मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Iran के पास 5,000 से 6,000 तक समुद्री बारूदी सुरंगें (Naval Mines) मौजूद हैं। इन्हें अक्सर “अदृश्य बम” भी कहा जाता है, क्योंकि ये पानी के भीतर छिपी रहती हैं और जहाजों के पास आने पर विस्फोट कर सकती हैं।
अमेरिकी संसदीय विश्लेषण में कहा गया है कि अगर इन सुरंगों का इस्तेमाल हुआ तो दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz पर जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
दुनिया के तेल व्यापार पर पड़ सकता है असर
Strait of Hormuz से दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन होता है। यही वजह है कि इस जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की “लाइफलाइन” माना जाता है।
विश्लेषकों के मुताबिक यदि यहां बड़े पैमाने पर समुद्री सुरंगें बिछा दी गईं, तो इससे तेल टैंकरों और कार्गो जहाजों के लिए रास्ता बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
खुफिया रिपोर्ट में क्या कहा गया
रिपोर्ट के अनुसार:
- 2019 में ईरान के पास करीब 5,000 समुद्री बारूदी सुरंगें थीं
- 2025 तक इनके करीब 6,000 तक पहुंचने का अनुमान है
इन सुरंगों को समुद्र में अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे जहाजों को भारी नुकसान हो सकता है।
कई तरह की समुद्री सुरंगें
CNN की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के पास कई प्रकार की माइन मौजूद हैं, जैसे:
- लिम्पेट माइन (Limpet Mine): जहाज के ढांचे से चिपकाई जाती है
- मूरड माइन (Moored Mine): पानी में तैरती रहती है और जहाज से टकराने पर फटती है
- बॉटम माइन (Bottom Mine): समुद्र की तलहटी में रहती है और जहाज पास आते ही विस्फोट करती है
इन्हीं कारणों से इन्हें “अदृश्य बम” कहा जाता है।
ईरान की समुद्री क्षमता अभी भी मजबूत
खुफिया जानकारी के अनुसार United States Armed Forces ने हाल ही में ईरान के 16 माइन-लेयर जहाजों को नष्ट करने का दावा किया है।
यह भी पढ़े:- बिरला को विपक्ष मर्यादा न सिखाए, पहले दिन से ही आसन छोड़ बैठे हैं: अमित शाह
इसके बावजूद रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की 80-90% छोटी नौकाएं और माइन बिछाने वाले जहाज अभी भी सुरक्षित हैं। इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर वह कम समय में सैकड़ों सुरंगें समुद्र में बिछा सकता है।
ट्रंप ने भी दी चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बाधित किया गया तो वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।



