लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अहम पहल की है। ‘मिशन शक्ति’ के तहत प्रदेश सरकार ने गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को गन्ना खेती और उससे जुड़े व्यवसायों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है।
गन्ना नर्सरी में महिलाओं की बढ़ेगी भूमिका
गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. के अनुसार, प्रदेश में पहले से करीब 2.95 लाख महिला किसान गन्ना आपूर्ति से जुड़ी हैं। अब इस पहल के तहत:
- 3,000+ स्वयं सहायता समूह (SHGs) शामिल
- 57,000 से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया
- ‘सिंगल बड’ और ‘चिप बड’ तकनीक से पौध तैयार की जा रही है
इससे महिलाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण पौध उपलब्ध होगी।
खेती के साथ ‘बिजनेस’ का भी प्रशिक्षण
सरकार महिलाओं को सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें उद्यमी बनाने पर जोर दे रही है। MoU के तहत महिलाओं को मिलेगा:
- प्रसंस्करण (Processing): गन्ने के रस से सिरका, जैविक गुड़ आदि बनाना
- जैविक खाद निर्माण: खोई और प्रेस-मड से खाद तैयार करना
- मार्केटिंग: उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योग विकसित होंगे और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी (Entrepreneur) बनाना है। इस पहल से:
- गन्ने की उत्पादकता में सुधार होगा
- 47.5 लाख किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा
- महिलाओं की आय में बढ़ोतरी होगी
साथ ही, सरकार इन समूहों को आसान ऋण, तकनीकी प्रशिक्षण और मार्केटिंग सहायता भी दे रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल न सिर्फ महिला सशक्तीकरण को मजबूत करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति देगी। ग्रामीण स्तर पर उद्योग बढ़ने से पलायन कम होगा और राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।



