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अयोध्या में गूंजेगी शहनाई: ‘श्री सीताराम विवाह’ महामहोत्सव का भव्य शुभारंभ

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- धर्मनगरी अयोध्या में स्थित सुर संगीत धाम विवाह मणि मंडप आश्रम में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के पावन अवसर पर तीन दिवसीय ‘श्री सीताराम विवाह’ महामहोत्सव का भव्य आगाज़ हुआ। शनिवार को शुरू हुए इस मांगलिक आयोजन के साथ ही आश्रम परिसर ‘सिया-राम’ के जयघोष, मंगल गीतों और शहनाई की मधुर धुनों से गुंजायमान हो उठा।

अखंड संकीर्तन से भक्तिमय बना वातावरण

महोत्सव के प्रथम दिन प्रातः 7 बजे से 24 घंटे का अखंड ‘श्री सीताराम नाम संकीर्तन’ आरंभ किया गया। संध्या 6 बजे विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में ‘श्री रामार्चा पूजन’ संपन्न हुआ, जो देर रात तक चला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की और आध्यात्मिक अनुभूति का लाभ उठाया।

आज निकलेगी प्रभु की भव्य बारात

रविवार (22 फरवरी) को महोत्सव का मुख्य आकर्षण प्रभु श्रीराम की भव्य बारात रहेगी। प्रातः हल्दी-मटकोर, गौरी-गणेश कलश पूजन और मंडप छादन की पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी।

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शाम 4 बजे दूल्हा स्वरूप श्री रामलला घोड़े पर सवार होकर कनक भवन से बाजे-गाजे के साथ प्रस्थान करेंगे। शोभायात्रा चक्रवर्ती दशरथ जी का राजमहल, मणिराम दास जी की छावनी और सोना देवी मार्ग से होते हुए ‘मिथिला विवाह मणि मंडप’ पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और आरती के साथ बारात का स्वागत किया जाएगा।

पाणिग्रहण संस्कार और होली के साथ समापन

रविवार शाम 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक भगवान श्रीराम और माता सीता का दिव्य पाणिग्रहण संस्कार आयोजित होगा।
सोमवार (23 फरवरी) को प्रातः ‘कुँअर कलेवा जेवनार’ तथा संध्या में ‘हरिद्रा सिद्धि सदन’ की विशेष होली के साथ तीन दिवसीय महोत्सव का समापन किया जाएगा।

यह संपूर्ण आयोजन पूज्य चंचल जी महाराज के सानिध्य और मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। आयोजन में अखिलेश कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। कई महिलाएं सीता माता की सखियों के रूप में रस्मों में सहभागिता निभा रही हैं। धर्मनगरी अयोध्या में इस दिव्य विवाह महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और आस्था का वातावरण बना हुआ है।

वेंटिलेटर से उतरकर स्ट्रेचर पर दी फिजिक्स की बोर्ड परीक्षा: चंडीगढ़ की छात्रा ने दिखाई मिसाल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-  पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ की 17 वर्षीय छात्रा कनिष्का बिष्ट ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। 12वीं कक्षा की छात्रा कनिष्का 13 दिनों तक आईसीयू में वेंटिलेटर पर रहने के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे स्ट्रेचर पर लेटकर फिजिक्स का बोर्ड एग्जाम देने परीक्षा केंद्र पहुंची।

सेक्टर-26 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा कनिष्का जन्म से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। यह एक प्रगतिशील बीमारी है, जिसमें समय के साथ मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं।

10 दिन तक नहीं था होश

कनिष्का के पिता प्रेम सिंह बिष्ट, जो जीरकपुर के व्यवसायी हैं, ने बताया कि 30 जनवरी को बेटी को हल्का खांसी-जुकाम हुआ था। शुरुआत में सामान्य संक्रमण समझा गया, लेकिन 2 फरवरी को तबीयत बिगड़ने पर उसे पंचकूला के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेफर किया गया।

डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। करीब 13 दिनों तक मशीनों की मदद से उसकी सांसें चलती रहीं। पिता के अनुसार, लगभग 10 दिन तक वह पूरी तरह बेहोश रही। वेंटिलेटर हटने के बाद भी ब्लड प्रेशर की समस्या और अत्यधिक कमजोरी बनी रही।

परीक्षा देने की जिद ने चौंकाया परिवार

स्वास्थ्य संकट के बीच जहां परिवार का पूरा ध्यान इलाज पर था, वहीं कनिष्का के मन में बोर्ड परीक्षा की चिंता थी। फिजिक्स का पहला पेपर नजदीक था। परीक्षा से एक दिन पहले उसने स्पष्ट कहा कि वह हर हाल में परीक्षा देगी। बेटी की यह दृढ़ इच्छा सुनकर परिवार भी भावुक हो गया और उसका साथ देने का फैसला किया।

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स्कूल प्रशासन और मनीमाजरा स्थित परीक्षा केंद्र से तुरंत संपर्क किया गया। विशेष परिस्थिति को देखते हुए सीबीएसई ने कनिष्का को एक घंटे का अतिरिक्त समय देने की अनुमति दी। इससे पहले 10वीं कक्षा में भी स्वास्थ्य कारणों से उसे अतिरिक्त समय मिल चुका था।

स्ट्रेचर पर लेटकर लिखा पेपर

इस बार लेखक (राइटर) की व्यवस्था संभव नहीं हो सकी, इसलिए कनिष्का ने खुद ही उत्तर-पुस्तिका लिखने का निर्णय लिया। ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे स्ट्रेचर पर लेटे हुए उसने पूरा पेपर दिया। परीक्षा केंद्र पर मौजूद लोग इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे।

फिलहाल उसके चार पेपर और बाकी हैं। एक तरफ वह धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ ले रही है, वहीं दूसरी ओर पढ़ाई भी जारी रखे हुए है। उसका बड़ा भाई और पूरा परिवार हर कदम पर उसके साथ खड़ा है। कनिष्का की यह जिजीविषा साबित करती है कि मजबूत इरादों के सामने मुश्किल हालात भी टिक नहीं पाते।

Chandra Grahan 3 March 2026: होली पर दिखेगा ‘ब्लड मून’, जानें दिल्ली-मुंबई समेत किन शहरों में कितनी देर रहेगा नजर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- साल 2026 में होली का पर्व एक खास खगोलीय घटना के साथ मनाया जाएगा। 3 मार्च 2026, फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा और खास बात यह है कि यह ‘ग्रस्तोदय’ रूप में नजर आएगा—यानी चंद्रोदय के समय ही चंद्रमा पर ग्रहण लगा हुआ होगा। ऐसे में होली की शाम आसमान में ‘ब्लड मून’ का अद्भुत नजारा देखने को मिल सकता है।

ब्लड मून क्या होता है?

जब पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल या तांबे जैसा दिखाई देने लगता है, तो उसे आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। वैज्ञानिक रूप से यह तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस दौरान सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंचती। पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते समय नीली रोशनी बिखर जाती है और लाल किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं, जिससे वह लालिमा लिए दिखाई देता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक खगोलीय प्रक्रिया है, लेकिन दृश्य बेहद आकर्षक होता है।

चंद्रग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)

  • ग्रहण शुरू: दोपहर 3:20 बजे
  • खग्रास अवस्था शुरू: शाम 4:34 बजे
  • ग्रहण का मध्य: शाम 5:33 बजे
  • ग्रहण समाप्त: शाम 6:47 बजे
  • कुल अवधि: 3 घंटे 27 मिनट

खग्रास अवस्था वह चरण होता है जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है।

किन शहरों में कितनी देर दिखेगा ग्रहण?

यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ होने के कारण भारत में शुरुआती चरण दिखाई नहीं देगा। अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय के अनुसार इसकी दृश्यता अलग होगी।

  • ईटानगर: चंद्रोदय 5:07 बजे, लगभग 1 घंटा 40 मिनट दृश्य
  • कोलकाता: चंद्रोदय 5:32 बजे, करीब 1 घंटा 15 मिनट
  • पटना: चंद्रोदय 5:44 बजे, लगभग 1 घंटा 3 मिनट
  • लखनऊ: चंद्रोदय 6:02 बजे, करीब 45 मिनट
  • दिल्ली: चंद्रोदय 6:22 बजे, लगभग 25 मिनट
  • भोपाल: चंद्रोदय 6:21 बजे, करीब 26 मिनट
  • चेन्नई: चंद्रोदय 6:18 बजे, लगभग 29 मिनट
  • बेंगलुरु: चंद्रोदय 6:28 बजे, करीब 19 मिनट
  • मुंबई: चंद्रोदय 6:42 बजे, लगभग 5 मिनट

पूर्वोत्तर भारत में ग्रहण सबसे ज्यादा देर तक दिखाई देगा, जबकि पश्चिम भारत में यह बहुत कम समय के लिए नजर आएगा।

सूतक काल और धार्मिक मान्यताएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।

  • सूतक शुरू: 3 मार्च सुबह 6:20 बजे
  • सूतक समाप्त: शाम 6:47 बजे

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इस दौरान मंदिरों के पट बंद रखने, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य टालने की परंपरा है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

ग्रहण के दौरान क्या करें?

मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय मानसिक रूप से ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद चावल, दूध या चीनी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करने की परंपरा भी प्रचलित है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और खगोलीय तथ्यों पर आधारित है। विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:-इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम आदेश जारी करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का यह फैसला हाल ही में सामने आए गंभीर आरोपों और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दो बच्चों को हाईकोर्ट में पेश कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए। याचिका में दावा किया गया कि पीड़ित बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

13 फरवरी को हाईकोर्ट ने दोनों बच्चों के बयान दर्ज किए थे। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बंद कमरे में बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई। इसके बाद प्रयागराज पुलिस के पुलिस कमिश्नर ने अदालत को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों का उल्लेख किया गया, जिसके आधार पर कोर्ट ने आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इनकी विस्तृत जांच आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित थाने को तत्काल FIR दर्ज कर विधिक प्रक्रिया के तहत जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

यह भी पढ़े:- भाजपा-कांग्रेस की ‘AI वाली लड़ाई’ सड़कों पर… -पथराव; कई घायल

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह कदम सुनिश्चित करेगा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके। दूसरी ओर, इस आदेश के बाद संबंधित पक्षों में हलचल तेज हो गई है।

फिलहाल पुलिस विभाग अदालत के निर्देशानुसार FIR दर्ज करने की प्रक्रिया में जुट गया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया पर कोई सवाल न उठे।

भाजपा-कांग्रेस की ‘AI वाली लड़ाई’ सड़कों पर… -पथराव; कई घायल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन की गूंज अब इंदौर तक पहुंच गई है। शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर प्रदर्शन हुआ, जो देखते ही देखते पथराव में बदल गया। इस झड़प में दो पत्रकारों समेत कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

कांग्रेस दफ्तर की ओर कूच, फिर टकराव

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने इंदौर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच किया।

दूसरी ओर, कांग्रेस को पहले ही इसकी सूचना मिल चुकी थी कि भाजयुमो कार्यकर्ता घेराव करने आ सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने भी अपने कार्यकर्ताओं और पार्षदों को कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए।

जब दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पथराव शुरू हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया।

कई घायल, भारी पुलिस बल तैनात

पथराव में दो पत्रकारों सहित कई लोगों के घायल होने की खबर है। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। दोनों दल एक-दूसरे पर पहले पथराव करने का आरोप लगा रहे हैं।

दिल्ली से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

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इस मामले में चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें अदालत में पेश करने के बाद पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

बीजेपी का पलटवार

भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को ‘देशद्रोह’ करार दिया है और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रदर्शन से देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा है। बीजेपी नेताओं ने सीधे तौर पर राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया है।

सीएम मोहन यादव का बयान

मोहन यादव ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब देश वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है, तब इस तरह का प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने की मांग की।

फिलहाल इंदौर में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ‘AI वाली लड़ाई’ अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर सड़कों पर टकराव का रूप ले चुकी है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी राहत: जाने कब से लागू होगा 10% टैरिफ

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका में टैरिफ को लेकर चल रही कानूनी जंग के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद भारत समेत सभी देशों पर 10 फीसदी अस्थायी आयात शुल्क लगाने वाले नए आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह टैरिफ 24 फरवरी 2026 से लागू होगा और 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट का क्या था फैसला?

Supreme Court of the United States ने 6-3 के बहुमत से दिए अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक शुल्क कानून की निर्धारित सीमाओं से बाहर थे। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश John Roberts ने लिखा।

विश्लेषकों के मुताबिक यह निर्णय ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आर्थिक एजेंडे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि फैसले के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने 10 प्रतिशत के अस्थायी टैरिफ का नया आदेश जारी कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

24 फरवरी से लागू होगा नया आदेश

20 फरवरी को जारी घोषणा में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 24 फरवरी 2026 से अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत का अस्थायी आयात शुल्क लगाया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया था। बाद में रूस से कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क जोड़ा गया, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था।

नए आदेश के बाद अब भारतीय वस्तुओं पर प्रभावी पारस्परिक शुल्क घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे पहले की तुलना में काफी राहत मिलेगी।

शुल्क का गणित क्या कहता है?

Federation of Indian Export Organisations (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय के अनुसार, नए आदेश के बाद भारतीय निर्यातकों पर पारस्परिक शुल्क घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगा।

हालांकि यह शुल्क अमेरिका के मौजूदा सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (MFN) आयात शुल्क के अतिरिक्त होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उत्पाद पर 5 प्रतिशत MFN शुल्क है, तो उस पर कुल 15 प्रतिशत शुल्क लागू होगा।

ट्रेड डील की समीक्षा की मांग

शोध संस्था Global Trade Research Initiative (जीटीआरआई) ने कहा है कि पारस्परिक शुल्क घटकर 10 प्रतिशत रह जाना भारत के लिए राहत की बात है।

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि भारत को अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते की समीक्षा करनी चाहिए। उनके मुताबिक अब यह शुल्क अमेरिका को होने वाले भारत के कुल निर्यात के लगभग 55 प्रतिशत हिस्से पर ही लागू होगा, जबकि करीब 40 प्रतिशत वस्तुएं छूट के दायरे में हैं।

यह भी पढ़े:- किसानों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा: 2.5 लाख से ज्यादा खातों में 460 करोड़ रुपये ट्रांसफर

हालांकि इस्पात, एल्युमिनियम और तांबे पर 50 प्रतिशत तथा कुछ वाहन कलपुर्जों पर 25 प्रतिशत का क्षेत्रीय शुल्क अभी भी जारी रहेगा।

ट्रंप का बयान

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले जारी कार्यकारी आदेश में रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क को हटाया गया था।

ट्रंप का दावा है कि भारत ने मॉस्को से सीधे या परोक्ष रूप से ऊर्जा आयात कम करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

कुल मिलाकर, 24 फरवरी से लागू होने वाला 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए राहत लेकर आया है, हालांकि कुछ सेक्टरों पर ऊंचे शुल्क अब भी प्रभावी रहेंगे।

किसानों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा: 2.5 लाख से ज्यादा खातों में 460 करोड़ रुपये ट्रांसफर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए 460 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। इस पहल से 2.51 लाख से अधिक किसानों और 3,500 लाभार्थी परिवारों को सीधा लाभ मिला है। सरकार का कहना है कि यह कदम खेती-किसानी से जुड़े जोखिमों को कम करने और किसानों को आर्थिक संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

यह राशि दो प्रमुख योजनाओं—प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना—के तहत वितरित की गई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 285 करोड़ रुपये

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं जैसे बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और सूखे से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार की प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रदेश के 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि जारी की गई है। यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी गई।

सीएम योगी ने कहा कि पहले किसानों को मुआवजे के लिए लंबे समय तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक के जरिए सहायता राशि सीधे खाते में पहुंचाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व की व्यवस्थाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले मुआवजे के नाम पर किसानों के खातों में बेहद कम रकम भेजी जाती थी, लेकिन अब पारदर्शी और त्वरित भुगतान की व्यवस्था लागू है।

कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 175 करोड़ की सहायता

किसानों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3,500 प्रभावित परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

इस योजना के अंतर्गत उन परिवारों को औसतन 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाती है, जिनके परिवार के मुखिया या किसान सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु हो गई हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान समाज की रीढ़ हैं और किसी भी विपरीत परिस्थिति में सरकार उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

किसान कल्याण सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद से प्रदेश में कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार किए गए हैं। बीज, सिंचाई, मृदा परीक्षण और विपणन व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा मित्रों के जीवन बीमा, मृदा परीक्षण और अन्य कृषि सुविधाओं का लाभ हर पात्र किसान तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाया जाए।

यह भी पढ़े:- कभी देखी है ऐसी शिवभक्ति? एमपी में शिवलिंग पर सिर रगड़ता दिखा बाघ, VIDEO वायरल

सीएम योगी ने दोहराया कि “डबल इंजन सरकार” का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के दौरान कई किसानों से वर्चुअल संवाद भी किया गया, जिन्होंने समय पर सहायता मिलने पर सरकार का आभार व्यक्त किया।

सरकार का दावा है कि इस आर्थिक सहायता से प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को राहत मिलेगी और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती प्राप्त होगी।

कभी देखी है ऐसी शिवभक्ति? एमपी में शिवलिंग पर सिर रगड़ता दिखा बाघ, VIDEO वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- क्या आपने कभी किसी बाघ को शिवलिंग के सामने इस तरह शांत मुद्रा में देखा है? सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है। मामला मध्य प्रदेश के कटनी जिले का है, जहां जंगल में स्थापित एक प्राचीन शिवलिंग के पास एक बाघ का असामान्य व्यवहार कैमरे में कैद हो गया।

कटनी के जंगल से सामने आया वीडियो

जानकारी के मुताबिक यह घटना कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत सडार गांव के पास स्थित जंगल की है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते बुधवार देर शाम जंगल में बने एक पुराने शिवलिंग के पास बाघ पहुंचा और कुछ देर तक वहां रुका रहा।

वीडियो में स्पष्ट दिखाई देता है कि बाघ बेहद शांत तरीके से शिवलिंग के समीप जाता है और उस पर अपना सिर तथा जीभ रगड़ने लगता है। आसपास मौजूद किसी व्यक्ति ने इस दृश्य को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।

श्रद्धा या स्वाभाविक व्यवहार?

ग्रामीण इस घटना को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि जंगल में स्थित भगवान भोलेनाथ के इस शिवलिंग के प्रति बाघ का यह व्यवहार किसी ‘शिवभक्ति’ से कम नहीं लगता। कई लोग इसे चमत्कारिक घटना मानकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।

हालांकि वन विभाग के अधिकारियों की राय अलग है। पान उमरिया रेंज के अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि वीडियो सडार गांव से करीब 400 मीटर की दूरी का है। उनके अनुसार जंगली जानवर अक्सर अपनी गंध छोड़ने, क्षेत्र चिह्नित करने या खुजली मिटाने के लिए पत्थरों, पेड़ों या ठोस सतहों पर सिर रगड़ते हैं। इसे धार्मिक आस्था से जोड़ना उचित नहीं है।

क्षेत्र में बाघों की सक्रियता

सडार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाघों और चीतों की मौजूदगी पहले से दर्ज की जाती रही है। वन विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य है। हालांकि इंसानी बस्तियों के इतने नजदीक बाघ का इस तरह नजर आना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग जहां इसे चमत्कार बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में दहशत का माहौल भी है। वन विभाग की गश्ती टीमें सक्रिय कर दी गई हैं और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने तथा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

वन्यजीव और आस्था के इस अनोखे संगम ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। कुछ यूजर्स इसे भगवान शिव की महिमा बता रहे हैं तो कुछ इसे बाघ का सामान्य प्राकृतिक व्यवहार मान रहे हैं।

फिलहाल वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए और सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।

यह घटना भले ही आस्था और प्रकृति के मेल की तरह प्रतीत हो, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो जंगली जानवरों के व्यवहार को वैज्ञानिक दृष्टि से समझना ज्यादा जरूरी है।

Aaj Ka Rashifal 21 February 2026: ग्रहों की चाल से बाजार और राजनीति में हलचल, जानिए आपकी राशि पर क्या असर

Aaj Ka Rashifal 21 February 2026: 21 फरवरी 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार गुरु मिथुन राशि में वक्री अवस्था में हैं। केतु सिंह राशि में स्थित हैं। मंगल मकर राशि में उच्च के होकर प्रभावी हैं। सूर्य, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में एक साथ मौजूद हैं, जिससे कई जटिल योग बन रहे हैं। शनि और चंद्रमा के संयोग से विष योग की स्थिति बन रही है, जो मानसिक तनाव को बढ़ा सकती है।

ज्योतिषीय आकलन के अनुसार इन दिनों हार्मोन असंतुलन, शुगर लेवल में वृद्धि, त्वचा संबंधी समस्याएं और नर्वस सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। वैश्विक स्तर पर शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। राजनीतिक माहौल भी अस्थिर रह सकता है।

मेष

मेष राशि के जातकों का शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव सिरदर्द और आंखों में तकलीफ दे सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी, हालांकि व्यापार और आय के स्रोत संतुलन बनाए रखेंगे। कुल मिलाकर समय मध्यम से बेहतर कहा जा सकता है।

वृषभ

वृषभ राशि वालों की आय में अस्थिरता बनी रहेगी। एक दिन लाभ तो दूसरे दिन हानि की स्थिति बन सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी रखें। वरिष्ठ अधिकारियों और पिता से मतभेद संभव है। समय चुनौतीपूर्ण है, लेकिन बड़ा नुकसान नहीं दिखता।

मिथुन

मिथुन राशि के लोगों को उच्चाधिकारियों से विवाद से बचना चाहिए। मान-सम्मान प्रभावित हो सकता है। स्वास्थ्य और प्रेम संबंधों में हल्की बाधाएं संभव हैं। व्यवसाय में उतार-चढ़ाव रहेगा, पर स्थिति नियंत्रण में रहेगी।

कर्क

कर्क राशि के जातकों की निजी जिंदगी संतोषजनक रहेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और वैवाहिक जीवन में तालमेल रहेगा। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। चोट या अचानक परेशानी की आशंका है।

सिंह

सिंह राशि के लिए समय थोड़ा कठिन है। स्वास्थ्य, दांपत्य जीवन और प्रेम संबंध प्रभावित हो सकते हैं। दुर्घटना या विवाद से बचने की सलाह दी जाती है। हर क्षेत्र में सतर्कता जरूरी है।

कन्या

कन्या राशि के जातकों को विरोधियों पर बढ़त मिलेगी, लेकिन वैवाहिक और पेशेवर जीवन में अस्थिरता रह सकती है। प्रेम संबंधों में संयम और समझदारी से काम लें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

तुला

तुला राशि के लोगों को स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना चाहिए। प्रेम और संतान पक्ष मध्यम रहेगा। व्यापारिक स्थिति संतोषजनक है और बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा। विवेकपूर्ण निर्णय लाभ दिला सकते हैं।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के लिए मानसिक दबाव का समय है। विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत है। घरेलू माहौल में तनाव संभव है। नई शुरुआत फिलहाल टालें।

धनु

धनु राशि वालों को गले और श्वसन संबंधी परेशानी हो सकती है। पेशेवर जीवन में बाधाएं दिख रही हैं। हालांकि धन आगमन और पारिवारिक सहयोग से राहत मिलेगी। संपत्ति संबंधी फैसलों में सोच-समझकर कदम उठाएं।

मकर

मकर राशि के जातकों को धन हानि के संकेत हैं। निवेश टालना बेहतर रहेगा। वाणी पर संयम रखें, क्योंकि वाद-विवाद से नुकसान हो सकता है। रक्तचाप और सिर संबंधी परेशानी बढ़ सकती है।

कुंभ

कुंभ राशि के लोगों के खर्च बढ़ेंगे और मानसिक बेचैनी रह सकती है। फिलहाल निवेश से बचें। वाणी से जुड़े विवाद नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि कठिन परिस्थितियों में भी निर्णय क्षमता बनी रहेगी।

मीन

मीन राशि वालों को साझेदारी और सरकारी मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए। मानसिक और शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। धैर्य और संयम से काम लेना लाभकारी रहेगा।

बांदा पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: जेई और पत्नी को फांसी की सजा

बाँदा/चित्रकूट/-सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित बाल यौन शोषण और अश्लील वीडियो प्रसारण मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, बांदा ने शुक्रवार 20 फरवरी को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया।

2020 में सामने आया था मामला

यह मामला वर्ष 2020 में प्रकाश में आया था। जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि मासूम बच्चों का यौन शोषण कर उनके अश्लील वीडियो तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें विदेशी पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर डार्क वेब के माध्यम से अपलोड किया जा रहा है। बताया गया कि ये वीडियो 47 देशों तक पहुंच चुके थे।

सीबीआई ने संभाली जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। इंटरपोल से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई ने जांच शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, डिजिटल ट्रेल और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया गया।

50 से अधिक बच्चों को बनाया शिकार

जांच में खुलासा हुआ कि बांदा, चित्रकूट और बुंदेलखंड क्षेत्र के अन्य जिलों के कुल 34 से अधिक बच्चों के वीडियो बनाए गए। आरोप है कि आरोपियों ने बच्चों को बहलाकर उनका यौन शोषण किया और आर्थिक लाभ के लिए वीडियो अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित किए।

गवाहों को धमकाने का भी आरोप

अदालत के फैसले से पहले आरोपी रामभवन की पत्नी दुर्गावती को गवाहों को धमकाने और उन्हें प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस पर कुछ गवाहों को चुप रहने के लिए दबाव और प्रलोभन देने का आरोप लगा था।

अदालत का कड़ा रुख

विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश ने मामले को ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ श्रेणी का मानते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।

इस फैसले को बाल संरक्षण कानूनों के तहत एक महत्वपूर्ण और सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।