न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद जहां विपक्षी दलों और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, वहीं अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व नेता और नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की सांसद सायोनी घोष के बयान ने राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा दिया है।
सायोनी घोष ने कांग्रेस और टीएमसी के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस और ममता बनर्जी की टीएमसी साथ आती हैं, तो इससे दोनों दलों की राजनीतिक साझेदारी को लेकर एक मजबूत संदेश जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा रखी है। ऐसे में नंदीग्राम उपचुनाव में पार्टी की पहचान और गठबंधन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC गठबंधन की उम्मीद
पत्रकारों से बातचीत में सायोनी घोष ने कहा कि वह चाहेंगी कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और ममता बनर्जी की टीएमसी एक साथ आएं। उनके मुताबिक, दोनों दलों की एकजुटता से जनता के बीच राजनीतिक गठबंधन को लेकर स्पष्ट संदेश जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और टीएमसी के बीच अगर मजबूत साझेदारी बनती है, तो यह सिर्फ औपचारिक गठबंधन नहीं बल्कि वास्तविक राजनीतिक सहयोग के तौर पर देखा जाएगा।
मिलन प्रधान की उम्मीदवारी और कानूनी मामलों पर भी बोलीं
नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट से कांग्रेस द्वारा मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाए जाने और उनके खिलाफ लंबित मामलों से जुड़े सवाल पर भी सायोनी घोष ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से जुड़े कानूनी मामले सामने आना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग और अदालत जैसे संस्थानों का रुख करने का अधिकार है।
सायोनी घोष के मुताबिक, कांग्रेस, टीएमसी या बीजेपी—हर राजनीतिक दल को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता है।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद गरमाई राजनीति
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद इस सीट का चुनाव राजनीतिक विवाद का प्रमुख मुद्दा बन गया है।
बताया गया कि ममता बनर्जी गुट की ओर से मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा के कुछ समय बाद उन्हें एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कांग्रेस ने गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए और चुनाव में मजबूती से उतरने की बात कही।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए गिरफ्तारी पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस डरने या पीछे हटने वाली नहीं है।
खरगे ने भी गिरफ्तारी पर बीजेपी को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवार को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है।
खरगे ने कहा कि कांग्रेस को दबाया या चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की एकजुटता का भी जिक्र किया।
ममता बनर्जी ने भी गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही समय बाद गिरफ्तारी हुई।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुराने मामलों को चुनाव के दौरान सामने लाना बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि मामला पुराना था तो कार्रवाई इसी समय क्यों की गई।
टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर भी विवाद
नंदीग्राम उपचुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि में टीएमसी के भीतर चल रहा विवाद भी अहम है। चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश के तहत टीएमसी के दोनों गुटों को पार्टी के मूल नाम और ‘फूल और घास’ वाले चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया है।
वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से अपने उम्मीदवार संचित प्रधान डे को चुनावी मैदान से वापस लेने का फैसला किया था।
नंदीग्राम में इन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
नंदीग्राम विधानसभा सीट 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुई थी। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़कर भवानीपुर सीट को बरकरार रखा था। नंदीग्राम लंबे समय से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है।
इस उपचुनाव में फिलहाल प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं:
- बीजेपी: हसीरानी रथ
- कांग्रेस: मिलन प्रधान
- CPI: शांति गोपाल गिरी
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के अलावा असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इन चुनावों के नतीजों की मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
नंदीग्राम उपचुनाव बना कई राजनीतिक मुद्दों का केंद्र
नंदीग्राम में होने वाला उपचुनाव अब सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है। यहां टीएमसी की पार्टी पहचान और चुनाव चिह्न से लेकर कांग्रेस-TMC के संभावित तालमेल, विपक्षी एकता और मिलन प्रधान की गिरफ्तारी जैसे कई मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं।
6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले नंदीग्राम में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि चुनावी मैदान में कौन-सा दल किस रणनीति के साथ उतरता है और मतदाताओं का रुख क्या रहता है।


