SIR से पहले सपा ने दोहराई पुरानी मांग, जाति-धर्म के आधार पर तैनात BLO और अधिकारियों को बदला जाए

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक बार फिर पुरानी मांग दोहराई है।
सपा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में बूथ लेवल अधिकारी (BLO), एडीएम (इलेक्शन) और ईआरओ की नियुक्तियां जाति और धर्म के आधार पर की गई हैं।

पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर कहा कि जब तक इन अधिकारियों को बदला नहीं जाता, तब तक SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल बने रहेंगे।

सपा ने सौंपी शिकायत, कहा—पक्षपातपूर्ण नियुक्तियां

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों और 1,62,486 पोलिंग स्टेशनों पर तैनात BLO और संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति भाजपा सरकार की मानसिकता वाले लोगों की है।

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सपा का कहना है कि इस तरह की पक्षपातपूर्ण नियुक्तियां मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को प्रभावित करेंगी।

पहले भी उठ चुकी है यह शिकायत

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सपा ने 23 अगस्त 2024 को पत्रांक संख्या 612/2024 (सीसामऊ, कानपुर नगर), 23 सितंबर 2024 को पत्रांक संख्या 694/2024 (कटेहरी, अंबेडकर नगर उपचुनाव), के दौरान भी BLO और मतदान कर्मियों की नियुक्तियों में भेदभाव की शिकायत की थी।  सपा ने आरोप लगाया कि तब चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की और मूकदर्शक बना रहा।

वरिष्ठ नेताओं ने दी चेतावनी

सपा के वरिष्ठ नेता के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र और राधेश्याम सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा —“अगर SIR प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं रही, तो मतदाता सूची की शुद्धता और लोकतंत्र की नींव दोनों प्रभावित होंगी।”

वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि SIR की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो, ताकि किसी भी वर्ग के मतदाता के साथ भेदभाव न हो।

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