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Viral Video: दूल्हे ने किया गजब कांड! अपनी ही शादी में नोट लूटने लगा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत में शादियां हमेशा से ही खुशियों और धमाल से भरी होती हैं, लेकिन कभी-कभी शादी में ऐसे अनोखे पल भी कैद हो जाते हैं जो इंटरनेट पर आते ही वायरल हो जाते हैं। हाल ही में एक ऐसा ही फनी वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है, जिसमें दूल्हे की हरकत देखकर लोग दंग रह गए।

दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर और शुरू हुआ ‘गजब कांड’

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर खड़े हैं। तभी एक महिला खुशी से उनकी बलाइयां लेती है और दंपत्ति पर नोटों की बारिश कर देती है। स्टेज पर चारों ओर पैसे बिखर जाते हैं।

लेकिन जैसे ही दूल्हे की नजर नीचे गिरे नोटों पर पड़ती है, वो खुद को रोक नहीं पाता और पल भर में नीचे झुककर नोट लूटने लगता है! यह देखकर नोट उड़ाने वाली आंटी भी हैरान रह जाती हैं और दूल्हे को पकड़कर वापस खींचने लगती हैं। तब तक दूल्हे राजा कई नोट अपनी जेब में डाल चुके होते हैं।

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इसके बाद दूल्हा शरमाते हुए अपनी जगह पर वापस खड़ा हो जाता है और हंसने लगता है, लेकिन तक तक यह पूरी घटना कैमरे में कैद होकर इंटरनेट पर पहुँच चुकी थी।

31 लाख से ज्यादा व्यूज़, कमेंट्स में बही हंसी की बाढ़

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @_drx_gulshan_chaudhary_0302 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। इसे अब तक 31 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं, और कमेंट सेक्शन में यूजर्स जमकर मज़े ले रहे हैं।

उपयोगकर्ताओं के मजेदार कमेंट्स:

  • “दूल्हा तो बन गया, पर आदतें नहीं गईं!”
  • “अपनी ही शादी में नोट उड़ता देखकर ‘लूटने वाला मोड’ ऑन कर लिया!”
  • “कुछ देर के लिए दूल्हा नहीं, बराती बन गया था।”
  • “पूरे मर्द समाज की बेइज्जती कर दी इसने!”

वीडियो पर लोगों की ऐसी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर इसे और ज्यादा वायरल बना रही हैं।

हीलियम गुब्बारों के साथ हवा में उड़ गया दो साल का बच्चा! तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, वीडियो वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वीडियो में दावा किया गया है कि एक पारिवारिक समारोह के दौरान दो साल का बच्चा हीलियम गुब्बारों को पकड़ते-पकड़ते आसमान में उड़ गया। घटना से जुड़ा फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हालांकि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है और आशंका जताई जा रही है कि यह एआई जनरेटेड वीडियो भी हो सकता है। बावजूद इसके, यह वीडियो एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि गुब्बारों या किसी भी हल्की-फुल्की चीज़ों के साथ बच्चों की लापरवाही किस तरह बड़ा खतरा बन सकती है।

कैसे हुई यह कथित घटना?

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि हीलियम गुब्बारों का गुच्छा पकड़कर खड़ा एक छोटा बच्चा अचानक हवा में ऊपर उठने लगता है। देखते ही देखते बच्चा आसमान में काफी ऊँचाई तक पहुंच जाता है, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है।

 

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दावा किया गया है कि बच्चे के ऊपर जाते ही परिजन घबरा गए और तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई।

अधिकारियों ने दी चेतावनी

वायरल वीडियो के बाद विशेषज्ञ और अधिकारी माता-पिता से अपील कर रहे हैं कि बच्चों को हीलियम गुब्बारों के साथ अकेला न छोड़ें | ऐसे आयोजनों में विशेष सतर्कता बरतें| गुब्बारों की संख्या और आकार पर ध्यान रखें| क्योंकि सिर्फ कुछ सेकंड की लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।

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एआई वीडियो भी हो सकता है

चूंकि हाल के दिनों में एआई से बने वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, इसलिए इस वीडियो को भी लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के वीडियो देखने वालों को हमेशा सावधान रहना चाहिए और तथ्यात्मक पुष्टि के बिना किसी भी दावे को सच नहीं मानना चाहिए।

ऐसे वीडियो भले ही असली हों या एआई से बने हों, लेकिन यह घटना माता-पिता के लिए सीख है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा में कोई भी कमी खतरनाक साबित हो सकती है।

“पत्नी आनंद का साधन…” WIFE का फुल फॉर्म बताकर विवादों में फंसे जगद्गुरु रामभद्राचार्य, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- जगद्गुरु रामभद्राचार्य एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अंग्रेज़ी शब्द WIFE का फुल फॉर्म बताने के दौरान ऐसी टिप्पणी करते दिख रहे हैं जिसे कई लोग महिलाओं के प्रति अपमानजनक बता रहे हैं।

वीडियो कब और कहां का है, इसकी अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इंटरनेट पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूज़र्स ने रामभद्राचार्य पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।

WIFE का “फुल फॉर्म” बताकर बवाल

वायरल क्लिप में रामभद्राचार्य कहते दिखते हैं-“वाइफ कितनी खतरनाक होती है… वाइफ का पहला अक्षर क्या है? विवाहित लोग जानते हैं। W यानी Wonderful, I यानी Instrument, F यानी For और E यानी Enjoy.”

देखे विडियो:

इसके बाद वे खुद ही इसका अर्थ बताते हुए कहते हैं, “Wonderful Instrument For Enjoy”—यानी पत्नी आनंद के लिए एक अद्भुत खिलौना। उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर कई लोगों को असहज कर रही है।

पति-पत्नी के अर्थ पर भी दी व्याख्या

आगे वीडियो में वे भारतीय संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि हिन्दू धर्म में ‘पत्नी’ वह होती है जो पति के साथ यज्ञ में सहभागी बने।

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वे कहते हैं- “हमारे यहां पत्नी हनीमून मनाने के लिए नहीं होती, हमारे यहां तो मून हमेशा हनी रहता है। हमारे यहां नारी भोग नहीं, योग के लिए होती है।”

हालांकि कई यूज़र्स यह भी दावा कर रहे हैं कि वीडियो एडिटेड लगता है, इसलिए पूरे मामले की सत्यता स्पष्ट नहीं है।

पहले भी विवादों में रहे हैं रामभद्राचार्य

रामभद्राचार्य के बयानों को लेकर पहले भी विवाद खड़े हो चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को लेकर टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “इस्लाम में महिलाओं की दुर्दशा है और उन्हें 25-25 बच्चे जन्म देने पड़ते हैं।” उस बयान पर भी उनकी तीखी आलोचना हुई थी। फिलहाल, WIFE वाले वीडियो को लेकर सामाजिक और राजनीतिक वर्ग में चर्चाएं तेज हैं।

UP Birth Certificate Rules: आधार कार्ड नहीं चलेगा जन्म प्रमाण के रूप में, जानें क्या हैं नए नियम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्म तिथि सत्यापन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र या जन्म तिथि के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

योजना विभाग ने इस बारे में सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। विशेष सचिव अमित सिंह बंसल द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, आधार कार्ड में जन्म प्रमाण पत्र शामिल नहीं होता और न ही यह जन्म तिथि का प्रमाणित दस्तावेज है, इसलिए इसे किसी भी सरकारी कार्य में जन्म तिथि साबित करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

क्यों बदला गया नियम?

कई सरकारी विभाग आधार कार्ड पर लिखी जन्म तिथि को सही मानकर सत्यापन करते थे। लेकिन UIDAI पहले ही साफ कर चुका है कि आधार केवल पहचान पत्र है आधार में दर्ज जन्म तिथि स्वयं घोषित (Self-declared) या अनुमानित (approximate) हो सकती है, इसलिए इसे जन्म तिथि के आधिकारिक प्रमाण के रूप में नहीं माना जा सकता | इसी आधार पर राज्य सरकार ने जन्म तिथि प्रमाणन में आधार के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया है।

अब जन्म तिथि साबित करने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

सरकार ने वैध दस्तावेजों की सूची जारी की है -नगरपालिका / नगर निकाय द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल एडमिशन रिकॉर्ड या प्रमाण पत्र, सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जारी जन्म प्रमाण अथवा  पासपोर्ट (जहां लागू हो)|

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किस सरकारी प्रक्रिया पर पड़ेगा असर?

नए आदेश का प्रभाव कई प्रक्रियाओं पर पड़ेगा, जैसे- सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन, स्कूल / कॉलेज प्रवेश,सरकारी योजनाओं में पात्रता सत्यापन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पुलिस वेरिफिकेशन और डोमिसाइल/कास्ट सर्टिफिकेट प्रक्रिया| अब किसी भी विभाग में जन्म तिथि केवल आधार कार्ड देखकर सत्यापित नहीं की जा सकेगी।

अधिकारियों को जारी किए सख्त निर्देश

सरकार ने सभी विभागों को यह आदेश लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि किसी भी अधिकारी ने जन्म तिथि के लिए आधार को मान्य माना, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि यदि जन्म प्रमाण पत्र नहीं है तो तुरंत संबंधित निकाय से बनवा लें, ताकि सरकारी प्रक्रियाओं में दिक्कत न आए।

“जब तक मृत्यु न हो, तब तक लटकाया जाए”-10 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में मां को फांसी की सजा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार के अररिया जिले में एक दिल दहला देने वाले मामले में अदालत ने एक मां को अपनी ही 10 वर्षीय बेटी की हत्या करने का दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले को अदालत ने “रेयर ऑफ द रेयरेस्ट” श्रेणी में रखते हुए कड़ी सजा सुनाई।
एडीजे-04 रवि कुमार की अदालत ने आदेश दिया कि दोषी पूनम देवी को “फांसी देकर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए”

प्रेम संबंध का राज छुपाने के लिए की गई थी बेटी की हत्या

स्पीडी ट्रायल के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी मां पूनम देवी को उसकी बेटी शिवानी कुमारी ने अपने प्रेमी रूपेश सिंह के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। बेटी द्वारा यह बात पिता को बताने की चेतावनी देने पर मां ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

अदालत ने कहा कि यह हत्या पूर्वनियोजित और अत्यधिक क्रूरता से की गई है। दोषी महिला नरपतगंज थाना क्षेत्र के रामपुर कोसकापुर वार्ड 05 की रहने वाली है।

60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

कोर्ट ने फांसी की सजा के साथ विभिन्न धाराओं में कुल 60,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला एसटी 582/2023 में सुनाया गया। सरकारी अभियोजक (एपीपी) प्रभा कुमारी मंडल ने अभियोजन पक्ष की ओर से तर्क रखे।

पहले बेहोश किया, फिर चाकू से हत्या—जहरीली मछली से बनी हत्या की शुरुआत

जांच में पता चला कि 10 जुलाई 2023 को पूनम देवी ने अपनी बेटी को मछली में कीटनाशक मिलाकर खिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसने तेज चाकू से गले और पेट पर वार करके बेटी की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को मक्का के ढेर में छिपा दिया और बाद में खुद ही “ढूंढने” का नाटक किया।

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चिकित्सा रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि शव में डिकोलरस नामक ऑर्गेनोफॉस कीटनाशक पाया गया।

चौकीदार के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी

नरपतगंज थाना कांड संख्या 380/2023 की प्राथमिकी चौकीदार भगवान कुमार पासवान के बयान पर दर्ज की गई। जांच अधिकारी ने 22 सितंबर 2024 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
अदालत ने 1 दिसंबर 2023 को आरोप तय किए और 2 जनवरी 2024 से गवाही शुरू हुई। सभी गवाहों ने घटना की पुष्टि की, जिसके बाद अदालत ने पूनम देवी को दोषी ठहराया।

भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 8.2% के पार; अनुमान से बेहतर प्रदर्शन

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत की जीडीपी ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में देश की अर्थव्यवस्था ने 8.2% की मजबूत वृद्धि दर्ज की। यह ग्रोथ रेट न केवल बाजार के अनुमान से अधिक रही, बल्कि पिछले छह तिमाहियों में सबसे तेज़ रही है।

ब्लूमबर्ग ने इस तिमाही के लिए 7.4% वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया था, लेकिन वास्तविक आंकड़े इससे काफी ऊपर रहे। सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, यह वृद्धि FY25 की दूसरी तिमाही के 5.6% और इस साल की पहली तिमाही के 7.8% से भी ज्यादा है।

किन सेक्टर्स ने पकड़ी सबसे तेज़ रफ्तार

सेक्टर ग्रोथ रेट
सर्विस सेक्टर 10.2%
मैन्युफैक्चरिंग 9.1%
सेकेंडरी सेक्टर 8.1%
कंस्ट्रक्शन 7.2%
एग्रीकल्चर 3.5%

टर्शियरी सेक्टर ने कुल मिलाकर 9.2% की वृद्धि दर्ज की, जबकि प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PFCE) में 7.9% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले वर्ष के 6.4% मुकाबले तेज रही।

GDP ग्रोथ की प्रमुख वजहें

1. सरकारी खर्च और निवेश में मजबूती

पहले से चल रहे बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने उद्योगों में गतिविधि बढ़ाई, जिससे अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिला।

2. मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं का तेज़ विस्तार

उत्पादन स्तर बढ़ने के साथ सर्विस सेक्टर ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

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3. ग्रामीण मांग में सुधार

त्योहारी सीज़न में ग्रामीण इलाकों से मजबूत मांग देखने को मिली, जिसने बाजारों को गति दी।

भारत की GDP में उछाल से क्या होंगे फायदे?

  • RBI ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रख सकता है, जिससे महंगाई नियंत्रण में रहने की उम्मीद बढ़ती है।
  • बचत पर बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ सकती है यदि भविष्य में ब्याज़ दरें बढ़ती हैं।
  • मजबूत GDP आंकड़े निवेशकों को भरोसा देते हैं कि भारतीय कंपनियाँ बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं
  • तेज़ आर्थिक गतिविधि से नौकरी के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही वेतन वृद्धि की संभावना भी मजबूत होगी।
  • रियल एस्टेट सेक्टर में भी नई जान आने की उम्मीद है, क्योंकि आर्थिक गति निर्माण कार्यों को बढ़ावा देती है।

Sahara Refund News: सहारा निवेशकों के लिए रिफंड प्रक्रिया शुरू, जानें पूरी प्रोसेस

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सहारा ग्रुप की निवेश योजनाओं में करोड़ों निवेशकों का पैसा कई साल से फंसा हुआ है। सरकार ने जुलाई 2025 में सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया, जिससे निवेशक अब अपने फंसे हुए पैसे ऑनलाइन वापस पा सकते हैं।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सहारा की चार को-ऑपरेटिव सोसाइटीज के जमाकर्ताओं के लिए रिफंड प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया से उन निवेशकों को राहत मिलेगी, जिन्होंने वर्षों से अपनी गाढ़ी कमाई का इंतजार किया है।

कितने पैसे का रिफंड होगा?

सहारा कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने निवेशकों से 24,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम अवैध तरीके से जमा की और उसे वापस नहीं लौटाया। इन पर पोंजी स्कीम चलाने और मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप लगे थे।

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सितंबर 2025 तक 5.43 करोड़ निवेशकों ने 1,13,504.124 करोड़ रुपये का दावा किया था। इनमें से 26,25,090 वास्तविक जमाकर्ताओं को अब तक 5,053.01 करोड़ रुपये की राशि वापस की जा चुकी है।

अगले कुछ वर्षों में अनुमान है कि दिसंबर 2026 तक करीब 32 लाख निवेशक अपने दावे दाखिल कर सकते हैं।

किसे मिलेगा रिफंड?

रिफंड उन निवेशकों को मिलेगा जिन्होंने पैसा लगाया था:

  • सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (लखनऊ)
  • सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसाइटी लिमिटेड (लखनऊ)
  • हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (कोलकाता)
  • स्टार्स मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

इन निवेशकों को अब किसी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं, सभी दावे ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

रिफंड पोर्टल क्या है?

सीआरसीएस (Central Registrar of Cooperative Societies) Sahara Refund Portal एक सरकारी वेबसाइट है। इस पोर्टल से जमाकर्ता सीधे अपने पैसे वापस पा सकते हैं, जिसमें किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं है। यह सुरक्षित और पारदर्शी तरीका है।

अगर किसी निवेशक ने चारों समितियों में पैसा लगाया है, तो वह एक ही फॉर्म भरकर सभी का दावा कर सकता है।

रिफंड पाने की आसान प्रक्रिया

  1. पोर्टल के होमपेज पर ‘रजिस्ट्रेशन’ पर क्लिक करें।
  2. अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  3. कैप्चा भरें और ‘गेट OTP’ पर क्लिक करें।
  4. मोबाइल पर आए OTP को वेरिफाई करें।
  5. रजिस्ट्रेशन के बाद, ‘डिपॉजिटर लॉगिन’ पर जाएं।
  6. OTP वेरिफिकेशन के बाद आपकी जानकारी अपने आप आ जाएगी।
  7. क्लेम फॉर्म भरें: अपनी समिति चुनें, जमा राशि का विवरण दें और पासबुक/सर्टिफिकेट नंबर जैसी जानकारी डालें।

यूपी में एसआईआर से घुसपैठिए बाहर होंगे, विपक्ष का होगा सफाया-मंत्री धर्मपाल सिंह का बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के पशुपालन एवं दुग्ध विकास और मेरठ प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग (ईवीएम/मतदाता पंजीकरण) के निर्देश पर चल रही एसआईआर (सर्वे ऑफ़ इलेक्टोरल रोल) प्रक्रिया देश, प्रदेश और मतदाताओं के हित में है। मंत्री का कहना है कि इस प्रक्रिया से विदेशी घुसपैठिए बाहर होंगे और फर्जी मतदाता हटेंगे।

धर्मपाल सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस और सपा के कई लोग फर्जी मतदाता पंजीकृत करवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर से इन दलों के लिए यह मुश्किलें बढ़ रही हैं। मंत्री ने कहा, “लोकतंत्र के लिए यह प्रक्रिया बहुत जरूरी है और इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए।”

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विपक्ष की प्रतिक्रिया पर उन्होंने कहा कि इसमें उनकी घबराहट इस बात से है कि भविष्य में उन्हें चुनाव में सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश में तीसरी बार भारी बहुमत से सरकार बनाएगी।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। अखिलेश यादव ने एसआईआर के लिए समय बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने बीएलओ की हालिया मौत पर सरकार को घेरा और कहा कि किसी भी गलती के लिए बीएलओ को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं है। उनका कहना है कि मतदान का अधिकार संवैधानिक अधिकार है और मतदाता को एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं में फंसा कर अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।

समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की नाकामी की वजह से मतदाता परेशान हैं और करोड़ों लोगों के वोट कटने की आशंका है।

यूपी के इस विकास प्राधिकरण में रिटायर्ड अफसरों के लिए खुशखबरी,बड़े पैमाने पर भर्ती की तैयारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) जल्द ही अपनी नई टाउनशिप परियोजनाओं के लिए रिटायर्ड राजस्व अधिकारियों की व्यापक भर्ती करने जा रहा है। एलडीए बोर्ड की आगामी बैठक 5 दिसंबर को इस प्रस्ताव पर विचार करेगी। योजना के तहत 50 नायब तहसीलदार, तहसीलदार और कानूनगो/लेखपालों को संविदा आधारित नियुक्ति दी जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, विकास प्राधिकरण की सीतापुर रोड, आगरा एक्सप्रेसवे, मोहन रोड और सुल्तानपुर रोड पर नई आवासीय और मिश्रित उपयोग टाउनशिप विकसित करने की योजना है। भूमि अधिग्रहण की वर्तमान धीमी गति को तेज करने के लिए अनुभवी रिटायर कर्मियों को तैनात किया जाएगा। संविदा कर्मियों का काम स्थानीय राजस्व अभिलेखों के सत्यापन, मुआवज़े निर्धारण और जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाना होगा।

एलडीए का मानना है कि अनुभवी कर्मियों की तैनाती से न केवल कागजी और राजस्व संबंधी औपचारिकताओं में तेजी आएगी, बल्कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। शहर के अन्य क्षेत्रों में भविष्य की परियोजनाओं के लिए भी जमीन अधिग्रहण की संभावनाओं को समानांतर रूप से तलाशा जाएगा।

अटल नगर आवासीय योजना: 1 बीएचके के लिए आवेदन 2 दिसंबर तक

एलडीए की अटल नगर आवासीय योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि 2 दिसंबर, 2025 है। 30 नवंबर तक पंजीकरण पुस्तिका खरीदने वाले आवेदक ही रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। अभी तक 01 बीएचके टाइप-बी के 416 फ्लैटों के लिए केवल 155 आवेदन प्राप्त हुए हैं, इसलिए सभी इच्छुक आवेदकों को फ्लैट मिलने की संभावना है।

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पंजीकरण केवल एलडीए की वेबसाइट के माध्यम से होगा। इसके लिए फ्लैट की अनुमानित कीमत का 5% पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए यह शुल्क 2.5% है। फ्लैट आवंटन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि देवपुर पारा में लांच की गई अटल नगर योजना में 12 से 19 मंजिल के 15 टावरों में कुल 2,496 फ्लैट हैं। इनमें 1,832 फ्लैट 01 बीएचके और 664 फ्लैट 02 बीएचके के हैं। फ्लैट का क्षेत्रफल 30 वर्गमीटर से लेकर 54.95 वर्गमीटर तक है और कीमत 9.82 लाख रुपये से शुरू होती है।

अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक चल रही थी, जिसे बढ़ाकर 2 दिसंबर किया गया है। पंजीकरण पुस्तिका 30 नवंबर तक ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।

खुशखबरी! Aadhaar में मोबाइल नंबर बदलने का झंझट खत्म! UIDAI ने शुरू की नई सुविधा, घर बैठे सिर्फ 2 मिनट में होगा अपडेट

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  Aadhaar आज देश में पहचान और वेरिफिकेशन का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। बैंकिंग से लेकर मोबाइल कनेक्शन, सरकारी योजनाओं से लेकर ऑनलाइन सर्विसेज तक सभी जगह Aadhaar आधारित OTP वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है। लेकिन कई बार मोबाइल नंबर बदल जाने, खो जाने या बंद हो जाने पर Aadhaar से लिंक नंबर काम नहीं करता और जरूरी प्रक्रियाएं अटक जाती हैं।

अब 2025 में UIDAI ने बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि Aadhaar में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए अब सेवा केंद्र जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नई Aadhaar App के लॉन्च के बाद UIDAI मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा घर बैठे, बिना किसी दस्तावेज के, केवल OTP + Face Authentication के आधार पर देने की तैयारी में है। यानी अब लंबी लाइनों, अपॉइंटमेंट और कागज़ी औपचारिकताओं से छुटकारा।

 किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा?

यह सुविधा उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी-जिनका पुराना नंबर बंद हो गया है, जिन्होंने नया नंबर ले लिया है| जिनके पास Aadhaar केंद्र तक जाने का समय नहीं है| वरिष्ठ नागरिक या ऐसे लोग जिन्हें बाहर जाने में कठिनाई होती है| UIDAI का उद्देश्य Aadhaar से जुड़ी सेवाओं को अधिक डिजिटल, सुरक्षित और तुरंत उपलब्ध कराना है।

नया Aadhaar App: क्या-क्या है खास?

UIDAI के नए ऐप में कई अहम फीचर्स शामिल किए गए हैं-एक ऐप में कई Aadhaar प्रोफाइल जोड़ने की सुविधा, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक का विकल्प (बेहतर सुरक्षा के लिए) बिना पेपर के QR आधारित Aadhaar शेयरिंग , Face Authentication से तुरंत मोबाइल नंबर अपडेट | तेज़ और सुरक्षित वेरिफिकेशन सिस्टम|

ध्यान रखने योग्य बातें

सुविधा आसान है, लेकिन कुछ बातें जरूरी हैं- फिंगरप्रिंट, आइरिस या फोटो अपडेट अब भी केवल Enrollment Centre पर ही होगा| अगर आपका पुराना नंबर बंद है और OTP नहीं आ रहा, तो पहले नजदीकी केंद्र पर पहचान की पुष्टि करनी होगी | अपडेट के बाद SMS/नोटिफिकेशन आने तक Aadhaar संबंधित वेरिफिकेशन रोक दें | ऐप केवल Google Play Store / App Store से ही डाउनलोड करें |

मोबाइल नंबर अपडेट क्यों जरूरी है?

Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर कई महत्वपूर्ण सेवाओं में काम आता है- बैंक खाता KYC, नया मोबाइल सिम, UPI एक्टिवेशन, PAN-Aadhaar लिंकिंग, LPG सब्सिडी, DigiLocker, पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी योजनाएं, IT रिटर्न ई-फाइलिंग गलत या बंद नंबर इन सभी सेवाओं में बाधा बन सकता है।

Aadhaar App से मोबाइल नंबर अपडेट कैसे होगा?

UIDAI की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होगी-Aadhaar App डाउनलोड करें (Play Store/App Store से)

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  1. ऐप खोलकर अपना 12-डिजिट Aadhaar नंबर दर्ज करें
  2. कैमरे के सामने फेस ऑथेंटिकेशन करें
  3. नया मोबाइल नंबर भरें
  4. उस नंबर पर भेजे गए OTP को एंटर करें
  5. स्क्रीन पर मैसेज दिखेगा—
    “Mobile Number Updated Successfully”

पूरी प्रक्रिया लगभग 2 मिनट में पूरी हो जाएगी।