लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी है। बुधवार को 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले के बाद योगी सरकार ने गुरुवार को चार आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। लंबे समय से प्रतीक्षारत चल रहे कुमार प्रशांत को अब राज्य सूचना आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है।
कुमार प्रशांत का तबादला पहले निदेशक समाज कल्याण से सचिव गृह पद पर किया गया था, लेकिन उन्होंने उस पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। इसके बाद उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया गया था। अब सरकार ने उन्हें नई तैनाती देते हुए राज्य सूचना आयोग का सचिव बनाया है।
गौरतलब है कि कुमार प्रशांत के समाज कल्याण निदेशक रहते हुए अभ्युदय कोचिंग योजना में कोर्स कोऑर्डिनेटर पदों की भर्ती में गड़बड़ी सामने आई थी, जिसे लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी।
अन्य IAS अधिकारियों के तबादले
तबादला आदेश के तहत राजेश कुमार द्वितीय को महानिदेशक पर्यटन से हटाकर उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया है। वहीं डॉ. वेदपति मिश्रा, जो अब तक राज्य सूचना आयोग में सचिव थे, उन्हें महानिदेशक पर्यटन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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इसके अलावा प्रांजल यादव से सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। हालांकि वे सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और निर्यात प्रोत्साहन विभाग के पद पर बने रहेंगे।
एक दिन पहले 20 IPS अधिकारियों के हुए थे तबादले
इससे पहले बुधवार को यूपी पुलिस में प्रोन्नति के बाद 20 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई थी। इस सूची में एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी शामिल थे। दो वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त कार्यभार हटाया गया, जबकि कई अफसरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
प्रतीक्षारत चल रहीं किरण एस. को लखनऊ रेंज का नया आईजी नियुक्त किया गया। हाल ही में उनका डीआईजी से आईजी पद पर प्रमोशन हुआ था। वहीं आईजी मानवाधिकार अपर्णा कुमार को लखनऊ कमिश्नरेट का संयुक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया है।
एडीजी प्रयागराज डॉ. संजीव गुप्ता को एडीजी पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जालौन पीटीएस के एडीजी ज्योति नारायण को प्रयागराज जोन का नया एडीजी बनाया गया। इसके साथ ही मानवाधिकार और लॉजिस्टिक्स विभागों में भी आपसी अदला-बदली की गई है।
सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को आगामी चुनौतियों और कानून-व्यवस्था की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।



