लखनऊ (न्यूज़ डेस्क) /सर्वोदय न्यूज़:-उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में पुलिस ने एक फर्जी सैन्य भर्ती केंद्र का पर्दाफाश किया है, जो ‘भारतीय पुलिस प्रोटेक्शन फोर्स (BPPF)’ के नाम से संचालित हो रहा था। इस हाई-प्रोफाइल ठगी का मास्टरमाइंड अरविंद पांडे और उसकी सहयोगी सुमित्रा सेनापति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
सेना में भर्ती का झांसा देकर 2–3 लाख की वसूली
यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती का सपना दिखाकर उनसे 2 से 3 लाख रुपए तक की वसूली करता था। बदले में फर्जी ट्रेनिंग कैंप चलाकर उन्हें नकली ड्रेस, फर्जी ID और दस्तावेज़ थमाए जाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक 400 से अधिक युवाओं को अपना शिकार बनाया है। युवाओं को न केवल मानसिक और आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि उनके सपनों और आत्मविश्वास को भी गहरी ठेस पहुंची है।
CM योगी की तस्वीर से की छेड़छाड़, खुद को बताया सुपर बॉस

सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब अरविंद पांडे की एक एडिट की गई फोटो सामने आई, जिसमें वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी पर बैठा हुआ दिखाया गया है। दोनों ओर यूपी के मुख्य सचिव, DGP और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठे हैं।
जबकि हकीकत यह है कि वास्तविक तस्वीर में उसी कुर्सी पर CM योगी आदित्यनाथ बैठे थे। फोटोशॉप का इस्तेमाल कर अरविंद पांडे ने यह भ्रम फैलाने की कोशिश की कि वह उत्तर प्रदेश का कोई बड़ा अधिकारी है।
मैनपुरी पुलिस ने गंभीर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज कर लिया है। शुरुआती पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
एसपी मैनपुरी के अनुसार: “यह केवल ठगी नहीं, युवाओं की उम्मीदों से किया गया विश्वासघात है। दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”



