
3 हार्दिक पांड्या 117 96

हाल ही में अर्शदीप सिंह ने ओमान के खिलाफ खेलते हुए 100 विकेट का आंकड़ा छूकर भारत के लिए टी20 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने यह उपलब्धि 64 मैचों में पूरी की।

दुनिया में नंबर-1: राशिद खान

टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अफगानिस्तान के राशिद खान के नाम है। उन्होंने 103 मैचों में 173 विकेट झटके हैं और वह इस फॉर्मेट में सर्वाधिक सफल गेंदबाज हैं।

भारत का एशिया कप 2025 में प्रदर्शन

  • यूएई को 9 विकेट से हराया
  • पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया
  • ओमान के खिलाफ चुनौतीपूर्ण मैच:
    भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 189 रन बनाए, जिसके जवाब में ओमान की टीम 167 रन ही बना सकी। हालांकि जीत भारत की हुई, लेकिन ओमान ने कड़ी टक्कर दी।

अब भारत रविवार को सुपर फोर मुकाबले में फिर से पाकिस्तान का सामना करेगा, जहां हार्दिक पांड्या के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है।

बरेली में बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक: राहुल को नहीं पता क्या करना है, अखिलेश पर भी किया तीखा हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रविवार को बरेली दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पाठक ने कहा कि “राहुल गांधी को खुद ही नहीं पता कि वे क्या करना चाहते हैं और कहां खड़े हैं।” उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी जब भी सत्ता में आई, राज्य में जंगलराज कायम हुआ।

पाठक ने कहा, “सपा की सरकारों में गुंडे-माफिया फलते-फूलते रहे, लेकिन हमारी सरकार में वे प्रदेश छोड़कर भागने को मजबूर हो गए।” उन्होंने अखिलेश यादव के उस बयान को भी खारिज किया जिसमें सपा प्रमुख ने यूपी में पुलिस मुठभेड़ों पर सवाल खड़े किए थे।

सेवा पखवाड़ा के तहत ‘नमो मैराथन’ का आयोजन

डिप्टी सीएम पाठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से महात्मा गांधी जयंती तक मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित ‘नमो युवा रन’ मैराथन के शुभारंभ के लिए बरेली पहुंचे। स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित इस दौड़ को पाठक ने सुबह 6:30 बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह पांच किलोमीटर लंबी मैराथन स्टेडियम से शुरू होकर आईवीआरआई गेट तक गई और वहीं से लौटकर समाप्त हुई। आयोजन में हजारों बच्चों और युवाओं ने जोश और उत्साह के साथ भाग लिया।

पुरस्कार और सुविधाएं

प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए:

  • प्रथम पुरस्कार – ₹5100
  • द्वितीय पुरस्कार – ₹3100
  • तृतीय पुरस्कार – ₹2100
  • प्रोत्साहन पुरस्कार – ₹1000 (तीन प्रतिभागियों को)

सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट और प्रमाण पत्र भी दिए गए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए चाय-नाश्ता, पीने का पानी और मेडिकल सुविधा की समुचित व्यवस्था की गई थी।

इस आयोजन का नेतृत्व भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष अमन सक्सेना और क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी चंचल मिश्रा ने किया।

शारदीय नवरात्रि 2025: पहले दिन घटस्थापना का 1 घंटे 56 मिनट का शुभ मुहूर्त, जानिए पूजा विधि, मंत्र और खास उपाय

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न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शारदीय नवरात्रि 2025 का आरंभ इस वर्ष सोमवार, 22 सितंबर से हो रहा है। देवी उपासना के इन नौ दिनों का विशेष महत्व है, और इस बार नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल और ब्रह्म योग जैसे शुभ संयोग में हो रही है, जो इसे और भी फलदायी बना रहा है। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को रात 01:23 बजे शुरू होकर 23 सितंबर को रात 02:55 बजे तक रहेगी। इसी दिन विधिपूर्वक घटस्थापना कर नवरात्रि पूजन की शुरुआत की जाएगी।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

22 सितंबर को सुबह 06:09 बजे से 08:06 बजे तक का समय घटस्थापना के लिए सबसे उत्तम माना गया है। यह कुल 1 घंटा 56 मिनट का विशेष मुहूर्त है, जिसमें देवी दुर्गा का आवाहन कर नवरात्रि पूजन आरंभ किया जाता है।

नवरात्रि की पूजा विधि

  • प्रातःकाल स्नान करके घर के मंदिर की सफाई करें।
  • शुभ मुहूर्त में मिट्टी के बर्तन में जौ बोकर उस पर कलश स्थापित करें।
  • कलश पर नारियल रखें और कलावा बांधें।
  • मां दुर्गा का गंगाजल से अभिषेक करें।
  • मां को अक्षत, लाल चंदन, चुनरी, लाल पुष्प अर्पित करें।
  • मिठाई और फल का भोग लगाएं।
  • धूपबत्ती और घी का दीपक जलाएं।
  • दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
  • पान के पत्ते पर कपूर रखकर आरती करें।
  • अंत में क्षमायाचना करें।

नवरात्रि में उच्चारित किए जाने वाले मंत्र

  1. बीज मंत्र:
    “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।”
  2. सर्वमंगल मंत्र:
    “सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
    शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते॥”

नवरात्रि के विशेष उपाय

  • नौ दिनों तक नौ देवियों की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  • नवरात्रि साधना से नवग्रहों का दोष शांत होता है।
  • मां दुर्गा की कृपा से काल सर्प दोष, मंगल दोष, कुमारी दोष जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

महत्वपूर्ण नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग विवरणों पर आधारित है। किसी भी धार्मिक विधि को अपनाने से पहले क्षेत्रीय विशेषज्ञ या आचार्य की सलाह अवश्य लें।

सपा में कसाइयों को संरक्षण, भाजपा ने गायों को दिया सम्मान: ब्रजेश पाठक का अखिलेश पर हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की सियासत में सपा और भाजपा के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज़ हो गई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि,“सपा सरकार में कसाइयों को संरक्षण मिलता था, जबकि भाजपा सरकार ने गायों को सम्मान और सुरक्षा दी है।”

गोरखपुर घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी रहीम को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन अखिलेश यादव केवल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं और अपराधियों का बचाव कर रहे हैं।

“अब अपराधी फूल नहीं, गोलियां खाएंगे”

ब्रजेश पाठक ने कहा:“योगी सरकार में अपराधियों को अब गोली से जवाब मिलेगा। जो पुलिस पर गोली चलाएगा, वह बख्शा नहीं जाएगा। आज अपराधी या तो प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं या फिर जेलों में सड़ रहे हैं।”

“सपा राज में डर, भाजपा राज में सुरक्षा”

डिप्टी सीएम ने सपा कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि सपा सरकार में बेटियां शाम 5 बजे के बाद घर से बाहर निकलने से डरती थीं। व्यापारियों से जबरन वसूली होती थी। गुंडे-माफिया खुलेआम सड़कों पर बंदूकें लहराते थे। अब हमारी बेटियां सुरक्षित हैं। रात 12 बजे भी वे अपने गंतव्य तक बिना डर के जा सकती हैं। व्यापारी शांति से कारोबार कर रहे हैं। ऐसा सुरक्षित माहौल पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है।

पर्यावरण पर भी सरकार गंभीर

सरकार पर्यावरण को लेकर भी फिक्रमंद है। वर्ष 2017 से अब तक 240 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। 550 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा वन क्षेत्र बढ़ा है। भाजपा सरकार जातिवाद या तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र पर काम कर रही है।

“भाजपा राज में जंगली जानवरों का आतंक”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि: “भाजपा सरकार में जंगली जानवरों और सांड़ों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। गरीब और पीडीए समाज के लोग मारे जा रहे हैं। सरकार मौन है।” उन्होंने कहा कि सपा की सरकार आने पर पीड़ित परिवारों को मुआवजा और घायलों को सरकारी मदद दी जाएगी।

बहराइच में भेड़िए की दहशत: मां के सामने तीन साल के मासूम को उठा ले गया आदमखोर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गंधु झाला गांव (मंझारा तौकली क्षेत्र) में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक आदमखोर भेड़िया दिनदहाड़े घर के आंगन में बैठे तीन वर्षीय मासूम को उसकी मां के सामने जबड़े में दबाकर ले गया। इस घटना से गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है।

मां की आंखों के सामने उठा ले गया मासूम

घटना दोपहर की बताई जा रही है। रक्षा राम का बेटा अंकेश, जो अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था, घर के बरामदे में बैठा दूध पी रहा था। उसकी मां भी आंगन में ही मौजूद थी। तभी अचानक एक भेड़िया घर में घुस आया और अंकेश को पकड़कर गन्ने के खेतों की ओर भाग गया। मां के चीखने-चिल्लाने पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े, लेकिन भेड़िया बच्चे को लेकर गायब हो गया।

गन्ने के खेत बन रहे जानवरों की छिपने की जगह

वन विभाग के डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि इलाके में फैले घने गन्ने के खेतों के कारण जानवरों को छिपने में आसानी हो रही है। विभाग की टीमें ग्रामीणों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हालांकि अब तक भेड़िया और बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

लगातार हो रहे हैं हमले, ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 11 दिनों में कई बार हिंसक जानवरों द्वारा हमले हुए हैं। वन विभाग पर लापरवाही और जानबूझकर गुमराह करने का आरोप लगाया गया है।लोगों ने कहा कि अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि असली खतरा बढ़ता जा रहा है।

विधायक आनंद यादव पहुंचे पीड़ित परिवार के पास

समाजवादी पार्टी के विधायक आनंद यादव (कैसरगंज) ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रशासन को भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही और कहा कि “ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। वन विभाग को जिम्मेदारी से काम करना होगा।”

गांव में शोक और चिंता का माहौल

गांव में लोग सदमे में हैं। बच्चे की सुरक्षित वापसी के लिए दुआएं की जा रही हैं। गांव में मातम पसरा है और रक्षा राम के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

प्रशासन से क्या मांग है ग्रामीणों की?

गांव में लोगों का कहना है कि आसपास पिंजरे लगाकर भेड़ियों को पकड़ने के साथ ही गन्ने के खेतों की गश्त बढ़ाने की अपील करने के साथ-साथ बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना बनाई जाए एवं क्षेत्र में स्थायी वन चौकी स्थापित करने की मांग की है |

Indian Railways News: ट्रेन यात्रियों के लिए खुशखबरी, सस्ता हुआ रेल नीर…

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ट्रेन से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब रेलवे में मिलने वाला रेल नीर पानी और भी सस्ता हो गया है। GST स्लैब में बदलाव के चलते भारतीय रेलवे ने रेल नीर की बोतलों की कीमतों में कटौती कर दी है।

अब एक लीटर रेल नीर पानी की बोतल जहां पहले ₹15 में मिलती थी, वहीं अब यह ₹14 में मिलेगी। साथ ही, आधे लीटर की बोतल ₹9 में उपलब्ध होगी, जो पहले ₹10 की थी। यह नई कीमतें 22 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी।

नया क्या है रेल नीर की कीमत में?

बोतल का आकार पहले की कीमत अब की कीमत
1 लीटर ₹15 ₹14
500 ml ₹10 ₹9

रेल मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:”सफर में सेहत और बचत, दोनों साथ। मिनरल्स से भरपूर पानी – रेल नीर अब और भी किफायती।”

GST दर में बदलाव बना कारण

सरकार ने सितंबर की शुरुआत में GST टैक्स स्लैब में बदलाव किया था। अब सिर्फ 5% और 18% की दो दरें ही प्रमुख रूप से लागू होंगी। इससे रोजमर्रा की जरूरी चीजों पर लगने वाला टैक्स कम हो गया है।

रेल नीर की कीमत में कमी इसी बदलाव का सीधा फायदा यात्रियों को मिल रहा है। साथ ही, बाकी जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी कटौती की जा रही है।

कब से लागू होंगी नई दरें?

नई कीमतें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी।यह तारीख शारदीय नवरात्रि की शुरुआत भी मानी जा रही है, जिससे यह एक शुभ अवसर भी बन गया है।

कल 21 सितंबर को लगेगा सूर्यग्रहण, 4 घंटे 24 मिनट तक रहेगा प्रभाव; भारत में दिखेगा या नहीं?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  पितृपक्ष की सर्व पितृ अमावस्या के दिन यानी 21 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और आखिरी सूर्यग्रहण लगेगा। यह आंशिक सूर्यग्रहण होगा और रात 11:00 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर को सुबह 3:24 बजे तक चलेगा। ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 24 मिनट होगी। यह ग्रहण कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।

क्या भारत में दिखेगा यह सूर्यग्रहण?

नहीं, यह ग्रहण रात्रिकालीन होने के कारण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और किसी धार्मिक कार्य या पूजा-पाठ पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

किन देशों में दिखाई देगा सूर्यग्रहण?

यह आंशिक सूर्यग्रहण निम्नलिखित देशों और क्षेत्रों से देखा जा सकेगा: न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर |

आंशिक सूर्यग्रहण जिन शहरों में दिखाई देगा:

ऑकलैंड, वेलिंग्टन, क्राइस्टचर्च (न्यूजीलैंड), किंग्स्टन (नॉरफ़ॉक द्वीप), सिडनी, होबार्ट (ऑस्ट्रेलिया) सहित इन क्षेत्रों में सूर्य का लगभग 85% भाग चंद्रमा द्वारा ढक जाएगा।

किन देशों में नहीं दिखेगा ग्रहण?

यह सूर्यग्रहण निम्नलिखित देशों में दिखाई नहीं देगा: भारत, नेपाल, यूएई, श्रीलंका, अफगानिस्तान, यूरोप, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका के अधिकांश क्षेत्र

सूतक काल मान्य होगा या नहीं?

चूंकि यह सूर्यग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए यहां सूतक काल प्रभावी नहीं होगा। जिन देशों में ग्रहण दिखाई देगा, वहां सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले से मान्य होगा और ग्रहण के समाप्त होने तक लागू रहेगा।

ग्रहण के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?

ध्यान दें: ये नियम केवल उन्हीं स्थानों पर लागू होते हैं जहां सूर्यग्रहण दिखेगा। ग्रहण काल के दौरान भोजन, पानी, फल आदि का सेवन वर्जित माना गया है (बीमार व वृद्ध को छोड़कर)। गर्भवती महिलाएं नुकीली वस्तुएं, सब्जी या फल काटने से बचें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान व घर की शुद्धि करना शुभ माना जाता है।

अखिलेश को राहत या मुश्किल? 23 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे सपा नेता आजम खां

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और महासचिव आजम खां 23 महीने बाद जेल से रिहा होने जा रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को क्वालिटी बार जमीन कब्जा मामले में भी उन्हें जमानत दे दी, जिससे अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। आजम के वकील मोहम्मद खालिद के अनुसार, सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही वे कुछ ही दिनों में सीतापुर जेल से बाहर आ जाएंगे।

राजनीतिक हलकों में आजम खां की वापसी को लेकर चर्चा तेज है। कुछ इसे सपा के लिए ताकत बढ़ाने वाला मान रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि इससे अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

आपको बतादें कि आजम खां यूपी के मुस्लिम समुदाय में प्रभावशाली नेता माने जाते हैं, खासकर रामपुर और आसपास के जिलों में। 2022 में जब वे पहली बार जेल से बाहर आए थे, तब अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से उनका स्वागत किया था। उस समय सपा को इसका राजनीतिक लाभ भी मिला था।

हालांकि, इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। रामपुर लोकसभा सीट से सपा ने मोहिबुल्लाह नकवी को उम्मीदवार बनाया, जो आजम के आलोचक माने जाते हैं। इस फैसले को आजम के खिलाफ सपा के रुख के तौर पर देखा गया था। आजम ने जेल से ही एक पत्र लिखकर INDIA गठबंधन पर मुस्लिम नेतृत्व खत्म करने का आरोप भी लगाया था।

आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को अक्टूबर 2023 में सात साल की सजा सुनाई गई थी। पत्नी और बेटे को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन आजम अन्य मामलों के चलते अब तक जेल में थे। अब हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी रिहाई करीब है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आजम की वापसी से सपा को मुस्लिम-यादव समीकरण फिर से मजबूत करने का मौका मिल सकता है। लेकिन अगर आजम खां ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कोई बयानबाज़ी की, तो सपा का वोटबैंक विभाजित हो सकता है।

फिलहाल अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से आजम खां की रिहाई को लेकर कोई बयान नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर समर्थकों ने उनके स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं।