नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- क्षेत्रीय तनाव के बीच Iran और Pakistan को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस्लामाबाद जाते समय कई ‘नकली’ या डिकॉय विमान भेजे, जबकि असली प्रतिनिधिमंडल केवल एक विमान में सवार था।
बताया जा रहा है कि संभावित हवाई हमले के खतरे को देखते हुए यह रणनीति अपनाई गई। ईरान को आशंका थी कि यात्रा के दौरान उसके प्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा सकता है।
गालिबाफ के नेतृत्व में पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री Abbas Araghchi भी शामिल हैं। हाल के समय में गालिबाफ ईरानी सत्ता ढांचे में एक प्रभावशाली चेहरे के रूप में उभरे हैं।
विमान में दिखा भावनात्मक संदेश
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामाबाद रवाना होते समय गालिबाफ ने अपने विमान की आगे की सीटें खाली रखीं। इन सीटों पर हाल ही में हुए Minab school strike में मारे गए बच्चों की तस्वीरें और उनके सामान—जैसे स्कूल बैग, जूते और कपड़े—रखे गए थे।
ईरान इस प्रतीकात्मक कदम के जरिए यह संदेश देना चाहता था कि वह वार्ता में केवल एक देश के रूप में नहीं, बल्कि उन निर्दोष नागरिकों के दर्द को लेकर शामिल हो रहा है, जिन्होंने हालिया हमलों में जान गंवाई।
अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान में
इधर, United States की ओर से उपराष्ट्रपति J. D. Vance के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच रहा है। इस टीम में Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल बताए जा रहे हैं, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद है।
ट्रंप ने किया था युद्धविराम का ऐलान
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 8 अप्रैल को ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की थी। इसके बाद क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए पाकिस्तान में वार्ता की खबरें सामने आईं।
लेबनान को लेकर बनी हुई है तनातनी
यह पूरी कूटनीतिक गतिविधि ऐसे समय हो रही है जब Lebanon में Israel के हमलों को लेकर तनाव जारी है। इसी वजह से ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को लेकर अनिश्चितता भी बनी हुई थी।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency के मुताबिक, बातचीत तभी शुरू होगी जब पहले तय की गई शर्तें पूरी होंगी।
गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि लेबनान में युद्धविराम और ईरान की संपत्तियों पर लगी रोक हटाना—ये दोनों अहम शर्तें अभी लागू नहीं हुई हैं।



