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रोज 6 घंटे से ज्यादा बैठकर काम करना बेहद खतरनाक! बढ़ जाता है हार्ट अटैक सहित इन बिमारियों का खतरा

लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- आज की कॉरपोरेट लाइफस्टाइल में रोज़ाना 8 से 12 घंटे तक लगातार बैठकर काम करना आम बात हो गई है। लेकिन हालिया रिसर्च बताती हैं कि रोज़ाना 6 घंटे से ज्यादा बैठना शरीर को चुपचाप बीमारियों का घर बना सकता है। ऑफिस में बैठकर काम करना, ट्रैफिक में बैठना, फिर घर आकर टीवी देखना. ये सब मिलाकर हम दिन में 10 से 12 घंटे तक बैठे ही रहते हैं. बतादें कि बैठना भले ही आरामदायक लगता हो, लेकिन रिसर्च बताती हैं कि यह आदत हमारे शरीर को धीरे-धीरे बीमारियों की ओर धकेल रही होती है . ज्यादा देर तक बैठना न केवल वजन बढ़ाता है, साथ ही  दिल की बीमारियों, डायबिटीज, कैंसर और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है. अगर आप भी दिनभर बैठकर काम करते हैं, तो आपको इस बात का ध्यान जरुर देना बीच -बीच में ब्रेक जरूर लेने चाहिए, ताकि सेहत में कोई समस्या ना हो |

रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा देर तक बैठने से शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता कम हो जाती है। इससे वज़न बढ़ना, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल असामान्य हो सकते हैं। बतादें कि लंबे समय तक बैठने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे ब्लड क्लॉट, हार्ट अटैक और हाई बीपी का खतरा बढ़ता है।इतना ही नहीं लगातार बैठे रहने से स्पाइन और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे पीठ दर्द, गर्दन की अकड़न और जोड़ों की जकड़न जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। यही नहीं ज्यादा देर तक बैठने से एंडोर्फिन और डोपामिन जैसे हैप्पी हार्मोन कम बनने लगते हैं, जिससे मूड स्विंग, तनाव, थकान और यहां तक कि डिप्रेशन तक हो सकता है।

यह मान लेना गलत है कि सुबह या शाम की थोड़ी बहुत एक्सरसाइज से बैठने का नुकसान खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि दिनभर की लो-इंटेंसिटी मूवमेंट भी जरूरी है।

बतादें कि इससे बचने ले लिए बचाव के लिए हर 30-60 मिनट में उठकर थोड़ा चलें या स्ट्रेचिंग करें|सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, कॉल करते वक्त चलते हुए बात करें, स्टैंडिंग डेस्क का इस्तेमाल करें, लंच और डिनर के बाद 10 मिनट की वॉक जरूर करें , गाड़ी दूर पार्क करें, लिफ्ट की बजाय सीढ़ियां चुनें , रोजाना कम से कम 60-75 मिनट की शारीरिक गतिविधि करें |

बादशाह की आंख में लगी चोट,’बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ से कनेक्शन? जानिए पूरा मामला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह इन दिनों अपनी आंख की सर्जरी को लेकर चर्चा में हैं। उनका “The Unfinished Tour” जहां इंटरनेशनल लेवल पर धमाल मचा चुका है, वहीं टूर के आखिर में उन्हें एक मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने बाद में बताया कि यह कॉर्नियल अब्रेशन (Corneal Abrasion) था, जिसकी वजह से उन्हें आंख की सर्जरी करानी पड़ी।

आर्यन खान की वेब सीरीज का नाम लेकर किया मजाक

बादशाह ने सोशल मीडिया पर अपनी आंख पर आई-पैच लगी एक तस्वीर शेयर करते हुए आर्यन खान की वेब सीरीज “बैड्स ऑफ बॉलीवुड” का ज़िक्र किया और लिखा कि यह सब मनोज पाहवा के किरदार अवतार के मुक्के की वजह से हुआ — हालांकि यह एक मजाक था।

उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, और फैंस उनके यूनीक सेंस ऑफ ह्यूमर की तारीफ कर रहे हैं।

टूर के आखिरी शो के दौरान आई थी दिक्कत

मिडिया से बातचीत में सूत्रों ने बताया कि यह परेशानी टूर के आखिरी शहर में शुरू हुई थी, लेकिन बादशाह ने शो रद्द नहीं किया और तकलीफ के बावजूद स्टेज पर परफॉर्म करते रहे। बाद में डॉक्टर ने जांच के बाद सर्जरी की सलाह दी।

अब रिकवरी और फिटनेस पर फोकस

फिलहाल बादशाह रिकवरी मोड में हैं। उनके ट्रेनर युवराज आनंद के मुताबिक, स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान बादशाह लगभग 1200 से 1500 कैलोरी बर्न करते हैं, जिसके लिए वे सख्त न्यूट्रिशन और फिटनेस रूटीन फॉलो करते हैं। डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें पूरे आराम और स्क्रीन से दूरी की सलाह दी है।

RRB NTPC Vacancy 2025: रेलवे में 8875 पदों पर बंपर भर्ती, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- रेलवे भर्ती बोर्ड बहुत जल्द आरआरबी एनटीपीसी (RRB NTPC Vacancy 2025) की एक और नई बंपर भर्ती निकालने कि तैयारी में है। आपको बतादें कि इस बार एनटीपीसी अंडर ग्रेजुएट और ग्रेजुएट लेवल के कुल 8875 पदों पर भर्ती निकाल रहा है। रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से जारी इंडेंट लेटर के मुताबिक एनटीपीसी अंडर ग्रेजुएट  के लिए 3058 और ग्रेजुएट लेवल के 5817 पदों पर भर्तियां निकलेंगी। इस भर्ती में स्टेशन मास्टर, गुड्स गार्ड, कमर्शियल क्लर्क, अकाउंट्स क्लर्क, जूनियर टाइपिस्ट, ट्रेन्स क्लर्क, सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, ट्रैफिक असिस्टेंट समेत कई पद शामिल हैं।

बतादें कि नई रेलवे भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवार ध्यान रखें कि यह नई एनटीपीसी भर्ती का मूल नोटिफिकेशन नहीं है। यह केवल ड्राफ्ट वैकेंसी हैं। आरआरबी जल्द ही एनटीपीसी यूजी व ग्रेजुएट लेवल भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करेगा और आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा। इ्च्छुक व योग्य उम्मीदवार www.rrbapply.gov.in पर जाकर एप्लाई कर सकेंगे।

RRB NTPC New Vacancy 2025 –

  • कुल पद: 8,875
  • ग्रेजुएट लेवल पद: 5,817
  • अंडर ग्रेजुएट (12वीं पास) पद: 3,058
  • आवेदन वेबसाइट: www.rrbapply.gov.in
  • चयन प्रक्रिया: CBT-1, CBT-2, स्किल टेस्ट / एप्टीट्यूड टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकल
  • आधिकारिक नोटिफिकेशन: जल्द जारी होगा (यह ड्राफ्ट वैकेंसी है)
  • रिक्तियों का विवरण

NTPC Graduate Level (5817 पद)

पद का नाम वेतन स्तर पद
स्टेशन मास्टर लेवल-6 615
गुड्स ट्रेन मैनेजर लेवल-5 3423
ट्रैफिक असिस्टेंट (मेट्रो रेलवे) लेवल-4 59
मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट सुपरवाइजर लेवल-6 161
कनिष्ठ लेखा सहायक सह टाइपिस्ट लेवल-5 921
वरिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट लेवल-5 638

कुल पद: 5,817
योग्यता: ग्रेजुएशन
आयु सीमा: 18 से 33 वर्ष (आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट)

NTPC Under Graduate (12वीं पास) – 3058 पद

पद का नाम वेतन स्तर पद
ट्रेन्स क्लर्क लेवल-2 77
वाणिज्यिक सह टिकट क्लर्क लेवल-3 2424
लेखा क्लर्क सह टाइपिस्ट लेवल-2 394
कनिष्ठ क्लर्क सह टाइपिस्ट लेवल-2 163

कुल पद: 3,058
योग्यता: 12वीं पास
आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष (आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट)

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

 सभी पदों के लिए:

  1. CBT-1 (कंप्यूटर आधारित परीक्षा – चरण 1)

  • समय: 90 मिनट
  • प्रश्न: 100
  • सामान्य ज्ञान: 40
  • गणित: 30
  • रीजनिंग: 30
  • नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटेंगे
  1. CBT-2 (कंप्यूटर आधारित परीक्षा – चरण 2)

  • समय: 90 मिनट
  • प्रश्न: 120
  • सामान्य ज्ञान: 50
  • गणित: 35
  • रीजनिंग: 35
  1. पद के अनुसार स्किल टेस्ट/एप्टीट्यूड टेस्ट

  • स्टेशन मास्टर के लिए: CBAT (Computer Based Aptitude Test)
  • टाइपिस्ट व लेखा सहायक के लिए: टाइपिंग टेस्ट
  1. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट

महत्वपूर्ण निर्देश

  • यह भर्ती अभी ड्राफ्ट चरण में है।
  • अधिकारिक नोटिफिकेशन और आवेदन तिथि जल्द ही जारी होगी।
  • उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे www.rrbapply.gov.in पर नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें।

“मुसलमानों को अयोध्या छोड़ना होगा, मस्जिद नहीं बनने देंगे”-बीजेपी नेता विनय कटियार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे विनय कटियार ने एक प्रेस वार्ता के दौरान धन्नीपुर मस्जिद पर पूछे गए सवाल के जवाब में विवादास्पद बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अयोध्या छोड़ देना चाहिए और यहां किसी भी मस्जिद निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी

कटियार ने कहा, “अयोध्या एक पवित्र मंदिर नगरी है। यहां बाबरी मस्जिद के स्थान पर या किसी अन्य जगह पर मस्जिद का निर्माण स्वीकार नहीं होगा। मुसलमानों को अयोध्या में रहने का कोई अधिकार नहीं है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि, “हम उन्हें किसी भी कीमत पर अयोध्या से बाहर निकालेंगे और उसके बाद पूरे उत्साह से दिवाली मनाएंगे।”

धन्नीपुर मस्जिद और एनओसी विवाद

कटियार की यह टिप्पणी उस समय आई जब उनसे धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद परियोजना को लेकर पूछताछ की गई। इस मस्जिद का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बाबरी मस्जिद के विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने हाल ही में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की कमी के कारण परियोजना को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: सपा सांसद ने किया विरोध

विनय कटियार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा,
“कटियार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। भारत किसी एक धर्म का देश नहीं है। यह सभी धर्मों के अनुयायियों का है। उन्हें अपने शब्दों पर संयम रखना चाहिए।”

कटियार की टिप्पणी ने अयोध्या जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, वहीं इस तरह की टिप्पणियों से सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ सकता है।

अलविदा,आज ही जहर खाऊंगी; चंद्रशेखर पर शोषण का आरोप लगाते हुए दी आत्महत्या की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्यप्रदेश के इंदौर की रहने वाली और स्विट्ज़रलैंड में पीएचडी कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रोहिणी घावरी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या की धमकी दी है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कई भावुक पोस्ट लिखते हुए चंद्रशेखर पर मानसिक और भावनात्मक शोषण का आरोप लगाया।

रोहिणी ने लिखा, “आप सभी को मेरा अंतिम अलविदा। आज ही तेरे नाम का ज़हर खाऊंगी।” उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया कि तीन साल तक चले निजी रिश्ते में उन्हें धोखा दिया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।

डॉ. रोहिणी ने प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली पुलिस को भी टैग करते हुए लिखा कि उनकी बात किसी ने नहीं सुनी और अब वह मानसिक रूप से टूट चुकी हैं।

क्या हैं आरोप?

डॉ. रोहिणी का कहना है कि 2020 में उनकी चंद्रशेखर से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद उनका रिश्ता शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • चंद्रशेखर ने शादी का वादा कर उनके साथ संबंध बनाए।
  • जब उन्होंने विरोध किया, तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
  • निजी तस्वीरों और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी दी गई।
  • चंद्रशेखर ने अपनी शादीशुदा स्थिति छिपाई और उन्हें राजनीतिक अभियानों में इस्तेमाल किया।

उन्होंने दावा किया कि चंद्रशेखर रिश्ते के दौरान उन्हें आत्महत्या की धमकियाँ देकर मानसिक रूप से बांधे रखते थे।

राजनीतिक साजिश या गंभीर आरोप?

भीम आर्मी ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है और चंद्रशेखर ने अब तक इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने कहा है कि वह केवल कोर्ट में ही अपना पक्ष रखेंगे।

महिला आयोग और पीएमओ से लगाई न्याय की गुहार

डॉ. रोहिणी ने राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली पुलिस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि “लाखों महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई” है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण वे गहरे अवसाद में चली गई थीं और दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुकी हैं।

कौन हैं डॉ. रोहिणी घावरी?

डॉ. रोहिणी घावरी वाल्मीकि समाज से आती हैं और स्विट्ज़रलैंड में पीएचडी कर रही हैं। 2019 में मध्य प्रदेश सरकार से उन्हें एक करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप प्राप्त हुई थी। संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने ‘जय श्री राम’ का उद्घोष कर चर्चा बटोरी थी। वे ‘जनपावर फाउंडेशन’ के माध्यम से दलित समाज के अधिकारों के लिए कार्यरत हैं।

लद्दाख में प्रदर्शन तेज, भाजपा कार्यालय को बनाया गया निशाना, कई वाहनों और दस्तावेज़ों में लगाई गई आग

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लद्दाख में चल रहे प्रदर्शन ने मंगलवार को उग्र रूप ले लिया जब प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय को निशाना बनाया। आक्रोशित युवाओं ने एक सुरक्षा वाहन और कई दस्तावेजों व फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया। घटनास्थल पर कई घंटों तक भारी झड़पों और तोड़फोड़ के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किया गया है।

आपको बतादें कि हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी 15 दिन की भूख हड़ताल भी वापस ले ली है। सोनम लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने और छठी अनुसूची के विस्तार समेत तमाम अन्य मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। इसी समर्थन में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और कई गाड़ियों में भी आग लगा दी।

लद्दाख की राजधानी में बंद के बीच दूर से ही आग की लपटें और काले धुएं के बादल देखे गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है ताकि पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जा सके।

वांगचुक ने धरना स्थल पर बड़ी संख्या में एकत्रित अपने समर्थकों से कहा, “मैं लद्दाख के युवाओं से हिंसा तुरंत रोकने का अनुरोध करता हूं क्योंकि इससे हमारे उद्देश्य को ही नुकसान पहुंचता है और स्थिति और बिगड़ती है। लद्दाख और देश में अस्थिरता नहीं चाहते।” हिंसा को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। जैसे-जैसे झड़पें तेज होती गईं, वांगचुक ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो संदेश भी जारी किया जिसमें युवाओं से शांति बनाए रखने और हिंसा रोकने की अपील की गई।

वर्ष 2019 में अनुच्छेद-370 को खत्म करके जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दोनों को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था, जिसके बाद अब पूर्ण राज्य की मांग हो रही है। लद्दाख में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत प्रदर्शनकारियों की प्रमुख रूप से कुछ मांगे हैं। इसमें लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग है। साथ ही छठवीं अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा दिए जाने की मांग की गई है | इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों की मांग है कि लद्दाख में दो लोकसभा सीटें हों। एक लेह और दूसरी कारगिल। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों की भर्ती को ज्यादा महत्व दिया जाए।

लद्दाख एपेक्स बॉडी की युवा शाखा 10 सितंबर से 35 दिनों की भूख हड़ताल पर बैठे 15 लोगों में से दो की मंगलवार शाम हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।  चार पूर्वोत्तर राज्यों त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और असम की जनजातीय आबादी के लिए संविधान की छठी अनुसूची शासन, राष्ट्रपति और राज्यपाल की शक्तियों, स्थानीय निकायों के प्रकार, वैकल्पिक न्यायिक तंत्र और स्वायत्त परिषदों के माध्यम से प्रयोग की जाने वाली वित्तीय शक्तियों के संबंध में विशेष प्रावधान करती है। लद्दाख में छठी अनुसूची का विस्तार करने का आंदोलन गति पकड़ रहा है। गृह मंत्रालय और लद्दाख के प्रतिनिधियों, जिनमें एलएबी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के सदस्य शामिल हैं|

दोनों संगठन पिछले चार वर्षों से अपनी मांगों के समर्थन में संयुक्त रूप से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और अतीत में सरकार के साथ कई दौर की वार्ता कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर लेह शहर बंद हो गया और एनडीएस स्मारक मैदान में बड़ी भीड़ जमा हो गई और बाद में छठी अनुसूची और पूर्ण राज्य के समर्थन में नारे लगाते हुए शहर की सड़कों पर मार्च निकाला। स्थिति तब बिगड़ गई जब कुछ युवाओं ने भाजपा और हिल काउंसिल के मुख्यालय पर पथराव किया। अधिकारियों ने कहा कि शहर भर में बड़ी संख्या में तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए ।

युवाओं के समूहों ने एक सुरक्षा वाहन और कुछ और को आग लगा दी गई इतना ही नहीं भाजपा कार्यालय को भी निशाना बनाया। उन्होंने परिसर और एक इमारत के अंदर फर्नीचर और कागजों में आग लगा दी। स्थिति पर नजर रख रहे अधिकारियों ने बताया कि कई घंटों की भीषण झड़प के बाद घटनास्थल पर अतिरिक्त बल भेजा गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

आपको बतादें कि लगभग चार महीने तक रुकी रही वार्ता के बाद, 20 सितंबर को केंद्र ने एलएबी और केडीए को वार्ता के लिए आमंत्रित किया मंगलवार को त्सेरिंग अंगचुक (72) और ताशी डोल्मा (60) की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद तनाव बढ़ गया। इससे एलएबी के घटकों में चिंता फैल गई और उन्होंने केंद्र से बातचीत को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। पूर्व सांसद और एलएबी अध्यक्ष थुपस्तान छेवांग, जिन्होंने 27 मई को अंतिम दौर की वार्ता के बाद निकाय से इस्तीफा दे दिया था, वापस अध्यक्ष पद पर आसीन हो गए हैं और वार्ता के दौरान संयुक्त प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की संभावना है।

आजम खां ने अखिलेश यादव को बताया ‘अजीज’, बसपा में जाने की अटकलों पर लगाया विराम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां ने अपनी जेल से रिहाई के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति वफादारी और भरोसे का इज़हार करते हुए उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें उनके बसपा में शामिल होने की बातें की जा रही थीं।

“अखिलेश मेरे अजीज हैं, मैं उनकी सरकार चाहता हूं” — आजम खां

सीतापुर जेल से रिहाई के बाद मीडिया से बात करते हुए आजम खां ने कहा:”अखिलेश मेरे अजीज हैं। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की औलाद हैं। मैं उनका भला और उनकी सरकार चाहता हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि “मैं बिकाऊ माल नहीं हूं”, और बसपा ज्वॉइन करने की चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया।

बसपा में शामिल होने की अफवाहें क्यों फैलीं?

आजम खां की जेल से रिहाई के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि वे समाजवादी पार्टी से नाराज हैं और अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) का रुख कर सकते हैं। चर्चा थी कि वे 9 अक्टूबर को बसपा की रैली में शामिल हो सकते हैं। कुछ इशारों से बातें और बयान भी इन अटकलों को हवा दे रहे थे, लेकिन अब उन्होंने खुद सामने आकर स्पष्ट कर दिया कि ऐसी बातों में कोई सच्चाई नहीं है।

“अब मोबाइल भी चलाना भूल गया हूं”

जब आजम खां से पूछा गया कि क्या अखिलेश यादव का फोन आया था, तो उन्होंने इशारों में बात करते हुए कहा:”मुझे पूरी दुनिया में सिर्फ एक नंबर याद था — मेरी बीवी का। अब वो भी भूल गया हूं। अब तो मोबाइल चलाना भी भूल गया हूं।”

“मैं कोई बड़ा नेता नहीं, बड़ा …”

सपा के किसी बड़े नेता के मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा:”मैं बड़ा नेता नहीं हूं, मैं बड़ा खादिम हूं।” जब उनसे सरकार बनने के बाद मुकदमे वापसी के अखिलेश यादव के ऐलान पर सवाल किया गया, तो उन्होंने जवाब दिया: “शायद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर मुकदमों में दम होता तो मैं यहां नहीं होता।”

“मैं टिकट कटवाने की हैसियत में नहीं हूं”

एसटी हसन का टिकट कटवाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया:”मेरी इतनी हैसियत नहीं कि मैं किसी का टिकट कटवाऊं। मैं अपने यहां टिकट नहीं दिलवा सका, उनका कैसे कटवा सकता हूं।”

दिल्ली में छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोपी चैतन्यनंद फरार, फर्जी UN नंबर प्लेट लगाकर ऐश की कोशिश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली के एक प्रतिष्ठित प्राइवेट मैनेजमेंट संस्थान से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है| दिल्ली के एक प्राइवेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में 17 लड़कियों के साथ गंदी हरकतें करने का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती फरार हो गया है । अभी तक पुलिस जांच में सामने आया है कि चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी यूपी में कहीं छिपा हो सकता है।वह भी इसलिए कि उसका आखिरी लोकेशन आगरा में पाया गया है। पुलिस सर्विलांस और इंटेलिजेंस के सहारे गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है। आरोपी पर ना सिर्फ लड़कियों से छेड़छाड़ का केस दर्ज किया गया है, बल्कि वह ‘यूनाडेट नेशंस वाली ऐश’ का इच्छुक भी पाया गया और इसके लिए उसने फर्जी नंबर का जुगाड़ किया था।

चैतन्यानंद सरस्वती की कुंडली विवादों और गंभीर आरोपों से भरी हुई है। बतादें कि वर्ष 2009 में पहली बार बाबा का नाम विवादों में आया था। तब दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में बाबा पर धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 2016 में भी चैतन्यानंद गलत वजहों से सुर्खियों में आया। तब भी इसी इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाली एक लड़की ने उस पर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। तब उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। एक बार फिर इसी तरह के केस में घिरने के बाद चैतन्यानंद की पुरानी फाइल्स को भी खंगाला जा रहा है।

आपको बतादें कि श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में ईडब्ल्यूएस, स्कॉलरशिप के तहत पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट कोर्स की कुछ छात्राओं ने पिछले दिनों चैतन्यानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे । इसके बाद संस्थान के प्रशासक की ओर से वसंत कुंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

आपको बता दें कि जब तक पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाती, आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने जब पीजीडीएम कोर्स की 32 लड़कियों से पूछताछ की तो इसमें से 17 ने उस पर अश्लील वॉट्सऐप मैसेज भेजने और गलत तरीके से शारीरिक संपर्क बनाने के आरोप लगाए हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संस्थान के कुछ अन्य लोग भी गिरफ्तार हो सकते हैं। पीड़ित लड़कियों का आरोप है कि इंस्टीट्यूट के कुछ स्टाफ उन पर चैतन्यानंद की गलत हरकतों को बर्दाश्त करने का दबाव बनाते थे।

चैतन्यानंद के खिलाफ प्रशासक पीए मुरली ने 4 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 (2), 79 और 351 (2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने संस्थान में लगे कई सीसीटीवी के फुटेज जांचे हैं और डिजिटल सबूतों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है। 16 पीड़िताओं के बयान भी पटियाला हाउस कोर्ट में दर्ज कराए गए हैं।

जानकारी के अनुसार जांच के दौरान पुलिस ने इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में खड़ी एक लग्जरी वॉल्वो कार भी बरामद की है। जिस पर एक फर्जी यूएन डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगा है। इस पर 39 UN 1 लिखा है। कार को जब्त करके 25 अगस्त को एक अलग मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें बीएनएस की धारा 345 (3), 318 (4), 336 (3) और 340 (2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस कार के जरिए वह कुछ लाभ उठा रहा था?

संस्थान के संस्थापक श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम्, दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम्, श्रृंगेरी ने एक बयान जारी करके कहा है कि स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती उर्फ स्वामी पार्थसारथी के अवैध और अनुचित कृत्यों से, उनकी संस्था का कोई संबंध नहीं है और संस्था ने उससे सभी संबंध समाप्त कर दिए गए हैं।

बिहार चुनाव 2025: BJP को अब तक 5000 से अधिक टिकट के आवेदन, युवाओं में जबरदस्त उत्साह

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की आहट तेज़ होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट के लिए भारी भीड़ उमड़ने लगी है। अब तक 5000 से अधिक आवेदन भाजपा के पास आ चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा युवाओं का दबदबा है। 35 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवा कार्यकर्ता, समाजसेवी, पूर्व प्रतिनिधि और स्थानीय नेता चुनाव लड़ने के लिए पार्टी कार्यालय में बायोडाटा के साथ दस्तक दे रहे हैं।

ज्यादा आवेदन उन सीटों से जहां विधायक बुजुर्ग हैं

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में उम्रदराज विधायक हैं, वहां से नए चेहरों को मौका मिल सकता है। यही वजह है कि उन सीटों पर टिकट के लिए आवेदकों की संख्या सबसे अधिक है। कई उम्मीदवार तो सीधे वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर अपनी दावेदारी भी जता रहे हैं और संगठन सेवा का हवाला दे रहे हैं।

टिकट नहीं मिला तो जनसुराज या अन्य दलों में जाने की धमकी

कुछ कार्यकर्ताओं ने खुलेआम चेतावनी दी है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला, तो वे जनसुराज जैसे दूसरे दलों का रुख करेंगे या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इससे पार्टी के लिए अंदरूनी असंतोष की स्थिति बन सकती है। भाजपा नेताओं के अनुसार, सबसे ज्यादा बायोडाटा पटना के कुम्हरार और दानापुर सीटों से आए हैं।

एनडीए में सीट बंटवारे पर नजरें टिकीं

2020 के बिहार चुनाव में भाजपा ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 80 विधायक जीते थे। इस बार एनडीए में पांच दल शामिल हैं –भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास गुट), हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा), रालोमो (राष्ट्रीय लोकमंच), ऐसे में भाजपा कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, यह फैसला अगले दो हफ्तों में संभावित है। लेकिन टिकट के दावेदारों की बेचैनी अभी से चरम पर है।