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आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़, अब तक 9 की मौत; कई घायल, बढ़ सकता है आंकड़ा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (कासीबुग्गा) में शनिवार सुबह एकादशी के अवसर पर भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

कैसे मची भगदड़?

रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर परिसर में सुबह एकादशी के विशेष दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। अचानक अफरातफरी मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।
घटना के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।


कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं जिनमें बेहोश श्रद्धालुओं को CPR देकर बचाने की कोशिशें की जा रही हैं, जबकि मंदिर परिसर में पूजा सामग्री बिखरी नजर आ रही है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा -“वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं की मौत की खबर बेहद दुखद है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारियों को राहत और उपचार के सभी आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।”

राहत-बचाव कार्य जारी

राज्य के कृषि मंत्री घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार,“अब स्थिति नियंत्रण में है। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है।”  स्थानीय प्रशासन ने मंदिर परिसर को खाली करवा लिया है और भीड़ प्रबंधन की नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

‘मैं यहां अतिथि नहीं’ – PM मोदी ने किया ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन, ब्रह्माकुमारी से पुराने रिश्ते पर बोले

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्माकुमारी संगठन के “शांति शिखर – मेडिटेशन सेंटर” का उद्घाटन किया। यह केंद्र अब भारत और दुनिया भर के साधकों के लिए आध्यात्मिक साधना और वैश्विक शांति का प्रतीक बनेगा।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिक मूल्यों और सेवा भावना की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा -“मैं यहां अतिथि नहीं हूं, मैं आपका ही हूं।”

स्थापना दिवस और आध्यात्मिक उद्घाटन का संगम

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा —“आज का दिन बहुत विशेष है। आज छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड अपने स्थापना दिवस मना रहे हैं। मैं सभी राज्यों के निवासियों को हार्दिक बधाई देता हूं।”

उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ राज्यों की वर्षगांठ नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।

विकसित भारत में ब्रह्माकुमारीज़ की भूमिका

PM मोदी ने कहा कि भारत के विकास में आध्यात्मिक संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।“राज्य के विकास से देश का विकास के मंत्र पर चलते हुए हम भारत को विकसित बनाने के अभियान में जुटे हैं। इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारी जैसी संस्थाओं का बड़ा योगदान है। यहां शब्द कम, सेवा अधिक है।”

‘मैं अतिथि नहीं, आपका ही हूं’ – मोदी का भावनात्मक जुड़ाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका ब्रह्माकुमारी संगठन से जुड़ाव दशकों पुराना है।“मैं बीते कई दशकों से आप सबके साथ जुड़ा हुआ हूं। मैं यहां अतिथि नहीं हूं, मैं आपका ही हूं। मैंने इस आध्यात्मिक आंदोलन को वटवृक्ष की तरह बढ़ते हुए देखा है — चाहे अहमदाबाद का Future of Power कार्यक्रम हो या माउंट आबू के आयोजन।”

उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली आने के बाद भी स्वच्छ भारत मिशन, आजादी का अमृत महोत्सव और जल जन अभियान जैसे अभियानों में ब्रह्माकुमारी बहनों का योगदान सराहनीय रहा है।

‘आचारः परमो धर्मः’ – ब्रह्माकुमारी की शक्ति का मूल

प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा —“आचारः परमो धर्मः, आचारः परमं तपः।” उन्होंने कहा कि जब शब्द आचरण में उतरता है, तभी परिवर्तन संभव होता है। यही ब्रह्माकुमारी संस्था की आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत है।
“आपका पहला अभिवादन ही ‘ओम शांति’ होता है, जो अपने आप में साधना का संदेश है।”

विश्व कल्याण और भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से ‘विश्व कल्याण’ के सिद्धांत पर चलता आया है।“हम वो हैं, जो जीव में शिव देखते हैं। हमारा हर धार्मिक अनुष्ठान ‘विश्व का कल्याण हो’ के उद्घोष के साथ समाप्त होता है। आज भारत इसी भावना के साथ वैश्विक संकटों में सबसे पहले मदद के लिए आगे आता है।”

‘शांति शिखर’ से वैश्विक शांति का संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केंद्र आत्मसंयम और आत्मज्ञान का मंदिर बनेगा —“आत्मसंयम से आत्मज्ञान, आत्मज्ञान से आत्म-साक्षात्कार और आत्म-साक्षात्कार से आत्मशांति – इसी मार्ग पर चलते हुए ‘शांति शिखर’ विश्व शांति का केंद्र बनेगा।”

भूलकर भी शाम के वो 48 मिनट कुछ न खाएं – प्रेमानंद जी महाराज ने बताया इसके पीछे का सच

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- क्या आपने कभी सुना है कि “सूर्यास्त के समय कुछ नहीं खाना चाहिए”? लेकिन इसके पीछे का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण क्या है, यह बहुत कम लोग जानते हैं।
प्रेमानंद जी महाराज ने इस रहस्य को बेहद सुंदर ढंग से समझाया है। महाराज जी के अनुसार, संध्या का वह 48 मिनट का काल (सूर्यास्त से 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद) बेहद पवित्र होता है, जब शरीर, मन और आत्मा को विश्राम देना चाहिए — न कि भोजन।

संध्या का महत्व क्या है?

प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि जब सूर्य अस्त होता है, तो धरती की ऊर्जा में बड़ा परिवर्तन होता है। दिन की तेज गति वाली ऊर्जा धीरे-धीरे शांत होकर रात की स्थिर ऊर्जा में बदलती है।
इस समय शरीर का पाचन तंत्र भी धीमा पड़ जाता है। ऐसे में अगर हम भोजन करते हैं, तो खाना सही तरह से पच नहीं पाता, जिससे आलस्य, थकान और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है। इसी कारण हमारे ऋषि-मुनियों ने कहा —“सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं, भक्ति करनी चाहिए।”

शाम के वो 48 मिनट क्यों हैं खास?

महाराज जी के अनुसार, सूर्यास्त से 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद — ये कुल 48 मिनट का समय संध्या काल कहलाता है।
यह समय आत्मशुद्धि और ध्यान के लिए सबसे उत्तम होता है। इस दौरान व्यक्ति को किसी भी भौतिक कार्य, भोजन या विवाद से दूर रहना चाहिए।

महाराज जी कहते हैं —“इस दौरान शरीर को नहीं, आत्मा को भोजन दो।” अर्थात्, ध्यान, जप और स्मरण ही इस समय की सच्ची साधना है।

क्या करें और क्या न करें इन 48 मिनटों में

क्या करें:

  1. सूर्यास्त से पहले दीपक जलाएं।
  2. गायत्री मंत्र या गुरु मंत्र का जप करें।
  3. 5 मिनट शांत बैठकर ध्यान करें।
  4. सूर्य देव को जल अर्पित करें और कृतज्ञता व्यक्त करें।

क्या न करें:

  1. भोजन न करें (या तो सूर्यास्त से पहले करें या 48 मिनट बाद)।
  2. फोन, टीवी या बहस जैसी नकारात्मक गतिविधियों से बचें।
  3. इस समय में किसी भी भौतिक चर्चा से दूरी रखें।

इस समय का सही उपयोग कैसे करें

संध्या काल में दीपक जलाना, ध्यान, गायत्री जप, या दिनभर की घटनाओं पर शांत चिंतन -इनसे मन में स्थिरता आती है और आत्मविश्वास व सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

प्रेमानंद महाराज से कैसे मिलें

महाराज जी वृंदावन स्थित श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में निवास करते हैं। भक्तों के लिए सुबह 9 बजे से टोकन वितरण शुरू होता है। मुलाकात हेतु आधार कार्ड से पंजीकरण आवश्यक है। महाराज जी का दैनिक वार्तालाप सुबह 6:30 बजे होता है, जिसमें भक्त अपने प्रश्न पूछ सकते हैं और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

टीम इंडिया के लिए तैयार वैभव सूर्यवंशी? IPL चीफ बोले – 14 साल का खिलाड़ी खटखटा रहा है दरवाजा

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स्पोर्ट्स डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-सिर्फ 14 साल की उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोरने वाले वैभव सूर्यवंशी को लेकर अब चर्चाएं और तेज हो गई हैं। IPL 2025 में अपनी चमक बिखेरने के बाद यह युवा बल्लेबाज अब भारतीय क्रिकेट के अगले सितारे के रूप में देखा जा रहा है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा कि वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं।

वैभव सूर्यवंशी – 14 साल में क्रिकेट का नया सनसनी

IPL 2025 में अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी ने इसके बाद अंडर-19 टीम के लिए भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लिमिटेड ओवर के साथ-साथ रेड-बॉल क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनके लगातार प्रदर्शन को देखते हुए फैंस यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब यह बाल प्रतिभा भारतीय टीम के लिए डेब्यू करेगी।

अरुण धूमल ने की बेंच स्ट्रेंथ की तारीफ

ANI से बातचीत में अरुण धूमल ने कहा,“हम लंबे समय से भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ की बात करते आ रहे हैं। लेकिन इस बार इसे देखिए — एक 14 साल का शानदार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी, टीम इंडिया का हिस्सा बनने के लिए दरवाजा खटखटा रहा है। और फिर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी हैं, जो अभी कहीं नहीं जा रहे। वे भारतीय क्रिकेट की रीढ़ हैं।”

धूमल ने आगे कहा कि भारतीय टीम के पास अब युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का ऐसा संतुलन है जो आने वाले सालों में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

रोहित-विराट की कार्यशैली का उदाहरण

अरुण धूमल ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की भी तारीफ की। उन्होंने कहा,“रोहित शर्मा ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में जिस क्लास का प्रदर्शन किया, वह अद्भुत है। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है। विराट और रोहित दोनों भारतीय क्रिकेट को अपना जीवन दे चुके हैं।”

फैंस की उम्मीदें बढ़ीं

वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को लेकर अब क्रिकेट फैंस में उत्सुकता बढ़ गई है। कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में वैभव भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे के रूप में उभर सकते हैं।

दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ रखा जाए -BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ’ करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। चांदनी चौक से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखते हुए सुझाव दिया है कि दिल्ली को इसके महाभारत कालीन नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ से नवाजा जाए। सांसद ने अपने पत्र में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस नाम से न केवल दिल्ली की प्राचीन पहचान बहाल होगी बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत भी सशक्त होगी।

एयरपोर्ट और स्टेशन का नाम बदलने का भी प्रस्ताव

खंडेलवाल ने अपने पत्र में चार प्रमुख सुझाव दिए हैं — दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ रखा जाए। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम ‘इंद्रप्रस्थ जंक्शन’ किया जाए। दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ‘इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट’ रखा जाए। दिल्ली के प्रमुख स्थलों पर महाभारत काल के पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं।

सांसद ने लिखा कि ‘दिल्ली’ नाम मुगल काल से जुड़ा हुआ है, जबकि ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम इस नगर की मूल ऐतिहासिक पहचान है — पांडवों की राजधानी के रूप में।

महाभारत और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की अपील

खंडेलवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि इंद्रप्रस्थ (लगभग 3000 ईसा पूर्व) महाभारत काल में पांडवों की राजधानी रही थी, जिसके पुरातात्विक प्रमाण भी प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि शहर को उसकी प्राचीन संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है ताकि नई पीढ़ी को भारत की गौरवशाली परंपरा का बोध हो सके। सांसद ने मुगल काल से जुड़े नामों को बदलने की वकालत की, ताकि “5000 वर्ष पुरानी हिंदू सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा सके।”

पहले भी उठ चुकी है मांग

यह मांग कोई नई नहीं है। हाल ही में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी इसी तरह का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेजा था, जिसमें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने की बात कही गई थी। 2021 में भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी और क्षत्रिय महासभा ने भी ‘दिल्ली’ का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ’ करने की मांग उठाई थी।
हालांकि, विपक्षी दलों ने ऐसी पहलों को “राजनीतिक स्टंट” बताते हुए खारिज किया है।

सांसद रवि किशन को फोन पर जान से मारने की धमकी, निजी सचिव ने दायर की शिकायत

न्यूज़  डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। धमकी सांसद के निजी सचिव के फोन पर दी गई—जिसकी नोटिस लेकर निजी सचिव ने गोरखपुर के एसएसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दी है और आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

सूचना के मुताबिक, आरोपित अजय कुमार यादव ने सांसद रवि किशन के निजी सचिव शिवम द्विवेदी को कॉल किया और पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उसके बाद उसने कहा, “रवि किशन यादवों पर टिप्पणी करते हैं, इसलिए मैं उन्हें गोली मार दूँगा।” जब निजी सचिव ने बतलाया कि सांसद ने कभी भी किसी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की, तो आरोपी और अधिक भड़क गया और दोनों को गालियाँ दीं। आरोपी ने कहा कि उसे निजी गतिविधियों की जानकारी है और चार दिन बाद बिहार में आने पर सांसद को मार देगा। आरोपित ने बातचीत के दौरान धार्मिक टिप्पणी भी की और कुछ विवादित बयान समर्थित करने का दावा भी किया।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच-परख शुरू कर दी है। शिकायत में सांसद की सुरक्षा बढ़ाने और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी बिहार के आरा जिले का रहने वाला है।

सांसद रवि किशन का बयान:
इस घटना पर सांसद रवि किशन ने कहा है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और यह कार्य “सनातन के विरोधी” तत्वों द्वारा कराया जा रहा लग रहा है। उन्होंने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। सांसद ने धमकियों को लेकर कोई डर व्यक्त नहीं किया और कहा कि वे चुनाव प्रचार के दौरान पूरी तैयारी व उत्साह के साथ सामने रहेंगे।

पुलिस कार्रवाई:
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच-परख आरंभ कर दी है; अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। मामले की आगे की अपडेट मिलने पर संबंधित अधिकारी की ओर से आधिकारिक बयान प्राप्त किया जाएगा।

Aaj Ka Rashifal 1 November 2025: जानें कैसा रहेगा आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए

Aaj Ka Rashifal 1 November 2025:ग्रह स्थिति के अनुसार गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं। केतु सिंह राशि में, शुक्र कन्या राशि में, सूर्य तुला राशि में स्थित हैं। बुध और मंगल वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में तथा शनि मीन राशि में हैं। इन ग्रह स्थितियों का आज सभी राशियों पर खास प्रभाव रहेगा।

मेष राशि (Aries)

आय को लेकर मन में चिंता बनी रहेगी। मीडिया या किसी सूचना स्रोत से अप्रत्याशित समाचार मिल सकता है। यात्राएं कष्टकारी साबित हो सकती हैं। प्रेम और संतान से जुड़ी स्थिति सामान्य रहेगी। दिन कुछ तनावपूर्ण हो सकता है, इसलिए संयम बनाए रखें। सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि (Taurus)

व्यावसायिक जीवन में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। सरकारी कार्यों या अधिकारियों से टकराव से बचें। पिता और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी भी नए निवेश से फिलहाल परहेज करें। प्रेम और पारिवारिक संबंध सामान्य रहेंगे। शनिदेव की उपासना लाभकारी होगी।

मिथुन राशि (Gemini)

आज सम्मान से जुड़ी किसी बात पर मन दुखी हो सकता है। धार्मिक या सामाजिक गतिविधियों में अति न करें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, प्रेम और संतान की स्थिति भी अनुकूल है। व्यवसाय मध्यम गति से चलेगा। काली वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि (Cancer)

दिन प्रतिकूल परिस्थितियों वाला रह सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें और स्वास्थ्य पर ध्यान दें। प्रेम संबंध स्थिर रहेंगे। व्यापार सामान्य रहेगा। लाल रंग की वस्तु अपने पास रखना शुभ रहेगा।

सिंह राशि (Leo)

नौकरी में जोखिम भरे निर्णय लेने से बचें। प्रेम संबंधों में गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। जीवनसाथी और स्वास्थ्य दोनों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा। काली वस्तु का दान करें।

कन्या राशि (Virgo)

शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, परंतु पैरों में चोट लगने की संभावना है। कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। स्वास्थ्य कमजोर पड़ सकता है। प्रेम और व्यापार की स्थिति सामान्य रहेगी। नीली वस्तु साथ रखें।

तुला राशि (Libra)

मानसिक दबाव बढ़ सकता है। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम संबंधों में बहस या मतभेद से बचें। भावनाओं में बहकर निर्णय न लें। स्वास्थ्य और मन दोनों प्रभावित रहेंगे। शनिदेव की आराधना करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

घर-परिवार में विवाद या कलह की संभावना है। भूमि या वाहन से जुड़ा कोई कार्य टल सकता है। प्रेम और व्यापार सामान्य रहेंगे। पीली वस्तु अपने पास रखें।

धनु राशि (Sagittarius)

व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा। नाक, कान या गले से जुड़ी परेशानी हो सकती है। परिवार और स्वयं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम संबंधों में दूरी आ सकती है। काली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

मकर राशि (Capricorn)

धन हानि की संभावना है। परिवारिक सौहार्द में रुकावट आ सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी नए निवेश से बचें। प्रेम-संबंध अनुकूल रहेंगे। काली मां की पूजा करना लाभदायक होगा।

कुंभ राशि (Aquarius)

स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेगा। मानसिक तनाव और बेचैनी महसूस हो सकती है। प्रेम और व्यापार की स्थिति सामान्य रहेगी। हरी वस्तु अपने पास रखें।

मीन राशि (Pisces)

खर्चों में बढ़ोतरी मन को विचलित कर सकती है। सिरदर्द या आंखों की समस्या रह सकती है। भय का वातावरण महसूस हो सकता है। प्रेम और व्यापार दोनों मध्यम रहेंगे। काली वस्तु का दान करें।

हाई कोर्ट में निकली नई भर्ती, आज से शुरू आवेदन प्रक्रिया – जानें पूरी जानकारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर (Chhattisgarh High Court Bilaspur) ने जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट (Junior Judicial Assistant) एवं जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट (कंप्यूटर) के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज, 31 अक्टूबर 2025 से शुरू हो गई है। उम्मीदवार 25 नवंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।

 पदों का विवरण

संस्थान का नाम: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर

  • पद का नाम: जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट, जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट (कंप्यूटर)
  • भर्ती परीक्षा का नाम: HJJA25
  • भर्ती का प्रकार: प्रत्यक्ष भर्ती (Direct Recruitment)

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

प्रक्रिया तिथि
ऑनलाइन आवेदन शुरू 31 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार)
आवेदन की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2025 (मंगलवार) शाम 5:00 बजे तक
त्रुटि सुधार की अवधि 26 नवंबर से 28 नवंबर 2025 (शाम 5:00 बजे तक)
परीक्षा तिथि (संभावित) 04 जनवरी 2026 (रविवार)
एडमिट कार्ड जारी होने की तिथि 29 दिसंबर 2025 (सोमवार)
परीक्षा केंद्र बिलासपुर, रायपुर

आवेदन शुल्क और रिफंड नियम

ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क ऑनलाइन भुगतान पद्धति से जमा करना होगा। छत्तीसगढ़ शासन के नियमों के अनुसार, जो अभ्यर्थी राज्य के स्थानीय निवासी हैं और परीक्षा में शामिल होते हैं,उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस किया जाएगा। राशि उसी बैंक खाते में रिफंड होगी, जिससे शुल्क जमा किया गया था।

कैसे करें आवेदन

उम्मीदवार व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं: https://vyapameg.cgstate.gov.in

परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया

भर्ती परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी – लिखित परीक्षा (Written Exam), कंप्यूटर दक्षता और दस्तावेज़ सत्यापन (Skill Test & Document Verification)

महत्वपूर्ण सुझाव

  • उम्मीदवार आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज़ (शैक्षणिक प्रमाणपत्र, फोटो, हस्ताक्षर) अपलोड करें।
  • आवेदन पूरा करने के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट अवश्य सुरक्षित रखें।

भाजपा को वोट देने वालों को रिटर्न गिफ्ट में मिला बुलडोजर: मेरठ ध्वस्तीकरण पर अखिलेश यादव का तंज

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ के सेंट्रल मार्केट में हुए कॉम्प्लेक्स ध्वस्तीकरण को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “भाजपा को वोट देने वालों को रिटर्न गिफ्ट में बुलडोजर मिला है।”

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार में भी दुकानों को तोड़ने का आदेश आया था, लेकिन तब हमने गरीबों और व्यापारियों की रोजी-रोटी बचाई थी, जबकि भाजपा सरकार जनता की मेहनत पर बुलडोजर चला रही है।

मेरठ में ध्वस्तीकरण से भड़के व्यापारी

मेरठ के सेंट्रल मार्केट कॉम्प्लेक्स को अवैध निर्माण बताकर प्रशासन ने हाल ही में ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद 22 से अधिक व्यापारी परिवार और उनके कर्मचारी सड़क पर आ गए, जिससे रोजगार और कारोबार दोनों पर संकट खड़ा हो गया है।

व्यापारियों ने कॉम्प्लेक्स के मलबे पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है और भाजपा नेताओं के विरोध में नारेबाजी की। शुक्रवार को सपा विधायक अतुल प्रधान व्यापारियों से मिलने सेंट्रल मार्केट पहुंचे और प्रशासनिक कार्रवाई को अमानवीय बताया।

अखिलेश यादव का बयान: “भाजपा वालों को रिटर्न गिफ्ट मिला बुलडोजर”

लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने मेरठ की घटना पर सवाल किया तो अखिलेश यादव ने कहा — “वो बीजेपी की दुकानें जा रही हैं न। हमारी सरकार में भी फैसला आया था, लेकिन हमने किसी की दुकान नहीं टूटने दी।

अब जिन्होंने बीजेपी को वोट दिया है, उन्हें रिटर्न गिफ्ट मिल रहा है बुलडोजर का।” सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा गरीबों की कमाई और व्यापार पर बुलडोजर चला रही है, जबकि समाजवादी पार्टी हमेशा रोज़गार, न्याय और समानता की राजनीति करती है।

“भाजपा सरदार पटेल के विचारों के साथ कर रही खिलवाड़”

राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा केवल नाम बदलने और प्रतीकों की राजनीति कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि — “भाजपा की मूल पार्टी आरएसएस है, जिस पर लौह पुरुष सरदार पटेल ने प्रतिबंध लगाया था।  आज वही लोग पटेल के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि उनके विचारों को भूल चुके हैं।”

सपा प्रमुख ने कहा कि सरदार पटेल का रास्ता “पीडीए” (पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक) का रास्ता है, जो पीड़ा को जोड़ने और समानता स्थापित करने का प्रतीक है।

सपा दफ्तरों में मनाई गई सरदार पटेल और आचार्य नरेंद्र देव की जयंती

अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी मुख्यालय सहित सभी जिला कार्यालयों में शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और आचार्य नरेंद्र देव की जयंती मनाई गई। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने सामाजिक एकता और समानता का संकल्प लिया।

8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी पेंशन? जानिए नया कैल्कुलेशन और फिटमेंट फैक्टर का असर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर आने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन कर दिया है और इसके तहत वेतन व पेंशन दोनों में बड़ा इजाफा संभव है। सरकार के पेंशनभोगी पोर्टल के अनुसार 30 अक्टूबर 2025 तक देश में 68.72 लाख पेंशनभोगी हैं — जिनमें नागरिक, रक्षा, डाक, रेलवे और दूरसंचार विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।

अब सबसे अहम सवाल यह है कि — नए वेतन आयोग में पेंशन की गणना (Pension Calculation) कैसे होगी और कितना बढ़ेगा पेंशन अमाउंट?

फिटमेंट फैक्टर तय करेगा पेंशन में बढ़ोतरी

केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी का आधार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) होता है।
सातवें वेतन आयोग में यह 2.57 तय किया गया था। यानी पहले की तुलना में मूल वेतन और पेंशन 2.57 गुना बढ़ गई थी।

अगर आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.0 या 3.68 के बीच तय होता है, तो पेंशनभोगियों की बेसिक पेंशन लगभग दोगुनी तक बढ़ सकती है।
उदाहरण के तौर पर —

  • अगर किसी की मौजूदा मूल पेंशन ₹25,000 है,
  • तो 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह ₹75,000 तक पहुंच सकती है।

हालांकि, अंतिम फैसला वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

आठवां वेतन आयोग: गठन और प्रमुख सदस्य

केंद्र सरकार ने हाल ही में आठवें वेतन आयोग के गठन की औपचारिक मंजूरी दे दी है। अध्यक्ष: उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई, अंशकालिक सदस्य: आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष, सदस्य-सचिव: पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन, सरकार ने बताया कि आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सेवा-शर्तों में सुधार के साथ-साथ रक्षा सेवाओं के कर्मचारी और पेंशनभोगियों को भी शामिल करेगा।

कब से लागू होगी सिफारिशें

आठवां वेतन आयोग 18 महीनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा। हालांकि, इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है। आयोग समय-समय पर अंतरिम रिपोर्टें भी जारी करेगा, ताकि कर्मचारियों को धीरे-धीरे राहत मिल सके।

क्या है कर्मचारियों की उम्मीद

केंद्रीय कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 3.0 या उससे अधिक किया जाए। ऐसा होने पर न केवल पेंशन बल्कि डीए (DA), एचआरए (HRA) और अन्य भत्तों में भी स्वतः बढ़ोतरी होगी।

पेंशनभोगियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के मद्देनजर वेतन आयोग से “वास्तविक राहत” की उम्मीद है।