प्रयागराज/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बीती रात से जारी मूसलधार बारिश ने शहर को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आधी रात से शुरू हुई भारी बारिश के कारण गंगा किनारे बसे मोहल्लों में बाढ़ की स्थिति बन गई है, वहीं शहर के अन्य हिस्सों में जलभराव से जनजीवन पर भारी असर पड़ा है।
रविवार को करीब पांच घंटे लगातार हुई बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए। साप्ताहिक अवकाश के दिन लोग घरों में कैद होकर रह गए। कई मोहल्लों की गलियां, सड़कें और घर पानी में डूबे रहे।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र:
टैगोर टाउन, अल्लापुर, लीडर रोड, रामबाग, काटजू रोड, राम भवन चौराहा, कालिंदीपुरम, कीडगंज, साकेतनगर, देवघाट, झलवा, मीरापट्टी और जाफरी कॉलोनी समेत दर्जनों मोहल्लों में सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है।
घरों में घुसा पानी:
बाई का बाग, मलाका, शिवनगर कॉलोनी, डड़िया, लिडिल रोड और आनदपुरम के हजारों घरों में पानी घुस चुका है। कई जगहों पर घंटों बाद भी जलनिकासी नहीं हो सकी है।
यातायात और सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित:
- निरंजन डॉट पुल के नीचे पानी भरने से मार्ग पूरी तरह बंद।
- प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर भी घुटनों तक पानी, यात्रियों को भारी दिक्कतें।
- बिजली आपूर्ति कई इलाकों में ठप, लोग मोबाइल चार्ज और जरूरी सेवाओं को लेकर परेशान।
गंगापार में हालात और भयावह:
कांग्रेस पदाधिकारियों ने गंगापार के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उनका कहना है कि अधिकांश घर पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं। मवेशी लापता हैं और लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
छिबइयां गांव के सुरेश चंद्र का ऊंट बाढ़ में बह गया, जबकि अशर्फीलाल की पांच गायें अब भी फंसी हुई हैं।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट:
मौसम विभाग ने प्रयागराज समेत 10 जिलों – प्रतापगढ़, कौशांबी, मिर्जापुर, फतेहपुर, रायबरेली, जौनपुर, अमेठी, सुलतानपुर और उन्नाव में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई है। साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राहत और बचाव कार्य जारी हैं।



