लखनऊ/सर्वोदय न्यूज:- उत्तर प्रदेश में शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना अब आसान हो सकता है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0 को मंजूरी दे दी है।
इस योजना के तहत शहरों में ईडब्ल्यूएस (EWS), एलआईजी (LIG) और मिनी एमआईजी (MIG) श्रेणी के किफायती मकान बनाए जाएंगे, जिनकी कीमत बाजार दर से कम होगी। इन मकानों का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा।
30 वर्ग मीटर में बनेंगे छोटे मकान
नई योजना के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान करीब 30 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनाए जाएंगे। इन मकानों की अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपये रखी गई है।
इससे बड़े मकानों की कीमत Real Estate Regulatory Authority (RERA) की अनुमति के आधार पर तय की जाएगी।
बिल्डरों को भी मिलेगी छूट
सरकार ने इस योजना को बढ़ावा देने के लिए बिल्डरों को कई तरह की रियायतें देने का फैसला किया है। भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट, मानचित्र स्वीकृति शुल्क में राहत एवं बाह्य विकास शुल्क में छूट और एफएआर (Floor Area Ratio) में राहत मिलेगा| डेवलपर्स बड़े मकानों के साथ छोटे किफायती मकान भी बना सकेंगे। इन परियोजनाओं में विकास प्राधिकरण और निजी बिल्डर मिलकर निर्माण करेंगे।
मकान खरीदने वालों को मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को आर्थिक मदद भी दी जाएगी। केंद्र सरकार का हिस्सा: ₹1.50 लाख इसके अलावा राज्य सरकार का हिस्सा: ₹1 लाख, इस तरह पात्र परिवारों को कुल ₹2.5 लाख की सब्सिडी मिल सकेगी, जिससे घर की कीमत और कम हो जाएगी।
किराये पर भी मिलेंगे किफायती मकान
इस योजना में किफायती किराया आवास (Affordable Rental Housing) का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत:
- शहरी गरीब
- कामकाजी महिलाएं
- उद्योगों और संस्थानों के कर्मचारी
- ईडब्ल्यूएस और एलआईजी परिवार
इनके लिए निजी और सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा मकान बनाकर किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कांशीराम आवास को लेकर भी बड़ा फैसला
कैबिनेट बैठक में Kanshiram Awas Yojana को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। वित्त मंत्री Suresh Khanna ने बताया कि प्रदेश में कई कांशीराम आवासों पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिली हैं। ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें खाली कराया जाएगा और मरम्मत व रंगाई-पुताई के बाद पात्र दलित परिवारों को दोबारा आवंटित किया जाएगा।



