Saturday, March 28, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 10

बहराइच के इटहा गांव में सामाजिक सुरक्षा जागरूकता कैंप का आयोजन

बहराइच/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के बहराइच  जिले के Shivpur Block स्थित ग्रामसभा इटहा में शनिवार (14 मार्च 2026) को सामाजिक सुरक्षा योजना और जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। यह कैंप UPNP Plus और Swasti की ओर से आयोजित किया गया, जो कि आगा खा और इंडसइंड बैंक के सहयोग से किया जा रहा है|

इस कैंप का उद्देश्य ग्रामीण लोगों को गरीबी, बीमारी, वृद्धावस्था और बेरोजगारी जैसे जोखिमों के खिलाफ वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देना तथा उन्हें इन योजनाओं से जोड़ना था।

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

कैंप के दौरान UPNP Plus के जिला समन्वयक Ashutosh Shukla ने उपस्थित ग्रामीणों को केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इनमें मुख्य रूप से

  • Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana(Ayushman Bharat )
  • Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi
  • Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana

जैसी योजनाओं के लाभ और पात्रता के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

यह भी पढ़े:- कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले झड़प, बीजेपी-टीएमसी कार्यकर्ता भिड़े

आयुष्मान कार्ड बनाए गए

कैंप में सोशल मोबिलाइजर राजकुमार, मोहिनी और कृष्णा के साथ सीएचओ मरली लुक की टीम ने पात्र लोगों का पंजीकरण किया। इस दौरान 32 पात्र लोगों के Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (Ayushman Bharat)  के कार्ड बनाए गए, जबकि 25 लोगों को अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया।

स्थानीय जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

इस सामाजिक सुरक्षा कैंप में ग्रामसभा इटहा की ग्राम प्रधान Krishna Devi, आशा कार्यकर्ता गुड़िया देवी तथा गांव के अन्य सम्मानित लोग भी मौजूद रहे और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले झड़प, बीजेपी-टीएमसी कार्यकर्ता भिड़े

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कोलकाता में प्रधानमंत्री Narendra Modi की रैली से कुछ घंटे पहले राजनीतिक तनाव हिंसा में बदल गया। शनिवार को केंद्रीय कोलकाता के गिरिश पार्क इलाके में Bharatiya Janata Party और All India Trinamool Congress के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई।

यह स्थान Brigade Parade Ground से करीब पांच किलोमीटर दूर है, जहां प्रधानमंत्री की रैली आयोजित होनी थी। यह रैली बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ के समापन कार्यक्रम का हिस्सा बताई जा रही थी, जो West Bengal में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित की जा रही है।

पथराव में कई लोग घायल

झड़प के दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पथराव किया और नारेबाजी की, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।

बीजेपी समर्थकों का आरोप है कि वे प्रधानमंत्री के समर्थन में रैली स्थल की ओर जा रहे थे, तभी अचानक उन पर पथराव शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि इस दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।

कुछ पत्थर Shashi Panja के आवास की ओर भी फेंके गए। टीएमसी नेताओं के अनुसार इस घटना में पार्टी के करीब 50 कार्यकर्ता घायल हुए हैं। झड़प के दौरान एक पुलिस अधिकारी और एक बीजेपी नेता के भी घायल होने की खबर है।

दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

दूसरी ओर, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी पर ही हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले बीजेपी समर्थकों ने गाली-गलौज और पथराव किया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी।

यह भी पढ़े:- यूपी के बिल्डरों को बड़ी राहत: कम भूमि पर बन सकेंगे अपार्टमेंट,जानें ये..

टीएमसी का दावा है कि स्थानीय नेताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए।

पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर हालात को नियंत्रित किया। सुरक्षा बलों ने दोनों पक्षों को अलग करते हुए इलाके में शांति बहाल कराई।

प्रधानमंत्री मोदी की रैली Brigade Parade Ground में निर्धारित थी, जहां वे करीब 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने वाले थे।

यह घटना पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव और सियासी मुकाबले की झलक मानी जा रही है।

यूपी के बिल्डरों को बड़ी राहत: कम भूमि पर बन सकेंगे अपार्टमेंट,जानें ये..

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में बिल्डरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Yogi Adityanath सरकार ने शहरों में Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0 के तहत कम भूमि पर आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की अनुमति दे दी है। अब इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम तीन हेक्टेयर भूमि पर फ्लैट और मकान बनाए जा सकेंगे।

नई व्यवस्था के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बनाए जाने वाले मकानों की कीमत अधिकतम 9 लाख रुपये तय की गई है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 2.5 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। इसके अलावा विशेष फोकस समूह के तहत वरिष्ठ नागरिकों को 30 हजार रुपये और एकल महिलाओं को 20 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी। प्रमुख सचिव आवास P. Guruprasad ने इस संबंध में शुक्रवार को शासनादेश जारी किया।

बिल्डरों के लिए तय की गई नेटवर्थ की शर्त

नई नीति के तहत परियोजना शुरू करने वाले बिल्डरों के लिए न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त भी तय की गई है।

  • तीन हेक्टेयर तक की परियोजना के लिए 2 करोड़ रुपये
  • तीन से पांच हेक्टेयर के लिए 5 करोड़ रुपये
  • पांच से दस हेक्टेयर तक 1 करोड़ रुपये
  • 10 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर प्रति हेक्टेयर या उसके हिस्से के बराबर 1 करोड़ रुपये नेटवर्थ

साथ ही सभी आवासीय परियोजनाओं में कम से कम 10 प्रतिशत मकान EWS और LIG वर्ग के लिए अनिवार्य रूप से बनाने होंगे।

निर्माण पूरा करने की समय सीमा तय

सरकार ने परियोजनाओं के निर्माण की समय सीमा भी तय की है।

  • चार मंजिल तक की परियोजना को 24 महीनों में पूरा करना होगा।
  • चार मंजिल से अधिक होने पर 36 महीनों में निर्माण पूरा करना होगा।

निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority (RERA) में पंजीकरण और परियोजना प्रस्ताव में तय समयसीमा के अनुसार पूरी करनी होगी। बिल्डरों को हर तीन महीने में इसकी रिपोर्ट देनी होगी।

पात्रता और आवंटन की प्रक्रिया

EWS मकानों के लिए वही परिवार पात्र होंगे जिनके पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है। लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे-बेटियां शामिल होंगी।

मकानों का आवंटन महिला मुखिया के नाम या पति-पत्नी के संयुक्त नाम से किया जाएगा। यदि परिवार में वयस्क महिला सदस्य नहीं है तो मकान पुरुष के नाम पर आवंटित किया जाएगा।

आवंटन प्रक्रिया में विधवा, एकल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।

डीएम की अध्यक्षता में बनेगी जिला कमेटी

आवासों के लिए आवेदन PMAY-U 2.0 Portal पर ऑनलाइन किए जाएंगे। सत्यापन के लिए जिलाधिकारी या नगर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें डूडा परियोजना अधिकारी और अधिशासी अधिकारी सदस्य होंगे।

आवेदन के लिए 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है और मकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

मकानों की कीमत और अन्य रियायतें

30 वर्ग मीटर तक के मकानों की कीमत 9 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इससे बड़े मकानों की कीमत क्षेत्रफल के अनुसार तय होगी।

लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार का 2.5 लाख रुपये का अनुदान अधिकतम एक महीने के भीतर दिया जाएगा। EWS मकानों की रजिस्ट्री केवल 500 रुपये के स्टांप पर की जाएगी।

यह भी पढ़े:- सस्पेंड चल रहे IAS अभिषेक प्रकाश बहाल, राज्यपाल ने जारी किया आदेश; जांच जारी रहेगी

इसके अलावा योजना के तहत मकान बनाने वाले बिल्डरों को मानचित्र स्वीकृति, अनुज्ञा, निरीक्षण, ले-आउट डिपॉजिट और अन्य शुल्कों में भी छूट दी जाएगी।

बड़े शहरों में विकास शुल्क की व्यवस्था

Lucknow, Ghaziabad, Kanpur, Agra, Varanasi, Prayagraj, Meerut और Gautam Buddha Nagar में इस योजना के तहत बनने वाली परियोजनाओं पर कुल क्षेत्रफल के आधार पर 50 प्रतिशत बाह्य विकास शुल्क लिया जाएगा, जबकि अन्य शहरों में यह 25 प्रतिशत होगा।

यह शुल्क तीन छमाही किस्तों में जमा करना होगा और देरी होने पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त दंड ब्याज देना पड़ेगा।

सस्पेंड चल रहे IAS अभिषेक प्रकाश बहाल, राज्यपाल ने जारी किया आदेश; जांच जारी रहेगी

लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- करीब एक साल पहले रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किए गए 2006 बैच के आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल कर दिया गया है। राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 15 मार्च से उनकी बहाली प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि बहाली के बाद भी उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया के तहत संबंधित साक्ष्यों को जुटाने का काम आगे भी जारी रहेगा।

दरअसल, हाल ही में Allahabad High Court की Lucknow बेंच ने साक्ष्यों के अभाव में अभिषेक प्रकाश के खिलाफ दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद शासन स्तर पर उनकी बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

मार्च 2025 में हुए थे निलंबित

गौरतलब है कि 20 मार्च 2025 को Abhishek Prakash को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले घूस मांगने का आरोप लगा था। कंपनी की शिकायत के आधार पर सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पाया कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

भूमि अधिग्रहण मामले में भी हुई थी जांच

भटगांव भूमि अधिग्रहण मामले में भी अभिषेक प्रकाश का नाम सामने आया था। मई 2025 में राजस्व विभाग ने उनके खिलाफ चार्जशीट की सिफारिश करते हुए विस्तृत रिपोर्ट नियुक्ति विभाग को भेजी थी। यह रिपोर्ट उस समय के राजस्व परिषद के चेयरमैन Rajneesh Dubey की जांच रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई थी।

यह भी पढ़े:- उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ दागीं 10 मिसाइलें,अभी बातचीत के मूड में नहीं हैं किम जोंग उन

बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े भूमि अधिग्रहण के दौरान उस समय Lucknow के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत अभिषेक प्रकाश क्रय समिति के अध्यक्ष थे। जांच में आरोप लगाया गया था कि कुछ मामलों में फर्जी पट्टों के आधार पर मुआवजा दिया गया और राजस्व संहिता के प्रावधानों का पालन सही ढंग से नहीं किया गया।

हालांकि अब उनकी प्रशासनिक बहाली का आदेश जारी हो चुका है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ दागीं 10 मिसाइलें,अभी बातचीत के मूड में नहीं हैं किम जोंग उन

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय  न्यूज़:- मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव के बीच North Korea ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। देश ने पूर्वी सागर की दिशा में 10 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में हलचल मचा दी।

South Korea के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक ये मिसाइलें शनिवार दोपहर करीब 1:20 बजे राजधानी Pyongyang के सुनान इलाके से छोड़ी गईं।

जापानी मीडिया संगठन NHK ने भी अपने रक्षा मंत्रालय के हवाले से पुष्टि की है कि मिसाइलें समुद्र में गिर गईं। बताया जा रहा है कि यह इस साल उत्तर कोरिया का तीसरा बड़ा मिसाइल परीक्षण है।

ट्रंप की बातचीत पेशकश के बाद परीक्षण

यह प्रक्षेपण इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह White House में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री Kim Min-seok के बीच हुई अचानक मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुआ है।

बैठक के दौरान ट्रंप ने Kim Jong Un के साथ अपने अच्छे संबंधों का जिक्र करते हुए बातचीत की इच्छा जताई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उत्तर कोरिया चाहे तो अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है।

हालांकि, उत्तर कोरिया ने इस कूटनीतिक पहल का जवाब महज 24 घंटे के भीतर मिसाइल परीक्षण से दिया, जिसे विशेषज्ञ बातचीत से दूरी का संकेत मान रहे हैं।

सैन्य अभ्यास के विरोध में कदम

विशेषज्ञों के अनुसार यह मिसाइल परीक्षण 9 मार्च से शुरू हुए अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास Freedom Shield के खिलाफ प्रतिक्रिया हो सकता है।

हालांकि इस साल इस अभ्यास का पैमाना पिछले वर्ष की तुलना में लगभग आधा कर दिया गया है, लेकिन उत्तर कोरिया इसे अपने खिलाफ संभावित हमले की तैयारी बताता रहा है।

यह भी पढ़े:- सोनम वांगचुक की हिरासत खत्म करने का फैसला,सरकार का बड़ा फैसला

अभ्यास शुरू होने के अगले दिन ही Kim Yo-jong ने चेतावनी दी थी कि दुश्मन देशों की सैन्य गतिविधियों के “अकल्पनीय और भयावह परिणाम” हो सकते हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपणों को देखते हुए निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। साथ ही अमेरिका और जापान के साथ रियल-टाइम में खुफिया जानकारी साझा की जा रही है।

यह मिसाइल परीक्षण पिछले प्रक्षेपण के करीब 47 दिन बाद हुआ है। जनवरी में हुए परीक्षण के समय अमेरिकी रक्षा नीति के अवर सचिव Elbridge Colby एशिया दौरे पर थे।

सोनम वांगचुक की हिरासत खत्म करने का फैसला,सरकार का बड़ा फैसला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए उनकी हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत उनकी गिरफ्तारी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिसके बाद उन्हें रिहा किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।

इस मामले में इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए कहा था कि अदालत इस सप्ताह वांगचुक के भाषणों से जुड़े वीडियो देखेगी। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. एंग्मो ने रासुका के तहत हुई हिरासत को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जिस पर अंतिम सुनवाई 17 मार्च को तय की गई थी।

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने कहा था कि जज पहले अलग-अलग वीडियो देखेंगे और उसके बाद दोनों मिलकर उनकी समीक्षा करेंगे। इसके लिए अदालत ने रजिस्ट्रार को वीडियो की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया था।

केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने अदालत को बताया था कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अस्वस्थ हैं, इसलिए सुनवाई टालने का अनुरोध किया गया था। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि मामले में बार-बार स्थगन से देश में गलत संदेश जा रहा है।

पीठ ने स्पष्ट किया था कि अगली सुनवाई 17 मार्च को अंतिम रूप से होगी और उस दिन बहस पूरी होने के बाद अदालत फैसला सुरक्षित रखेगी। अदालत ने यह भी कहा था कि उस दौरान किसी नए मुद्दे पर बहस की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह भी पढ़े:- पेट्रोल-डीजल सेफ, तो फिर LPG गैस कैसे हो गई ‘आउट ऑफ स्टॉक’?पूरी पड़ताल

इससे पहले 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई होली की छुट्टियों के बाद तक के लिए टाल दी थी। इस मामले में पहले भी कई बार सुनवाई स्थगित हो चुकी थी, क्योंकि विभिन्न पक्षों के वकील उपलब्ध नहीं थे।

वहीं केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन ने अदालत को बताया था कि वांगचुक को सीमावर्ती क्षेत्र में लोगों को भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। प्रशासन का कहना था कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा की घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और 161 लोग घायल हुए थे, जिसके बाद कार्रवाई की गई थी।

पेट्रोल-डीजल सेफ, तो फिर LPG गैस कैसे हो गई ‘आउट ऑफ स्टॉक’?पूरी पड़ताल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- जब भी मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है, पूरी दुनिया की नजरें ऊर्जा आपूर्ति पर टिक जाती हैं। ओमान और ईरान के बीच स्थित हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम मार्ग माना जाता है। आम तौर पर माना जाता है कि यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।

लेकिन हालिया घटनाक्रम ने एक अलग तस्वीर पेश की है। इस बार सबसे ज्यादा असर पेट्रोल या डीजल पर नहीं, बल्कि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस पर दिखाई दे रहा है। देश के कई शहरों—दिल्ली, नोएडा, मुंबई, बेंगलुरु और छोटे कस्बों—में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई जगह रेस्टोरेंट और ढाबे गैस की कमी के कारण मेन्यू सीमित कर रहे हैं या अस्थायी रूप से बंद हो रहे हैं। वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें ब्लैक मार्केट में हजारों रुपये तक पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।

दिलचस्प बात यह है कि पेट्रोल पंपों पर स्थिति सामान्य बनी हुई है। न तो लंबी कतारें हैं और न ही कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिला है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि हॉर्मुज संकट का असर एलपीजी पर ही क्यों पड़ा?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?

फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला यह लगभग 21 मील चौड़ा समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा ‘चोकपॉइंट्स’ में गिना जाता है। वैश्विक तेल और गैस व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और इराक जैसे बड़े ऊर्जा निर्यातक देशों की आपूर्ति इसी मार्ग पर निर्भर है। हालिया तनाव और सुरक्षा खतरे के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया।

एलपीजी पर सबसे पहले क्यों पड़ा असर?

भारत में एलपीजी की मांग तेजी से बढ़ी है। देश में हर साल लगभग 3 करोड़ टन से अधिक एलपीजी की खपत होती है, लेकिन घरेलू उत्पादन इससे काफी कम है। शेष जरूरतें मुख्य रूप से खाड़ी देशों से आयात के जरिए पूरी की जाती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत आने वाली एलपीजी खेप का लगभग 80–90 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में जब इस मार्ग पर बाधा आई, तो एलपीजी टैंकरों की आपूर्ति प्रभावित हो गई और घरेलू बाजार में कमी दिखाई देने लगी।

एलपीजी के लिए सीमित भंडारण क्षमता

एलपीजी संकट की एक बड़ी वजह इसका सीमित भंडारण भी है। कच्चे तेल के विपरीत एलपीजी को तरल अवस्था में सुरक्षित रखने के लिए उच्च दबाव या बेहद कम तापमान वाले विशेष टैंकों की जरूरत होती है। यह व्यवस्था महंगी और तकनीकी रूप से जटिल होती है।

इसी कारण दुनिया के अधिकांश देशों की तरह भारत के पास भी एलपीजी का बड़ा रणनीतिक भंडार नहीं है। आपूर्ति बाधित होने पर इसका असर कुछ ही दिनों में उपभोक्ताओं तक पहुंच जाता है।

पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं हुए प्रभावित?

पेट्रोल और डीजल कच्चे तेल से तैयार होते हैं, और इस मामले में भारत ने पिछले वर्षों में अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है। भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है। हाल के समय में रूस प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जबकि इराक और सऊदी अरब भी बड़े स्रोत हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत के करीब 70 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात ऐसे मार्गों से आता है जो हॉर्मुज से नहीं गुजरते। इसके अलावा देश के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार भी है, जिससे आपातकालीन स्थिति में कई हफ्तों तक जरूरत पूरी की जा सकती है।

रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का सहारा

भारत ने कच्चे तेल के लिए रणनीतिक भंडारण प्रणाली विकसित की है। विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पाडुर में भूमिगत चट्टानी गुफाओं में कच्चा तेल जमा रखा जाता है। रिफाइनरियों और तेल कंपनियों के वाणिज्यिक भंडार को मिलाकर देश के पास कई सप्ताह की मांग पूरी करने लायक तेल उपलब्ध रहता है।

एलपीजी के मामले में स्थिति कमजोर

एलपीजी के लिए भंडारण क्षमता बेहद सीमित है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास एलपीजी के भूमिगत भंडार की कुल क्षमता लगभग 1.4 लाख टन है, जो देश की खपत के हिसाब से दो दिन से भी कम की जरूरत पूरी कर सकती है।

यह भी पढ़े:-कांग्रेस के कारण ही बनानी पड़ी बसपा, कांशीराम के नाम पर राजनीति का ढोंग कर रही कांग्रेस: मायावती

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की गैस आपूर्ति व्यवस्था बड़े भंडारण के बजाय निरंतर आयात और वितरण प्रणाली पर आधारित है।

उज्ज्वला योजना से बढ़ी मांग

पिछले दशक में रसोई गैस की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकारी योजनाओं के चलते एलपीजी कनेक्शन का विस्तार ग्रामीण इलाकों तक हुआ है।

2010 में जहां एलपीजी कनेक्शन लगभग 10.6 करोड़ थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर करीब 33 करोड़ तक पहुंच गई। लकड़ी और बायोमास से एलपीजी की ओर यह बदलाव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से सकारात्मक रहा है, लेकिन इससे देश की निर्भरता एलपीजी आपूर्ति पर काफी बढ़ गई है।

सरकार ने क्या किया? एलपीजी के लिए इमरजेंसी मोड

एलपीजी आपूर्ति को स्थिर करने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को कच्चे तेल से एलपीजी की रिकवरी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल उद्योग में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेन और ब्यूटेन को अस्थायी रूप से एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ा जा रहा है।

सरकार खाड़ी क्षेत्र के बाहर—जैसे अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका—से भी अतिरिक्त एलपीजी कार्गो मंगाने की कोशिश कर रही है। हालांकि इन शिपमेंट को भारत तक पहुंचने में अधिक समय लग सकता है और लागत भी ज्यादा हो सकती है।

कांग्रेस के कारण ही बनानी पड़ी बसपा, कांशीराम के नाम पर राजनीति का ढोंग कर रही कांग्रेस: मायावती का तीखा हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख Mayawati ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस की नीतियों और दलितों के प्रति उपेक्षा के कारण ही Kanshi Ram को Bahujan Samaj Party बनानी पड़ी थी।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस पर दलित नेताओं के सम्मान को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने संविधान निर्माता B. R. Ambedkar को लंबे समय तक उचित सम्मान नहीं दिया, वह आज कांशीराम के नाम पर राजनीति करने का दिखावा कर रही है।

कांग्रेस और सपा पर लगाए गंभीर आरोप

मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने कई दशकों तक केंद्र की सत्ता संभाली, लेकिन इसके बावजूद बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न देने में देरी हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी बाबा साहेब का सम्मान नहीं कर सकी, वह आज कांशीराम को सम्मान देने की बात कैसे कर सकती है।

बसपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जब कांशीराम का निधन हुआ था, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन राष्ट्रीय शोक की घोषणा तक नहीं की गई

उन्होंने Samajwadi Party पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित नहीं किया था। मायावती के अनुसार, ये दोनों दल दलित महापुरुषों के प्रति हमेशा संकुचित सोच रखते आए हैं।

दलित संगठनों और अन्य दलों को चेतावनी

मायावती ने कुछ छोटे दलित संगठनों और अन्य राजनीतिक दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन कांशीराम के नाम का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं और इससे बसपा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

यह भी पढ़े:- बहराइच: बौंडी फतेहउल्लापुर में सामाजिक सुरक्षा व जागरूकता कैंप का आयोजन, 80 लोगों को

उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे “राजनीतिक हथकंडों” से सावधान रहें।

15 मार्च को कांशीराम जयंती पर कार्यक्रम

मायावती ने कहा कि 15 मार्च 2026 को कांशीराम की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बसपा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों को भव्य और सफल बनाने की अपील की।

मायावती के अनुसार, बसपा ही वह पार्टी है जो कांशीराम के सिद्धांतों पर चलते हुए दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।

बहराइच: बौंडी फतेहउल्लापुर में सामाजिक सुरक्षा व जागरूकता कैंप का आयोजन, 80 लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– उत्तर प्रदेश के बहराइच  जिले के तेजवापुर ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा बौंडी फतेहउल्लापुर में शुक्रवार (13 मार्च 2026) को सामाजिक सुरक्षा और जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Uttar Pradesh Welfare for People Living with HIV/AIDS Society की ओर से आयोजित किया गया।

कैंप का उद्देश्य गरीबी, बीमारी, वृद्धावस्था और बेरोजगारी जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे लोगों को वित्तीय और सामाजिक सहायता योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें इन योजनाओं से जोड़ना था।

प्रमुख सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में संस्था के जिला समन्वयक आशुतोष शुक्ल और सोशल मोबिलाइजर दीपेश, सीमा और निशा तिवारी ने मौजूद लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

इनमें प्रमुख रूप से

  • Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (आयुष्मान भारत)
  • E-Shram Card Scheme
  • PM Vishwakarma Scheme
  • Pradhan Mantri Ujjwala Yojana
  • Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana
  • Atal Pension Yojana
  • Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act

जैसी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।

80 लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया

कैंप के दौरान करीब 80 पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, बीमा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित लाभ मिल सके।

कई स्थानीय लोग रहे मौजूद

इस सामाजिक सुरक्षा कैंप में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद यूसुफ, आशा कार्यकर्ता यासमीन, बीना सिंह, रीतू कुमारी, आशा संगिनी परवीन जहां, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोनी सिंह और गोल्डी सिंह समेत गांव के कई लोग मौजूद रहे।

Aaj Ka Rashifal 14 March 2026: जानें आज किन राशियों को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

Aaj Ka Rashifal 14 March 2026, शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के कारण कई राशियों के लिए बदलाव लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार गुरु मिथुन राशि में, केतु सिंह में और चंद्रमा सूर्योदय के समय धनु राशि में रहेगा। वहीं सूर्य, मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में तथा शुक्र और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। आने वाले समय में सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव जनमानस पर मिलाजुला रह सकता है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक रहने वाला है। व्यापार में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी राहत मिल सकती है। स्वास्थ्य, प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो रही हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, हालांकि प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। व्यापार की स्थिति संतोषजनक रहेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को जरूरी काम सुबह जल्दी निपटाने की सलाह दी जाती है। इसके बाद का समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जबकि प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों के लिए धीरे-धीरे अच्छे समय की शुरुआत हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और नौकरी-व्यवसाय में भी स्थिति बेहतर हो सकती है। हालांकि फिलहाल कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों की सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। पढ़ाई-लिखाई और रचनात्मक कार्यों में समय बिताना लाभदायक रहेगा। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।

कन्या राशि

कन्या राशि के विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है। हालांकि बड़े फैसले लेने से अभी बचना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और व्यापार भी सामान्य से बेहतर रह सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों को पारिवारिक विवाद या गृह-क्लेश से बचने की जरूरत है। हालांकि भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है और संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातक आज ऊर्जावान और पराक्रमी बने रहेंगे। इसका लाभ व्यापार और कार्यक्षेत्र में मिल सकता है। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित हो सकता है, लेकिन बाकी क्षेत्र अनुकूल रहेंगे।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार में खुशहाली बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। स्वास्थ्य और व्यापार दोनों अनुकूल रहेंगे।

मकर राशि

मकर राशि के जातक आज आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। जीवन में जरूरी चीजें समय पर उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार की स्थिति संतोषजनक बनी रहेगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे मानसिक चिंता हो सकती है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है, हालांकि व्यापार सामान्य बना रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए दिन शुभ संकेत दे रहा है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। परिवार से जुड़े अच्छे समाचार मिल सकते हैं।