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 राहुल गांधी को कांग्रेस के ट्रेनिंग कैंप में देरी से पहुंचने पर मिली 10 पुशअप की सजा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस बार अपनी ही पार्टी के अनुशासन नियमों की जद में आ गए। मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में आयोजित कांग्रेस जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में देर से पहुंचने पर उन्हें 10 पुशअप लगाने की सजा दी गई। राहुल गांधी ने भी बिना झिझक यह सजा पूरी की और फिर मुस्कुराते हुए प्रशिक्षण सत्र में शामिल हुए।

20 मिनट की देरी, फिर सजा में पुशअप

शनिवार शाम पंचमढ़ी में चल रहे कांग्रेस के प्रशिक्षण सत्र में राहुल गांधी को शामिल होना था, लेकिन वे करीब 20 मिनट देर से पहुंचे। सत्र की अध्यक्षता कर रहे सचिन राव ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि देर से आने वालों को सजा दी जाती है ताकि सबको ‘टाइम मैनेजमेंट’ की अहमियत समझ में आए।

जब राहुल गांधी ने पूछा कि उनके लिए क्या सजा है, तो उन्हें बताया गया कि उन्हें 10 पुशअप लगाने होंगे। इस पर राहुल गांधी मुस्कुराते हुए मंच पर ही पुशअप लगाने लगे, और सभी कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

राहुल गांधी का संदेश: अनुशासन और समय की पाबंदी जरूरी

पुशअप लगाने के बाद राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस को मज़बूत बनाने के लिए अनुशासन और समय की पाबंदी सबसे ज़रूरी है। उन्होंने नए जिला अध्यक्षों को संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत करने और जनता से सीधे संवाद पर जोर दिया।

बीजेपी पर फिर साधा निशाना – ‘वोट चोरी’ का आरोप

अपने भाषण में राहुल गांधी ने एक बार फिर बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश और हरियाणा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई है।

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राहुल ने कहा, “कुछ दिन पहले मैंने हरियाणा मॉडल बताया था, जहां 25 लाख वोट चोरी किए गए — हर आठ में से एक वोट। यही उनकी व्यवस्था है। मुख्य मुद्दा ‘वोट चोरी’ है, और हमारे पास इसके सबूत हैं, जिन्हें हम एक-एक करके जारी करेंगे।” हालांकि, बीजेपी और चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया है।

बीजेपी का पलटवार – ‘लीडर ऑफ पर्यटन’ बताया

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने तीखा पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने एक्स (Twitter) पर तंज़ कसते हुए लिखा, “राहुल गांधी के लिए LoP (Leader of Opposition) का मतलब है ‘Leader of Paryatan (पर्यटन)’ और पार्टी करना। जब बिहार में चुनाव चल रहे हैं, वे पचमढ़ी में जंगल सफारी का आनंद ले रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा छुट्टियों में व्यस्त रहते हैं और चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को दोष देते हैं।

प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य

कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर राज्य के सभी जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित किया गया है, जिसमें पार्टी संगठन को मज़बूत करने, चुनावी रणनीति और जनता से जुड़ाव पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। राहुल गांधी के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितिन प्रसाद, सचिन राव और कई वरिष्ठ नेता भी इस सत्र में मौजूद रहे।

UP पुलिस के इतिहास की सबसे बड़ी कैश बरामदगी: 22 घंटे चली गिनती, ₹2 करोड़ से ज्यादा जब्त

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतापगढ़ जिले में एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मानिकपुर थाना पुलिस ने इस ऑपरेशन में करीब ₹2.01 करोड़ कैश, 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद की। नकदी की गिनती में पुलिस को पूरे 22 घंटे का समय लगा। यह यूपी पुलिस के इतिहास में ड्रग केस से जुड़ी सबसे बड़ी कैश रिकवरी बताई जा रही है।

अतीक-अशरफ पर शिकंजा कसने वाले अफसर ने की बड़ी कार्रवाई

इस ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने किया, जो पहले प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चुके हैं। उनके निर्देशन में पुलिस ने जेल में बंद तस्कर राजेश मिश्रा के ठिकाने पर छापा मारा।
छापेमारी में गिरोह की मुखिया रीना मिश्रा, उसका बेटा विनायक मिश्रा, बेटी कोमल मिश्रा, रिश्तेदार अजीत कुमार मिश्रा और यश मिश्रा को गिरफ्तार किया गया।

जेल से ही चला रहा था नशे का नेटवर्क

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जेल में बंद राजेश मिश्रा वहीं से नशे के कारोबार का संचालन कर रहा था। वह अपने परिवार को फोन और मुलाकातों के जरिए निर्देश देता था। यह गिरोह लंबे समय से गांजा और स्मैक की तस्करी में शामिल था और अवैध कमाई से करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर चुका था।

छापेमारी के वक्त मिली भारी नकदी और नशा

जब पुलिस टीम मुन्दीपुर गांव (थाना मानिकपुर) स्थित राजेश मिश्रा के घर पहुंची, तो रीना मिश्रा ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। टीम के दरवाजा तोड़ने पर पांच लोग अंदर काले पन्नियों में नशे का माल छिपाने की कोशिश करते मिले। तलाशी के दौरान लाखों रुपये नकद और मादक पदार्थ बरामद किए गए।

फर्जी दस्तावेजों से कराई थी जमानत

पुलिस जांच में सामने आया कि रीना मिश्रा और उसके बेटे विनायक मिश्रा ने राजेश मिश्रा की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत कराई थी। उन्होंने अदालत में झूठे कागज़ पेश किए थे। इस मामले में अब बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5), 61(2), 234, 235 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पहले भी कुर्क हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति

यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी राजेश और रीना मिश्रा की ₹3 करोड़ 6 लाख 26 हजार 895.50 रुपये की संपत्तियाँ पुलिस द्वारा कुर्क की जा चुकी हैं। दोनों पर गैंगेस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर धाराएँ पहले से दर्ज हैं।

पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

एसपी दीपक भूकर के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई मानिकपुर थाना स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी ड्रग माफिया विरोधी कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर तक फैला हुआ था। बरामदगी की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹3 करोड़ आंकी गई है।

पुलिस की चेतावनी – नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

एसपी दीपक भूकर ने कहा कि यह अभियान संगठित अपराध और नशे के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी संपत्तियों और अन्य सहयोगियों की जांच कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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बरामदगी का पूरा विवरण

बरामद वस्तु मात्रा / मूल्य
कैश ₹2,01,55,345
गांजा 6.075 किलो (कीमत ₹3.03 लाख)
स्मैक (हेरोइन) 577 ग्राम (कीमत ₹1.15 करोड़)
कुल अनुमानित बरामदगी ₹3 करोड़ से अधिक

गिरफ्तार आरोपी

  • रीना मिश्रा (40 वर्ष) – पत्नी राजेश मिश्रा
  • विनायक मिश्रा (19 वर्ष) – पुत्र राजेश मिश्रा
  • कोमल मिश्रा (20 वर्ष) – पुत्री राजेश मिश्रा
  • अजीत कुमार मिश्रा (32 वर्ष) – रिश्तेदार
  • यश मिश्रा (19 वर्ष) – रिश्तेदार

नशे के नेटवर्क पर कड़ी निगरानी जारी

पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। जिला प्रशासन और मानिकपुर पुलिस अब गिरोह की सभी संपत्तियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से जिले में नशे की तस्करी करने वाले नेटवर्क की कमर टूट गई है।

UP सरकार देगी 3 लाख से 1 करोड़ रुपये तक सहायता, इनको मिलेगा प्रोत्साहन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) निर्यातकों को विदेशों में व्यापार बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद देने जा रही है। सरकार की यह पहल निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्टॉल लगाने, डिजिटल मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार के खर्च में सहायता प्रदान करेगी।

इस योजना के तहत, निर्यातकों को प्रोत्साहन ब्यूरो, उत्तर प्रदेश में आवेदन करना होगा, और आवेदन करने की समय सीमा कार्यक्रम से एक माह पहले निर्धारित की गई है। “त्वरित निर्यात विकास प्रोत्साहन योजना” के तहत यह लाभ दिया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव, MSME आलोक कुमार ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके तहत, विदेशी और अंतर्राष्ट्रीय मेले, प्रदर्शनी, बायर्स-सैलर्स मीट में भाग लेने या आयोजन करने पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, निर्यात उत्पादों के प्रचार के लिए विज्ञापन, कैटलॉग प्रिंटिंग, वेबसाइट निर्माण, डिजिटल सामग्री और सोशल मीडिया मार्केटिंग पर भी वित्तीय मदद उपलब्ध होगी। विदेशों में खरीददारों को नमूना भेजने और गुणवत्ता नियंत्रण से संबंधित प्रमाणीकरण पर भी सहायता दी जाएगी।

वित्तीय सहायता का विवरण:

  • विदेश में मेला या प्रदर्शनी में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने और स्टॉल किराए पर लेने पर खर्च का 75% या अधिकतम 3.25 लाख रुपये मिलेगा।
  • मेला/प्रदर्शनी में शामिल होने वाले मालिक, साझेदार, निदेशक या अधिकृत व्यक्ति के इकोनॉमी क्लास हवाई किराए का 75% या अधिकतम 1.25 लाख रुपये सहायता के रूप में प्रदान किया जाएगा।
  • अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल बी2बी एक्ज़िबिशन या बायर्स-सैलर्स मीट में शामिल होने पर कुल खर्च का 75% या प्रति फेयर 25,000 रुपये तक मदद दी जाएगी।
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मेले/प्रदर्शनी में शामिल होने पर खर्च का 75% या अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक आयोजक संस्था को दिया जाएगा। इसमें परंपरागत बाजारों में कम से कम 20 और अपरंपरागत बाजारों में 10 निर्यातक इकाइयों की भागीदारी अनिवार्य है।
  • अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल मेले के लिए 25 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जिसमें न्यूनतम 100 इकाइयों की भागीदारी अनिवार्य है।
  • डिजिटल मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार पर खर्च का 75% या अधिकतम 1 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।

योजना के तहत आर्थिक सहायता 50% अग्रिम और शेष राशि बाद में वितरित की जाएगी।

दिल्ली में पलूशन पर भड़का जनाक्रोश: इंडिया गेट पर प्रदर्शन, ‘आजादी’ के नारे, कई हिरासत में | VIDEO

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ लोगों का गुस्सा उबाल पर है। रविवार शाम बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इंडिया गेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
दिल्ली पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका के चलते इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक जवानों की तैनाती कर दी है। कर्तव्य पथ को आम लोगों और पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

“हम लेकर रहेंगे आजादी” और “वी वॉन्ट जस्टिस” के नारे

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों में पर्यावरण कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और एनिमल वेलफेयर ग्रुप्स के सदस्य शामिल थे।

इनमें से कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का भी विरोध कर रहे थे, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों से आवारा कुत्तों को हटाने की बात कही गई है।

प्रदर्शनकारियों ने “हम लेकर रहेंगे आजादी” और “वी वॉन्ट जस्टिस” के नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा,“सरकार को पलूशन हटाने पर ध्यान देना चाहिए, न कि जानवरों को हटाने पर।”

इंडिया गेट तक पहुंचने के रास्ते बंद

इंडिया गेट और कर्तव्य पथ तक जाने वाले सभी मार्ग पुलिस ने बंद कर दिए हैं। मानसिंह रोड और आसपास के इलाकों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इंडिया गेट पर किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं है, इसलिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस की सख्ती पर भड़के प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उन्हें शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति नहीं दे रही। उन्होंने “दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए।

पुलिस ने जवाब में कहा कि दिल्ली में सिर्फ जंतर-मंतर को ही नामित विरोध स्थल के रूप में अनुमति दी गई है और वहीं प्रदर्शन की मंजूरी ली जा सकती है।

“लोग सिर्फ सांस लेने का अधिकार मांग रहे हैं” — प्रदर्शनकारी

एक प्रदर्शनकारी ने कहा,“निजी मॉनिटर्स दिखा रहे हैं कि दिल्ली का AQI कई जगहों पर 999 के पार चला गया है।सरकार ने अब तक न लॉकडाउन लगाया, न कोई ठोस कदम उठाया।

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लोग सिर्फ सांस लेने का अधिकार मांग रहे हैं।”उन्होंने कहा कि अधिकारियों को क्लाउड सीडिंग जैसी बातें छोड़कर ठोस ऐक्शन लेना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाए सवाल

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा,“जब लोग सांस नहीं ले पा रहे, इनहेलर का सहारा ले रहे हैं, तब सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दे रहा है। कोर्ट को चाहिए कि वह पलूशन पर ठोस दिशा-निर्देश दे, न कि अपना मजाक बनाए।”

भावरीन कंधारी बोलीं — GRAP के उपाय लागू नहीं किए गए

पर्यावरण कार्यकर्ता भावरीन कंधारी ने प्रदर्शन में शामिल होकर कहा, “हमने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा, पर हमें नहीं मिला।

दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक स्तर पर है लेकिन GRAP के उपाय लागू नहीं किए गए। कोई एडवाइजरी नहीं आई और उल्टा मैराथन जैसी गतिविधियां कराई जा रही हैं। हम माता-पिता हैं, कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है।”

बड़ी तबाही की साजिश नाकाम: साइनाइड से भी खतरनाक ‘रिसिन’ बना रहा था आतंकी,ATS ने किया पर्दाफाश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- एटीएस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है। गुजरात एटीएस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकवादी देश में बड़े पैमाने पर तबाही फैलाने की योजना बना रहे थे।
मुख्य आरोपी डॉ. अहमद मोहिउद्दीन, जो हैदराबाद का रहने वाला है, रिसिन (Ricin) नामक घातक रासायनिक पदार्थ बना रहा था — जो साइनाइड से कई गुना खतरनाक होता है।

गनीमत रही कि एटीएस की समय पर कार्रवाई से उनकी यह योजना फेल हो गई और देश एक बड़े आतंकी हमले से बच गया।

रिसिन: साइलेंट किलर जैसा केमिकल

एटीएस अधिकारियों ने बताया कि मोहिउद्दीन ने चार लीटर अरंडी का तेल (Castor Oil) खरीदा था, जिसका उपयोग रिसिन तैयार करने में किया जाता है।
रिसिन एक अत्यंत जहरीला जैविक रसायन है, जो अगर शरीर में पहुंच जाए तो मिनटों में जान ले सकता है। इसका उपयोग बायो-टेररिज्म (Bioterrorism) में किया जाता है।

डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार, “यदि यह पदार्थ सार्वजनिक स्थल पर फैलाया जाता, तो सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।”

आतंकियों से बरामद हथियार और सामग्री

गुजरात एटीएस ने छापेमारी के दौरान संदिग्धों के पास से कई खतरनाक चीजें बरामद की हैं —

  • दो ग्लॉक पिस्तौल
  • एक बेरेटा पिस्तौल
  • 30 जिंदा कारतूस
  • चार लीटर अरंडी का तेल (castor oil)

विदेशी कनेक्शन और टेलीग्राम चैट से खुलासा

जांच में सामने आया है कि डॉ. मोहिउद्दीन ‘अबू खदीजा’ नामक एक टेलीग्राम यूज़र से संपर्क में था, जिसका इस्लामिक स्टेट–खुरासान प्रांत (ISKP) से संबंध माना जा रहा है। वह लगातार विदेशी गुर्गों से संपर्क में था और देश में बड़ा धमाका करने की फिराक में था।

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डीआईजी जोशी ने बताया, “डॉ. मोहिउद्दीन चीन से MBBS की डिग्री लेकर आया था। उसी ने ‘रिसिन’ तैयार करने का काम शुरू किया था ताकि बड़ी तबाही मचाई जा सके।”

बाकी दो आरोपी भी यूपी से

अन्य दो आरोपी आज़ाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल सलीम खान क्रमशः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर और शामली जिले के रहने वाले हैं। दोनों ने धार्मिक शिक्षा प्राप्त की थी और धीरे-धीरे कट्टरपंथी बन गए।

तीनों आतंकियों ने मिलकर लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी (surveillance) की थी। एटीएस के अनुसार, उनकी गतिविधियाँ कश्मीर तक फैली हुई थीं।

ATS की सतर्कता से टली बड़ी तबाही

गुजरात एटीएस का कहना है कि यह कार्रवाई पिछले एक साल की निगरानी का नतीजा है। एजेंसी ने सभी संदिग्धों की डिजिटल ट्रेल, मोबाइल लोकेशन और ऑनलाइन चैट्स की मदद से साजिश का खुलासा किया।

अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद विदेशी आतंकी संगठनों के नेटवर्क की भी जांच तेज कर दी गई है।

SIR को लेकर बड़ा अपडेट: अब माता-पिता और बाबा-दादी के साथ ही इन लोगो का ब्योरा होगा मान्य, बीएलओ को मिले निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के तहत आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति के माता-पिता, बाबा-दादी या नाना-नानी का विवरण ही वैध पारिवारिक ब्योरे के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

यदि किसी व्यक्ति का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में पहले से मौजूद है, तो उसे केवल गणना फॉर्म में व्यक्तिगत और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी देनी होगी — अलग से दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।

हालांकि, यदि 2003 की सूची में उसका नाम नहीं है, लेकिन सगे संबंधी का नाम मौजूद है, तो वह उसका ब्योरा दे सकता है। बाद में आयोग की सुनवाई में रिश्ते का प्रमाण पत्र या दस्तावेज देना होगा।

सभी बीएलओ (Booth Level Officers) को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वे गणना फॉर्म वितरित करते समय मतदाताओं को पूरी जानकारी दें।

21 जिलों को गणना प्रपत्र बांटने में देरी पर फटकार

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने SIR प्रक्रिया में लापरवाही पर 21 जिलों के जिलाधिकारियों (DMs) को फटकार लगाई है।

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उन्होंने निर्देश दिया कि 15 नवंबर तक हर हाल में गणना प्रपत्र सभी मतदाताओं तक पहुंच जाएं। साथ ही 2003 की सूची और वर्तमान सूची का मिलान दो दिनों में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिन जिलों में देरी पाई गई, उनमें शामिल हैं — प्रयागराज, मेरठ, हरदोई, बहराइच, वाराणसी, बलरामपुर, सोनभद्र, गाजीपुर, देवरिया, अमरोहा, जौनपुर, फतेहपुर, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, गोरखपुर, कासगंज, आगरा, उन्नाव, बदायूं, बांदा और हापुड़।

ऑनलाइन भी भर सकेंगे गणना प्रपत्र

जो मतदाता ऑनलाइन गणना फॉर्म भरना चाहते हैं, वे voters.eci.gov.in पर जाकर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और वोटर आईडी नंबर के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं।

जिन मतदाताओं के परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है या वे स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें येलो फॉर्म भरना होगा।

वर्ष 2003 की सूची में जिनका नाम नहीं है, उन्हें 9 दिसंबर के बाद नोटिस दी जाएगी, जिसके जवाब में उन्हें संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।  आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा, इसलिए इसके साथ अन्य दस्तावेज देने होंगे।

सीईओ नवदीप रिणवा ने खुद भरा गणना फॉर्म

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने भी खुद अपना गणना प्रपत्र भरा, ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे बीएलओ से प्राप्त फॉर्म जल्द भरें, ताकि एक शुद्ध और सटीक मतदाता सूची तैयार की जा सके।

100 करोड़ी सस्पेंड सीओ ऋषिकांत शुक्ला की होगी विजिलेंस जांच, तीन सहयोगियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में निलंबित सीओ ऋषिकांत शुक्ला एक बार फिर चर्चा में हैं। मैनपुरी के भोगांव में तैनाती के दौरान उन पर कानपुर में सेवा काल के समय सौ करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने और धोखाधड़ी के गैंग से जुड़ाव के आरोप लगे हैं।

शासन ने इन गंभीर आरोपों की जांच विजिलेंस विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया है।

रिटायर्ड इंस्पेक्टर की शिकायत से खुला मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत रिटायर्ड इंस्पेक्टर भगवती प्रसाद मिश्रा की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने उनसे 51 लाख रुपये लेकर प्लॉट नहीं दिया।

इस शिकायत के बाद बनी एसआईटी ने जांच में पाया कि शुक्ला ने कानपुर में तैनाती के दौरान अवैध संपत्ति खड़ी की और धोखाधड़ी के एक नेटवर्क से जुड़े थे।

तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, ऋषिकांत शुक्ला की तलाश तेज

इस केस में शामिल मुख्य आरोपी दिलीप राय बलवानी सहित तीन लोगों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) जारी किए जा चुके हैं।

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हालांकि, ऋषिकांत शुक्ला के खिलाफ अभी वारंट जारी नहीं हुआ है। शासन ने चार दिन पहले ही भोगांव सीओ के पद से ऋषिकांत शुक्ला को निलंबित कर बरेली जनपद से संबद्ध किया था। एसपी सिटी अरुण कुमार ने बताया कि “कानपुर पुलिस जो भी सहयोग मांगेगी, मैनपुरी पुलिस उसे पूरा सहयोग करेगी।”

वीडियो वायरल कर दी सफाई, अब गायब हैं सस्पेंड सीओ

सस्पेंड होने के बाद ऋषिकांत शुक्ला ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। वीडियो सामने आने के बाद चर्चाएं तेज हो गईं, लेकिन एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद वे गायब हैं।

सूत्रों के मुताबिक, उनकी अंतिम लोकेशन मैनपुरी में मिली थी, जहां से अब पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

भोगांव के नए सीओ बने रामकृष्ण द्विवेदी

सस्पेंड सीओ ऋषिकांत शुक्ला की जगह रामकृष्ण द्विवेदी को भोगांव का नया सीओ बनाया गया है। एसपी गणेश प्रसाद साहा के निर्देश पर नियुक्त किए गए नए सीओ ने शुक्रवार को चार्ज संभाल लिया।

अगर पाकिस्तान न बना होता तो मुसलमानों की संख्या बराबर होती और हम भी होते प्रधानमंत्री पद के दावेदार-सपा विधायक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और संभल के सदर विधायक नवाब इकबाल महमूद ने मुसलमानों को लेकर ऐसा बयान दिया है जिससे राजनीतिक हलचल मच गई है।
महमूद ने कहा कि अगर पाकिस्तान न बना होता, तो भारत में मुसलमानों की संख्या बराबर होती और वे भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार होते। शनिवार को रायसत्ती क्षेत्र स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में महमूद ने यह बात कही।

अमेरिका के न्यूयॉर्क मेयर पर दिया बयान

सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद भारतीय मूल के मुस्लिम राजनेता ममदानी के अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर का मेयर बनने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा, “यह न केवल गौरव की बात है, बल्कि यह साबित करता है कि भारतवंशी और मुसलमान दोनों ही काबिलियत और मेहनत के दम पर किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं।”

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महमूद ने कहा कि अमेरिका में मुसलमानों की आबादी एक प्रतिशत से भी कम है, इसके बावजूद ममदानी ने डोनाल्ड ट्रंप की इच्छा के विरुद्ध जीत हासिल की, जो उनकी योग्यता का प्रमाण है।

“2017 के बाद से मुसलमानों की काबिलियत का उपयोग नहीं”

सपा विधायक ने कहा कि 2017 के बाद से भारत में मुसलमानों की काबिलियत का सही उपयोग नहीं हो रहा है, जबकि इतिहास गवाह है कि मुसलमानों ने हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “एपीजे अब्दुल कलाम, विंग कमांडर सोफिया कुरैशी और वीर अब्दुल हमीद जैसे लोगों ने देश को गौरवान्वित किया है। लेकिन आज उनकी क्षमताओं का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा, जो देश के लिए नुकसानदेह है।”

“पाकिस्तान न बनता तो मुसलमानों की हालत अलग होती”

विधायक नवाब इकबाल महमूद ने कहा, “जब देश आज़ाद हुआ, मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान की मांग की। जो लोग हिंदुस्तान से प्यार करते थे, वे यहीं रह गए। हम आज उस दिन को कोसते हैं जब पाकिस्तान बना। अगर वो देश न बनता तो आज मुसलमानों की हालत यह न होती। हमारी संख्या बराबर होती और हम भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार होते।”

अखिलेश यादव बोले-भाजपा राज में फैली चुनावी धांधलियों का कूड़ा हटाना जरूरी, लोकतंत्र को दीमक की तरह खोखला कर रही भाजपा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया में धांधलियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अखिलेश यादव ने लिखा, “‘सच्चे स्वच्छ भारत’ के लिए भाजपा राज में चुनाव आयोग के कुछ अधिकारियों द्वारा फैलाई गई चुनावी धांधलियों के कूड़े को हटाना भी उतना ही जरूरी है, जितना सड़कों की सफाई।” सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी लोकतंत्र नहीं, बल्कि ‘लूटतंत्र’ में विश्वास करते हैं।

“भाजपा हमेशा से पिछवाड़े की राजनीति करती आई है”

अखिलेश ने आरोप लगाया कि आज़ादी से पहले से लेकर अब तक भाजपा और उसके साथी दल ‘पिछले दरवाज़े वाली राजनीति’ और ‘ख़ुफ़ियाखोरी’ का सहारा लेते रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि जनता अब इनकी मुखबिरी और सेंधमारी वाली राजनीति को समझ चुकी है। सपा प्रमुख ने कहा, “समाज अब घपले-घोटालों को बर्दाश्त करने की सीमा पार कर चुका है। अब भाजपा को जनता की ‘अगले दरवाज़े की जन-दस्तक’ सुननी ही होगी।”

“चुनाव आयोग में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से पारदर्शिता पर सवाल”

सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारियों की उपेक्षा की जा रही है, जबकि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।

सपा ने कहा कि मिलीभगत से चुनावी गोरखधंधे में शामिल कुछ अधिकारियों के कारण चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा और शुचिता को नुकसान पहुंचा है। इसे सुधारना अब समय की मांग है।

“जनता जवाब देने के लिए तैयार, नई पीढ़ी बनाएगी पारदर्शी लोकतंत्र”

अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार और राजनीतिक मिलीभगत से लोकतंत्र दीमक की तरह अंदर से खोखला हो रहा है, लेकिन अब जनता जवाब देने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “नई पीढ़ी अब नए भविष्य का निर्माण करेगी और एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करेगी, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी की बुनियाद पर सच्चा लोकतंत्र स्थापित हो सके।”

क्या अंग्रेजों से करवाते रजिस्ट्रेशन?कांग्रेस के सवाल पर बोले, हिंदू धर्म का भी…

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा – संगठन 1925 में बना था, तब क्या ब्रिटिश सरकार से कराते रजिस्ट्रेशन? बताया कि संघ को व्यक्तियों के निकाय के रूप में मान्यता प्राप्त है, और इसकी तुलना हिंदू धर्म से की।

बेंगलुरु में बोले भागवत – “हम विशेष पहचान वाला संगठन हैं”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण को लेकर कांग्रेस के सवालों पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दो टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई थी, तब क्या संगठन को ब्रिटिश सरकार से पंजीकृत कराया जाता?

भागवत बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद भारत सरकार ने रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं किया था। आरएसएस एक विशेष पहचान वाला संगठन है, जो जनता का निकाय है। इसे आयकर से छूट भी दी गई है।”

“तीन बार बैन किया गया, तो मान्यता न होती तो प्रतिबंध कैसे?”

मोहन भागवत ने कहा कि अगर संघ को मान्यता प्राप्त नहीं होती, तो उस पर तीन बार प्रतिबंध (ban) कैसे लगाया जा सकता था। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग और अदालतों ने भी आरएसएस को ‘बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स’ (Body of Individuals) के रूप में मान्यता दी है।

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उन्होंने कहा, “बहुत सी चीज़ें हैं जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, जैसे हिंदू धर्म का भी कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। फिर भी वह मौजूद है और मान्यता प्राप्त है।”

“भगवा को गुरु का दर्जा, लेकिन तिरंगे का सम्मान सर्वोपरि”

केवल भगवा झंडे को सम्मान देने के आरोपों पर मोहन भागवत ने कहा कि संघ में भगवा रंग को गुरु के रूप में सम्मान दिया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि तिरंगे का सम्मान कम है। उन्होंने कहा, “हम हमेशा तिरंगे का सम्मान करते हैं और उसकी सुरक्षा का संकल्प लेते हैं।”

कांग्रेस नेताओं के आरोप और राजनीतिक पृष्ठभूमि

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में कहा था कि आरएसएस को प्रतिबंधित कर देना चाहिए, क्योंकि यही देश में फसाद की जड़ है।
वहीं उनके बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस शाखाओं पर बैन लगाने की मांग की थी। उन्होंने संगठन के रजिस्ट्रेशन नंबर को लेकर भी सवाल उठाए थे।

“हिंदू होना मतलब भारत के प्रति जिम्मेदार होना”

एक दिन पहले ही मोहन भागवत ने कहा था कि आरएसएस का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि राष्ट्र का गौरव है। उन्होंने कहा, “भारत में कोई अहिंदू नहीं है, सभी एक ही पूर्वजों के वंशज हैं और देश की मूल संस्कृति हिंदू है।”

भागवत ने कहा, “जानबूझकर या अनजाने में, हर कोई भारतीय संस्कृति का पालन करता है। इसलिए कोई भी अहिंदू नहीं है। हिंदू होना मतलब भारत के लिए जिम्मेदार होना है।”