न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। Nitish Kumar ने विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह अभी भी राज्य के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। उनके इस फैसले के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
हाल ही में Nitish Kumar को राज्यसभा के लिए चुना गया था। संवैधानिक नियमों के तहत उन्हें 30 मार्च तक विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी थी, जिसे उन्होंने पूरा कर दिया।
इस्तीफा स्वीकार, सभापति ने दी पुष्टि
बिहार विधान परिषद के सभापति Awadhesh Narayan Singh ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, जदयू एमएलसी Sanjay Kumar Singh Gandhi ने त्यागपत्र सभापति को सौंपा।
मंत्रियों के बयान
बिहार सरकार के मंत्री Ashok Choudhary ने कहा कि नीतीश कुमार जैसे नेता देश को मुश्किल से मिलते हैं और वह पार्टी के मार्गदर्शक हैं।
वहीं Vijay Kumar Choudhary ने बताया कि राज्यसभा सदस्य बनने के कारण मुख्यमंत्री ने एमएलसी पद छोड़ा है और प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
राजनीतिक सफर पर एक नजर
Nitish Kumar साल 2006 से लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। मई 2024 में वह चौथी बार एमएलसी बने थे, जिनका कार्यकाल 2030 तक था।
उन्होंने 16 मार्च 2026 को राज्यसभा चुनाव जीता और अब पहली बार उच्च सदन के सदस्य बनने जा रहे हैं। इससे पहले वह विधानसभा और लोकसभा दोनों के सदस्य रह चुके हैं।
अनंत सिंह से मुलाकात ने बढ़ाई चर्चा
इस्तीफे से पहले मोकामा विधायक Anant Singh ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ आशीर्वाद लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं की इच्छा के बावजूद मुख्यमंत्री अपने फैसले पर कायम हैं।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि वह अभी मुख्यमंत्री बने हुए हैं, लेकिन भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं लगातार बढ़ रही हैं।



