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यूपी में बीजेपी 10 फरवरी तक चलाएगी ‘बजट उपलब्धि अभियान’, मंत्री और विधायक बताएंगे सरकार की उपलब्धियां

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केंद्र सरकार के बजट की प्रमुख उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए “बजट उपलब्धि अभियान” शुरू करने जा रही है। पार्टी का उद्देश्य है कि बजट में घोषित योजनाओं, प्रावधानों और विकास संबंधी कदमों की जानकारी सीधे आम लोगों तक पहुंचे और सरकार की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से पेश किया जा सके।

इस अभियान के तहत भाजपा के पदाधिकारी 10 फरवरी तक लगातार प्रेस वार्ता करेंगे, जिसमें वे बजट की मुख्य विशेषताओं, विभिन्न वर्गों के लिए किए गए प्रावधानों और विकास योजनाओं की विस्तार से जानकारी साझा करेंगे। पार्टी का कहना है कि बजट ने जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी है और इसे आम जनता तक पहुंचाना जरूरी है।

अभियान में विधायक और मंत्री भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर बजट की उपलब्धियां लोगों को बताएंगे और समझाएंगे कि किस तरह बजट के लाभ सीधे जनता तक पहुंचेंगे। इसके लिए जनसंपर्क कार्यक्रम, स्थानीय संवाद और सवाल-जवाब सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा भाजपा गोष्ठियां और बैठकों का आयोजन करके कार्यकर्ताओं और आम लोगों को अभियान में जोड़ेगी। प्रेस वार्ता के साथ-साथ जनसभाओं और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से बजट की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट नए और विकसित भारत की संकल्पना का रोडमैप पेश करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और पहले बजट को तैयार करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद भी किया।

योगी ने बताया कि बजट में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय, मजबूत आधारभूत संरचना और सात नए रेल कॉरिडोर बनाने के लिए प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें विशेष रूप से आम जनता और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

यूपी में 25 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ 28 मामले वापस होंगे, इलाहाबाद हाईकोर्ट की मंजूरी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 25 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज छोटे अपराधों और कोरोना गाइडलाइन उल्लंघन से जुड़े 28 मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार लोक अभियोजक के माध्यम से निचली अदालतों में केस वापसी की अर्जी दाखिल करे, जिसके बाद संबंधित अदालतें अर्जियों पर गुण-दोष के आधार पर फैसला लेंगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने एमपी/एमएलए मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई के दौरान दिया।

कौन से मामले हैं शामिल

हाईकोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में गंभीर अपराध नहीं हैं, उन्हें कानून के अनुसार वापस लिया जा सकता है। राज्य सरकार की ओर से कुल 72 अर्जियां दाखिल की गई थीं, जिनमें से 28 मामलों को छोटे अपराध मानते हुए मंजूरी दी गई। सभी गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई 26 फरवरी को होगी।

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इन जनप्रतिनिधियों को राहत

इस आदेश के बाद जिन नेताओं को राहत मिली है, उनमें शामिल हैं: उमा भारती, संजीव बलियान, सीमा द्विवेदी, ठाकुर जयवीर सिंह, अभिजीत सिंह, विजेंद्र सिंह, अनिल सिंह, विवेकानंद पांडेय, नीलम सोनकर, अनिल कुमार, मीनाक्षी सिंह, जय मंगल कनौजिया, राजपाल बालियान, प्रसन्न चौधरी, उमेश मलिक, सुरेश राणा, कुमार भारतेंदु, प्रदीप चौधरी, अशरफ अली, वेदप्रकाश गुप्ता, जय प्रकाश निषाद, विक्रांत सिंह, योगेश चौधरी, मुकुल उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह।

तेजप्रताप यादव ने मोदी को 10 में 10 अंक दिए, कहा- लालू राज अब इतिहास है

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ :- लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेजप्रताप यादव फिर चर्चा में हैं। अपने बेबाक और खुलकर बोलने के अंदाज के लिए मशहूर तेजप्रताप ने हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कई अहम बातों का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि अब लालू यादव का दौर खत्म हो चुका है

इस इंटरव्यू में तेजप्रताप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 में से 10 अंक दिए। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर भी अपनी बातें साझा की।

यूट्यूबर प्रियंका शर्मा के साथ बातचीत में तेजप्रताप ने कहा कि बिहार में चुनाव में RJD केवल 25 सीटों तक सिमट गई, इसकी वजह उनके अलग रास्ते पर जाने को भी माना जा सकता है। उन्होंने कहा, “जब कृष्ण का सम्मान नहीं होगा तो यही नतीजा होगा। हम मान-सम्मान के लिए लड़ते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक राह चुन ली है।

टिकट बंटवारे और जयचंद विवाद
बिहार चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे को लेकर RJD पर पैसे लेने के आरोपों पर तेजप्रताप ने कहा, “हाँ, ऐसा जयचंदों ने किया होगा।” उन्होंने नाम गुप्त रखा लेकिन कहा कि ऐसे लोग परिवार के अंदर ही हैं और सबको पता है कि वे कौन हैं।

तेजस्वी के विदेश दौरे पर बयान
तेजस्वी यादव के हार के बाद विदेश दौरे पर जाने पर तेजप्रताप ने कहा कि हार के तुरंत बाद उनकी पार्टी ने समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने कहा, “हार की वजह वही 5-6 लोग हैं। दुश्मन बाहर नहीं, घर के अंदर है।” उन्होंने यह भी बताया कि बड़े भाई होने के नाते उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी की।

मां राबड़ी देवी और बहन रोहिणी को लेकर विचार
मां राबड़ी देवी के आशीर्वाद के लिए तेजस्वी के घर जाने पर तेजप्रताप ने कहा कि उन्होंने मां का आशीर्वाद लिया, लेकिन अब वे अपनी अलग राजनीतिक राह पर आगे बढ़ चुके हैं।

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बहन रोहिणी आचार्य के बारे में तेजप्रताप ने कहा कि वह भावुक हैं और उन्होंने परिवार में हुई घटनाओं को साझा किया। तेजप्रताप ने अपनी बहन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पिता को किडनी दान की थी।

लालू राज खत्म, अब सब बराबर
तेजप्रताप ने कहा कि वे परिवार से दूर रहते हैं और अपने परिवार को याद करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “राजा-प्रजा की बात अब नहीं, राजा गया, उसका राज खत्म।”

मोदी को 10 में 10
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम और उनके व्यक्तित्व को लेकर तेजप्रताप ने कहा, “हम उन्हें 10 में 10 देंगे। वो पूजा-पाठ करते हैं और हम भी करते हैं, इसलिए अंक कम नहीं देंगे।” वहीं सीएम नीतीश कुमार के बारे में उन्होंने कहा कि उनमें कोई कमी नहीं है, केवल बुर्का विवाद के कारण वीडियो वायरल हुआ था।

भारत के खिलाफ मैच से पाकिस्तान का कदम: विराट कोहली के कोच का बयान, कहा ‘भारी नुकसान होगा’

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न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर क्रिकेट जगत में हलचल मची हुई है। पाकिस्तान सरकार ने घोषणा की है कि वह 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में हिस्सा नहीं लेगा। इस फैसले ने दोनों देशों के क्रिकेट फैन्स और अधिकारियों के बीच चर्चा बढ़ा दी है।

विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी। शर्मा ने इसे अजीब और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि इस कदम से पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला न केवल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए, बल्कि वहां की जनता और खिलाड़ियों के लिए भी नुकसानदेह है, क्योंकि दर्शक भारतीय टीम के खिलाफ मुकाबला देखना चाहते थे।

राजकुमार शर्मा ने ANI से बातचीत में कहा,“यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान ने पहले बांग्लादेश के भारत न आने के पक्ष में वोट दिया था, और अब भारत के खिलाफ खेलने से पीछे हटने का फैसला लिया है। यह राजनीतिक निर्णय है, लेकिन इसका असर क्रिकेट और PCB दोनों पर पड़ेगा। मेरा मानना है कि PCB इस फैसले पर फिर से विचार करेगा।”

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हालांकि पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच से हटने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन यह कदम बांग्लादेश का समर्थन करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने भारत में टी20 वर्ल्ड कप में खेलने से इनकार किया था, जिस वजह से ICC ने उन्हें बाहर कर स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया।

भारत और पाकिस्तान के बीच इस महामुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह की अलग ही लहर थी, लेकिन अब यह मुकाबला आयोजित नहीं होगा।

सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, निवेशकों ने किया मुनाफा निकालने का रुझान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में आई तेजी के बाद अब भारी गिरावट देखने को मिल रही है। रविवार को कीमती धातुओं में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण मुनाफावसूली है, जिसमें निवेशक ऊंची कीमतों पर अपने निवेश को बेचकर लाभ कमा रहे हैं।

चांदी की कीमतों में सबसे अधिक दबाव देखा गया। रविवार को चांदी में लोअर सर्किट (न्यूनतम सीमा तक गिरावट) लगा, और इसका भाव 26,273 रुपये गिरकर 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने हाल ही में चांदी में निवेश किया था।

सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। रविवार को सोने की कीमतें लगभग 3 प्रतिशत घटकर 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों में लगातार उछाल आया था, जिससे निवेशक लाभ लेने के लिए अपने सोने को बाजार में बेच रहे हैं।

मुनाफावसूली की इस प्रक्रिया के चलते कीमती धातुओं के दाम में उतार-चढ़ाव सामान्य है। जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचती हैं, तो निवेशक अपनी पूंजी सुरक्षित करने के लिए बिक्री करते हैं। इस बार भी यही स्थिति देखने को मिली।

वित्तीय विश्लेषकों का कहना है कि सोने और चांदी दोनों ही धातुएँ निवेशकों के लिए आकर्षक हैं, खासकर आर्थिक अनिश्चितताओं के समय। लेकिन जब बाजार में तेजी ज्यादा लंबी नहीं चलती और दाम ऊँचे स्तर पर पहुँचते हैं, तो मुनाफावसूली की संभावना बढ़ जाती है। इसका असर तुरंत बाजार पर दिखाई देता है।

हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि इस समय घबराहट में निर्णय लेने से बचें। सोना और चांदी दीर्घकालिक निवेश के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। वर्तमान गिरावट को एक सामान्य बाजार उतार-चढ़ाव के रूप में देखा जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में संभावित बदलाव और वैश्विक आर्थिक संकेतक सोने और चांदी की कीमतों पर असर डालते हैं। स्थानीय बाजार में भी यही परिदृश्य दिखाई दे रहा है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निवेशक लंबी अवधि के लिए सोना और चांदी में निवेश करते हैं, तो छोटे उतार-चढ़ाव का उन्हें कोई गंभीर नुकसान नहीं होगा। लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए ऐसे समय में सावधानी बरतना जरूरी है।

संक्षेप में, सोना और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट मुनाफावसूली और बाजार के सामान्य उतार-चढ़ाव का परिणाम है। निवेशकों को भावनाओं में बहकर जल्दबाजी में निर्णय लेने की बजाय बाजार की स्थिति और भविष्य के रुझानों का विश्लेषण करने की सलाह दी जा रही है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कोहरे के बीच भयानक हादसा, तीन की मौत, पांच घायल

सुल्तानपुर/सर्वोदय न्यूज़:- घने कोहरे के कारण पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। माइलस्टोन 161.4 के पास गोरखपुर की ओर जा रही कार, अचानक ब्रेक लगाने वाले ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार ट्रक में फंस गई और करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई।

हादसे में कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में विजय कुमार यादव (58), लक्ष्मी (42) और वीर (6) शामिल हैं। घायल लोगों में तीन बच्चे भी हैं, जिन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल, अंबेडकरनगर में भर्ती कराया गया है।

दोस्तपुर थाना प्रभारी अनिरुद्ध कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर के रामपुर गोसाई और लखुआ पाटन निवासी यह परिवार दिल्ली से लौट रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार ट्रक के पिछले हिस्से में फंस गई और लंबे दूरी तक घिसटती रही।

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सूचना मिलने पर पुलिस और यूपीडा की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायल लोगों को कार से बाहर निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत फरार हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों का इलाज जारी है।

अखिलेश के हमशक्ल सलाउद्दीन की तस्वीरें हुईं वायरल, सपाई भी कन्फ्यूज!

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हमशक्ल का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोगों का ध्यान इस शख्स की शक्ल पर ऐसा गया कि कई बार कट्टर सपा कार्यकर्ता भी उन्हें देखकर धोखा खा जाते हैं।

जानकारी के अनुसार, इस हमशक्ल का नाम सलाउद्दीन है। वह अलीगढ़ के शाह जमाल क्षेत्र के निवासी हैं और हार्डवेयर का व्यवसाय करते हैं। उनकी शक्ल अखिलेश यादव से इतनी मिलती-जुलती है कि सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा लगातार बढ़ती जा रही है।

सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र

कुछ दिन पहले सलाउद्दीन एक पार्षद के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी से मिले। इस दौरान राजकुमार भाटी ने उन्हें अखिलेश यादव का हमशक्ल बताते हुए सम्मानित किया। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे सलाउद्दीन की लोकप्रियता और बढ़ गई।

बताया जा रहा है कि राजकुमार भाटी ने सलाउद्दीन को लखनऊ बुलाकर अखिलेश यादव से मिलने की योजना बनाई थी, लेकिन किसी कारणवश अभी तक यह मुलाकात नहीं हो सकी।

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सलाउद्दीन का सपना है कि वह एक दिन सपा प्रमुख से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

राजनीतिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि सलाउद्दीन आगामी 2027 विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के प्रचार में भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उनकी चर्चा बनी हुई है।

ड्यूटी फ्री हुईं कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं, यूपी में क्लिनिकल ट्रायल और अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी

नई दिल्ली / उत्तर प्रदेश: सरकार ने कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर बड़ा कदम उठाया है। अब कैंसर की 17 दवाओं से बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। इससे पहले इन दवाओं पर 5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती थी।

साथ ही, हीमोफीलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, सिकल सेल सहित सात दुर्लभ बीमारियों की आयातित दवाएं भी ड्यूटी फ्री कर दी गई हैं। बजट में डायबिटीज (शुगर) की दवाओं को भी सस्ता करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश में शुगर से प्रभावित लोगों की संख्या करोड़ों में है, जबकि प्री-डायबिटीज की स्थिति लगभग पांच करोड़ लोगों में पाई गई है।

यूपी में क्लिनिकल ट्रायल की सुविधा बढ़ेगी

प्रदेश में क्लिनिकल ट्रायल की सुविधा भी बढ़ाई जाएगी। केंद्रीय वित्तमंत्री ने देश में 1000 क्लिनिकल ट्रायल स्पॉट स्थापित करने का ऐलान किया है, जिससे यूपी को भी लाभ मिलेगा।

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इसके अलावा, जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी। यह सुधार देश के अन्य जिला अस्पतालों के मॉडल के अनुरूप होगा। प्रदेश में ट्रामा सेंटर भी खोले जाएंगे। जिन क्षेत्रों में अभी ट्रामा या इमरजेंसी सेंटर नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में 43 ट्रामा सेंटर कार्यरत हैं।

इस कदम से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और महंगी दवाओं पर आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

कौन है खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने वाला युवक? राहुल गांधी ने बताया हीरो, बजरंग दल ने दी धमकी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार शहर में एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस पूरे मामले में स्थानीय युवक दीपक कुमार, जिसने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया, अचानक सुर्खियों में आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उसे “देश का हीरो” करार दिया है, वहीं बजरंग दल ने उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कौन है दीपक कुमार?

दीपक कुमार कोटद्वार का रहने वाला है और पेशे से जिम ट्रेनर है। बताया जा रहा है कि जब उसे मुस्लिम दुकानदार के साथ हो रहे विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिली, तो वह मौके पर पहुंच गया और अकेले ही प्रदर्शन कर रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के सामने खड़ा हो गया।
जब प्रदर्शनकारियों ने उससे उसका नाम पूछा तो उसने जवाब दिया— “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” इसके बाद मामला और ज्यादा गरमा गया। दीपक का आरोप है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे धमकाया और उसके साथ बदसलूकी की।

क्या है पूरा विवाद?

पूरा मामला गणतंत्र दिवस के दिन कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित एक कपड़ों की दुकान ‘बाबा ड्रेस’ से जुड़ा है। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने दुकान के नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ‘बाबा’ नाम से स्थानीय प्रसिद्ध सिद्धबली हनुमान मंदिर से भ्रम पैदा होता है। उन्होंने मुस्लिम दुकानदार मोहम्मद शोएब पर दुकान का नाम बदलने का दबाव बनाया।

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जब स्थानीय स्तर पर बात नहीं बनी तो देहरादून और ऋषिकेश से संगठन के कार्यकर्ता बुलाए गए। शनिवार को प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, सड़क जाम और कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल से हालात बिगड़ गए।

पुलिस कार्रवाई और दर्ज मुकदमे

पुलिस के अनुसार, इस विवाद के बाद सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में कुल तीन मामले दर्ज किए गए हैं

  • एक मामला पुलिस की ओर से 30–40 अज्ञात लोगों के खिलाफ
  • दूसरा स्थानीय वकील अहमद की शिकायत पर
  • और तीसरा स्थानीय नागरिक कमल प्रसाद की तहरीर पर दर्ज किया गया है

इसी तीसरे मामले में दीपक उर्फ अक्की समेत अन्य लोगों के खिलाफ गाली-गलौज, जाति-सूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की नीयत से हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

बजरंग दल का पक्ष

बजरंग दल का दावा है कि उन्होंने करीब दो-ढाई महीने पहले दुकान मालिक से नाम बदलने की मांग की थी। उस समय दुकानदार ने कथित तौर पर दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बाद नाम बदलने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, दुकान स्थानांतरित होने के बावजूद नाम न बदलने पर संगठन ने दोबारा विरोध किया, जिसके दौरान दीपक और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।

राहुल गांधी का समर्थन

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखते हुए दीपक का समर्थन किया। राहुल गांधी ने लिखा—“उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। वे संविधान और इंसानियत के लिए खड़े हैं। नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान का यही साहस सत्ता को सबसे ज्यादा चुभता है।”

हालात संभालने के लिए फ्लैग मार्च

तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कोटद्वार में फ्लैग मार्च किया। बजरंग दल के प्रांत स्तरीय नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे किसी बड़े टकराव को टाल लिया गया।

फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

बलूचिस्तान में सड़कों पर बिखरी लाशें; इंटरनेट बंद, एक ही दिन में पाक सेना के छूटे पसीने

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पाकिस्तान का अशांत बलूचिस्तान प्रांत इस समय अभूतपूर्व हिंसा की चपेट में है। हाल के वर्षों में यहां इतना व्यापक और खूनी संघर्ष देखने को नहीं मिला। विद्रोहियों के ताबड़तोड़ हमलों के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

सूत्रों के मुताबिक, बलूचिस्तान में हुए हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू की। इस अभियान में अब तक बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के 145 लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया गया है। यह सैन्य अभियान रविवार से लगातार जारी है।

40 घंटों में 145 आतंकवादी ढेर, 17 जवानों की मौत की पुष्टि

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पिछले 40 घंटों में चले आतंकवाद-रोधी अभियानों में 145 आतंकवादी और 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी आतंकवादियों के शव सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया चल रही है।

इंटरनेट-ट्रेन सेवा ठप, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

बीएलए के लड़ाकों ने जेलों, सैन्य ठिकानों और सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाया। इस दौरान एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर के अपहरण की भी पुष्टि हुई है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
इसके साथ ही ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं और कई इलाकों में सड़क मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं। रविवार को बाजार और सड़कें पूरी तरह सुनसान नजर आईं।

घर से निकलना मतलब जान जोखिम में डालना

स्थानीय लोगों के मुताबिक हालात इतने खराब हैं कि घर से बाहर निकलना किसी खतरे से कम नहीं। क्वेटा के एक दुकानदार हमदुल्लाह ने बताया कि बाहर निकलते वक्त यह भरोसा नहीं रहता कि वापस लौट पाएंगे या नहीं। वहीं पाकिस्तानी सेना का कहना है कि पूरे प्रांत में सघन तलाशी और सफाई अभियान चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के बाद इतने कम समय में मारे गए आतंकियों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

कई जिलों में हमले, महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल

पाकिस्तानी सेना के अनुसार आतंकियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी के आसपास हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया। सेना के बयान में कहा गया कि सतर्क सुरक्षा बलों ने समय रहते कार्रवाई कर आतंकी मंसूबों को नाकाम किया।

सेना का दावा है कि लंबे और भीषण अभियानों के दौरान तीन आत्मघाती हमलावरों समेत 92 आतंकवादी मारे गए। आतंकियों ने आम नागरिकों को भी निशाना बनाया, जिसमें महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों समेत 18 लोगों की जान चली गई। मुठभेड़ों में 15 सैनिक भी शहीद हुए।

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बुगती ने यह भी बताया कि पसनी और क्वेटा में महिला हमलावरों का इस्तेमाल किया गया और क्वेटा में दो आत्मघाती हमलावरों को मार गिराया गया।

भारत पर आरोप किया सख्त खंडन

बलूचिस्तान में बिगड़ते हालात से बौखलाए पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाए। हालांकि भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू विफलताओं और आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए भारत का नाम घसीटता है। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए और वहां हो रहे अत्याचारों को रोकना चाहिए, न कि उन पर और कहर बरपाना चाहिए।