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यूपी में ‘लाल टोपी’ को लेकर सियासी तकरार तेज, सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव पर किया जवाबी हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों नेताओं के तीखे बयान और एक-दूसरे पर किए गए कटाक्षों से कन्नौज की राजनीति में खासा उबाल देखने को मिल रहा है।

शुक्रवार को अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए व्यंग्यात्मक पोस्ट के बाद अब पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने भी एक्स (पूर्व ट्विटर) और मेटा प्लेटफॉर्म पर पलटवार किया है। उन्होंने लिखा कि काला चश्मा धूप से आंखों को राहत देता है और देखने की क्षमता को बेहतर बनाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में लाल टोपी आतंक का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाल टोपी पहनने वालों का रंग भले ही लाल हो, लेकिन उनके काम हमेशा “काले कारनामों” से जुड़े रहते हैं। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने तथ्यों की जांच कर लें और पूरा वीडियो सुनने के बाद ही प्रतिक्रिया दें।

दरअसल, कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में सुब्रत पाठक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एसआईआर अभियान को समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदेह बताया था। उन्होंने दावा किया था कि यह अभियान सपा के लिए निर्णायक साबित होगा और भविष्य में पार्टी का नामोनिशान ढूंढ़ना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कन्नौज की तीन विधानसभा सीटों में लगभग तीन लाख वोट कटने की बात भी कही थी। पाठक का यह भी कहना था कि एसआईआर से भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि कार्रवाई फर्जी मतदाताओं पर की जाएगी।

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इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सुब्रत पाठक का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बयान को लोकतंत्र विरोधी करार दिया और सवाल उठाया कि क्या पूर्व भाजपा सांसद वैध मतदाताओं के वोट कटवाने की बात कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई की मांग भी की।

अपने पोस्ट में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा था कि पूर्व भाजपा सांसद “काला चश्मा” पहनकर यह भूल गए हैं कि उनके बयान उनकी ही पार्टी के मुख्यमंत्री की बातों से मेल नहीं खाते। उन्होंने यह भी कहा था कि जैसे ही मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आएगा, संबंधित नेता को जवाब देना पड़ेगा। इसके अलावा दूरबीन से जुड़े कटाक्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने संकेत दिया था कि ऐसे बयान देने वालों को चुनाव आयोग, लखनऊ और दिल्ली—तीनों जगहों से जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है।

दोनों नेताओं के बीच जारी इस बयानबाज़ी से जिले की राजनीति में हलचल बनी हुई है। वहीं सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

एपस्टीन फाइल्स की नई खेप सार्वजनिक, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति समेत कई हाई-प्रोफाइल नामों का जिक्र

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका के बहुचर्चित जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़ी फाइल्स की एक और बड़ी खेप सार्वजनिक कर दी गई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को इस मामले से जुड़े करीब तीन लाख से अधिक दस्तावेज जारी किए हैं। इन दस्तावेजों में सैकड़ों तस्वीरें भी शामिल हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है।

इन फाइल्स में कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, दिवंगत पॉप स्टार माइकल जैक्सन और ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू जैसे नाम शामिल हैं। न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज जारी करते समय पीड़ितों की पहचान छिपाने का पूरा प्रयास किया गया है, हालांकि अनजाने में कुछ संवेदनशील जानकारियां सामने आ सकती हैं।

अभी और खुलासे बाकी

न्याय विभाग के अनुसार, एपस्टीन मामले से जुड़ी कई फाइल्स अब भी रोकी गई हैं क्योंकि उनकी जांच जारी है। जारी किए गए दस्तावेजों की संख्या काफी अधिक है, ऐसे में इनके राजनीतिक और कानूनी असर को लेकर फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

बीते कई महीनों से यह मामला अमेरिका ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी हलचल मचा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे फाइल्स की समीक्षा आगे बढ़ेगी, इस केस से जुड़ी कई और परतें खुल सकती हैं।

क्या है जेफ्री एपस्टीन मामला?

जेफ्री एपस्टीन एक कुख्यात यौन अपराधी था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे थे। जेल में उसकी मौत के बाद से इस मामले से जुड़ी फाइल्स धीरे-धीरे सार्वजनिक की जा रही हैं। हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम सामने आने के कारण यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

ट्रंप के चुनावी वादे से ट्रांसपेरेंसी एक्ट तक

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के दौरान एपस्टीन फाइल्स को पूरी तरह सार्वजनिक करने का वादा किया था। हालांकि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने इन फाइल्स को जारी करने में हिचक दिखाई और इसे डेमोक्रेटिक साजिश करार दिया। उन्होंने रिपब्लिकन सांसदों से भी इसका विरोध करने की अपील की थी।

इस रुख के चलते ट्रंप को अपने समर्थकों की आलोचना भी झेलनी पड़ी। एलन मस्क जैसे प्रभावशाली लोगों ने भी प्रशासन पर फाइल्स को दबाने के आरोप लगाए। आखिरकार राजनीतिक दबाव के बाद 19 नवंबर को ट्रंप ने ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ पर हस्ताक्षर किए, जिसे कांग्रेस ने भारी बहुमत से पारित किया। इसके बाद शुक्रवार को तीन लाख पेज सार्वजनिक किए गए।

बिल क्लिंटन की तस्वीरें चर्चा में

जारी की गई तस्वीरों में सबसे अधिक चर्चा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी तस्वीरों की हो रही है। इनमें से एक तस्वीर में क्लिंटन, एपस्टीन की करीबी सहयोगी और सह-आरोपी घिस्लेन मैक्सवेल के साथ स्विमिंग पूल में नजर आ रहे हैं, जहां कुछ अन्य महिलाएं भी मौजूद हैं।

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हालांकि, बिल क्लिंटन पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन के साथ अपने मेलजोल पर अफसोस है, लेकिन उन्हें उसकी किसी आपराधिक गतिविधि की जानकारी नहीं थी।

क्लिंटन की प्रतिक्रिया

नई तस्वीरों के सामने आने के बाद क्लिंटन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन इस मामले में खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि एपस्टीन के अपराध सामने आने से पहले ही क्लिंटन ने उससे अपने संबंध खत्म कर लिए थे और 20 साल पुरानी धुंधली तस्वीरें इस तथ्य को नहीं बदल सकतीं।

ट्रंप भी सवालों के घेरे में

इस पूरे मामले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी सवालों से घिरे हुए हैं। 2000 के दशक के मध्य तक एपस्टीन के साथ उनके संबंधों को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी लगातार सवाल उठा रही है। विपक्ष का आरोप है कि अब तक हुए खुलासे अधूरे हैं और यह पूरी प्रक्रिया एक कवर-अप की कोशिश हो सकती है।

नोट:- यह न्यूज़ गूगल से ली गई

दिल्ली एयरपोर्ट पर पायलट और यात्री के बीच ‘खूनी फाइट’, पायलट ने 7 साल की बेटी के सामने यात्री को किया लहूलुहान,सस्पेंड..

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक पायलट पर एक यात्री के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। इस कथित हमले में यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित यात्री ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए डीजीसीए, एयर इंडिया और दिल्ली पुलिस को टैग किया है।

घायल यात्री की पहचान अंकित दीवान के रूप में हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने चेहरे पर खून के निशान वाली तस्वीर साझा की है और साथ ही आरोपी पायलट की भी फोटो पोस्ट की है। घटना के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पायलट को जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया है।

एयरलाइन का बयान

एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस घटना की जानकारी उन्हें मिली है। बयान के मुताबिक, घटना में शामिल कर्मचारी उस समय ड्यूटी पर नहीं था और वह किसी अन्य एयरलाइन की फ्लाइट से यात्री के तौर पर यात्रा कर रहा था।

एयरलाइन ने कहा, “हम इस तरह के व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। संबंधित कर्मचारी को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से आधिकारिक ड्यूटी से हटा दिया गया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

7 साल की बेटी के सामने हुआ हमला

पीड़ित अंकित दीवान ने दावा किया है कि यह घटना दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 (T1) पर सिक्योरिटी एरिया के पास हुई। उन्होंने कहा कि आरोपी पायलट कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल ने उनके साथ मारपीट की, वह भी उनकी 7 साल की बेटी के सामने। दीवान के मुताबिक, उनकी बेटी इस घटना के बाद से सदमे में है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

अंकित दीवान ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे और उनके साथ एक 4 महीने का बच्चा स्ट्रोलर में था। इसी वजह से एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें स्टाफ के लिए निर्धारित सिक्योरिटी चेक से जाने को कहा।

दीवान का आरोप है कि उस लाइन में कुछ स्टाफ आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपी पायलट ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि क्या वह पढ़ना नहीं जानते कि यह एंट्री स्टाफ के लिए है। इसी कहासुनी के दौरान पायलट ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।

दबाव में लिखवाया गया पत्र?

पीड़ित यात्री ने दावा किया है कि घटना के बाद उन्हें एक पत्र लिखने के लिए मजबूर किया गया, जिसमें उनसे कहा गया कि वे इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे। दीवान का कहना है कि उनसे कहा गया कि या तो वह ऐसा पत्र लिखें या फिर अपनी फ्लाइट मिस करें, जिससे उनकी करीब 1.2 लाख रुपये की छुट्टियों की बुकिंग बर्बाद हो जाती।

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उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वह दिल्ली लौटने के बाद शिकायत दर्ज नहीं करा सकते और क्या दो दिनों में सीसीटीवी फुटेज गायब हो जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय आरोपी पायलट ड्यूटी पर नहीं था और झगड़े के बाद वह इंडिगो की फ्लाइट से बेंगलुरु चला गया। हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस या एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से अब तक आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो पाई है।

Aaj Ka Rashifal 20 December 2025: मेष से मीन तक जानिए कैसा रहेगा आपका दिन, ग्रहों की चाल का असर

Aaj Ka Rashifal 20 December 2025: आज 20 दिसंबर 2025 को ग्रहों की स्थिति कई राशियों के लिए बदलाव और सावधानी का संकेत दे रही है। गुरु मिथुन में, केतु सिंह में, बुध और शुक्र वृश्चिक में, सूर्य-मंगल-चंद्रमा धनु में, राहु कुंभ में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का हाल—

मेष राशि

मान-सम्मान को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में भी सकारात्मक संकेत हैं। सूर्य को जल अर्पित करें और लाल वस्तु पास रखें।

वृषभ राशि

दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। चोट लगने या किसी परेशानी में फंसने की आशंका है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति संतोषजनक रहेगी। हरी वस्तु पास रखें और पीली वस्तु का दान करें।

मिथुन राशि

दांपत्य जीवन में थोड़ी नीरसता महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य और नौकरी में मध्यम स्थिति रहेगी। व्यापार सामान्य से अच्छा रहेगा। ऊर्जा स्तर थोड़ा कम रह सकता है। पीली वस्तु का दान शुभ रहेगा।

कर्क राशि

शत्रुओं पर प्रभाव बना रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव रह सकता है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में उतार-चढ़ाव संभव है। व्यापार ठीक चलेगा। लाल वस्तु पास रखना लाभकारी होगा।

सिंह राशि

संतान की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रेम संबंधों में बहस से बचें। मानसिक रूप से थोड़ा थकान महसूस हो सकती है। व्यापार सामान्य रहेगा। पीली वस्तु पास रखें।

कन्या राशि

घर का माहौल थोड़ा नकारात्मक रह सकता है। रक्तचाप में उतार-चढ़ाव संभव है। प्रेम, संतान और व्यापार के लिए समय अनुकूल है। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

तुला राशि

व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। स्वयं और परिवार के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। कंधे, नाक, कान या गले से जुड़ी समस्या संभव है। पीली वस्तु का दान करें।

वृश्चिक राशि

धन लाभ के योग हैं, लेकिन निवेश से फिलहाल बचें। अपनों के प्रति शब्दों में संयम रखें। प्रेम, संतान और व्यापार में स्थिति अच्छी रहेगी। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

ऊर्जा में कमी-बढ़ोतरी महसूस होगी। घबराहट और बेचैनी रह सकती है। स्वास्थ्य प्रभावित रहेगा, लेकिन प्रेम, संतान और व्यापार के लिए समय बहुत अच्छा है। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। सिरदर्द या आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है। प्रेम और संतान से जुड़ा पक्ष थोड़ा कमजोर रहेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। मां काली को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

यात्रा के दौरान परेशानी संभव है। कुछ भ्रामक समाचार मिल सकते हैं। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा, लेकिन आगे चलकर परिणाम सकारात्मक होंगे। हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि

कानूनी मामलों से दूरी बनाए रखें। व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा। सीने से जुड़ी समस्या और पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। दिन थोड़ा मन मुताबिक नहीं रहेगा। पीली वस्तु पास रखें।

‘धूल चेहरे पर थी…’ कफ सिरप कांड पर योगी का शायरी से पलटवार, सत्र के पहले दिन गरमाई यूपी विधानसभा,तस्वीर लेकर पहुंचे

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही कोडीन युक्त कफ सिरप मामला छा गया। सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए शायरी के जरिए पलटवार किया। सीएम योगी ने कहा कि जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कफ सिरप कांड में पकड़े गए आरोपियों के साथ समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों की तस्वीरें सामने आई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा।”

सीएम योगी ने दावा किया कि प्रदेश के अधिकांश माफियाओं के संबंध पहले समाजवादी पार्टी से रहे हैं और प्रारंभिक जांच में कफ सिरप मामले में भी ऐसे ही तथ्य सामने आए हैं।

अखिलेश यादव का शायरी में जवाब

सीएम योगी के बयान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उसी अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जब ख़ुद फंस जाओ, तो दूसरे पर इल्ज़ाम लगाओ। ये खेल हुआ पुराना, हुक्मरान कोई नई बात बताओ।”

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिखाई तस्वीरें

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मीडिया को कफ सिरप कांड के वांछित आरोपियों की तस्वीरें सपा मुखिया के साथ दिखाईं। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपियों के सपा नेतृत्व के साथ संबंधों को स्पष्ट किया जाए। ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार पर आरोप मढ़ने का प्रयास कर रही है, जबकि सरकार निष्पक्ष जांच करा रही है।

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विधानसभा में सपा का प्रदर्शन

सत्र के दौरान सपा विधायक कफ सिरप की बोतल और पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। विधायकों ने सवाल उठाया कि तस्करी में शामिल बड़े लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। वहीं, विधान परिषद में शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सपा सदस्यों ने नारेबाजी कर बहिर्गमन किया।

कैशलेस इलाज पर सरकार का आश्वासन

विधान परिषद में सरकार की ओर से नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए कैशलेस इलाज से संबंधित शासनादेश जल्द जारी किया जाएगा।

कोडीन मामले पर सीएम योगी का पक्ष

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोडीन फॉस्फेट एनडीपीएस अधिनियम के तहत आने वाली औषधि है और इसके दुरुपयोग की शिकायतों के बाद एफएसडीए, यूपी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई चल रही है। इस पूरे मामले की निगरानी राज्य स्तरीय एसआईटी कर रही है।

विधानसभा की कार्यवाही स्थगित

घोसी विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

24 दिसंबर तक चलेगा शीतकालीन सत्र

सीएम योगी ने बताया कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 24 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष चर्चा होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

मृत्यु के समय हमारे साथ क्या जाता है? प्रेमानंद महाराज ने बताया जीवन का गूढ़ सत्य

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों के जरिए जीवन और मृत्यु से जुड़े गहरे प्रश्नों पर सरल भाषा में मार्गदर्शन करते हैं। उनके सत्संगों में श्रद्धालु अक्सर निजी और आध्यात्मिक सवाल पूछते हैं, जिनका उत्तर महाराज सहज और भावपूर्ण ढंग से देते हैं।

एक प्रवचन के दौरान एक श्रद्धालु ने उनसे प्रश्न किया कि मृत्यु के समय मनुष्य के साथ क्या जाता है और क्या यहीं छूट जाता है? इस प्रश्न के उत्तर में प्रेमानंद महाराज ने जीवन का गूढ़ सत्य बताते हुए कहा कि संसार की कोई भी भौतिक वस्तु मृत्यु के बाद साथ नहीं जाती।

मृत्यु के बाद साथ जाती हैं केवल ये तीन चीजें

प्रेमानंद महाराज के अनुसार, मृत्यु के समय मनुष्य के साथ केवल तीन चीजें जाती हैं—

  1. किया हुआ पुण्य
  2. किया हुआ पाप
  3. किया हुआ भजन और भगवान का नाम

उन्होंने कहा कि यही तीनों आगे चलकर मनुष्य की उन्नति या अवनति का कारण बनती हैं। यदि व्यक्ति ने पाप कर्म किए हैं, तो उसे आगे चलकर कष्ट, रोग और विपत्तियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, पुण्य कर्म करने से लौकिक जीवन में सुख और उन्नति प्राप्त होती है। जो व्यक्ति भजन और भगवान के नाम का स्मरण करता है, उसे पारलौकिक उन्नति और अंततः भगवान की प्राप्ति होती है।

शरीर यहीं रह जाता है

संत प्रेमानंद महाराज ने बताया कि यह स्थूल शरीर मृत्यु के साथ ही यहीं छूट जाता है। आगे की यात्रा सूक्ष्म शरीर, कारण शरीर और आत्मा की होती है, जो अपने कर्मों के अनुसार विभिन्न लोकों में जन्म लेती है और कर्मफल भोगती है।

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उन्होंने कहा कि यह संसार ही सब कुछ नहीं है, इसके ऊपर और नीचे भी अनेक लोक हैं, जहां दिव्य देह और सुविधाएं हैं और जहां रोग-शोक नहीं होता।

नाम जप का महत्व

महाराज ने लोगों को पाप से दूर रहने और भगवान का नाम जपने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि मन से भगवान का नाम लिया जाए तो इस लोक में भी आनंद की प्राप्ति होती है और परलोक में भी उन्नति होती है। पाप नष्ट होने पर भजन में आनंद स्वतः आने लगता है और हृदय सुख से भर जाता है।

जन शिकायत निवारण मेले में सुलझेंगी पासपोर्ट से जुड़ी समस्याएं: आरपीओ शुभम सिंह

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- नागरिकों को आसान, त्वरित और सुलभ पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक माह ‘मोबाइल पासपोर्ट वैन’ के माध्यम से दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनके नजदीकी स्थान पर पासपोर्ट आवेदन और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शुभम सिंह ने बताया कि इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ द्वारा जन शिकायत निवारण मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में पासपोर्ट से जुड़ी सभी प्रकार की शिकायतों और समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।

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उन्होंने जानकारी दी कि यह जन शिकायत निवारण मेला 27 दिसंबर, शनिवार को आयोजित होगा। मेला पासपोर्ट सेवा केंद्र बनारस, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर में एक साथ लगाया जाएगा। आम नागरिक यहां पहुंचकर पासपोर्ट आवेदन, सत्यापन, लंबित मामलों और अन्य संबंधित शिकायतों का समाधान करा सकेंगे।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी पासपोर्ट से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराएं।

वीडियोकॉन यूपी में लगाएगी टीवी, फ्रिज और मोबाइल बनाने का प्लांट, 6000 को मिलेगा रोजगार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देश की प्रमुख कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी वीडियोकॉन गोरखपुर के धुरियापार में 1100 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। कंपनी ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) से 50 एकड़ जमीन की मांग की है। इस नए प्लांट में एलईडी टीवी, फ्रिज और मोबाइल फोन का निर्माण किया जाएगा।

धुरियापार औद्योगिक कॉरिडोर में पहले से ही अदाणी सीमेंट, कैंपा कोला और केयान ग्रुप के प्लांट प्रस्तावित हैं। अब वीडियोकॉन के निवेश से गोरखपुर न केवल पूर्वांचल बल्कि उत्तर भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा। कंपनी ने यहां प्रति वर्ष छह लाख फ्रिज बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्लांट के साथ यहां एक ‘इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर’ भी विकसित किया जाएगा, जिससे सहायक इकाइयों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गीडा प्रशासन और कंपनी के बीच निवेश रोडमैप पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है।

धुरियापार बनेगा नया औद्योगिक हब

धुरियापार में बड़े उद्योगों का आगमन इस क्षेत्र को निवेश का आकर्षक केंद्र बना रहा है। अदाणी, केयान और अंबानी ग्रुप पहले ही यहां निवेश को लेकर पहल कर चुके हैं। वीडियोकॉन के आने से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा और अन्य निवेशकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। लघु उद्योग भारती के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि अनुकूल नीतियों और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण बड़ी कंपनियां अब यहां निवेश के लिए आगे आ रही हैं।

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गीडा के सीईओ अनुज मलिक ने बताया कि वीडियोकॉन ने 1100 करोड़ रुपये निवेश प्रस्ताव के साथ 50 एकड़ जमीन की मांग की है। कंपनी के मुताबिक, इस प्लांट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

तकनीकी छात्रों और अकुशल कारीगरों को भी मिलेगा लाभ

50 एकड़ में बनने वाले इस प्लांट में प्रत्यक्ष रूप से 3000 लोग और अप्रत्यक्ष रूप से भी 3000 लोग रोजगार पाएंगे। इसके साथ ही तकनीकी छात्रों और अकुशल कारीगरों को भी काम के अवसर मिलेंगे।

इस निवेश से गोरखपुर का औद्योगिक परिदृश्य बदलेगा और यह उत्तर भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

कफ सिरप कांड पर CM योगी का पलटवार: अखिलेश पर तंज, कहा- यही कसूर मैं बार-बार करता रहा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कफ सिरप मामले को लेकर बड़ा पलटवार किया है। सीएम ने कहा कि यह मामला न केवल कफ सिरप की तस्करी से जुड़ा है, बल्कि इसमें शामिल माफियाओं के समाजवादी पार्टी से संबंध भी हैं। सरकार इस मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कफ सिरप के पैसों का हुलिया कहां-कहां गया।

सीएम ने एक मशहूर शेर का हवाला देते हुए तंज किया कि कुछ लोग अपनी गलतियों को सुधारने के बजाय दूसरों पर आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा, “यही कसूर मैं हर बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।”

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि पार्टी अपने भीतर पनप रहे माफियाओं को देखने के बजाय सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कफ सिरप और नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह सरकार के निर्देश पर की गई। बड़े पैमाने पर तस्करी पकड़ी गई और कई लोग गिरफ्तार किए गए।

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सीएम ने कहा कि हर कोई जानता है कि प्रदेश के हर बड़े माफिया का समाजवादी पार्टी से संबंध रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कफ सिरप तस्करी में पकड़े गए लोग सीधे सपा से जुड़े थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अपराधों और माफियाओं को संरक्षण देने के मामले में समाजवादी पार्टी पहले से ही कुख्यात रही है।

योगी आदित्यनाथ ने आगे बताया कि इस मामले की जांच केवल तस्करी तक सीमित नहीं है। पुलिस और अन्य एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि तस्करी से कमाए गए पैसे किन-किन लोगों के पास गए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस रैकेट में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसके राजनीतिक संबंध कितने ही गहरे क्यों न हों।

पत्नी को वापस ले जाने की गुहार, सास के पैरों में गिरकर रोया दामाद; मथुरा का वीडियो वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पति-पत्नी के आपसी विवाद का मामला बुधवार को सरेआम सड़क तक पहुंच गया। महिला थाने में काउंसिलिंग के बाद जब पत्नी पति के साथ जाने को तैयार नहीं हुई, तो पति भावुक होकर पुलिस लाइन गेट के पास अपनी सास के पैरों में गिर पड़ा और रो-रोकर पत्नी को वापस भेजने की गुहार लगाने लगा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, मथुरा निवासी व्यक्ति मजदूरी करता है। उसकी शादी करीब नौ साल पहले गोंडा क्षेत्र के एक गांव की महिला से हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा दिव्यांग है। कुछ दिन पहले पत्नी पति का घर छोड़कर मायके चली गई थी और महिला थाने में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

पत्नी ने आरोप लगाया कि पति उसके साथ मारपीट करता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। इस शिकायत पर महिला थाने ने दोनों पक्षों को बुधवार को काउंसिलिंग के लिए बुलाया। थाने में बातचीत के दौरान दोनों को समझाया गया और अगली तारीख दी गई।

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काउंसिलिंग के बाद जैसे ही दोनों थाने से बाहर निकले, पति ने पत्नी को मनाने की कोशिश की। जब पत्नी नहीं मानी तो वह पुलिस लाइन गेट के पास अपनी सास के पैरों में गिर गया और गिड़गिड़ाने लगा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला और दामाद को अलग किया।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब वायरल हो रहा है। वहीं, पति का कहना है कि वह पत्नी को साथ रखना चाहता है, लेकिन सास-ससुर की दखलअंदाजी के कारण विवाद बढ़ रहा है। दूसरी ओर, पत्नी अपने आरोपों पर कायम है।

महिला थाना प्रभारी निशा चौधरी ने बताया कि महिला की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया था और दोनों को मीडिएशन के लिए बुलाया गया है। वायरल वीडियो की घटना थाने के बाहर की है और मामले की काउंसिलिंग प्रक्रिया अभी जारी है।