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शंकराचार्य अपमान और UGC नियमों के विरोध में PCS अफ़सर अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान और UGC के नए नियमों के विरोध में गणतंत्र दिवस के मौके पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस अचानक कदम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ब्राह्मण बटुक शिष्यों के साथ कथित रूप से चोटी और शिखा पकड़कर मारपीट की गई। उन्होंने इसे सनातन परंपरा, संत समाज और ब्राह्मण समाज के आत्मसम्मान पर सीधा हमला बताया।

सोशल मीडिया पर विरोध पोस्ट

इस्तीफा देने से पहले, अलंकार अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने UGC के फैसले का विरोध करते हुए “काला कानून वापस लो” और “Boycott BJP” जैसे नारों का इस्तेमाल किया। उनकी यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गई, जिसके बाद उनके इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया।

प्रशासनिक हलकों में खलबली

एक सक्रिय सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सीधे तौर पर सरकार के फैसलों के खिलाफ मोर्चा खोलना और इस्तीफा देना बहुत ही दुर्लभ घटना मानी जा रही है। अलंकार अग्निहोत्री की छवि सख्त अधिकारी की रही है, लेकिन उनके इस खुले विरोध ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया।

दो बड़े निंदनीय घटनाक्रम

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह दो गंभीर घटनाएँ हुई हैं:

  1. प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के बटुक ब्राह्मणों पर हमला – चोटी खींच-खींच कर मारपीट की गई। स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई निंदनीय रही। उन्होंने इसे ब्राह्मणों के लिए अपमानजनक बताया।

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2. UGC रेगुलेशन 13 जनवरी को प्रकाशित – इसमें सामान्य वर्ग को अपराधी मानते हुए वर्ग विशेष के लिए भेदभावपूर्ण प्रावधान दिए गए हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह नियम ब्राह्मण समाज में रोष बढ़ाएंगे और भविष्य में छात्रों के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं।

गोंडा में गरजे बृजभूषण शरण सिंह, राजनीतिक भविष्य को लेकर दिया बड़ा बयान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कैसरगंज से पूर्व सांसद और बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को गोंडा में आयोजित जनसभा के दौरान अपने राजनीतिक इरादों को खुलकर सामने रखा। भावुक और आक्रामक अंदाज में उन्होंने कहा कि वे किसी राजघराने से नहीं, बल्कि किसान परिवार से आते हैं और जो भी पहचान उन्हें मिली है, वह जनता के भरोसे की वजह से है।

अपने स्वाभिमान पर जोर देते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि उनका सिर कभी नहीं झुका है और अगर झुकेगा भी तो केवल किसी गरीब या शरीफ व्यक्ति के सामने। चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा, “अगर कोई मुझसे लोहा लेना चाहेगा, तो उसका लोहा बजेगा, लेकिन यह सिर नहीं झुकेगा।”

सांसद पद मेरे लिए छोटा: बृजभूषण

बृजभूषण शरण सिंह ने खुद को सांसद पद से ऊपर बताते हुए कहा कि लोग उनसे बार-बार पूछते हैं कि वे अगला चुनाव कहां से लड़ेंगे। इस पर उन्होंने कहा, “मैं चुनाव और सांसद पद से बहुत ऊपर उठ चुका हूं।

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 मेरे आसपास कई छोटे नेता घूमते हैं, जिन्हें कोई जानता तक नहीं। जनता ने मुझे उस मुकाम पर पहुंचाया है, जहां सांसद पद भी छोटा लगता है।”

साजिश करने वालों को जवाब देने लोकसभा जरूर जाऊंगा

अपना टिकट कटने और राजनीतिक विदाई को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें जनता ने रिटायर नहीं किया, बल्कि साजिश के तहत उन्हें किनारे करने की कोशिश हुई है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “उस साजिश का जवाब देने के लिए बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर लोकसभा जरूर जाएगा। मैं एक बार खंभा जरूर गाड़ूंगा।”

गड़बड़ी करने वाले सांसदों को दी चेतावनी

अगला चुनाव कहां से लड़ेंगे, इस सवाल पर उन्होंने सस्पेंस बनाए रखा। उन्होंने कहा,“कहां से चुनाव लड़ूंगा, यह भगवान जानें। लेकिन जो सांसद गड़बड़ी कर रहा होगा, मैं वहीं से चुनाव लड़ूंगा। जो ईमानदारी से जनता की सेवा कर रहा है, वहां से नहीं जाऊंगा। जो खुद को पचास-सौ साल का सांसद समझ बैठे हैं, उनका भ्रम जरूर टूटेगा।”

शंकराचार्य विवाद में नया मोड़: युवक ने शिविर के बाहर हंगामे की जिम्मेदारी ली

प्रयागराज/ सर्वोदय न्यूज़:- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के बाहर हुए हंगामे में नया मोड़ सामने आया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब एक युवक सचिन कुमार ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि उसने शिविर के बाहर हुए हंगामे की जिम्मेदारी ली है। सचिन का दावा है कि इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों ने उनके साथ धक्कामुक्की की, और उन्होंने इसके खिलाफ थाने में तहरीर भी दी है। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इस घटना के संबंध में शंकराचार्य ने कहा कि अब हंगामा करने वाले ने स्वयं अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है और पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

घटना शनिवार शाम की है, जब कुछ लोग नारेबाजी करते हुए शिविर पहुँचे। हंगामा करने वाले ‘बुलडोजर बाबा’ के नारे लगाते दिखे। वहीं, शंकराचार्य के समर्थकों ने इस नारेबाजी का विरोध किया और हंगामा करने वालों को शिविर से बाहर निकाल दिया। इस दौरान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया।

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मामला तब और चर्चा में आया जब विपक्षी नेता मौनी अमावस्या के दिन पालकी पर संगम स्नान के लिए जाने से रोक दिए जाने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद देशभर की सोशल मीडिया में सुर्खियों में आ गए। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित अन्य राजनीतिक नेताओं ने इस मामले पर बयान जारी किए और विभिन्न पार्टियों के नेता शंकराचार्य से मिलने पहुंचे।

हाल ही में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद के बयान ने भी विवाद को नया आयाम दिया। हालांकि डिप्टी सीएम ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह शिविर नहीं जाएंगे, लेकिन उन्होंने शंकराचार्य से संगम स्नान कर विवाद सुलझाने का आग्रह किया।

इस तरह, शिविर के बाहर हुए हंगामे ने अब एक युवक के सामने आने के बाद नया मोड़ ले लिया है और मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।

शादी के कुछ घंटे बाद ही दुल्हन ने बच्ची को दिया जन्म

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के अजीमनगर थाना क्षेत्र के कुम्हरिया गांव से एक बेहद चौंकाने वाली और असामान्य घटना सामने आई है। यहां एक शादी के महज कुछ घंटे बाद ही दुल्हन ने बच्ची को जन्म दे दिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सुहागरात से पहले ही बच्ची की किलकारियों ने गांव वालों को चौंका दिया और यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, तो लोग हैरानी और उत्सुकता के मिश्रित भाव के साथ इसे देखने के लिए घरों और गलियों में इकट्ठा होने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि शादी के तुरंत बाद बच्चा जन्म लेना बहुत ही दुर्लभ घटना है और इसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।

जानकारी के अनुसार, कुम्हरिया गांव के युवक रिजवान का रिश्ता बहादुरगंज गांव की युवती से तय हुआ था। दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध था और परिवारों के बीच बातचीत चल रही थी। बताया जाता है कि दोनों ने अपने परिवारों से शादी की अनुमति ली और शादी की तैयारियों के दौरान ही यह अनोखी घटना सामने आई।

कुछ दिनों पहले युवती ने अजीमनगर थाना क्षेत्र की मुरसैना चौकी भी पहुंचकर शादी कराने की मांग की थी। इस दौरान पुलिस और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से समझौता किया और शादी तय की। यह सुनिश्चित किया गया कि शादी सभी रीति-रिवाजों और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हो।

स्थानीय लोगों ने बताया कि शादी के तुरंत बाद बच्ची का जन्म होना गांव में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना न केवल असामान्य है, बल्कि यह एक अनोखा और यादगार अनुभव बन गई है। कई लोगों ने इसे “एक चमत्कार” जैसा बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले चिकित्सा दृष्टि से भी दुर्लभ होते हैं। सामान्य परिस्थितियों में बच्चे का जन्म विवाह के तुरंत बाद होना असंभव माना जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं जन्म से पहले ही महिला के गर्भवती होने के कारण संभव हो सकती हैं। हालांकि, यह घटना स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के लिए भी आश्चर्यजनक रही।

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इस मामले में पुलिस और ग्राम प्रधान की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों ने आपसी समझौते के बाद शादी की थी और किसी तरह की विवादास्पद स्थिति नहीं थी। प्रशासन ने भी कहा कि इस तरह के दुर्लभ मामलों में नियम और कानून के तहत कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाता, बल्कि यह पारिवारिक मामला माना जाता है।

घटना के बाद, परिवार और गांव दोनों ही खुश हैं। दुल्हन और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं और परिवार ने पूरे गांव के लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस समय में समर्थन और शुभकामनाएं दीं।

यह अनोखी घटना साबित करती है कि कभी-कभी जीवन में आश्चर्यजनक और असामान्य घटनाएं भी घट सकती हैं, जो लोगों के लिए हमेशा यादगार बन जाती हैं। रामपुर जिले के कुम्हरिया गांव की यह घटना भी स्थानीय इतिहास में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी।

हर संस्था और विभाग को निभानी होगी जिम्मेदारी: गणतंत्र दिवस पर बोले सीएम योगी

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर सोमवार को अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और नागरिकों के कल्याण का आधार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के प्रति हर सरकारी संस्था, मंत्रालय और विभाग को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1950 में लागू हुआ संविधान आज भी ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना में लिखा गया वाक्य ‘हम भारत के लोग’ हर नागरिक को अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। यदि संविधान का वास्तविक संरक्षक कोई है, तो वह देश का आम नागरिक है, इसलिए शासन-प्रशासन को पूरी तरह जनउत्तरदायी होना चाहिए।

न्याय, समता और बंधुता विकसित भारत की नींव

सीएम योगी ने संविधान के तीन मूल सिद्धांत—न्याय, समता और बंधुता—पर विशेष बल देते हुए कहा कि जब समाज के हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के न्याय मिलेगा और समानता का भाव मजबूत होगा, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत’ का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी खुशहाल हो।

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राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि, विभाजनकारी सोच पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन करते हुए कहा कि देश को आजादी से पहले और बाद में जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर बांटने के कई प्रयास किए गए, लेकिन संविधान की मूल भावना ने हर साजिश को विफल किया।

संविधान से ऊपर कोई नहीं

सीएम योगी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति खुद को कानून, संविधान या व्यवस्था से ऊपर नहीं मान सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह सोचता है कि उसकी बात ही अंतिम सत्य है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और संविधान का अपमान है।

‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना जरूरी

मुख्यमंत्री ने ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारतीय संविधान कठिन परिस्थितियों में भी देश को दिशा देने वाला मार्गदर्शक रहा है। यह हमें सबको साथ लेकर चलने और सामूहिक विकास की प्रेरणा देता है।

UGC के नए नियमों से क्यों गरमाया माहौल? मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जानिए पूरा विवाद

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए लागू किए गए नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। इन नियमों के खिलाफ कई संगठनों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। विरोध करने वालों का आरोप है कि ये नियम जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं, जबकि कुछ संगठनों का कहना है कि इससे सामान्य वर्ग (सवर्ण) के छात्रों के अधिकार प्रभावित होंगे। इसी बीच, सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिशों की भी चर्चा है।

क्या हैं UGC के नए नियम

केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने और समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए विनियम अधिसूचित किए हैं। इसके तहत अब देश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए समानता समितियों (Equity Committees) का गठन अनिवार्य होगा।

UGC के अनुसार, इन समितियों में ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का मकसद कैंपस में समावेशी माहौल तैयार करना और वंचित वर्गों के छात्रों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

हर संस्थान में बनाना होगा समान अवसर केंद्र (EOC)

नई अधिसूचना के मुताबिक, प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान को एक समान अवसर केंद्र (Equal Opportunity Centre – EOC) स्थापित करना होगा। यह केंद्र वंचित वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की निगरानी करेगा और छात्रों को शिक्षा, वित्तीय सहायता और सामाजिक मुद्दों पर मार्गदर्शन देगा।

यदि किसी कॉलेज में समिति के लिए न्यूनतम पांच सदस्य उपलब्ध नहीं हैं, तो उस कॉलेज से संबंधित विश्वविद्यालय का EOC उसकी जिम्मेदारी संभालेगा। इसके अलावा, यह केंद्र नागरिक समाज, स्थानीय प्रशासन, पुलिस, मीडिया, गैर-सरकारी संगठनों, अभिभावकों और विधिक सेवा प्राधिकरणों के साथ समन्वय कर कार्य करेगा।

EOC की जिम्मेदारियां क्या होंगी

समान अवसर केंद्र का मुख्य उद्देश्य कैंपस में सामाजिक समावेश और समानता को बढ़ावा देना होगा। इसके तहत छात्रों, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के बीच समान अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे। भेदभाव की धारणा को खत्म करने, वंचित वर्गों के छात्र समूहों की सहायता करने और शिकायतों के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने की जिम्मेदारी भी EOC की होगी।

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नियमों के अनुसार, समानता समितियां साल में कम से कम दो बार बैठक करेंगी और साल में दो बार रिपोर्ट जारी करेंगी। इन रिपोर्ट्स में छात्रों की सामाजिक संरचना, ड्रॉपआउट की संख्या, दर्ज शिकायतें और उनके निपटारे की जानकारी शामिल होगी। इसके साथ ही, परिसरों में संवेदनशील स्थानों की निगरानी के लिए इक्विटी स्क्वॉड्स और हॉस्टल व विभागों में इक्विटी एंबेसडर तैनात करने का भी प्रावधान है।

शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर समिति की बैठक अनिवार्य होगी और तय समयसीमा में कार्रवाई करनी होगी। नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को UGC की योजनाओं और फंडिंग से वंचित किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आए नियम

गौरतलब है कि इन नियमों का मसौदा फरवरी 2025 में सार्वजनिक किया गया था। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद उठाया गया, जिसमें रोहित वेमुला और पायल ताडवी की माताओं की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान UGC को उच्च शिक्षा में भेदभाव रोकने के लिए ठोस नियम लाने को कहा गया था।

क्यों हो रहा है विरोध

कई सामाजिक संगठनों ने इन नियमों को संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ बताया है। राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि समानता की आड़ में ये नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के शैक्षणिक अधिकारों को कमजोर कर सकते हैं और इससे उच्च शिक्षा में वर्षों से चले आ रहे सामाजिक संतुलन को नुकसान पहुंचेगा।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

UGC द्वारा 13 जनवरी को अधिसूचित प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026 के एक प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस संबंध में दाखिल जनहित याचिका में नियम 3(सी) को मनमाना, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान UGC अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के विपरीत है और उच्च शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने के मूल उद्देश्य को कमजोर करता है।

गणतंत्र दिवस से पहले राजस्थान में बड़ी कार्रवाई, 10 हजार किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त, आरोपी गिरफ्तार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- गणतंत्र दिवस से ठीक पहले राजस्थान पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए नागौर जिले में भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की है। थांवला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक फार्म हाउस पर छापा मारकर करीब 10,000 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान सुलेमान खान के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सुलेमान खान के खिलाफ पहले भी अवैध विस्फोटक सामग्री से जुड़े तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

हरसौर गांव में हुई संयुक्त कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई नागौर पुलिस और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) की संयुक्त टीम द्वारा की गई। हरसौर गांव में स्थित एक फार्म हाउस से यह विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जिसे आरोपी ने वहां बने एक मकान में छिपाकर रखा था। पुलिस के मुताबिक, यह प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी विस्फोटक सामग्री की बरामदगी मानी जा रही है।

187 कट्टों में छिपा था विस्फोटक

छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से 187 कट्टों में भरा करीब 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट मिला। इसके अलावा बड़ी मात्रा में अन्य विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई, जिसमें डेटोनेटर और फ्यूज तार शामिल हैं।

आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह कथित तौर पर वैध और अवैध खनन कार्यों में शामिल लोगों को इस विस्फोटक सामग्री की सप्लाई करता था।

डेटोनेटर और फ्यूज तार भी बरामद

पीटीआई के अनुसार, नागौर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि सूचना के आधार पर शनिवार देर रात यह छापा मारा गया। पुलिस ने खेत से नौ कार्टन डेटोनेटर, 12 कार्टन और 15 बंडल नीले फ्यूज तार, साथ ही 12 कार्टन और पांच बंडल लाल फ्यूज तार भी जब्त किए हैं।

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एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। जब्ती की जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी दे दी गई है और संभावना है कि वे इस मामले में आगे की जांच के लिए आरोपी से पूछताछ करेंगी।

अमोनियम नाइट्रेट कितना खतरनाक

गौरतलब है कि अमोनियम नाइट्रेट एक अत्यंत घातक विस्फोटक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल पहले भी कई बड़े धमाकों में हो चुका है। पिछले साल नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में भी इस विस्फोटक का नाम सामने आया था।

Aaj Ka Rashifal 26 January 2026: जानिए सभी 12 राशियों पर ग्रहों की चाल का प्रभाव

Aaj Ka Rashifal 26 January 2026: आज 26 जनवरी 2026, सोमवार का दिन है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा मेष राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह में, सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल मकर राशि में विराजमान हैं। राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। ग्रहों की यह स्थिति आज सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डालने वाली है। किसी के लिए दिन बेहद शुभ रहने वाला है तो कुछ राशियों को स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का आज का विस्तृत राशिफल।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शानदार रहने के संकेत दे रहा है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और संतान पक्ष से संतोष मिलेगा। व्यापार करने वालों को अच्छा लाभ मिल सकता है। कुल मिलाकर आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। उपाय: लाल रंग की वस्तु पास रखें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रह सकता है। खर्चों में बढ़ोतरी से मन थोड़ा परेशान हो सकता है। मानसिक तनाव या अनजानी चिंता महसूस हो सकती है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है। हालांकि प्रेम जीवन और संतान से जुड़े मामलों में राहत मिलेगी। व्यापार सामान्य से बेहतर रहेगा। उपाय: हरी वस्तु साथ रखें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक दृष्टि से शुभ संकेत हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने प्रयासों से लाभ मिलने की संभावना है। कोई शुभ समाचार दिन को खास बना सकता है। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी है। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में संतुलन बनाए रखें। उपाय: काली जी को प्रणाम करें।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए आज सफलता भरा दिन साबित हो सकता है। व्यापार और नौकरी में स्थिरता आएगी। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने के योग हैं। कानूनी मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को आज भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में उन्नति के संकेत हैं और आपकी मेहनत रंग लाएगी। व्यापार में लाभ होगा। यात्रा के योग भी बन रहे हैं। स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है। उपाय: पीली वस्तु धारण करें।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा सावधानी भरा रह सकता है। चोट या किसी परेशानी में पड़ने की आशंका है। मन में असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है। स्वास्थ्य और प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। व्यापार ठीक-ठाक रहेगा, लेकिन जोखिम लेने से बचें। उपाय: शनिदेव को प्रणाम करें।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन प्रेम और सहयोग से भरा रहेगा। जीवनसाथी का साथ मिलेगा और प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। हालांकि परिवार में किसी बात को लेकर हल्का तनाव हो सकता है। स्वास्थ्य, व्यापार और प्रेम तीनों ही क्षेत्रों में दिन अच्छा रहेगा। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों में आज आत्मविश्वास और साहस की वृद्धि होगी। शत्रुओं पर विजय मिलेगी और विरोधी कमजोर पड़ेंगे। व्यापार में सफलता के योग हैं। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, इसलिए ध्यान रखें। प्रेम और संतान पक्ष से सुख मिलेगा। उपाय: पीली वस्तु साथ रखें।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। सरकारी कार्यों से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन और संतान पक्ष बेहद मजबूत रहेगा। व्यापार में भी सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रभावशाली रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी पकड़ मजबूत होगी। पराक्रम के बल पर सफलता मिलेगी। भूमि, भवन या वाहन से जुड़ा कोई निर्णय संभव है। पारिवारिक विवाद से बचें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय: काली जी को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए आज व्यापार के लिहाज से अच्छा दिन है। परिवार का सहयोग मिलेगा। हालांकि सरकारी मामलों में किसी तरह के विवाद से दूर रहें। प्रेम और संतान से जुड़ी बातों में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। उपाय: हरी वस्तु साथ रखें।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आज का दिन राहत लेकर आया है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक तनाव कम होगा। प्रेम जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। संतान से शुभ समाचार मिल सकता है। कार्यक्षेत्र और व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी। मेहनत का पूरा फल मिलेगा। उपाय: लाल वस्तु पास रखें।

जो गुरु का अपमान करेगा नरक में गिरेगा, कांग्रेस ने लखनऊ दफ्तर के बाहर लगाई होर्डिंग,सीएम योगी पर किया कटाक्ष

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान के दौरान रोके जाने के विवाद ने सियासत को गरमा दिया है। सपा और कांग्रेस दोनों ही दल शंकराचार्य के समर्थन में सामने आए हैं।

कांग्रेस ने इस मामले में अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए लखनऊ स्थित पार्टी दफ्तर के बाहर एक होर्डिंग लगाई है। इस होर्डिंग में मौनी अमावस्या के दिन अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य (बटुके) के साथ हुई मारपीट को भी दर्शाया गया है।

होर्डिंग में क्या दिखाया गया

होर्डिंग में एक ओर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर है, तो दूसरी ओर छोटे ब्राह्मण बच्चों की शिखा खींचे जाने की तस्वीर भी शामिल है। इन बच्चों को हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है।

साथ ही होर्डिंग में श्रीरामचरित मानस की चौपाई ‘जाको प्रभु दारुण दुख देही ताकी मति पहले हर लेही’ का उल्लेख किया गया है। इसका अर्थ है कि जिस व्यक्ति को भगवान बड़ा दुख देना चाहते हैं, उसकी समझ-बूझ पहले ही छीन ली जाती है ताकि वह स्वयं अपने दुख का कारण बन जाए।

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अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर के पास लिखा गया है, “जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करता है, वह भयानक नरक में गिरता है।”

इस होर्डिंग को भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अयोध्या विधानसभा से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने लगवाया है। यह कदम स्पष्ट रूप से शंकराचार्य के समर्थन और सीएम योगी एवं प्रशासन पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

सपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि आगामी चुनावी माहौल में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों का राजनीतिकरण तेज हो सकता है।

‘ये नहाते वक्त मेरा फोटो…’, गंगा स्नान के बाद पत्रकारों पर भड़कीं अपर्णा यादव, कार्रवाई की दी चेतावनी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- हरिद्वार से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव पत्रकारों पर नाराज होती नजर आ रही हैं। यह घटना बसंत पंचमी के दिन गंगा स्नान के बाद की बताई जा रही है, जब उनसे उनके निजी जीवन से जुड़े सवाल पूछे गए।

तलाक से जुड़े सवालों पर भड़कीं अपर्णा यादव

दरअसल, हरिद्वार के वीआईपी घाट पर गंगा स्नान के बाद अपर्णा यादव जैसे ही वहां से लौट रही थीं, तभी कुछ पत्रकारों ने उनके पति प्रतीक यादव द्वारा तलाक से जुड़ा पोस्ट किए जाने को लेकर सवाल पूछने शुरू कर दिए।

अपर्णा यादव ने शुरुआत में सवालों को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पत्रकार लगातार सवाल पूछते रहे। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने भी स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।

‘नहाते वक्त फोटो लेने का आरोप’

लगातार सवालों से नाराज अपर्णा यादव अचानक रुक गईं। उन्होंने पत्रकारों की ओर इशारा करते हुए सुरक्षा कर्मियों से कहा कि इन तीनों की फोटो ली जाए। अपर्णा ने आरोप लगाया कि पत्रकारों ने नहाते वक्त जबरदस्ती उनकी तस्वीरें खींचीं, जो पूरी तरह से अनुचित है।

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उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस मामले में कार्रवाई की जा सकती है। उनका यह बयान कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पहले भी विवादों में रह चुकी हैं अपर्णा यादव

गौरतलब है कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू और भाजपा नेता अपर्णा यादव पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में हैं। इससे पहले वह केजीएमयू वीसी ऑफिस विवाद और फिर पति प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में रही थीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे निजता का उल्लंघन बता रहे हैं, तो कुछ इसे सार्वजनिक व्यक्ति से जुड़े सवालों का अधिकार मान रहे हैं।