न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इंडिगो एयरलाइंस ने हाल ही में देशभर में बड़े पैमाने पर हुई फ्लाइट कैंसिलेशन और ऑपरेशनल गड़बड़ियों पर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी शो-कॉज नोटिस का विस्तृत जवाब भेज दिया है। नियामक संस्था के अनुसार, एयरलाइन की ओर से CEO और COO द्वारा हस्ताक्षरित जवाब 8 दिसंबर 2025 को शाम 6:01 बजे जमा किया गया। बीते दिनों देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद DGCA ने तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। अब DGCA इंडिगो के उत्तर की विस्तृत जांच कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
इंडिगो ने क्या कहा?
एयरलाइन ने अपने जवाब में यात्रियों से खेद प्रकट करते हुए कहा है कि यह पूरा संकट कई अलग-अलग वजहों के एक साथ अप्रत्याशित रूप से उभरने के कारण हुआ। कंपनी का कहना है कि फिलहाल इस अव्यवस्था का “सटीक मूल कारण निर्धारित करना संभव नहीं है” और परिचालन की जटिलता को देखते हुए उन्हें अधिक समय दिया जाना चाहिए। इंडिगो ने कहा कि DGCA नियमों के अनुसार कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय मिलता है, इसलिए “मूल कारण विश्लेषण” पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है। एयरलाइन का कहना है कि विश्लेषण पूरा होते ही उसे नियामक के साथ साझा किया जाएगा।
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गौरतलब है कि DGCA ने 6 दिसंबर को नोटिस जारी कर 7 दिसंबर तक जवाब मांगा था। इंडिगो की मांग पर समय सीमा बढ़ाई गई और फिर 8 दिसंबर को एयरलाइन ने अपना जवाब सौंप दिया।
एयरलाइन ने किन कारणों का उल्लेख किया?
प्रारंभिक जांच में इंडिगो ने पांच मुख्य वजहें गिनाई हैं—छोटी-छोटी तकनीकी खामियां, विंटर शेड्यूल के चलते समयसारिणी में बदलाव, खराब मौसम, एयर ट्रैफिक में अचानक बढ़ोतरी, नए क्रू रोस्टर नियम FDTL Phase II लागू होने की चुनौतियां |
एयरलाइन ने बताया कि FDTL Phase II के प्रावधानों को लेकर वह पहले से ही DGCA के साथ चर्चा कर रही थी और इन नियमों में कुछ राहत की मांग भी की थी। इन सभी कारणों के संयुक्त प्रभाव से दिसंबर की शुरुआत में नेटवर्क की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस प्रभावित हुई, जिसके चलते क्रू की उपलब्धता भी कम हुई और कैंसिलेशन लगातार बढ़ते गए।
स्थिति संभालने के लिए उठाए गए कदम
इंडिगो ने बताया कि 5 दिसंबर को “नेटवर्क रीबूट” जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा, जिसमें कई उड़ानों को रद्द किया गया ताकि एयरपोर्ट्स पर दबाव कम किया जा सके, फंसे यात्रियों को राहत दी जा सके और क्रू व एयरक्राफ्ट की पुन: तैनाती सही ढंग से हो सके। कंपनी का दावा है कि 6 दिसंबर से परिचालन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा।
साथ ही एयरलाइन का कहना है कि यात्रियों को समय-समय पर जानकारी, भोजन-पानी, होटल आवास और स्थानीय परिवहन जैसी सुविधाएं DGCA के नियमों के अनुरूप उपलब्ध कराई गईं। अधिकांश यात्रियों के रिफंड भी प्रोसेस किए जा चुके हैं।
फिलहाल DGCA इंडिगो के विस्तृत जवाब की समीक्षा कर रहा है और आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नियामक आगे क्या कदम उठाता है।



