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यूपी के छात्रों को राहत: प्रवेश छोड़ने पर फीस रिफंड जल्द मिलेगा, राजभवन ने दिए कड़े निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब प्रवेश छोड़ने की स्थिति में छात्रों को फीस वापसी के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को निर्देश दिया है कि फीस रिफंड प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और ऑनलाइन की जाए।

नए नियमों के अनुसार संस्थानों को फीस वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देनी होगी और अपनी वेबसाइट पर पूरी प्रक्रिया का विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि छात्र से ली गई फीस हर हाल में लौटाई जाए।

छात्रों को अब नहीं करने पड़ेंगे चक्कर

वर्तमान व्यवस्था में छात्र प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कई संस्थानों में आवेदन कर देते हैं। जहां पहले प्रवेश मिलता है, वहां फीस जमा करनी पड़ती है।

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बाद में बेहतर संस्थान में सीट मिलने पर वे फीस वापसी के लिए जाते हैं, लेकिन अक्सर संस्थान बहानों से रिफंड टालते रहते हैं, जिससे छात्रों—खासकर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों—को बड़ी परेशानी होती है।

एक महीने में आवेदन करने वालों को प्राथमिकता

राजभवन ने निर्देश दिया है कि प्रवेश के एक महीने के भीतर फीस रिफंड के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का रिफंड सबसे पहले प्रोसेस किया जाए। रिफंड सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि: फीस रिफंड प्रक्रिया ऑनलाइन हो, देरी न हो, फीस वापसी में कोई भी बहाना स्वीकार नहीं होगा| छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए| राजभवन के इस फैसले से हजारों छात्रों को अब फीस वापसी से जुड़ी लंबी प्रक्रिया और परेशानियों से राहत मिलेगी।

हज यात्रा 2026: यात्रियों को मिलेगा स्मार्ट बैंड, भटकने से बचाएगा और देगा रीयल-टाइम सुरक्षा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- हज कमेटी ऑफ इंडिया वर्ष 2026 की हज यात्रा को और अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक बनाने के लिए नई तकनीक पेश कर रही है। कमेटी ने घोषणा की है कि अगले हज सीज़न में सभी चयनित यात्रियों को स्मार्ट बैंड उपलब्ध कराया जाएगा। यह बैंड हज सुविधा ऐप से जुड़ा होगा और यात्रियों की रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे उनके रास्ता भटकने या खो जाने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

आपात स्थिति में यह बैंड तुरंत SMS अलर्ट भेजेगा, जिससे समय पर सहायता उपलब्ध हो सके।

वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा ध्यान में रखकर बनाई गई योजना

उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि अधिकांश हज यात्री वरिष्ठ नागरिक होते हैं, जिन्हें मोबाइल ऐप का उपयोग करने में कठिनाई होती है। ऐसे में स्मार्ट बैंड उनके लिए एक सरल और प्रभावी सुरक्षा उपकरण साबित होगा।

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उन्होंने कहा कि सरकार हज यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, और यह बैंड सुरक्षा, सहायता और निगरानी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा।

फरवरी में होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

एसपी तिवारी के अनुसार जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी तक हज कमेटी ऑफ इंडिया से स्मार्ट बैंड प्राप्त हो जाएंगे। इसके बाद प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें यात्रियों को बताया जाएगा कि यह बैंड कैसे काम करता है, इसके फीचर क्या हैं और मुश्किल समय में इसका उपयोग कैसे करना है। यह पहल न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाएगी बल्कि उनके परिवारों को भी मानसिक शांति प्रदान करेगी।

 यूपी से 18,760 हज यात्री चयनित

वर्ष 2026 की हज यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश से 18,760 यात्रियों का चयन किया गया है। अब किस्तें जमा कराने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद निर्धारित समय पर हज कैंप आयोजित किए जाएंगे।

अमिताभ बच्चन झांसी के वोटर? 2003 की फर्जी SIR लिस्ट वायरल, प्रशासन ने बताया सच

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में इन दिनों स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चल रहा है। इस बीच गुरुवार को झांसी से एक चौंकाने वाली सूचना वायरल हो गई। दावा किया जा रहा था कि बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन झांसी सदर विधानसभा के मतदाता हैं और उन्होंने वर्ष 2003 के चुनाव में मतदान भी किया था। सोशल मीडिया पर जिस सूची का स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, उसमें अमिताभ बच्चन, उनके पिता हरिवंश राय बच्चन का नाम और मकान नंबर-54 तक दर्ज बताया गया।

जैसे ही यह जानकारी तेजी से फैली, प्रशासन अलर्ट हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। अधिकारियों का कहना है कि किसी शरारती तत्व ने मतदाता सूची में छेड़छाड़ कर फर्जी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इस मामले में नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने बताया—फर्जी सूची वायरल की गई

ओरछागेट बाहर मोहल्ला कछियाना में चल रहे SIR अभियान के दौरान 2003 की एक कथित मतदाता सूची का हवाला देकर दावा किया गया कि अमिताभ बच्चन का नाम सूची में मौजूद है और उनकी उम्र 76 वर्ष दर्ज है।

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जिला सूचना कार्यालय ने स्पष्ट किया कि अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध 2003 की आधिकारिक मतदाता सूची में ऐसा कोई नाम नहीं है। वायरल की गई सूची छेड़छाड़ कर बनाई गई नकली प्रति है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

उप जिलाधिकारी (सदर) गोपेश तिवारी ने कहा, “मतदाता सूची में अमिताभ बच्चन पुत्र हरिवंश राय जैसा कोई नाम न वर्तमान में है और न ही पहले था। वायरल सूची फर्जी है और किसी ने जानबूझकर इसमें बदलाव किया है। मामले की जांच की जा रही है।”

SIR अभियान के दौरान सामने आ रही गड़बड़ियां

बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कर रहे हैं। कई परिवारों ने शिकायत की है कि उनके 6 सदस्यों में से केवल 2 के नाम ही सूची में हैं। इसी बीच अमिताभ बच्चन वाला दावा सामने आया, जिसने पूरे इलाके में चर्चा बढ़ा दी।

मदीना से 180 यात्रियों को लेकर हैदराबाद जा रही इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग- सभी सुरक्षित

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सऊदी अरब के मदीना से हैदराबाद आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 058 में बम की धमकी का अलर्ट मिलने के बाद विमान में हड़कंप मच गया। सुरक्षा कारणों से प्लेन को मंगलवार सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी रूप से उतारना पड़ा। विमान में 180 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे।

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार उड़ान के दौरान बम की धमकी मिलने के बाद तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी जानकारी दी गई। एटीसी ने सतर्कता बरतते हुए विमान को अहमदाबाद डायवर्ट करने का आदेश दिया।

अहमदाबाद के डीसीपी अतुल कुमार बंसल ने बताया कि हैदराबाद एयरपोर्ट को फ्लाइट के संबंध में एक धमकी भरा ईमेल मिला था। प्रारंभिक जांच में किसी यात्री की संदिग्ध गतिविधि का पता नहीं चला है। पुलिस, CISF, NDRF और अन्य एजेंसियों ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल तुरंत सक्रिय कर दिए।

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विमान की प्रारंभिक तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, हालांकि बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विशेषज्ञ फ्लाइट की गहन जांच जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों ने साफ किया कि पूरी तरह संतुष्ट होने तक विमान को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फ्लाइट को “सुरक्षा कारणों से अहमदाबाद डायवर्ट किया गया और सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।” सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें टर्मिनल में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

विधि के चेहरे पर उड़ेली थी चाय, अब डुबोकर मारा;जलन में चार बच्चों की हत्या करने वाली पूनम की खौफनाक कहानी उजागर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- हरियाणा के सोनीपत से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पूनम नाम की एक महिला द्वारा चार वर्षों के भीतर चार बच्चों की हत्या करने का खुलासा हुआ है। इन मृतकों में उसका अपना बेटा भी शामिल है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित सुंदर बच्चियों से जलन के कारण उन्हें निशाना बनाती रही। जिस 6 साल की बच्ची विधि की हत्या के बाद यह पूरा मामला खुला, उसे पूनम चार साल पहले भी मारने की कोशिश कर चुकी थी, जब उसने गर्म चाय उसके चेहरे पर उड़ेल दी थी। उस समय परिवार ने इसे दुर्घटना मानकर अनदेखा कर दिया था।

टब में डुबाकर की हत्या, दादी ने देखा निर्जीव शव

सोमवार को पूनम ने अपने दूसरे प्रयास में भतीजी विधि की जान ले ली। आरोप है कि उसने बच्ची को एक प्लास्टिक के टब में डुबोकर मार दिया। जब दादी ने बच्ची को बेसुध देखा, तो घर में चीख-पुकार मच गई। शुरुआत में यह भी एक हादसा माना गया, लेकिन जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यह सुनियोजित हत्या थी।

चार साल में चार बच्चों की बलि

जांच में सामने आया कि पूनम पहले भी रिश्तेदारों की तीन बच्चियों को मौत के घाट उतार चुकी थी। इनमें 2023 में 9 साल की इशिका, फिर 8 साल की जिया और तीसरी 6 वर्षीय विधि शामिल है। पुलिस के अनुसार वह आकर्षक दिखने वाली बच्चियों से जलन रखती थी और इसी सनक में उन्हें निशाना बनाती रही।

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उसने 2023 में अपने बेटे शुभम की भी हत्या की थी। पुलिस का संदेह है कि पहली हत्या के बाद परिवार में उस पर शक होने लगा था, इसलिए उसने खुद को पीड़ित दिखाने के लिए बेटे को ही मार डाला।

शादी समारोह के दौरान दिया वारदात को अंजाम

1 दिसंबर को परिवार में शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान जब सभी लोग घर से बाहर थे, पूनम ने विधि को सीढ़ियों से ऊपर जाते देखा। वह उसके पीछे गई, उससे बातचीत की और फिर स्टोररूम के बाहर रखे टब में पानी भरकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने दरवाजा बाहर से बंद किया और नीचे आ गई।

पूछताछ में कबूला अपराध

सोनीपत के एसपी भूपेंद्र सिंह के अनुसार पुलिस पूछताछ में पूनम ने सभी हत्याओं की बात स्वीकार कर ली है। बुधवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

आरोपी पूनम पानीपत के सिवाह गांव की रहने वाली है और शादी के बाद सोनीपत के भावर गांव में रहती है। उसके पति नवीन और विधि के पिता संदीप चचेरे भाई हैं।

हार्दिक पांड्या की दीवानगी चरम पर, बेकाबू भीड़ के कारण बदलना पड़ा मुश्ताक अली ट्रॉफी मैच का मैदान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी एक झलक पाने उमड़ी भारी भीड़ के कारण सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का एक मुकाबला अचानक बदलना पड़ा। गुरुवार को हैदराबाद के जिमखाना मैदान में बड़ौदा और गुजरात की टीमें आमने-सामने होने वाली थीं, लेकिन सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए मैच को राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया गया।

चोट से उबरने के बाद हार्दिक का यह दूसरा घरेलू मुकाबला था, जिसके चलते दर्शकों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक हो गई। अधिकारियों के अनुसार टीम होटल से लेकर अभ्यास नेट्स और टिकट काउंटरों तक चारों ओर असाधारण भीड़ जमा हो गई थी। इस वजह से आयोजन समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए मैच को बड़े स्टेडियम में कराने का निर्णय लिया।

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मैच में बड़ौदा ने गुजरात को आठ विकेट से मात दी। पंजाब के खिलाफ 77 रन की नाबाद पारी खेलने वाले हार्दिक ने इस मैच में 10 रन बनाए और एक विकेट भी हासिल किया। ऑलराउंडर अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 9 दिसंबर से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज़ में भारत की जर्सी में नजर आएंगे।

आयोजन समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “दर्शकों की संख्या हमारी अपेक्षा से कई गुना ज्यादा थी। भीड़ नियंत्रण और खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मैच को बड़े स्टेडियम में स्थानांतरित करना ज़रूरी हो गया था।”

कंगना रनौत ने राहुल गांधी को दी सलाह: “बीजेपी में शामिल हो जाइए, आप भी वाजपेयी बन सकते हैं”

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी ने कहा था कि मौजूदा सरकार विदेशी मेहमानों को नेता विपक्ष से मिलने नहीं देती, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ऐसी मुलाकातें नियमित रूप से होती थीं। इसी बयान पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

कंगना रनौत ने एएनआई से बातचीत में कहा कि “सरकार अपने फैसले खुद लेती है। अटल जी राष्ट्रीय धरोहर थे और पूरा देश उन पर गर्व करता था। लेकिन राहुल गांधी की देश के प्रति भावनाएं संदिग्ध लगती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी गतिविधियां होती हैं—चाहे दंगे भड़काने की कोशिश हो या देश को बांटने की साजिश—इन सबमें उनकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी खुद की तुलना अटल बिहारी वाजपेयी से कर रहे हैं, तो उन्हें भाजपा में शामिल होने पर विचार करना चाहिए। कंगना ने कहा, “भगवान ने आपको जीवन दिया है, आप भी अटल जी जैसे बन सकते हैं। बस बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए।”

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राहुल गांधी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय विपक्ष के नेता को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिलने की अनुमति नहीं देते। उनके अनुसार वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकारों में ऐसी मुलाकातें सामान्य परंपरा थीं। उन्होंने कहा कि न केवल भारत आने वाले विदेशियों को उनसे मिलने से रोका जाता है, बल्कि विदेश यात्राओं के दौरान भी उन्हें सलाह दी जाती है कि कुछ लोगों से मुलाकात न करें।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा पर पूछे गए सवाल में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष भी देश का प्रतिनिधित्व करता है और उसका दृष्टिकोण अलग होता है। इसलिए विदेशी नेताओं से मिलने की अनुमति मिलना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है।

उधर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी राहुल गांधी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विदेशी मेहमानों को विपक्ष के नेताओं से मिलने की आजादी होनी चाहिए।

पत्रकार ने पूछा सवाल, तो रेणुका चौधरी ने दिया ‘भौं-भौं’ वाला जवाब; वीडियो वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं। संसद में कुत्ते के साथ पहुंचने को लेकर उन पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाए जाने की चर्चाओं के बीच जब मीडिया ने उनसे सवाल पूछा, तो उन्होंने ‘भौं-भौं’ करके प्रतिक्रिया दी। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पत्रकारों द्वारा प्रस्ताव पर सवाल पूछे जाने पर रेणुका चौधरी ने हल्के अंदाज़ में कहा, “भौं-भौं… और क्या कहूंगी?”
उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके खिलाफ प्रस्ताव लाया जाता है तो वे “मुंहतोड़ जवाब” देंगी।

चौधरी ने दावा किया कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है। उन्होंने कहा, “अगर वे विशेषाधिकार उल्लंघन का प्रस्ताव लाना चाहते हैं, तो लाने दें। मुझे फर्क नहीं पड़ता। हिंदू धर्म में कुत्तों का महत्व है। पहले भी नेता अलग-अलग प्रतीक लेकर संसद आए हैं।”

कुत्ते के साथ संसद पहुंचने पर विवाद

सोमवार को शीतकालीन सत्र के पहले दिन रेणुका चौधरी एक कुत्ते को लेकर संसद पहुंचीं। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे आवारा कुत्ते को पशु चिकित्सक के पास ले जा रही थीं।

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उनका बयान था— “यह सीधा है, काटता नहीं है। काटते तो वे लोग हैं जो संसद में बैठकर सरकार चला रहे हैं।”

भाजपा ने लगाया ‘संसद की गरिमा भंग’ करने का आरोप

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों ने संसद की मर्यादा को आहत किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और रेणुका चौधरी दोनों को “सांसद होने की जिम्मेदारी” समझनी चाहिए।

पात्रा ने कहा कि राजनीति में असहमति हो सकती है, लेकिन सांसदों के बीच शत्रुता दिखाना या अनुचित टिप्पणियां करना स्वीकार्य नहीं है।

महापुरुषों की जयंती-पुण्यतिथि पर स्थलों पर नहीं जाएंगी मायावती;आंबेडकर की बरसी से पहले बसपा चीफ का फैसला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को घोषणा की कि अब वह महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर उनसे जुड़े स्मारकों या स्थलों पर स्वयं उपस्थित नहीं होंगी। इसके बजाय वह अपने निवास या पार्टी कार्यालय में ही श्रद्धांजलि देंगी।

यह निर्णय उन्होंने 6 दिसंबर को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि से पहले लिया है। एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए मायावती ने कहा कि उनके स्मारकों पर पहुंचने पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्होंने यह बदलाव किया है।

मायावती ने कहा कि उनके शासनकाल में महात्मा ज्योतिबा फुले, शाहूजी महाराज, नारायण गुरु, बाबा साहेब आंबेडकर और कांशीराम सहित कई महान सामाजिक सुधारकों का सम्मान करते हुए बड़े पैमाने पर स्मारक और पार्क बनवाए गए थे। ये स्थल अब अनुयायियों के लिए तीर्थस्थल जैसे बन चुके हैं, जहां विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से भीड़ का मुख्य स्थल से दूर रोका जाना अनुयायियों के लिए असुविधाजनक होता है। इसी वजह से उन्होंने जयंती और पुण्यतिथि के दिन वहां न जाने का फैसला लिया है।

6 दिसंबर को आंबेडकर की पुण्यतिथि ऐसे मनाएगी बसपा

मायावती ने बताया कि 6 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों के बसपा कार्यकर्ता और अनुयायी लखनऊ स्थित डा. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर श्रद्धांजलि देंगे।
वहीं, पश्चिमी यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित करें।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के संघर्ष से प्रेरणा लेकर बसपा कार्यकर्ता सामाजिक सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई को आगे बढ़ाते रहेंगे।

PM मोदी को इंटरनेशनल मंच पर ‘चायवाला’ दिखाने वाला AI वीडियो बना विवाद का कारण; बीजेपी बोली-कांग्रेस ने दोहराई 2014 की गलती

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस नेताओं द्वारा साझा किए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक AI जनरेटेड वीडियो ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस वीडियो में पीएम मोदी को एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर चाय बेचते हुए दिखाया गया है। बीजेपी ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री की आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

वीडियो को कांग्रेस नेताओं रागिनी नायक और रेणुका चौधरी ने अपने एक्स अकाउंट्स पर शेयर किया था, जिसके बाद भाजपा ने इसे “ओबीसी समुदाय के प्रति अपमान” करार दिया।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर देख ही नहीं पा रही है, जो साधारण और गरीब परिवार से आया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि “कांग्रेस के नामदार इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे कि एक कामदार देश का नेतृत्व कर सकता है। इसी हताशा में वे बार-बार पीएम मोदी का व्यक्तिगत मजाक उड़ाते हैं।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेता पहले भी कई बार पीएम और उनके परिवार पर व्यक्तिगत हमले कर चुके हैं।

2014 का ‘चायवाला’ विवाद फिर चर्चा में

AI वीडियो सामने आते ही 2014 का वह बयान भी फिर से सुर्खियों में आ गया है, जब कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने नरेंद्र मोदी के “चायवाला” बैकग्राउंड पर तंज कसा था। उस बयान के बाद कांग्रेस को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा था।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी पर निजी हमले अक्सर उलटे ही पड़ते हैं, और भाजपा इन्हें अपने समर्थन गठबंधन को मजबूत करने के लिए मुद्दा बना लेती है।
इस बार भी भाजपा ने इस AI वीडियो को प्रधानमंत्री की ओबीसी पहचान से जोड़कर मुद्दा उठाना शुरू कर दिया है।