लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- करीब एक साल पहले रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किए गए 2006 बैच के आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल कर दिया गया है। राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 15 मार्च से उनकी बहाली प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि बहाली के बाद भी उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया के तहत संबंधित साक्ष्यों को जुटाने का काम आगे भी जारी रहेगा।
दरअसल, हाल ही में Allahabad High Court की Lucknow बेंच ने साक्ष्यों के अभाव में अभिषेक प्रकाश के खिलाफ दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद शासन स्तर पर उनकी बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
मार्च 2025 में हुए थे निलंबित
गौरतलब है कि 20 मार्च 2025 को Abhishek Prakash को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया था। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट की मंजूरी के बदले घूस मांगने का आरोप लगा था। कंपनी की शिकायत के आधार पर सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पाया कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।
भूमि अधिग्रहण मामले में भी हुई थी जांच
भटगांव भूमि अधिग्रहण मामले में भी अभिषेक प्रकाश का नाम सामने आया था। मई 2025 में राजस्व विभाग ने उनके खिलाफ चार्जशीट की सिफारिश करते हुए विस्तृत रिपोर्ट नियुक्ति विभाग को भेजी थी। यह रिपोर्ट उस समय के राजस्व परिषद के चेयरमैन Rajneesh Dubey की जांच रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई थी।
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बताया गया कि डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े भूमि अधिग्रहण के दौरान उस समय Lucknow के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत अभिषेक प्रकाश क्रय समिति के अध्यक्ष थे। जांच में आरोप लगाया गया था कि कुछ मामलों में फर्जी पट्टों के आधार पर मुआवजा दिया गया और राजस्व संहिता के प्रावधानों का पालन सही ढंग से नहीं किया गया।
हालांकि अब उनकी प्रशासनिक बहाली का आदेश जारी हो चुका है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।



