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शंकराचार्य विवाद पर अयोध्या से एक और इस्तीफा, GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने राज्यपाल को भेजा त्यागपत्र

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शंकराचार्य द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में अब अयोध्या से एक बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा दो पन्नों में लिखकर राज्यपाल को भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में यह निर्णय ले रहे हैं।

प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी न केवल अस्वीकार्य है बल्कि प्रदेश की जनता का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से इस पूरे घटनाक्रम से आहत थे और अंततः उन्होंने अपने पद से हटने का फैसला किया।

GST डिप्टी कमिश्नर ने अपने बयान में कहा, “जिस प्रदेश का मैं नमक खाता हूं, जिस प्रदेश से मुझे वेतन मिलता है, मैं उसका पक्षधर हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की जनता द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री हैं। उनका अपमान मैं किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं कर सकता।”

उन्होंने आगे लिखा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति होने के नाते उनके लिए यह चुप रहना संभव नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा में रहते हुए वह सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दे सकते थे, लेकिन आत्मसम्मान और नैतिक मूल्यों के चलते उन्होंने इस्तीफा देना ही उचित समझा।

प्रशांत कुमार सिंह ने अपने त्यागपत्र में यह भी उल्लेख किया है कि जब उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा, तब वह अपने निजी संसाधनों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करना उनका अगला उद्देश्य होगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देना और उसे राजनीतिक व वैचारिक समर्थन से जोड़ना असामान्य माना जा रहा है। खासतौर पर तब, जब मामला धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी से जुड़ा हो।

गौरतलब है कि हाल ही में शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर प्रदेश भर में नाराजगी देखी गई थी। कई संगठनों और व्यक्तियों ने इसे मुख्यमंत्री और प्रदेश की जनता का अपमान बताया था। प्रशांत कुमार सिंह का इस्तीफा उसी नाराजगी की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल, राज्य सरकार या GST विभाग की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यपाल कार्यालय इस इस्तीफे पर क्या निर्णय लेता है और क्या यह मामला आगे और तूल पकड़ता है।

महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में VIP दर्शन पर रोक लगाने और सभी श्रद्धालुओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डी.वाई. सूर्यकांत की अगुआई वाली पीठ ने कहा कि इस तरह की याचिकाएं अक्सर वास्तविक श्रद्धालुओं द्वारा नहीं बल्कि किसी और उद्देश्य के लिए दायर की जाती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंदिर में दर्शन से संबंधित नीतियों या दिशानिर्देश बनाने का अधिकार न्यायपालिका का नहीं है।

याचिका दायर करने वाले दर्पण अवस्थी की ओर से दलील दी गई थी कि गर्भगृह में प्रवेश के नियम समान होने चाहिए और किसी भी आधार पर, जैसे कि VIP या अधिकारी सिफारिश, भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनके वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करती है, जो समानता का अधिकार सुनिश्चित करता है। वकील ने अदालत को बताया कि यदि कोई अधिकारी या VIP गर्भगृह में जाकर जल चढ़ा सकता है, तो आम श्रद्धालुओं को भी वही अधिकार मिलना चाहिए।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की, “ऐसे याचिकाकर्ता असली श्रद्धालु नहीं होते। हम इस पर आगे टिप्पणी नहीं करना चाहते। इनका उद्देश्य कुछ और होता है। यह तय करना कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं, हमारा काम नहीं है। हमारी जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया तक सीमित है।” अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अपनी शिकायतें सरकार और संबंधित प्रशासन के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।

याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भी गए थे। उन्होंने हाई कोर्ट में दावा किया था कि VIP श्रद्धालुओं को गर्भगृह में जाकर पूजा और जल अर्पित करने की अनुमति मिलती है, जबकि आम श्रद्धालुओं को यह सुविधा नहीं दी जाती। हाई कोर्ट से निराशा मिलने के बाद अवस्थी ने सुप्रीम कोर्ट में यह मामला उठाया।

सुप्रीम कोर्ट की इस खारिजी से यह स्पष्ट हो गया कि मंदिरों में दर्शन और पूजा की व्यवस्था से जुड़ी नीतियों को न्यायालय के निर्देशों के बजाय प्रशासनिक या मंदिर प्रबंधन के माध्यम से ही तय किया जाएगा। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि धार्मिक स्थलों में व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए नियम बनाने का निर्णय सरकार और मंदिर प्रबंधन के दायरे में आता है, न कि न्यायपालिका के।

मंदिरों में VIP और सामान्य श्रद्धालुओं के बीच भेदभाव को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। उज्जैन महाकाल मंदिर, जो देश के प्रमुख शिवालयों में से एक है, में प्रत्येक दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर प्रशासन VIP दर्शन और अन्य विशेष प्रबंधों के तहत कुछ विशेष अनुमति प्रदान करता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप से साफ इंकार कर दिया है।

इस फैसले से यह संदेश गया कि धार्मिक स्थलों पर पूजा और दर्शन की व्यवस्था में न्यायपालिका केवल प्रक्रिया संबंधी शिकायतों तक सीमित रहती है और व्यवस्थापकीय नीतियों में हस्तक्षेप नहीं करती। याचिकाकर्ता अब अपनी मांगें संबंधित प्रशासन के पास रख सकते हैं।

अयोध्या में क्वीन ह्यू कोरियन पार्क में भव्य गणतंत्र दिवस समारोह, भारत–कोरिया सांस्कृतिक मैत्री का अद्भुत प्रदर्शन

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर रामनगरी अयोध्या स्थित क्वीन ह्यू कोरियन पार्क में आज एक भव्य और आकर्षक देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह समारोह न केवल भारत के गणतंत्र दिवस के महत्व को उजागर करने वाला था, बल्कि भारत और कोरिया के बीच बढ़ती सांस्कृतिक और मित्रवत रिश्तों को भी प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

समारोह की शुरुआत प्रातःकाल गणतंत्र दिवस की परंपरागत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद, विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों और युवाओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियाँ दीं, जिसमें नृत्य, गीत और नाटक शामिल थे। इन प्रस्तुतियों में भारत के विविध सांस्कृतिक रंगों के साथ-साथ कोरियन सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिली। भारतीय परिधान और कोरियन पारंपरिक वेशभूषा के साथ प्रस्तुत किए गए कार्यक्रम ने दर्शकों को आनंदित कर दिया और दोनों देशों की सांस्कृतिक साझेदारी को उजागर किया।

इस मौके पर बच्चों के लिए विशेष रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इनमें ड्राइंग, पेंटिंग और सांस्कृतिक खेल शामिल थे। बच्चों ने उत्साह और देशभक्ति के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया, जिससे समारोह में एक उत्साही और जीवंत माहौल बना। आयोजकों ने बताया कि यह गतिविधियाँ विशेष रूप से इसलिए आयोजित की गई हैं ताकि देश के छोटे नागरिक भी अपने देशभक्ति के भाव और सांस्कृतिक समझ को विकसित कर सकें।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण भारत और कोरिया की मित्रता को दर्शाने वाला सांस्कृतिक संयोजन रहा। कोरियन कलाकारों ने पारंपरिक कोरियन नृत्य और संगीत प्रस्तुत किया, जबकि भारतीय कलाकारों ने लोकगीत और शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए। दोनों देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का यह संगम दर्शकों के लिए यादगार रहा और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक बन गया।

आयोजक संस्था आईएसडब्ल्यूएचसी (ISWHC) की ओर से बताया गया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत के संविधान के मूल्यों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना है। इसके साथ ही यह समारोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक मित्रता और सहयोग को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम है।

इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा और उत्साह को और बढ़ाया। कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक वंदना शर्मा ने बताया कि यह आयोजन अयोध्या की सांस्कृतिक विविधता और अंतरराष्ट्रीय मैत्री का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि अयोध्या के नागरिक और विशेष रूप से युवा पीढ़ी इस आयोजन में भाग लेकर देशभक्ति और सांस्कृतिक समझ को अनुभव करें।”

आयोजकों ने अयोध्या के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ इस भव्य समारोह में शामिल होकर गणतंत्र दिवस को उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के साथ मनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल राष्ट्रीय गर्व को बढ़ाते हैं, बल्कि सांस्कृतिक समझ और अंतरराष्ट्रीय मित्रता को भी मजबूत बनाते हैं।

समारोह का समापन सांस्कृतिक झांकियों और भारत–कोरिया सांस्कृतिक सहयोग को प्रदर्शित करने वाले विशेष प्रदर्शन के साथ हुआ। दर्शकों ने दोनों देशों के कलाकारों को खूब सराहा और इस आयोजन को एक सफल और यादगार कार्यक्रम के रूप में याद किया।

77वाँ गणतंत्र दिवस अयोध्या में मनाए गए इस भव्य समारोह ने यह साबित कर दिया कि देशभक्ति और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समन्वय के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ा जा सकता है। यह आयोजन भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की प्रेरणा बनेगा, जो देश और दुनिया के बीच सांस्कृतिक पुल बनाने में मदद करेंगे।

T20 World Cup से पहले इरफान पठान…, बोले– जो भारत से टकराएगा, धूल में मिल जाएगा

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टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम का प्रदर्शन विपक्षी टीमों के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। टीम इंडिया जिस अंदाज में बल्लेबाजी कर रही है, उसने बाकी टीमों की नींद उड़ा दी है।
16 ओवर में 200 से ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल करना हो या 10 ओवर में 150 से ऊपर का चेज—भारतीय टीम यह कारनामा लगातार कर रही है, किसी एक मैच का तुक्का नहीं।

इसी को देखते हुए टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने वर्ल्ड कप से पहले भारत के प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी टीम भारत के सामने आएगी, वह पूरी तरह तबाह हो जाएगी

‘भारतीय टीम लगभग अजेय लग रही है’

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए इरफान पठान ने कहा,“इस भारतीय टीम को हराना लगभग असंभव सा नजर आ रहा है। ऐसा लगता है कि जो भी इनके सामने आएगा, वह धूल धूसरित हो जाएगा। टीम जिस तरह का क्रिकेट खेल रही है, वह अविश्वसनीय है।”

विकेट गिरने के बाद भी नहीं बदलता अप्रोच

न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज के तीसरे टी20 मैच का जिक्र करते हुए पठान ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों का माइंडसेट कमाल का है।
उन्होंने बताया कि भले ही संजू सैमसन पहली गेंद पर आउट हो गए, लेकिन टीम के अप्रोच में कोई बदलाव नहीं आया और उसी ओवर में 16 रन बटोर लिए गए।

पठान ने कहा,“एक गेंदबाज विकेट लेने के बाद खुद को सुरक्षित महसूस करता है, लेकिन इस भारतीय टीम के खिलाफ कोई सेफ जोन ही नहीं है।”

बड़ी टीमों में खौफ

इरफान पठान का मानना है कि भारत का आक्रामक खेल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों को भी डराने के लिए काफी है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम वर्ल्ड कप से पहले ही दूसरी टीमों को मानसिक दबाव में डाल चुकी है।

खिताब बचाने उतरेगा भारत

टीम इंडिया इस बार टी20 वर्ल्ड कप में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरेगी। टीम का लक्ष्य न सिर्फ 2024 की सफलता को दोहराना है, बल्कि उस मिथक को भी तोड़ना है कि मेजबान देश कभी टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीतता

7 फरवरी से शुरू होगा T20 World Cup

टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 7 फरवरी से होगी, जिसकी संयुक्त मेजबानी भारत और श्रीलंका कर रहे हैं। 8 मार्च को फाइनल मुकाबले के साथ टूर्नामेंट का समापन होगा। पिछली बार भारत ने यह खिताब रोहित शर्मा की कप्तानी में जीता था। इसके बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

UGC Rules 2026 पर कवि कुमार विश्वास का बयान, कविता साझा कर बोले – ‘मैं अभागा सवर्ण हूं…’

UGC Rules 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बहस तेज हो गई है। एक वर्ग इन नए नियमों का समर्थन कर रहा है, तो वहीं दूसरा वर्ग इसके विरोध में उतर आया है। यह मुद्दा अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
इसी क्रम में प्रसिद्ध कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने भी यूजीसी रूल्स को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

कविता के जरिए जताई आपत्ति

कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर दिवंगत कवि रमेश रंजन मिश्र की एक कविता की पंक्तियां साझा करते हुए अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा—

“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा…”

इन पंक्तियों के साथ कुमार विश्वास ने #UGC_RollBack हैशटैग भी साझा किया।

विरोध की आवाजों में शामिल हुए कुमार विश्वास

कुमार विश्वास की इस पोस्ट को यूजीसी रूल्स 2026 के खिलाफ उठ रही आवाजों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर कोई लंबा बयान नहीं दिया, लेकिन कविता और हैशटैग के जरिए यह संकेत दिया कि वे उन लोगों के साथ खड़े हैं, जो इन नियमों को वापस लेने या उनमें संशोधन की मांग कर रहे हैं।

यह भी पढ़े:- शंकराचार्य और UGC विवाद पर इस्तीफा देने वाले PCS अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, जांच के आदेश

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

कुमार विश्वास की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने उनकी पोस्ट का समर्थन करते हुए लिखा कि इससे उनके प्रति सम्मान और बढ़ गया है, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे लेकर सवाल भी उठाए।
कुल मिलाकर, यूजीसी रूल्स को लेकर चल रही बहस में कुमार विश्वास की एंट्री के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।

पहले भी हो चुका है बड़ा विरोध

गौरतलब है कि इससे पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने भी यूजीसी रूल्स के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था, जिसके बाद यह मुद्दा और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।

शंकराचार्य और UGC विवाद पर इस्तीफा देने वाले PCS अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, जांच के आदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शंकराचार्य के कथित अपमान और यूजीसी (UGC) के नए दिशा-निर्देशों के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया है।
उन पर अनुशासनहीनता और सरकारी सेवा शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।

शामली अटैच किए गए, मंडलायुक्त करेंगे जांच

निलंबन अवधि के दौरान अलंकार अग्निहोत्री को जिलाधिकारी कार्यालय, शामली से संबद्ध (अटैच) किया गया है।
शासन ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए बरेली मंडलायुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

अलंकार के इस्तीफे के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। उनके आवास पर ब्राह्मणवादी संगठनों और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और यहां तक कि पार्टी के बहिष्कार का आह्वान भी किया।
बरेली जिलाधिकारी ने इन गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

आचरण नियमावली के उल्लंघन का आरोप

उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के नियम-4 के तहत अलंकार अग्निहोत्री को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

यह भी पढ़े:- India at UN: पाकिस्तान ने मांगी थी सीजफायर की भीख, भारत ने UN में खोली पोल

विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग ने राज्यपाल के आदेश से निलंबन पत्र जारी करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई का आरोप पत्र अलग से जारी होगा

इस्तीफे के पीछे बताए थे दो कारण

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे के पीछे दो प्रमुख कारण गिनाए थे—पहला, प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी और प्रशासन की उदासीनता। दूसरा, यूजीसी के हालिया दिशा-निर्देशों को उन्होंने ‘काला कानून’ बताते हुए ब्राह्मण समाज के हितों के खिलाफ करार दिया था।

बॉयकॉट भाजपा’ पोस्ट बनी कार्रवाई की वजह?

इस्तीफे के साथ-साथ अलंकार अग्निहोत्री ने पद पर रहते हुए सोशल मीडिया पर ‘Boycott BJP’ और ‘काला कानून वापस लो’ जैसे नारों वाले पोस्टर के साथ अपनी तस्वीर साझा की थी।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसी कार्यरत अधिकारी द्वारा राजनीतिक दल के खिलाफ सार्वजनिक प्रचार करना कंडक्ट रूल्स का गंभीर उल्लंघन है। इसी को निलंबन की बड़ी वजह माना जा रहा है।

प्रशासनिक खेमे में हलचल

गणतंत्र दिवस के मौके पर एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह का कदम उठाए जाने से शासन असहज नजर आया।अब निलंबन और विभागीय जांच के बाद अलंकार अग्निहोत्री की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर सेवा समाप्ति या कठोर दंड तक का फैसला संभव है।

ब्राह्मणवादी संगठनों का समर्थन

इस्तीफे के बाद देर रात तक अलंकार के आवास पर ब्राह्मणवादी संगठनों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लोग मौजूद रहे। उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात भी की और बाद में खुद को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया। कुछ समय के लिए आवास छोड़ने के बाद वे फिर वापस लौट आए। अलंकार ने मंगलवार को दोबारा प्रेस वार्ता करने का भी ऐलान किया है।

India at UN: पाकिस्तान ने मांगी थी सीजफायर की भीख, भारत ने UN में खोली पोल; सिंधु जल को लेकर साफ संदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान को भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच से कड़ा जवाब दिया है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने पाकिस्तान की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उसका एकमात्र एजेंडा भारत और उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाना है।

हरीश ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान जहां एक ओर भारत के खिलाफ हमलों की धमकियां दे रहा था, वहीं दूसरी ओर 10 मई को खुद सीजफायर की गुहार लगाने पर मजबूर हो गया

UN में पाकिस्तान के झूठ का जवाब

संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए पी. हरीश ने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भ्रामक और अपने पक्ष में गढ़ा हुआ विवरण पेश किया।
उन्होंने कहा,“मैं उस देश के प्रतिनिधि की टिप्पणियों का जवाब दे रहा हूं, जिसका पूरा एजेंडा मेरे देश और मेरे लोगों को नुकसान पहुंचाना है।”

9 मई तक धमकी, 10 मई को सीजफायर की अपील

भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान की सैन्य स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमलों की चेतावनी दे रहा था, लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना को फोन कर लड़ाई रोकने की अपील की
उन्होंने बताया कि भारतीय जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस को भारी नुकसान हुआ, जिसमें रनवे तबाह और हैंगर जलने जैसी तस्वीरें सार्वजनिक हैं।

आतंकवाद को ‘न्यू नॉर्मल’ नहीं मान सकता भारत

हरीश ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं माना जा सकता।
उन्होंने दो टूक कहा कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को सरकारी नीति के तौर पर इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच का इस्तेमाल आतंक को जायज ठहराने के लिए नहीं किया जा सकता।

जम्मू-कश्मीर पर भी दिया सख्त संदेश

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा

सिंधु जल संधि पर भारत का रुख साफ

सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए हरीश ने कहा कि भारत ने 65 वर्ष पहले दोस्ती और सद्भावना की भावना से यह समझौता किया था, लेकिन पाकिस्तान ने इस दौरान तीन युद्ध थोपे और हजारों आतंकी हमलों को अंजाम दिया

यह भी पढ़े:- इस्तीफा देने वाले PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री को शंकराचार्य का बड़ा ऑफर

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद में हजारों भारतीयों की जान गई, जिसके बाद भारत को मजबूरन यह फैसला लेना पड़ा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को स्थायी रूप से खत्म नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को रोका जाएगा

पाकिस्तान को आत्ममंथन की सलाह

हरीश ने पाकिस्तान को कानून के शासन पर आत्मचिंतन करने की नसीहत देते हुए कहा कि उसे यह सोचना चाहिए कि उसने कैसे अपनी सेना को संवैधानिक तख्तापलट और आजीवन छूट जैसी शक्तियां दे दीं।

इस्तीफा देने वाले PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री को शंकराचार्य का बड़ा ऑफर, फोन पर हुई बातचीत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- ब्राह्मण समाज की अस्मिता और सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों को लेकर इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को बड़ा समर्थन मिला है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उनसे फोन पर बातचीत कर उनके कदम की सराहना की और उन्हें एक अहम जिम्मेदारी का प्रस्ताव भी दिया है।

अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के दिन अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। उन्होंने माघ मेले के दौरान शंकराचार्य और ब्राह्मण बटुकों के साथ हुए कथित अन्याय और यूजीसी के नए एक्ट के विरोध में इस्तीफा देने का ऐलान किया था। साथ ही उन्होंने यूपी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी रवैये का आरोप भी लगाया था।

शंकराचार्य और अलंकार के बीच क्या हुई बातचीत?

प्रयागराज में मौनी अमावस्या से अपने शिविर में मौजूद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान अलंकार ने चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।

शंकराचार्य ने कहा कि उनके इस्तीफे की खबर सुनकर मन में दो तरह की भावनाएं हैं—एक ओर दुख है कि इतनी मेहनत से हासिल किया गया पद एक झटके में चला गया, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म और उसके प्रतीकों के प्रति दिखाई गई निष्ठा से पूरा सनातनी समाज प्रसन्न है।

यह भी पढ़े:- आज सरकारी बैंकों में हड़ताल, 5-Day Working की मांग पर कामकाज ठप

सनातन धर्म की सेवा का प्रस्ताव

शंकराचार्य ने अलंकार अग्निहोत्री को धर्म के क्षेत्र में एक बड़ा दायित्व संभालने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के दिए पद से भी बड़ा पद सनातन धर्म की सेवा के लिए उन्हें सौंपने की इच्छा है। फोन पर बातचीत के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने भी शंकराचार्य से जल्द मुलाकात करने की बात कही।

निलंबन और जांच के आदेश

इस्तीफे के बाद देर रात प्रशासन की ओर से अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।

आज सरकारी बैंकों में हड़ताल, 5-Day Working की मांग पर कामकाज ठप

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- देशभर के सरकारी बैंकों में आज 27 जनवरी को कामकाज प्रभावित रहने की आशंका है। बैंक कर्मचारी यूनियनों ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह (5 Day Working) की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल की घोषणा 23 जनवरी को की गई थी। यदि हड़ताल पूरी तरह लागू होती है, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।

ग्राहकों को पहले ही दी गई सूचना

अधिकांश सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले से सूचित कर दिया है कि हड़ताल के कारण शाखाओं में कामकाज बाधित हो सकता है। नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस और अन्य शाखा आधारित सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।

27 जनवरी की हड़ताल क्यों बढ़ाएगी परेशानी?

27 जनवरी को बैंक हड़ताल इसलिए ज्यादा परेशानी खड़ी कर सकती है क्योंकि इससे पहले 24 जनवरी को दूसरा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण बैंक पहले ही बंद रहे। लगातार चार दिन बैंकों में काम न होने से ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

निजी बैंकों पर नहीं पड़ेगा असर

इस हड़ताल का असर एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों की शाखाओं पर नहीं पड़ेगा। इन बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा।

यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा

बैंक यूनियनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई दो दिन की बैठकों का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला।
यूएफबीयू नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का साझा मंच है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों के कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है।

पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मुख्य मांग

मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान भारतीय बैंक संघ (IBA) और यूएफबीयू के बीच सभी शनिवार को अवकाश देने पर सहमति बनी थी। यूनियनों का कहना है कि इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है।

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यूएफबीयू का कहना है कि काम के घंटे कम नहीं होंगे, क्योंकि कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं।
यूनियन ने यह भी तर्क दिया कि आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और सरकारी कार्यालय पहले से ही पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन कर रहे हैं, ऐसे में बैंकों को इससे अलग रखना उचित नहीं है।

Aaj Ka Rashifal 27 January 2026: सोमवार को मेष से मीन तक जानें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 27 January 2026:- ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर दैनिक राशिफल का आकलन किया जाता है। आज सोमवार, 27 जनवरी का दिन है। आज चंद्रमा मेष राशि में विराजमान हैं। वहीं गुरु मिथुन, केतु सिंह, सूर्य-बुध-शुक्र-मंगल मकर, राहु कुंभ और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा।

मेष राशि

आज स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। ऊर्जा का स्तर बेहतर रहेगा और इसका सही दिशा में उपयोग होगा। प्रेम और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापार में लाभ और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। लाल रंग की वस्तु पास रखें।

वृषभ राशि

दिन सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम, संतान और व्यापार में कोई बड़ी बाधा नहीं है, लेकिन मन में अनजाना भय और चिंता बनी रह सकती है। मानसिक बेचैनी महसूस हो सकती है। लाल वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

इन दिनों मिथुन राशि वालों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है। शारीरिक रूप से मध्यम स्थिति रहेगी। शिक्षा, संतान और प्रेम से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव संभव है। हालांकि आय की स्थिति मजबूत रहेगी। यात्रा और शुभ समाचार के योग हैं। हरी वस्तु पास रखना लाभदायक होगा।

कर्क राशि

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन जीवनसाथी के साथ भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है। विवाह या प्रेम संबंधों को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है। व्यापार के लिए दिन अनुकूल है। लाल वस्तु पास रखें।

सिंह राशि

आज विरोधियों की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन अंततः विजय आपके पक्ष में रहेगी। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित रह सकता है। प्रेम, संतान और व्यापार में स्थिति संतोषजनक रहेगी। पीली वस्तु शुभ मानी जाएगी।

कन्या राशि

मन अशांत रह सकता है। क्रोध और भावुकता पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

तुला राशि

घरेलू सुख में कमी आ सकती है। मां के स्वास्थ्य और स्वयं की सेहत पर ध्यान दें। भूमि, भवन या वाहन से जुड़े मामलों में अड़चन संभव है। प्रेम, संतान और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। शनिदेव को प्रणाम करना लाभकारी होगा।

वृश्चिक राशि

आज आपके पराक्रम का अच्छा फल मिलेगा। सहयोगियों का साथ मिलेगा। व्यापार में लाभ और स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। प्रेम जीवन भी सुखद रहेगा। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

शत्रुओं पर प्रभाव बना रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी है। वाणी पर संयम रखें। प्रेम, व्यापार और पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। लाल वस्तु शुभ रहेगी।

मकर राशि

पारिवारिक विवाद से बचने की आवश्यकता है। भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी के योग बन रहे हैं। मानसिक तनाव, घबराहट और क्रोध से दूरी रखें। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।

कुंभ राशि

पराक्रम के बल पर सफलता मिलेगी। व्यापार मजबूत होगा, लेकिन साझेदारी में तनाव संभव है। सरकारी मामलों से दूरी रखें। पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है। सूर्य को जल अर्पित करें।

मीन राशि

आज आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पुराने निवेश से भी लाभ होगा। परिवार में वृद्धि के संकेत हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों ही पक्ष मजबूत रहेंगे। पीली वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।