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गिरफ्तार पप्पू यादव IGIMS से PMCH शिफ्ट, आज कोर्ट में पेशी संभव; आगे क्या कदम उठाएगी पुलिस?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना स्थित उनके आवास से हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में की गई है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद स्वास्थ्य जांच के लिए उन्हें पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) ले जाया गया, जहां से बाद में पीएमसीएच (PMCH) शिफ्ट कर दिया गया।

गिरफ्तारी के दौरान सांसद ने खुद को अस्वस्थ बताते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि गिरफ्तारी के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी सिविल ड्रेस में थे। पुलिस के पहुंचने के बाद पप्पू यादव को दवा लेते हुए भी देखा गया।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें दावा किया गया कि सांसद को पूरी रात आईजीआईएमएस में स्ट्रेचर पर रखा गया। सांसद के निजी सचिव के हवाले से बताया गया कि रातभर स्ट्रेचर पर रहने के बाद पटना पुलिस उन्हें पीएमसीएच लेकर जा रही है। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि नीट से जुड़ी एक बेटी की लड़ाई लड़ने के कारण सत्ता और प्रशासन उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। साथ ही बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं।

इधर, पप्पू यादव के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताया है। उनके मुताबिक, सांसद 1995 के इस मामले में पहले ही जमानत पर थे और केस की निगरानी अधिवक्ता लिपिक के माध्यम से हो रही थी। वकील का आरोप है कि जमानत टूटने से संबंधित नोटिस की जानकारी जानबूझकर दबाई गई। उन्होंने कहा कि सीआरपीसी की धारा 82 के तहत नोटिस चस्पा करना जरूरी था, जो नहीं किया गया, और पुलिस सीधे धारा 83 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी करने पहुंच गई, जो चौंकाने वाला है।

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वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार, पप्पू यादव को आज अदालत में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश के आधार पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा सकता है। हालांकि उनकी तबीयत को देखते हुए अस्पताल में ही रखने का विकल्प भी खुला है। पेशी का समय फिलहाल तय नहीं किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि पप्पू यादव अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल कर सकते हैं। यदि कोर्ट से राहत मिलती है तो उन्हें रिहा किया जा सकता है। जमानत को लेकर उनकी लीगल टीम पूरी तैयारी में जुटी हुई है।

Aaj Ka Rashifal 7 February 2026: किसे मिलेगा धन लाभ, किन राशियों को खर्च और सेहत पर रखना होगा नियंत्रण

Aaj Ka Rashifal 7 February 2026: आज का पंचांग और ग्रहों की चाल 7 फरवरी 2026, शनिवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ इस प्रकार है—गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं, केतु सिंह में और चंद्रमा दिन में कन्या राशि में रहकर दोपहर 2 बजे के बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य और मंगल मकर राशि में हैं, जबकि बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं। शनि मीन राशि में स्थित हैं। इन ग्रहों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा।

मेष राशि

आज जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—तीनों ही क्षेत्रों में स्थिति मजबूत बनी रहेगी। काली मां की पूजा करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

दिन मिला-जुला फल देने वाला रहेगा। मानसिक या शारीरिक रूप से थोड़ी असहजता महसूस हो सकती है। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में मध्यम स्थिति रहेगी। व्यापार सामान्य रहेगा। नीले रंग की वस्तु साथ रखना शुभ माना जाएगा।

मिथुन राशि

आज विवादों से दूरी बनाकर रखें। पारिवारिक, प्रेम या संतान से जुड़ा तनाव हो सकता है। स्वास्थ्य पहले से बेहतर है। व्यापार की स्थिति मजबूत बनी हुई है। हरे रंग की वस्तु पास रखें।

कर्क राशि

सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। प्रेम जीवन और संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकते हैं। व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं। हालांकि दोपहर के बाद जीवन में थोड़ी भागदौड़ या अशांति संभव है। लाल वस्तु शुभ रहेगी।

सिंह राशि

व्यापार में मजबूती आएगी और आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य में सुधार रहेगा। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। आज का दिन कुल मिलाकर बेहद शुभ है। काली मां को प्रणाम करना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

आज धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान—तीनों पक्ष मजबूत रहेंगे। व्यापार में अच्छी प्रगति संभव है। हरी वस्तु पास रखें।

तुला राशि

दोपहर के बाद स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक ऊर्जा में बढ़ोतरी होगी। प्रेम और संतान का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। जरूरत की चीजें सहज रूप से उपलब्ध होंगी। शनिदेव की पूजा शुभ फल देगी।

वृश्चिक राशि

आय से जुड़े महत्वपूर्ण काम दोपहर 2 बजे से पहले निपटा लें। इसके बाद समय थोड़ा मध्यम रह सकता है। मन में अनावश्यक चिंता बनी रह सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार सामान्य रहेंगे। काली मां को प्रणाम करें।

धनु राशि

आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने निवेश से भी लाभ मिल सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार—तीनों ही क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। लाल वस्तु शुभ रहेगी।

मकर राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है। राजनीतिक या प्रशासनिक लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार में संतोषजनक स्थिति बनी रहेगी। शनिदेव की पूजा करें।

कुंभ राशि

दोपहर के बाद परिस्थितियां आपके पक्ष में होती दिखेंगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम और संतान का सहयोग मिलेगा। व्यापार अच्छा रहेगा। 2 बजे से पहले थोड़ा सावधानी बरतना जरूरी है। नीली वस्तु शुभ रहेगी।

मीन राशि

महत्वपूर्ण कार्य दोपहर 2 बजे से पहले पूरे कर लें। इसके बाद समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें और वाहन सावधानी से चलाएं। प्रेम और संतान पक्ष कमजोर रह सकता है। व्यापार सामान्य रहेगा। काली मां को श्वेत वस्तु अर्पित करना शुभ रहेगा।

आवारा कुत्तों पर योगी सरकार सख्त, सभी जिलों को जारी हुए निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उनसे जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार एक्शन मोड में आ गई है। जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों और नगर निगमों को डॉग शेल्टर होम और एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर की स्थापना प्रक्रिया तेज करने के निर्देश जारी किए हैं।

शासन स्तर पर इस योजना को प्राथमिकता देते हुए भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

मानवीय और वैज्ञानिक समाधान पर जोर

यूपी सरकार ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक और स्थायी तरीके से किया जाए। सरकार का मानना है कि डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की प्रभावी व्यवस्था से जहां आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं पशु कल्याण को भी मजबूती मिलेगी।

नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित या प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ-साथ डॉग शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सभी नगर निगमों को उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने और प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और पशु कल्याण से जुड़े मानकों के अनुरूप ही की जा रही है।

डॉग शेल्टर होम के लिए DPR तैयार करने के निर्देश

योगी सरकार ने प्रत्येक डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार, एक डॉग शेल्टर होम पर करीब 4.70 करोड़ से 5.31 करोड़ रुपये तक की लागत आने का अनुमान है।

डीपीआर में शेल्टर होम की क्षमता, आधारभूत संरचना, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे सभी अहम पहलुओं को शामिल किया गया है। शासन स्तर पर इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी भी दी जा चुकी है।

कई जिलों में भूमि चिह्नीकरण पूरा

प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र के ग्राम मऊर उपरहट (तहसील सोरांव) में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है।

यह भी पढ़े:बृजभूषण के खिलाफ ऐक्शन- स्वतंत्र देव सिंह से विवाद के बाद BJP ने बृजभूषण राजपूत को

लखनऊ नगर निगम में भी भूमि उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है—

  • ललितपुर: 12.182 हेक्टेयर
  • हरदोई: 0.2 हेक्टेयर
  • बुलंदशहर: 2000 वर्ग मीटर
  • फतेहपुर: 0.769 हेक्टेयर

इन सभी स्थानों पर एबीसी सेंटर और डॉग शेल्टर होम की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। शेष जनपदों से सूचनाएं मिलते ही वहां भी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य

राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले से आवारा कुत्तों के हमलों में कमी आएगी | नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी साथ ही पशु कल्याण को संस्थागत रूप मिलेगा इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी समाधान लागू हो सकेगा |

बृजभूषण के खिलाफ ऐक्शन- स्वतंत्र देव सिंह से विवाद के बाद BJP ने बृजभूषण राजपूत को भेजा नोटिस

महोबा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से हुए विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी ने चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

यह कार्रवाई 30 जनवरी को महोबा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री और विधायक के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद की गई है।

मंत्री का काफिला रोकने से बढ़ा मामला

30 जनवरी को महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक निजी कॉलेज में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उस समय हंगामा हो गया, जब चरखारी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ मंत्री का काफिला रोक लिया।

बताया जा रहा है कि विधायक अपने क्षेत्र में पेयजल संकट और सड़कों की खुदाई से नाराज थे। उनके साथ करीब 40 गांवों के प्रधान और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। समर्थकों ने मंत्री के काफिले के रास्ते में लगभग 40 गाड़ियां खड़ी कर दीं।

हर घर नल योजना को लेकर आमने-सामने आए मंत्री-विधायक

मंत्री के वाहन से उतरते ही विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने क्षेत्र में हर घर नल योजना की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा मामला

विवाद बढ़ता देख जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक बृजभूषण राजपूत को साथ लेकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जिसमें जलापूर्ति और सड़कों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा, कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

20 दिन में सुधार का आश्वासन, नहीं तो धरना

बैठक के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की ओर से 20 दिनों के भीतर सुधार का आश्वासन दिया गया है।

यह भी पढ़े:- Islamabad Blast: जुमे की नमाज के दौरान इमामबाड़े में जोरदार धमाका, 10 की मौत;

विधायक ने चेतावनी दी कि अगर तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे लखनऊ जाकर धरना देंगे।

पार्टी अनुशासन पर BJP सख्त

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। मंत्री का काफिला रोकने और सार्वजनिक रूप से विवाद करने को अनुशासनहीनता मानते हुए भाजपा ने विधायक से जवाब तलब किया है। अब सबकी नजर बृजभूषण राजपूत के जवाब और पार्टी के अगले कदम पर टिकी है।

Islamabad Blast: जुमे की नमाज के दौरान इमामबाड़े में जोरदार धमाका, 10 की मौत; कई घायल, राजधानी में इमरजेंसी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को बड़ा आतंकी धमाका हुआ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहजाद टाउन इलाके के तरलाई स्थित एक इमामबाड़े में जुमे की नमाज के दौरान तेज विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनभर से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

राजधानी के अस्पतालों में आपातकाल घोषित

घटना की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद के प्रमुख अस्पतालों में आपातकाल लागू कर दिया गया है।
पॉलीक्लिनिक अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

PIMS के प्रवक्ता के अनुसार, अस्पताल की मुख्य इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक वार्ड, बर्न यूनिट और न्यूरोलॉजी विभाग को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। घायलों को लगातार PIMS और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।

अब तक किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी

फिलहाल धमाके के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। जांच एजेंसियां मौके से सबूत जुटा रही हैं और फॉरेंसिक टीमें विस्फोट के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।
अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर आतंकी साजिश मानकर जांच कर रही हैं।

यह भी पढ़े:- Railway New Rules: जहां से लिया टिकट, वहीं से करनी होगी बोर्डिंग; रेलवे बदलने जा रहा

अधिकारियों का कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

राजधानी की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह धमाका ऐसे समय हुआ है जब कुछ महीने पहले ही इस्लामाबाद के G-11 इलाके में एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ था।
11 नवंबर 2025 को जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। ताजा घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

Railway New Rules: जहां से लिया टिकट, वहीं से करनी होगी बोर्डिंग; रेलवे बदलने जा रहा बड़ा नियम

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय रेलवे ट्रेन यात्रा से जुड़े बोर्डिंग नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। इस नए नियम के लागू होने के बाद यात्रियों को उसी स्टेशन से ट्रेन में सवार होना अनिवार्य होगा, जिसे उन्होंने टिकट बुकिंग के समय बोर्डिंग स्टेशन के रूप में चुना है। अगर यात्री तय स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ता है, तो अब टीटीई अगले स्टेशन तक उसका इंतजार नहीं करेगा।

नई व्यवस्था के तहत जैसे ही ट्रेन बोर्डिंग स्टेशन से आगे रवाना होगी और यात्री अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिलेगा, उस सीट को तत्काल खाली घोषित कर दिया जाएगा।

TTE करेगा तुरंत ‘Not Turn Up’ एंट्री

रेलवे द्वारा प्रस्तावित नियमों के अनुसार, टीटीई चेकिंग के दौरान अपने हैंडहेल्ड डिवाइस में तुरंत ‘Not Turn Up’ की एंट्री करेगा।
इसका मतलब होगा कि संबंधित यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में सवार नहीं हुआ है। जैसे ही यह एंट्री की जाएगी, सिस्टम अपने आप उस सीट को खाली मान लेगा और टीटीई के पास उसे होल्ड करने का कोई विकल्प नहीं रहेगा।

वेटिंग और RAC यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

रेलवे के इस बदलाव से सबसे अधिक लाभ वेटिंग लिस्ट और RAC टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को मिलने वाला है।
जैसे ही किसी यात्री की सीट खाली घोषित होगी, रेलवे का सिस्टम स्वतः अगली वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को वह बर्थ अलॉट कर देगा। सीट अलॉट होते ही यात्री के मोबाइल फोन पर SMS के जरिए कंफर्मेशन भेज दिया जाएगा।

सॉफ्टवेयर में बदलाव के निर्देश, CRIS को जिम्मेदारी

इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए रेल मंत्रालय ने रेलवे सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। इस काम की जिम्मेदारी CRIS (Centre for Railway Information Systems) को सौंपी गई है।
सिस्टम अपडेट होने के बाद यह नियम देशभर की ट्रेनों में लागू किया जाएगा, जिससे खाली सीटों का बेहतर और पारदर्शी प्रबंधन संभव हो सके।

बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बरतें सावधानी

रेलवे आंकड़ों के मुताबिक, हर ट्रेन में लगभग 3 से 5 प्रतिशत यात्री ऐसे होते हैं जो या तो अपनी यात्रा रद्द कर देते हैं या समय पर बोर्डिंग स्टेशन नहीं पहुंच पाते हैं।
अब ऐसे यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई यात्री तय बोर्डिंग स्टेशन की बजाय किसी अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहता है, तो उसे चार्ट बनने से कम से कम 24 घंटे पहले बोर्डिंग स्टेशन बदलवाना जरूरी होगा।

यह भी पढ़े:- Rail Ticket Refund: RAC टिकट पर यात्रियों को मिल सकती है बड़ी राहत, मिल सकता है रिफंड 

ऐसा नहीं करने पर उसकी सीट किसी अन्य यात्री को आवंटित कर दी जाएगी और बाद में वह इस पर कोई दावा भी नहीं कर पाएगा।

रेलवे का क्या कहना है?

रेलवे का मानना है कि यह फैसला डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और खाली सीटों को लेकर होने वाली देरी और शिकायतें काफी हद तक कम होंगी।
पहले टीटीई के अगले स्टेशन तक इंतजार करने से वेटिंग यात्रियों को परेशानी होती थी, लेकिन अब रियल-टाइम अपडेट के जरिए यात्रियों को तेजी से सीट मिल सकेगी।

Rail Ticket Refund: RAC टिकट पर यात्रियों को मिल सकती है बड़ी राहत, मिल सकता है रिफंड 

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय रेलवे से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ सकती है। संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने रेलवे मंत्रालय को अहम सुझाव देते हुए कहा है कि आरएसी (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले उन यात्रियों को किराए का कुछ हिस्सा वापस किया जाना चाहिए, जिन्हें पूरा किराया चुकाने के बावजूद पूरी बर्थ उपलब्ध नहीं हो पाती है।

यह सिफारिश 4 फरवरी को संसद में पेश की गई PAC की रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेनों के संचालन की समयबद्धता और यात्रा समय’ में की गई है। समिति ने मौजूदा आरएसी व्यवस्था को यात्रियों के साथ अन्यायपूर्ण बताया है।

RAC यात्रियों से पूरा किराया वसूलना अनुचित: समिति

वर्तमान नियमों के तहत आरएसी श्रेणी में टिकट कंफर्म होने पर भी यात्रियों को केवल आधी बर्थ (साझा सीट) मिलती है, जबकि किराया पूरा कंफर्म टिकट के बराबर लिया जाता है।
लोक लेखा समिति ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि बिना पूरी बर्थ सुविधा दिए पूरा किराया वसूलना न्यायसंगत नहीं है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि यदि चार्ट तैयार होने के बाद भी यात्री आरएसी में ही रह जाता है और उसे पूरी बर्थ नहीं मिलती, तो उसे पूरा किराया नहीं देना चाहिए। रेलवे मंत्रालय को ऐसी प्रणाली विकसित करनी चाहिए, जिससे यात्रियों को किराए का आंशिक रिफंड मिल सके।

मौजूदा IRCTC नियम क्या कहते हैं?

फिलहाल IRCTC के नियमों के अनुसार, यदि RAC ई-टिकट को ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक रद्द नहीं किया जाता या TDR दाखिल नहीं किया जाता है, तो यात्रियों को किसी तरह का रिफंड नहीं मिलता।
PAC का मानना है कि जब यात्री को आधी सुविधा मिल रही है, तो भुगतान भी उसी अनुपात में तय होना चाहिए।

अगर यह सिफारिश लागू होती है, तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराया ढांचे में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।

इन 13 ट्रेनों में RAC टिकट पर रोक

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रेलवे ने इस वर्ष की शुरुआत से कुछ प्रीमियम और आधुनिक ट्रेनों में RAC टिकट पर यात्रा की अनुमति बंद कर दी है।

यह भी पढ़े:- पूरे देश में हो रहा पंडितों का अपमान; ब्राह्मण समाज के समर्थन में उतरीं मायावती, केंद्र सरकार से 

अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी कुल 13 ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है।

RAC प्रतिबंध वाली प्रमुख ट्रेनें:

  • गुवाहाटी (कामाख्या) – रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस
  • डिब्रूगढ़ – लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस
  • न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
  • न्यू जलपाईगुड़ी – तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
  • अलीपुरद्वार – एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
  • अलीपुरद्वार – मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस
  • कोलकाता (संतरागाछी) – तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस
  • कोलकाता (हावड़ा) – आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस
  • कोलकाता (सियालदह) – बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस
  • तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस
  • तिरुवनंतपुरम उत्तर – चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
  • नागरकोइल जंक्शन – मंगलुरु जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस

अब रेलवे मंत्रालय के फैसले का इंतजार

संसदीय समिति की सिफारिश के बाद अब फैसला रेलवे मंत्रालय को लेना है। मंत्रालय को यह तय करना होगा कि आंशिक रिफंड की गणना किस आधार पर की जाएगी और इसे डिजिटल माध्यम से यात्रियों के खातों में भेजने के लिए CRIS और IRCTC सॉफ्टवेयर में किस तरह के बदलाव किए जाएंगे।

पूरे देश में हो रहा पंडितों का अपमान; ब्राह्मण समाज के समर्थन में उतरीं मायावती, केंद्र सरकार से की यह मांग

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस विवाद में अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने इस वेब सीरीज को ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए फिल्म निर्माताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि योजनाबद्ध तरीके से फिल्मों और वेब सीरीज के जरिए ‘पंडित’ शब्द को नकारात्मक रूप में पेश किया जा रहा है, जिससे पूरे ब्राह्मण समाज की छवि धूमिल हो रही है।

फिल्मों में ब्राह्मण समाज को बनाया जा रहा निशाना: मायावती

मायावती ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि हाल के समय में केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में फिल्मों और वेब सीरीज के माध्यम से ब्राह्मण समाज को अपमानित किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘पंडित’ को ‘घुसपैठिया’ जैसे शब्दों से जोड़कर पूरे समाज को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश है। बसपा इस तरह के कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है।

‘घुसपैठिया’ शब्द पर कड़ा ऐतराज

मायावती ने अपने बयान में ‘घुसपैठिया’ शब्द के इस्तेमाल पर विशेष आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह शब्द न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि जातिसूचक भी है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसी वेब सीरीज और फिल्मों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए, जो किसी विशेष जाति या समुदाय को नकारात्मक और अपमानजनक रूप में प्रस्तुत करती हैं।

वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ में क्या है?

वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ में सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को उजागर करने का दावा किया गया है। कहानी एक ऐसे सरकारी कर्मचारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो ब्राह्मण समुदाय से जुड़ा बताया गया है और ‘पंडत’ उपनाम का इस्तेमाल करता है।

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सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे वह अपने पद का दुरुपयोग कर आम लोगों से अवैध वसूली करता है। आरोप है कि कहानी और संवादों में ऐसे तत्व शामिल हैं, जो एक विशेष समुदाय को भ्रष्टाचार से जोड़ते हैं।

क्यों हो रहा है विरोध?

इस वेब सीरीज के खिलाफ ‘सनातन रक्षक दल’ सहित कई ब्राह्मण संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है। संगठनों का कहना है कि सीरीज का नाम ही पूरे समाज को अपमानित करने वाला है।
उनका तर्क है कि ‘पंडत’ शब्द ज्ञान, संस्कार और सम्मान का प्रतीक है, लेकिन उसके साथ ‘घूसखोर’ जोड़कर एक पूरी जाति को गलत संदेश दिया जा रहा है।
विरोध करने वालों का यह भी कहना है कि भ्रष्टाचार किसी भी जाति या समुदाय से जुड़ा हो सकता है, लेकिन जानबूझकर ब्राह्मण पात्र को केंद्र में रखकर दिखाना एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। पोस्टर और ट्रेलर में धार्मिक प्रतीकों के साथ गलत गतिविधियां दिखाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है।

Aaj Ka Rashifal 6 February 2026: जानिए शुक्रवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा

Aaj Ka Rashifal 6 February 2026: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 6 फरवरी 2026, शुक्रवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है, वहीं कुछ लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। इस दिन गुरु मिथुन राशि में, चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य और मंगल मकर राशि में स्थित रहेंगे। वहीं बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक का दैनिक राशिफल।

मेष राशि

मेष राशि वालों को सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलने के संकेत हैं। पिता के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी। प्रेम संबंध, संतान पक्ष और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। विरोधियों पर आपकी पकड़ बनी रहेगी, हालांकि छोटी परेशानियां आ सकती हैं। हरी वस्तुओं का दान करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार तीनों ही क्षेत्रों में संतोषजनक स्थिति बनी रहेगी। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। पढ़ाई-लिखाई और बौद्धिक कार्यों में मन लगेगा। विद्यार्थियों के लिए समय शुभ है। हरी वस्तु साथ रखें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आज सरकारी मामलों में उलझने से बचना चाहिए। वरिष्ठों से विवाद न करें। पिता के स्वास्थ्य और उनसे जुड़े मामलों पर ध्यान देना जरूरी है। सेहत में पहले से सुधार रहेगा। प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। व्यापार में लाभ के साथ भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। घरेलू तनाव संभव है। गणेश जी की पूजा शुभ रहेगी।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों का पराक्रम रंग लाएगा। रोजगार और करियर में प्रगति के संकेत हैं। वैवाहिक जीवन में क्रोध और रूखेपन से बचें। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सामान्य से बेहतर रहेंगे। शनिदेव को प्रणाम करना लाभकारी रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी। पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। दांपत्य जीवन में भी समझदारी से काम लें। नौकरी में कुछ अड़चनें आ सकती हैं, लेकिन धन आगमन बना रहेगा। परिवार में वृद्धि के योग हैं। गणेश जी की आराधना करें।

कन्या राशि

कन्या राशि की स्थिति संतुलित बनी रहेगी। गुस्से पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहेगा और जरूरत की वस्तुएं समय पर उपलब्ध होंगी। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। निर्णय सोच-समझकर लें। लाल वस्तु का दान शुभ रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों का मन थोड़ा अशांत रह सकता है। सिरदर्द, आंखों में दर्द और अनावश्यक खर्च से परेशानी हो सकती है। इसके अलावा प्रेम, व्यापार और स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी बनी रहेगी। शनिदेव की उपासना लाभ देगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए दिन बेहद शानदार रहेगा। मेहनत का पूरा फल मिलेगा। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति होगी। आय के नए स्रोत बनेंगे और पुराने निवेश से भी लाभ संभव है। कुल मिलाकर समय बहुत शुभ है। पीली वस्तु पास रखें।

धनु राशि

धनु राशि वालों को वाणी पर संयम रखना होगा। कठोर शब्दों से विवाद हो सकता है। भाग्य आपका साथ देगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। प्रेम, संतान और व्यापार से जुड़ी खबरें सुखद रहेंगी। लाल वस्तु साथ रखें।

मकर राशि

मकर राशि वालों को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रक्तचाप और क्रोध बढ़ सकता है। सावधानी से दिन बिताएं। भाग्य का साथ मिलेगा और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल होंगी। प्रेम, संतान और व्यापार सामान्य से अच्छे रहेंगे। काली माता को प्रणाम करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। जीवनसाथी और संतान का सहयोग मिलेगा। शुभता में वृद्धि होगी। हालांकि बाहरी संबंधों में क्रोध से बचें। अगले एक-दो दिन सतर्क रहने की सलाह है। गणेश जी की पूजा करें।

मीन राशि

मीन राशि वालों को जीवनसाथी से दूरी महसूस हो सकती है। सिरदर्द, आंखों की समस्या या हार्मोनल परेशानियां संभव हैं। इसके बावजूद दिन कुल मिलाकर शुभ रहेगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर होगा। प्रेम, संतान और व्यापार में संतुलन बना रहेगा। काली माता की आराधना लाभकारी रहेगी।

यूपी में लापता लोगों का बढ़ता संकट: दो साल में 1.08 लाख गुम, सिर्फ 9,700 का ही चला पता, हाई कोर्ट सख्त

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में लापता व्यक्तियों से जुड़ा एक गंभीर और चिंताजनक संकट सामने आया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, बीते लगभग दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में 1,08,300 लोग लापता हुए हैं, जिनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज कराई गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अब तक केवल करीब 9,700 लोगों का ही पता लगाया जा सका है, जबकि शेष मामलों में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

इस स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए हाई कोर्ट ने इसे केवल एक व्यक्ति या परिवार की समस्या न मानकर पूरे प्रदेश से जुड़ा जनहित का विषय करार दिया है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया पुलिस और संबंधित अधिकारियों के रवैये को लापरवाहीपूर्ण बताते हुए इस मामले को स्वतः संज्ञान में लिया और इसे जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत करने का आदेश दिया। इस प्रकरण को “प्रदेश में लापता व्यक्तियों के संबंध में” शीर्षक से दर्ज किया गया है|

एक व्यक्तिगत याचिका से उजागर हुआ राज्यव्यापी संकट

यह मामला राजधानी स्थित चिनहट निवासी विक्रमा प्रसाद  द्वारा दाखिल एक याचिका से शुरू हुआ। याची ने कोर्ट को बताया कि उनका बेटा जुलाई 2024 में अचानक लापता हो गया था। उसी समय चिनहट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। महीनों तक कोई प्रगति न होने के बाद मजबूर होकर याची को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने न केवल याची के बेटे की तलाश से जुड़ी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा, बल्कि पूरे प्रदेश में लापता व्यक्तियों से जुड़े आंकड़े भी तलब किए। इसके तहत अपर मुख्य सचिव (गृह) को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया।

सरकारी हलफनामे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

अपर मुख्य सचिव (गृह) द्वारा दाखिल किए गए व्यक्तिगत हलफनामे में बताया गया कि 1 जनवरी 2024 से 18 जनवरी 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में कुल 1,08,300 गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गईं। इनमें से अब तक केवल लगभग 9,700 मामलों में ही लापता व्यक्तियों का पता लगाया जा सका है। यह आंकड़े पुलिस के सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) से लिए गए आधिकारिक डेटा पर आधारित हैं।

इन आंकड़ों को देखते हुए न्यायालय ने टिप्पणी की कि यह स्थिति कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत चिंताजनक है। कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर लापता मामलों का लंबित रहना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणियां

हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति ने कहा कि यह मामला अब किसी एक व्यक्ति के लापता होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य में गुमशुदा लोगों से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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कोर्ट ने यह भी कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दायर व्यक्तिगत हलफनामे में दिए गए आंकड़ों को सही माना जाना चाहिए, क्योंकि वे आधिकारिक सिस्टम से प्राप्त हैं।

सीसीटीवी फुटेज पर भी जताई चिंता

न्यायालय ने पुलिस महानिदेशक द्वारा 20 जून 2025 को जारी एक परिपत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि अधिकांश स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज केवल दो से ढाई महीने तक ही सुरक्षित रहती है। कोर्ट ने चिंता जताई कि यदि गुमशुदगी की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे महत्वपूर्ण साक्ष्य स्वतः नष्ट हो जाते हैं, जिससे लापता व्यक्ति की तलाश और भी कठिन हो जाती है।

जनहित याचिका में तब्दील हुआ मामला

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस याचिका को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपर मुख्य सचिव (गृह) के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने की अनुमति भी दी है और मामले को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करने का विकल्प दिया है।

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इस पूरे मामले की जानकारी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता ओंकार पाण्डेय ने दी। हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद अब यह मामला पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आया है, जिस पर आने वाली सुनवाई में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी होने की संभावना है।