न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक जगत में उस समय हलचल मच गई, जब ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य Swami Avimukteshwaranand के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले Ashutosh Brahmachari पर चलती ट्रेन में रविवार को हमला कर दिया गया।
इस घटना के बाद एक महिला, जिसने खुद को स्वाति अघोरी बताया है, ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। महिला ने न केवल घटना से जुड़ाव का संकेत दिया, बल्कि पुलिस को चुनौती देते हुए गिरफ्तारी की बात भी लिखी।
कौन हैं स्वाति अघोरी
सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार Swati Aghori उत्तराखंड के गंगोत्री क्षेत्र की रहने वाली बताई जाती हैं। वह खुद को सनातन धर्म की अघोरी परंपरा से जुड़ी साध्वी और वक्ता बताती हैं।
स्वाति सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और उनके फेसबुक पर 10 हजार से अधिक फॉलोअर्स बताए जाते हैं। अपने प्रोफाइल में वह वेद, पुराण और उपनिषदों की ज्ञाता होने का दावा करती हैं।
उनके प्रोफाइल के अनुसार वह ‘काल भैरव युवा वाहिनी’ नामक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बताई जाती हैं और असम के प्रसिद्ध Kamakhya Temple से भी जुड़ाव होने का दावा करती हैं।
शंकराचार्य से क्या है संबंध
स्वाति अघोरी खुद को Swami Avimukteshwaranand की शिष्या बताती हैं। उनके सोशल मीडिया पेज पर भी शंकराचार्य के गुरु Swami Swaroopanand Saraswati की तस्वीर लगी हुई है।
बताया जाता है कि वह शंकराचार्य से जुड़े कई धार्मिक अभियानों और आंदोलनों में समर्थन देती रही हैं। हाल ही में जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की, तो स्वाति ने इसे सनातन धर्म के खिलाफ कदम बताया था।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद
आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले के बाद स्वाति अघोरी की फेसबुक पोस्ट ने मामले को और चर्चा में ला दिया।उन्होंने अपनी पोस्ट में आशुतोष को ‘भगोड़ा’ बताया और संकेत दिया कि यह हमला उनके समर्थकों की ओर से किया गया हो सकता है।
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बाद में एक और पोस्ट में उन्होंने एक पुलिसकर्मी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि अब शायद उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी हो रही है। उन्होंने यह भी लिखा कि वह धर्म के लिए गिरफ्तारी से भी नहीं डरतीं।
पुलिस कर रही जांच
फिलहाल पुलिस स्वाति अघोरी की सोशल मीडिया पोस्ट और उनके दावों की जांच कर रही है। अभी तक इस मामले में कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय उनकी लोकेशन क्या थी और क्या उनके संगठन का इस हमले से कोई सीधा संबंध है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



