Saturday, March 28, 2026

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आसन की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों पर सख्त कार्रवाई, वोटिंग के बाद…किन-किन पर गिरी गाज?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में दूसरे दिन भी भारी हंगामा देखने को मिला। मंगलवार (3 फरवरी) को नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे के संस्मरण का जिक्र किए जाने पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन का माहौल गर्म हो गया।

हंगामे के बीच कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा आसन की ओर कागज उछाले जाने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद संसद में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सांसदों पर कार्रवाई की गई। संसदीय कार्य मंत्री की ओर से पेश प्रस्ताव के बाद इन सांसदों को मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

इन सांसदों पर गिरी कार्रवाई

आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने और सदन में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में जिन सांसदों को निलंबित किया गया है, उनमें मणिक्कम टैगोर, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पडोले, हिबी ईडन, डीन कुरिया कोस, एस. वेंकटेशन, गुरजीत सिंह औजला और अमरेंद्र सिंह राजा वारिंग शामिल हैं। कुल आठ विपक्षी सांसदों को सस्पेंड किया गया है।

नियम 374(2) के तहत हुआ निलंबन

हंगामे के चलते पहले सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित की गई थी। बाद में कार्यवाही शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन सांसदों के निलंबन से जुड़ा प्रस्ताव सदन में रखा। प्रस्ताव में कहा गया कि इन सदस्यों ने आसन की अवमानना की और लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास जाकर कागज उछालकर सदन की मर्यादा को नुकसान पहुंचाया। सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

राहुल-प्रियंका समेत विपक्ष का प्रदर्शन

निलंबन की घोषणा के बाद पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आठों सांसदों के नाम पढ़कर कार्रवाई की जानकारी दी और सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान 8 सांसदों के निलंबन और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में नारेबाजी की गई।

क्यों हुआ था हंगामा

दरअसल, विपक्षी सांसद राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने से नाराज थे। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख को सदन के पटल पर रखते हुए चीन के साथ सीमा विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

यह भी पढ़े:- पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए? सीएम योगी का स्पष्ट संदेश: जो जिस भाषा में समझे उसी…

उन्होंने इसे राष्ट्रपति के अभिभाषण से जुड़ा अहम विषय बताया, लेकिन आसन से उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद विपक्ष ने विरोध तेज कर दिया।

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