UP Politics: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सरकार और संगठन दोनों स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary और संगठन महामंत्री Dharampal Singh की दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
दिल्ली बैठकों के बाद बढ़ी हलचल
दिल्ली में हुई बैठकों में दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री B. L. Santhosh और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इन बैठकों को यूपी में संभावित कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कैबिनेट विस्तार की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, यूपी में लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार अब जल्द हो सकता है। माना जा रहा है कि मौजूदा मंत्रिमंडल में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाया जा सकता है, जबकि नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है।
मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा
सरकार ने मंत्रियों के कामकाज का विस्तृत मूल्यांकन किया है। पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन के आधार पर यह तय किया जा रहा है कि किन मंत्रियों को बरकरार रखा जाए और किन्हें बदला जाए।
‘योगी फैक्टर’ रहेगा अहम
इस पूरे बदलाव में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी पसंद और प्राथमिकताओं से पार्टी नेतृत्व को अवगत करा दिया है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार में उनकी पसंद के नेताओं को प्राथमिकता मिल सकती है।
खाली पद और संभावित बदलाव
फिलहाल योगी सरकार में 6 मंत्री पद खाली हैं, जबकि करीब आधा दर्जन मंत्रियों को बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। इस तरह कुल मिलाकर एक दर्जन के आसपास नए चेहरों को मौका मिल सकता है।
संगठन में भी होगा फेरबदल
बीजेपी संगठन में भी बदलाव की तैयारी है। पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को निगम, आयोग और बोर्ड में समायोजित कर संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में स्थानीय निकायों में मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
2027 चुनाव पर फोकस
बीजेपी का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करना है। इसके लिए पार्टी पिछले एक महीने से लगातार मंथन कर रही है। इस दौरान संघ प्रमुख Mohan Bhagwat और वरिष्ठ नेता Vinod Tawde के साथ भी कई अहम बैठकें हो चुकी हैं।
सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति
कैबिनेट और संगठन विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। पश्चिमी यूपी की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ ब्राह्मण समुदाय को साधने की कोशिश भी की जा सकती है। कुछ राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार भी दिया जा सकता है।



