नई दिल्ली /सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दाराजाली दुस्तलिक’ से सम्मानित किया गया है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने रविवार को एक समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।
सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने इसे बेहद विनम्रता के साथ स्वीकार करते हुए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और साझा विरासत को समर्पित किया। उन्होंने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के नेतृत्व और भारत के प्रति उनकी मित्रता की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और अब इन्हें व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक ले जाया गया है।
‘सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है’
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी पुरस्कार से गौरव और सम्मान की अनुभूति होती है, लेकिन उसके साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
उन्होंने उज्बेकिस्तान की धरती से वहां के लोगों को भरोसा दिलाया कि भारत अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेगा और दोनों देशों की दोस्ती को मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री ने भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों को सदियों पुरानी दोस्ती और साझा सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को आने वाले समय में और व्यापक बनाया जाएगा।
ताशकंद में आर्थिक सहयोग पर बनी रणनीति
राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की योजनाओं पर चर्चा की।
उन्होंने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की उस पहल की तारीफ की, जिसमें द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं की पहचान के साथ उनकी समयसीमा भी तय की गई है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर इन परियोजनाओं पर जल्द आगे बढ़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछली रात डिनर के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक बातचीत हुई। इन विषयों पर दोनों देशों की टीमें भी सहमत हैं।
विदेश मंत्री स्तर पर बनेगी समन्वय परिषद
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद गठित करने की बात कही गई है।
इसके साथ ही दोनों देशों के संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर तक ले जाने पर भी सहमति बनी है। दोनों देशों के कारोबारी नेताओं को एक मंच पर लाने के लिए संयुक्त रूप से बिजनेस समिट आयोजित करने की योजना भी सामने आई है।
यूरेनियम सप्लाई को लेकर भी अहम चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था बनाने पर भी काम किया जाएगा।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट व्यवस्थाएं स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के ‘न्यू ताशकंद’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए गुजरात की GIFT City का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान से एक प्रतिनिधिमंडल को भारत आमंत्रित किया जा सकता है, ताकि वह तकनीक के इस्तेमाल और आधुनिक शहरी विकास का अनुभव हासिल कर सके।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने की भारत की जमकर तारीफ
बैठक के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक विकास की मजबूत गति बनाए रखते हुए बड़े स्तर की परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने डिजिटलीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को उल्लेखनीय बताया।
मिर्जियोयेव ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की आवाज और प्रभाव लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान भारत का करीबी मित्र है और भारत की उपलब्धियों को देखकर वह बेहद प्रसन्न हैं।


