न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने वाले कानून को लेकर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार अब Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023 में संशोधन कर इसे जल्द लागू करने पर विचार कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार चाहती है कि यह आरक्षण 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से ही लागू कर दिया जाए। इसमें विशेष रूप से Uttar Pradesh और Uttarakhand के चुनाव शामिल हो सकते हैं। इनके साथ ही Punjab और Goa के विधानसभा चुनाव भी इसी समय होने की संभावना है।
पहले जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होना था कानून
महिला आरक्षण कानून 2023 में पारित किया गया था। उस समय प्रावधान रखा गया था कि इसे जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाएगा।
हालांकि जनगणना में देरी और परिसीमन प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए माना जा रहा है कि इस कानून को लागू होने में काफी देर हो सकती है। इसलिए सरकार अब इसे जल्दी लागू करने के लिए संशोधन लाने पर विचार कर रही है।
विपक्ष से भी मांगी जा रही राय
रिपोर्ट के अनुसार, इस मुद्दे पर सरकार विपक्ष से भी बातचीत कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इस विषय पर Mallikarjun Kharge से संपर्क किया है और उनकी राय लेने की कोशिश की है।
सरकार चाहती है कि इस संशोधन विधेयक को मौजूदा बजट सत्र में ही पेश किया जाए, जो 2 अप्रैल तक चलने वाला है।
सीटों का आरक्षण लॉटरी सिस्टम से हो सकता है तय
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि 2027 के चुनावों से यह व्यवस्था लागू की जाती है तो महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का चयन लॉटरी सिस्टम से किया जा सकता है।
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दरअसल कई विपक्षी दल पहले से ही मांग कर रहे थे कि महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाए। उनका कहना था कि यदि इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया गया तो इसे लागू होने में कई साल लग सकते हैं।
पहले भी उठी थी जल्द लागू करने की मांग
Indian National Congress समेत कई विपक्षी दलों के अलावा Dravida Munnetra Kazhagam और All India Trinamool Congress ने भी मांग की थी कि महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू किया जाए।
गौरतलब है कि यह कानून सितंबर 2023 में संसद से पारित हुआ था और इसके तहत संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।



