न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- एटीएस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है। गुजरात एटीएस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकवादी देश में बड़े पैमाने पर तबाही फैलाने की योजना बना रहे थे।
मुख्य आरोपी डॉ. अहमद मोहिउद्दीन, जो हैदराबाद का रहने वाला है, रिसिन (Ricin) नामक घातक रासायनिक पदार्थ बना रहा था — जो साइनाइड से कई गुना खतरनाक होता है।
गनीमत रही कि एटीएस की समय पर कार्रवाई से उनकी यह योजना फेल हो गई और देश एक बड़े आतंकी हमले से बच गया।
रिसिन: साइलेंट किलर जैसा केमिकल
एटीएस अधिकारियों ने बताया कि मोहिउद्दीन ने चार लीटर अरंडी का तेल (Castor Oil) खरीदा था, जिसका उपयोग रिसिन तैयार करने में किया जाता है।
रिसिन एक अत्यंत जहरीला जैविक रसायन है, जो अगर शरीर में पहुंच जाए तो मिनटों में जान ले सकता है। इसका उपयोग बायो-टेररिज्म (Bioterrorism) में किया जाता है।
डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार, “यदि यह पदार्थ सार्वजनिक स्थल पर फैलाया जाता, तो सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।”
आतंकियों से बरामद हथियार और सामग्री
गुजरात एटीएस ने छापेमारी के दौरान संदिग्धों के पास से कई खतरनाक चीजें बरामद की हैं —
- दो ग्लॉक पिस्तौल
- एक बेरेटा पिस्तौल
- 30 जिंदा कारतूस
- चार लीटर अरंडी का तेल (castor oil)
विदेशी कनेक्शन और टेलीग्राम चैट से खुलासा
जांच में सामने आया है कि डॉ. मोहिउद्दीन ‘अबू खदीजा’ नामक एक टेलीग्राम यूज़र से संपर्क में था, जिसका इस्लामिक स्टेट–खुरासान प्रांत (ISKP) से संबंध माना जा रहा है। वह लगातार विदेशी गुर्गों से संपर्क में था और देश में बड़ा धमाका करने की फिराक में था।
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डीआईजी जोशी ने बताया, “डॉ. मोहिउद्दीन चीन से MBBS की डिग्री लेकर आया था। उसी ने ‘रिसिन’ तैयार करने का काम शुरू किया था ताकि बड़ी तबाही मचाई जा सके।”
बाकी दो आरोपी भी यूपी से
अन्य दो आरोपी आज़ाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल सलीम खान क्रमशः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर और शामली जिले के रहने वाले हैं। दोनों ने धार्मिक शिक्षा प्राप्त की थी और धीरे-धीरे कट्टरपंथी बन गए।
तीनों आतंकियों ने मिलकर लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे शहरों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी (surveillance) की थी। एटीएस के अनुसार, उनकी गतिविधियाँ कश्मीर तक फैली हुई थीं।
ATS की सतर्कता से टली बड़ी तबाही
गुजरात एटीएस का कहना है कि यह कार्रवाई पिछले एक साल की निगरानी का नतीजा है। एजेंसी ने सभी संदिग्धों की डिजिटल ट्रेल, मोबाइल लोकेशन और ऑनलाइन चैट्स की मदद से साजिश का खुलासा किया।
अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद विदेशी आतंकी संगठनों के नेटवर्क की भी जांच तेज कर दी गई है।



