न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर संसद में जारी बहस के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने साफ कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा और सभी का प्रतिनिधित्व सुरक्षित रहेगा।
कितनी होंगी कुल सीटें?
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार लोकसभा सीटों की कुल संख्या बढ़ाकर 815 की जाएगी। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो कुल का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। यह व्यवस्था 2029 के आम चुनाव से लागू करने की तैयारी है।
हर राज्य में 50% सीटों का इजाफा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी राज्यों में सीटों की संख्या लगभग 50% तक बढ़ाई जाएगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी राज्य का संसद में प्रतिनिधित्व कम न हो और मौजूदा अनुपात बरकरार रहे।
साउथ के राज्यों की चिंता
तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे दक्षिणी राज्यों ने आशंका जताई है कि यदि परिसीमन जनगणना के आधार पर हुआ, तो उनकी सीटों का अनुपात घट सकता है। इन राज्यों का कहना है कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, ऐसे में उन्हें नुकसान नहीं होना चाहिए।
सरकार का जवाब
इस पर Arjun Ram Meghwal ने कहा कि सरकार का फॉर्मूला सभी राज्यों के हित में है और किसी का हिस्सा कम नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीटों का अनुपात पहले जैसा ही रहेगा।
समर्थन भी मिलने लगा
आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि सभी राज्यों में सीटें समान रूप से बढ़ती हैं, तो उन्हें इस विधेयक से कोई आपत्ति नहीं होगी। वहीं भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी कहा कि दक्षिण भारत में भ्रम फैलाया जा रहा है और इस प्रक्रिया से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा।



