न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों के साथ समझौता नहीं करेगी, जिन पर विवादित गतिविधियों के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि “ऐसे लोगों के साथ बैठने से बेहतर है कि पार्टी 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।”
स्टिंग वीडियो पर छिड़ा विवाद
यह बयान निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूँ कबीर से जुड़े एक कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ पर प्रतिक्रिया देते हुए आया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कबीर पर बीजेपी नेताओं से संपर्क और कथित डील के आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और सभी पक्ष इसे लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।
ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि “आप ममता दीदी की क्षमता को नहीं जानते, वह ऐसे हजारों वीडियो बना सकती हैं।”
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On the viral video of AJUP founder Humayun Kabir, Union Home Minister Amit Shah says, “You may be unaware of Mamata Ji’s capabilities; she is capable of producing 2000 such videos. Humayun Kabir and the BJP are like the South Pole and the North… pic.twitter.com/zgfSJbJeFy
— ANI (@ANI) April 10, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि हुमायूँ कबीर और बीजेपी के बीच किसी तरह का संबंध संभव नहीं है और दोनों “नॉर्थ पोल और साउथ पोल” की तरह अलग हैं।
‘बाबरी जैसे मस्जिद’ विवाद से जुड़ा मामला
हुमायूँ कबीर पहले भी उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने की पहल की थी। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी लगातार टीएमसी पर निशाना साधती रही है।
बीजेपी नेता दिलीप घोष का तंज
इस विवाद पर दिलीप घोष ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कबीर “100 करोड़ रुपये के भी लायक नहीं हैं, 1000 करोड़ की बात तो दूर है।”
कबीर ने बताया वीडियो ‘फर्जी’
वहीं हुमायूँ कबीर ने वायरल वीडियो को पूरी तरह से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह AI तकनीक के जरिए बनाया गया फर्जी वीडियो है। उन्होंने कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है और अगर आरोप साबित नहीं हुए तो वे मानहानि का केस करेंगे।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्मा दिया है। चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिसका असर आने वाले चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।



