Home Blog Page 114

देर रात चाय न मिलने पर फूटा गुस्सा, 65 साल के पति ने पत्नी की हत्या कर खुद दी पड़ोसियों को सूचना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के कर्रही इलाके से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देर रात चाय न बनाए जाने को लेकर हुए विवाद में 65 वर्षीय पति ने अपनी पत्नी की लोहे के साबड़ से हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी घर से बाहर निकल आया और पड़ोसियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

आरोपी की पहचान रामप्रकाश राजपूत उर्फ साहेब लाल के रूप में हुई है, जो केस्को से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुआ था। मृतका उसकी 60 वर्षीय पत्नी ललिता थीं।

रात के विवाद से सुबह की हत्या तक

परिवार के मुताबिक, रविवार रात रामप्रकाश ने पत्नी से चाय बनाने को कहा था। देर रात होने की वजह से ललिता ने मना कर दिया, जिस पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। सोमवार सुबह उनका छोटा बेटा सुरेंद्र खाना बनाकर काम पर चला गया।

पुलिस के अनुसार, बेटे के जाने के बाद जब ललिता खाना लेकर आईं तो रामप्रकाश ने खाने से इनकार कर दिया। इस पर दोनों के बीच फिर विवाद हुआ और गुस्से में आकर उसने पास में रखे लोहे के साबड़ से पत्नी के सिर पर हमला कर दिया। महिला जमीन पर गिर पड़ी, लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने कई वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

खुद दी हत्या की जानकारी

हत्या के बाद रामप्रकाश घर से बाहर निकल आया और चबूतरे पर बैठकर पड़ोसियों को बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पड़ोसियों ने बड़े बेटे महेंद्र और परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने गैलरी में ललिता का रक्तरंजित शव पड़ा पाया।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

घटना की सूचना पर डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीसीपी साउथ योगेश कुमार, बर्रा थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। डीसीपी ने बताया कि पति-पत्नी के बीच मामूली घरेलू विवाद में यह वारदात हुई है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

यह भी पढ़े:- 10 करोड़ की सुपरकार और बेकाबू रफ्तार; कौन है कानपुर का शिवम मिश्रा, जिनके शौक बने सुर्खियां

बड़े बेटे की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया साबड़ भी बरामद कर लिया है।

पहले भी जा चुका है जेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि रामप्रकाश का आपराधिक इतिहास रहा है। करीब 40 साल पहले, वर्ष 1985 में वह पड़ोस के एक युवक की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। करीब एक माह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर रिहा हुआ था। पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।

10 करोड़ की सुपरकार और बेकाबू रफ्तार; कौन है कानपुर का शिवम मिश्रा, जिनके शौक बने सुर्खियां

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कानपुर में रविवार को एक तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार के हादसे ने सनसनी मचा दी। सड़क पर बेकाबू हुई इस सुपरकार की टक्कर से तीन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद कार चला रहे शिवम मिश्रा को उनके निजी सुरक्षा गार्डों ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला। पुलिस ने कार को सीज कर लिया है और मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

यह हादसा रविवार दोपहर करीब सवा तीन बजे रेव-3 मॉल के पास हुआ। बताया जा रहा है कि पीछे से आ रही लेम्बोर्गिनी कार ने पहले एक बुलेट बाइक को टक्कर मारी, इसके बाद एक ऑटो से भिड़ गई और फिर फुटपाथ पर चढ़ गई। इस दौरान एक और युवक घायल हो गया।

कानपुर सेंट्रल के डीसीपी अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, कार नियंत्रण से बाहर हो गई थी और कई वाहनों को टक्कर मारते हुए फुटपाथ तक जा पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार बेहद तेज रफ्तार में थी। कुछ लोगों ने यह दावा भी किया कि चालक नशे की हालत में था।

हालांकि शिवम मिश्रा के परिवार ने नशे की बात से इनकार किया है। परिजनों का कहना है कि शिवम को बीते कुछ महीनों से दौरे पड़ते हैं और उनका इलाज इंग्लैंड में चल रहा है। परिवार का दावा है कि हादसे के वक्त शिवम कार के अंदर ही अचेत हो गए थे, जिसके बाद पीछे चल रही फॉर्च्यूनर गाड़ी में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कार को घेर लिया था, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बनी और सुरक्षाकर्मियों के साथ हल्की धक्का-मुक्की की बात सामने आई। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शिवम मिश्रा नशे में थे या नहीं।

यह भी पढ़े:- भाजपा के ‘अच्छे दिन’ RSS की बदौलत आए, राम मंदिर आंदोलन से मिला राजनीतिक लाभ

शिवम मिश्रा मशहूर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे हैं। इससे पहले भी वे सुर्खियों में रह चुके हैं। साल 2024 में आयकर विभाग ने उनके पिता की कंपनी बंशीधर तंबाकू लिमिटेड पर छापेमारी की थी। पांच राज्यों में फैले करीब 20 ठिकानों पर कार्रवाई हुई थी।

आयकर विभाग का दावा था कि कंपनी ने अपनी आय 20–25 करोड़ रुपये बताई थी, जबकि वास्तविक टर्नओवर 100 से 150 करोड़ रुपये के बीच था। उस दौरान दिल्ली के वसंत विहार स्थित शिवम मिश्रा के आवास से कई लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई थीं, जिनकी कुल कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इनमें 16 करोड़ रुपये की रोल्स-रॉयस भी शामिल थी। इसके अलावा 4.5 करोड़ रुपये नकद और करीब 7 करोड़ रुपये के आभूषण भी मिलने का दावा किया गया था।

भाजपा के ‘अच्छे दिन’ RSS की बदौलत आए, राम मंदिर आंदोलन से मिला राजनीतिक लाभ: मोहन भागवत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भाजपा और आरएसएस के रिश्तों को लेकर एक बार फिर स्पष्ट रेखा खींच दी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा को मिले ‘अच्छे दिन’ संघ के सहयोग और उसके विचारात्मक आंदोलन का ही परिणाम हैं। खासतौर पर राम मंदिर आंदोलन में संघ की प्रतिबद्धता ने भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाया।

दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक बयान के बाद संघ कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई थी। नड्डा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि भाजपा अब आरएसएस के बिना भी चुनाव जीतने में सक्षम है। इस बयान को संघ की भूमिका को कमतर आंकने के रूप में देखा गया था।

इसी पृष्ठभूमि में मोहन भागवत का यह बयान अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन संघ के नेतृत्व में चला और जिसने इस विचार का समर्थन किया, उसे जनसमर्थन और राजनीतिक फायदा मिला। उन्होंने यह भी साफ किया कि भाजपा की वैचारिक जड़ें आज भी आरएसएस में ही हैं।

भागवत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस पार्टी का नेतृत्व करते हैं, वह एक स्वतंत्र राजनीतिक दल है। भाजपा में संघ के स्वयंसेवक जरूर हैं, लेकिन पार्टी को सीधे तौर पर संघ संचालित नहीं करता। उन्होंने कहा कि संघ केवल कार्यकर्ता देता है, निर्णय लेने में उसका कोई हस्तक्षेप नहीं होता।

सरसंघचालक ने स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए कहा कि संघ के लोगों के पास निजी जीवन के लिए भी बहुत कम समय होता है। माताएं-बहनें तक यह कहती हैं कि स्वयंसेवकों को घर पर ध्यान देने का समय नहीं मिलता। संघ का एकमात्र उद्देश्य संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करना है।

यह भी पढ़े:- Aaj Ka Rashifal 9 February 2026: जानें आज किन राशियों को मिलेगा लाभ और किसे बरतनी 

मोहन भागवत ने यह भी कहा कि संघ किसी को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से काम नहीं करता। उन्होंने संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का हवाला देते हुए कहा कि संघ स्वयं कुछ नहीं करता, बल्कि स्वयंसेवक समाज के हर क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं। संघ के पास एक विचार है और जो लोग उस विचार को आगे बढ़ाते हैं, उन्हें स्वाभाविक रूप से समर्थन मिलता है।

Aaj Ka Rashifal 9 February 2026: जानें आज किन राशियों को मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी

Aaj Ka Rashifal 9 February 2026: आज ग्रहों की चाल कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है, जबकि कुछ लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। गुरु मिथुन राशि में वक्री अवस्था में हैं। केतु सिंह राशि में, चंद्रमा तुला राशि में गोचर कर रहे हैं। सूर्य और मंगल मकर राशि में स्थित हैं। वहीं बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में तथा शनि मीन राशि में विराजमान हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का हाल—

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए दिन काफी अनुकूल है। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी के साथ समय बिताने के अवसर मिलेंगे। प्रेम संबंधों में भी सकारात्मकता बनी रहेगी। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में संतुलन रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। हरी वस्तु का दान लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

आज आप अपने विरोधियों पर प्रभाव बनाए रखने में सफल रहेंगे। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। वरिष्ठों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रह सकता है। प्रेम और संतान पक्ष पहले से बेहतर रहेगा। व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं। गणेश जी की पूजा करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

विद्यार्थियों, लेखकों, कवियों और लेखन से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है। भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में मध्यम स्थिति रहेगी। स्वास्थ्य और व्यापार सामान्य रहेंगे। मां काली की आराधना शुभ फल देगी।

कर्क राशि

भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के प्रबल योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। प्रेम और संतान का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में भी सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। लाल वस्तु अपने पास रखें।

सिंह राशि

कारोबार के लिहाज से दिन शुभ है। पराक्रम और मेहनत रंग लाएगी। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान पक्ष मजबूत रहेगा। सूर्य को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि

धन लाभ के योग बन रहे हैं, लेकिन निवेश करते समय सावधानी बरतें। वाणी पर संयम रखना जरूरी होगा। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। हरी वस्तु पास रखना शुभ रहेगा।

तुला राशि

समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। जरूरत की चीजें आसानी से उपलब्ध होंगी। सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी पक्षों में लाभ के संकेत हैं। शनिदेव को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

मन में अनावश्यक चिंता और भय बना रह सकता है। सिर दर्द या आंखों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। खर्च बढ़ सकता है, हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। सफेद वस्तु का दान करें।

धनु राशि

आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने स्रोतों से भी लाभ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य, प्रेम, संतान और व्यापार सभी क्षेत्रों में शुभ परिणाम मिलेंगे। पीली वस्तु पास रखें।

मकर राशि

राजनीतिक या सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ेगी। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार अनुकूल रहेगा। पीली वस्तु का दान करें।

कुंभ राशि

स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। प्रेम और संतान के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। व्यापार अच्छा रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा और यात्रा के योग भी बनेंगे। मां काली की पूजा लाभकारी रहेगी।

मीन राशि

आज विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है और चोट लगने की आशंका है। परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। प्रेम, संतान मध्यम रहेंगे, जबकि व्यापार ठीक रहेगा। मां काली की आराधना करें।

यहां का सांसद हूं, एक मुल्ला नहीं बोलेगा…अलीगढ़ में BJP सांसद के बिगड़े बोल, सिंचाई विभाग की बैठक में विवादित टिप्पणी से मचा हंगामा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अलीगढ़ से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतीश गौतम एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ कोल रजवाहा (नहर) को खाली कराने को लेकर हुई बातचीत के दौरान सांसद द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है।

बताया जा रहा है कि जल शक्ति मंत्री की बैठक के बाद सांसद गौतम ने अधिकारियों के सामने तीखे शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र के सांसद हैं और उनकी अनुमति के बिना यहां कुछ भी नहीं होगा। उनकी भाषा और शब्दों को लेकर मौके पर मौजूद लोगों में असहजता देखी गई।

बैठक के बाद सामने आया विवाद

जानकारी के अनुसार, कोल रजवाहा को खाली कराए जाने और उसकी सफाई को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक चल रही थी। बैठक समाप्त होने के बाद सांसद ने अधिकारियों से सीधे तौर पर सवाल किए और कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। सांसद का कहना था कि नहर से जुड़ा मामला लंबे समय से लंबित है और अधिकारी या तो लापरवाही बरत रहे हैं या किसी दबाव में काम कर रहे हैं।

सांसद की इस भाषा शैली को लेकर अब राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों ने इसे समाज में तनाव पैदा करने वाला बयान बताया है और कहा है कि इस तरह की टिप्पणियां एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।

अधिकारियों की चुप्पी, बयान बना चर्चा का विषय

हालांकि, सिंचाई विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन बैठक में मौजूद लोगों के बीच सांसद के बयान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इससे पहले भी सांसद सतीश गौतम जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह की बैठक में शामिल हुए थे।

क्या है पूरा मामला

विवाद की जड़ करीब पांच किलोमीटर लंबा कोल रजवाहा है। सांसद का आरोप है कि इस नहर की सफाई और अतिक्रमण हटाने में संबंधित अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि इस वजह से किसानों को सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और जल स्तर लगातार गिर रहा है।

पहले भी विवादों में रहे हैं सांसद

यह पहला मौका नहीं है जब सांसद सतीश गौतम अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में जिन्ना की तस्वीर को लेकर दिए गए उनके बयान भी काफी चर्चा में रहे थे। वह अक्सर एएमयू से जुड़े मुद्दों पर अपनी तीखी टिप्पणियों के कारण सुर्खियों में रहते हैं।

रजवाहा पर अतिक्रमण का आरोप

सांसद ने कोल रजवाहा को लेकर जल शक्ति मंत्री को एक पत्र भी सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में विशेष समुदाय द्वारा नहर की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया गया। इस संबंध में भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री से शिकायत की जा चुकी है।

यह भी पढ़े:- मलेशिया में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, पीएम अनवर इब्राहिम के साथ साझा की कार यात्रा

आरोप है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू तो हुई, लेकिन इसे अधूरा छोड़ दिया गया। नतीजतन, लोकसभा क्षेत्र के किसानों को सिंचाई में परेशानी झेलनी पड़ रही है और लगातार जल संकट गहराता जा रहा है।

मलेशिया में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, पीएम अनवर इब्राहिम के साथ साझा की कार यात्रा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचे। राजधानी पहुंचते ही उनका जोरदार और आत्मीय स्वागत किया गया। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करने पहुंचे, जो दोनों नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत रिश्तों और आपसी विश्वास को दर्शाता है।

एयरपोर्ट पर पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें भारत और मलेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। बच्चों ने भारत और मलेशिया के झंडे हाथों में लेकर कतारबद्ध होकर प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्वागत की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि वे अपने मित्र अनवर इब्राहिम द्वारा दिए गए स्नेहपूर्ण स्वागत से अत्यंत प्रभावित हैं और भारत-मलेशिया की मित्रता को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हैं।

यह प्रधानमंत्री मोदी की वर्ष 2015 के बाद मलेशिया की तीसरी यात्रा है, जो प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के विशेष आमंत्रण पर हो रही है।

एयरपोर्ट से कम्युनिटी कार्यक्रम तक एक साथ सफर

एयरपोर्ट से निकलने के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक ही कार में सवार होकर कुआलालंपुर में आयोजित कम्युनिटी कार्यक्रम के लिए प्रस्थान किया। यह साझा कार यात्रा दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों और लोगों से लोगों के जुड़ाव को खास तौर पर रेखांकित करती है।

पीएम मोदी ने कार के भीतर से एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “भारत-मलेशिया के लोगों के बीच मजबूत जुड़ाव का उत्सव! प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ कम्युनिटी प्रोग्राम की ओर जाते हुए।” यह दृश्य भारतीय समुदाय के प्रति मलेशियाई नेतृत्व के सम्मान और आत्मीयता को दर्शाता है।

800 डांसर्स ने पेश की सांस्कृतिक प्रस्तुति

कम्युनिटी कार्यक्रम ‘सेलामत दतंग मोदीजी’ का आयोजन माइंस इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (MIECC) में किया गया। भारतीय प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 800 कलाकारों ने एक साथ पांच मिनट तक कोरियोग्राफ्ड नृत्य प्रस्तुत किया।

इस प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्यों की विविध झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य मलेशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होना भी था। बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग इस आयोजन में शामिल हुए। पीएम मोदी ने मंच से भारतीय डायस्पोरा को संबोधित किया और साझा सांस्कृतिक मूल्यों तथा आपसी सहयोग पर जोर दिया।

भारत–मलेशिया संबंधों को नई गति

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा वर्ष 2024 में स्थापित भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। दोनों देशों के नेता द्विपक्षीय वार्ता के दौरान राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

मलेशिया भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, ‘विजन महासागर’ और इंडो-पैसिफिक रणनीति में एक अहम साझेदार है। यह दौरा दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी नई दिशा देगा। कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत और मलेशिया के बीच गहराते रिश्तों और नेताओं के व्यक्तिगत भरोसे की एक मजबूत मिसाल पेश करती है।

नागौर में ज्वेलरी शॉप से सोने की चेन उठा ले गया कबूतर, गले में पहनकर बैठा रहा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राजस्थान के नागौर जिले से एक बेहद अनोखी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां एक कबूतर ज्वेलरी शॉप से सोने की चेन उठाकर उड़ गया और कुछ ही देर बाद उसे अपने गले में पहनकर बैठा देखा गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सोने-चांदी के बढ़ते दामों के बीच सामने आए इस वीडियो ने लोगों को हैरान करने के साथ-साथ खूब हंसाया भी है। ‘सोने की चेन पहने कबूतर’ का यह दृश्य सर्राफा बाजार के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।

डेगाना कस्बे का है मामला

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना नागौर जिले के डेगाना कस्बे की है। यहां सर्राफा बाजार में स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर रोजाना की तरह सोने के आभूषण बनाए जा रहे थे। दुकान के काउंटर पर कारीगर सोने की चेन पर काम कर रहे थे, तभी अचानक एक कबूतर उड़ता हुआ दुकान के अंदर आ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कबूतर ने काउंटर पर रखी सोने की चेन अपनी चोंच में दबाई और तेजी से बाहर उड़ गया। कुछ ही पलों बाद वह दुकान के बाहर पास ही बैठ गया।

कबूतर ने गले में पहन ली चेन

सबसे हैरान करने वाला नजारा तब देखने को मिला जब कबूतर ने चोंच में पकड़ी सोने की चेन को अपने गले में डाल लिया और आराम से वहीं बैठा रहा। यह दृश्य देखकर दुकान संचालक, कर्मचारी और आसपास के व्यापारी कुछ देर के लिए सन्न रह गए। कीमती सोने की चेन को इस तरह उड़ते और फिर कबूतर के गले में झूलते देख अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दुकानदारों को डर था कि अगर कबूतर उड़ गया तो सोने की चेन हमेशा के लिए हाथ से निकल सकती है।

मशक्कत के बाद मिली चेन

इसके बाद दुकानदारों और आसपास मौजूद व्यापारियों ने सूझबूझ से काम लिया। बिना कबूतर को डराए, उस पर नजर रखी गई। काफी प्रयासों के बाद कबूतर ने आखिरकार चेन नीचे गिरा दी और उड़ गया। चेन सुरक्षित मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली।

यह भी पढ़े:- बीएसपी के खिलाफ हो रही साजिशों से सतर्क रहें कार्यकर्ता, सक्रियता बढ़ाएं: मायावती

ज्वेलरी शॉप संचालक ने बताया कि गनीमत रही कि कबूतर ज्यादा दूर नहीं गया। अगर वह उड़ जाता तो भारी नुकसान हो सकता था।

सोशल मीडिया पर आई मजेदार प्रतिक्रियाएं

घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर साझा किया गया। वीडियो तेजी से वायरल हो गया और हजारों लोग इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “लगता है कबूतर को भी सोने की कीमत समझ आ गई है।”
दूसरे ने चुटकी लेते हुए कहा, “अब कबूतर चिट्ठी नहीं, गोल्ड लेकर उड़ते हैं।”
एक अन्य यूजर ने मजाक में लिखा, “वैलेंटाइन डे से पहले अपनी गर्लफ्रेंड के लिए गिफ्ट ले जा रहा होगा।”

चर्चा में बना अनोखा मामला

कुल मिलाकर नागौर के डेगाना से सामने आई यह घटना लोगों के लिए हैरानी और मनोरंजन दोनों का कारण बनी हुई है। ज्वेलरी शॉप से सोने की चेन लेकर उड़ता कबूतर शायद ही किसी ने पहले देखा हो। यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बना हुआ है।

बीएसपी के खिलाफ हो रही साजिशों से सतर्क रहें कार्यकर्ता, सक्रियता बढ़ाएं: मायावती

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को पार्टी की एक अहम बैठक कर आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा संदेश दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, ऐसे में पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरना होगा।

मायावती ने कहा कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के चलते पार्टी की गतिविधियां प्रभावित जरूर हुई हैं, लेकिन अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, जनसंपर्क अभियान तेज करने और आम जनता से लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।

बीएसपी सुप्रीमो ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें पार्टी के खिलाफ साजिश रच रही हैं और संगठन को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसी गतिविधियों से सतर्क रहें और पार्टी की नीतियों व विचारधारा को मजबूती के साथ लोगों तक पहुंचाएं।

मायावती ने मौजूदा संसद के बजट सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध को भी राजनीतिक दलों का खेल करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाकर धर्म और जाति की राजनीति को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे समाज में विभाजन और तनाव का माहौल बन रहा है।

उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीबों, ओबीसी, एससी-एसटी, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाए और जमीनी स्तर पर जाकर उनकी आवाज बना जाए।

यह भी पढ़े:- यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: टॉयलेट के लिए उतरे यात्रियों को कंटेनर ने कुचला, 6 की मौके

मायावती ने दोहराया कि बीएसपी हमेशा सामाजिक न्याय और सर्वजन हिताय की राजनीति करती रही है और आने वाले चुनावों में भी जनता से जुड़े मुद्दे पार्टी की प्राथमिकता रहेंगे। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियानों को तेज करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं के बल पर बीएसपी आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी। इस बैठक में जिला, मंडल और विधानसभा स्तर के अध्यक्षों समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: टॉयलेट के लिए उतरे यात्रियों को कंटेनर ने कुचला, 6 की मौके पर मौत

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। मथुरा जिले के थाना सुरीर क्षेत्र में शनिवार तड़के हुए दर्दनाक सड़क हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 88 के पास हुआ।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से कानपुर जा रही एक निजी बस के कुछ यात्री टॉयलेट के लिए बस से नीचे उतरे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार और अनियंत्रित कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़े यात्रियों को रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

यह हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि यात्रियों ने लघुशंका के लिए बस रुकवाने की मांग की थी। नियमों के अनुसार बस को निर्धारित ग्रीन जोन या वे-साइड एमेनिटी पर रोका जाना चाहिए था, लेकिन चालक ने एक्सप्रेसवे के बीच सड़क पर ही बस खड़ी कर दी। इसी दौरान यह भयावह दुर्घटना हो गई।

चार मृतकों की पहचान, दो की शिनाख्त जारी

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अब तक चार मृतकों की पहचान हो चुकी है। इनमें देवेश (निवासी बस्ती), सोनू (निवासी औरैया), असलम (निवासी कन्नौज) और संतोष (निवासी दिल्ली) शामिल हैं। बाकी दो मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल यात्री को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

गलत जगह बस रोकना बना हादसे की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस को प्रतिबंधित स्थान पर खड़ा किया गया था। यमुना एक्सप्रेसवे पर बीच सड़क में वाहन रोकने की अनुमति नहीं है और केवल निर्धारित सुरक्षित जोन में ही रुकने की इजाजत होती है। अंधेरा और तेज रफ्तार होने के कारण कंटेनर चालक समय रहते बस को नहीं देख सका, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।

यह भी पढ़े:- यूपी में बढ़ेंगी बिजली की दरें? दरें बढ़ाने पर नियामक आयोग करेगा सुनवाई, उपभोक्ताओं को

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

यूपी में बढ़ेंगी बिजली की दरें? दरें बढ़ाने पर नियामक आयोग करेगा सुनवाई, उपभोक्ताओं को 21 दिन का समय

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगाई की आशंका बढ़ गई है। बिजली कंपनियों ने दरों में करीब 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की है। इसके लिए कंपनियों की ओर से दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) प्रस्ताव को नियामक आयोग ने शुक्रवार को सशर्त मंजूरी दे दी है। अब मार्च महीने में एआरआर और उस पर प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई के बाद बिजली की नई दरों पर फैसला लिया जाएगा।

बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग के समक्ष 12,453 करोड़ रुपये के राजस्व अंतर का दावा किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि कंपनियां तीन दिनों के भीतर अपने एआरआर प्रस्ताव को प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं। इसके बाद उपभोक्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों को प्रस्ताव पर आपत्ति, सुझाव और अपना पक्ष रखने के लिए 21 दिन का समय मिलेगा।

स्मार्ट मीटर पर 3,800 करोड़ से अधिक खर्च

एआरआर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के संचालन पर 3,837 करोड़ रुपये के खर्च का भी उल्लेख किया गया है। बिजली कंपनियों ने इस राशि को भी बिजली दरों में समायोजित करने की मांग की है। हालांकि विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने एआरआर को गलत तथ्यों पर आधारित बताते हुए इसे मनगढ़ंत करार दिया है।

बिना दर बढ़ाए 1400 करोड़ की अतिरिक्त वसूली

गौर करने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश में पिछले छह वर्षों से बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, इसके बावजूद बीते 11 महीनों में उपभोक्ताओं से बिजली बिल के जरिए करीब 1400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की गई है। फरवरी के बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त वसूली के आदेश को लेकर खुद नियामक आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है और पावर कॉरपोरेशन से इससे जुड़ी पूरी गणना और दस्तावेज तलब किए हैं। सूत्रों के मुताबिक जवाब मिलने के बाद न सिर्फ फरवरी की वसूली बल्कि अब तक की गई कुल वसूली की भी जांच हो सकती है।

12 फरवरी को कर्मचारी करेंगे प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

इधर बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी के बीच बिजली कर्मचारियों का आंदोलन भी तेज हो गया है। निजीकरण के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने 12 फरवरी को प्रदेशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है।

यह भी पढ़े:-गिरफ्तार पप्पू यादव IGIMS से PMCH शिफ्ट, आज कोर्ट में पेशी संभव; आगे क्या 

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। उनकी प्रमुख मांगों में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग शामिल है। इस प्रदर्शन में किसान संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी संभावना है।