शीतकालीन सत्र LIVE: SIR मुद्दे पर संसद के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन आज, अंदर भी हंगामे के आसार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। पहले दिन लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ और कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। विपक्ष और सत्ता पक्ष के आमने-सामने होने के कारण मंगलवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में भारी शोर-शराबे की आशंका है। सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा।

संसद के बाहर विपक्ष करेगा प्रदर्शन

पहले दिन हुए हंगामे के बाद विपक्ष ने आज मंगलवार सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार उनकी चिंताओं और मुद्दों को सुनने को तैयार नहीं है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष का व्यवहार जानबूझकर कार्यवाही बाधित करने वाला है।

आज पेश होगा सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पेश करेंगी। इस बिल का उद्देश्य सेंट्रल एक्साइज एक्ट, 1944 में आवश्यक संशोधन करना माना जा रहा है।

लोकसभा में मणिपुर GST बिल पास

सोमवार को लोकसभा में मणिपुर जीएसटी बिल को मंजूरी मिल गई। इस पर सदन में कम समय के भीतर सहमति बन गई।

गौरव गोगोई का आरोप—”सरकार सिर्फ अपने मुद्दों पर चर्चा चाहती है”

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की आवाज समान रूप से सुनी जानी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि “रूलिंग पार्टी सिर्फ अपने कानूनों और अपने मुद्दों पर चर्चा कराना चाहती है, जबकि विपक्ष की बात को महत्व नहीं दिया जाता।”

वोटर लिस्ट पर संकट—मणिकम टैगोर ने दिया स्थगन प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने देश में मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

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उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रही है और चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया ने हालात को और खराब कर दिया है।

SIR को लेकर संसद में घमासान की तैयारी

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची, जिसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की बुनियाद माना जाता है, आज गड़बड़ियों और सुरक्षा जोखिमों से जूझ रही है।
उनका कहना है कि इन समस्याओं को दूर करने के बजाय चुनाव आयोग ने SIR को “जल्दबाजी, बिना योजना और तानाशाही तरीके” से लागू कर दिया है, जिससे देशभर में भ्रम और अव्यवस्था फैल गई है।

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