अयोध्या / सर्वोदय न्यूज़:- पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम और पुलिसकर्मियों में पशु कल्याण को लेकर संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार, 23 अगस्त 2026 को पुलिस लाइन अयोध्या में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Voice4Change टीम के सहयोग से किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न थानों से करीब 100 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।
यह कार्यक्रम Voice4Change टीम की ओर से पुलिस उप महानिरीक्षक, अयोध्या परिक्षेत्र को दिए गए आवेदन के बाद उनके निर्देश पर आयोजित किया गया। DIG के निर्देशों के अनुपालन में रिजर्व पुलिस लाइन कार्यालय के प्रतिसार निरीक्षक सुनील कुमार ने कार्यक्रम की व्यवस्था कराई।
पशु क्रूरता के मामलों में संवेदनशीलता पर जोर
कार्यक्रम का संचालन ‘खाकी वाले गुरुजी’ के नाम से चर्चित उपनिरीक्षक रणजीत यादव ने किया। उन्होंने पशु संरक्षण और पशु क्रूरता की रोकथाम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी पुलिसकर्मियों को दी।
उन्होंने कहा कि पशु क्रूरता को केवल पशुओं के साथ मारपीट तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। पशुओं को अनावश्यक पीड़ा देना, इलाज से वंचित रखना या अमानवीय परिस्थितियों में रखना भी गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और समय पर कानूनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है।
Voice4Change टीम ने साझा किए जमीनी अनुभव
कार्यक्रम में Voice4Change टीम के सदस्यों ने पशु कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और जमीनी अनुभवों को पुलिसकर्मियों के साथ साझा किया।
प्रज्ञा गुप्ता ने कहा कि जमीनी स्तर पर पशु क्रूरता से जुड़े कई मामले सामने आते हैं, लेकिन जागरूकता और उचित समन्वय की कमी के कारण कई शिकायतें कार्रवाई तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने कहा कि पुलिस की संवेदनशील और त्वरित भूमिका ऐसे मामलों के समाधान में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पशु चिकित्सक डॉ. आशीष पांडेय ने पशु क्रूरता के मामलों में चिकित्सकीय परीक्षण और मेडिकल दस्तावेज तैयार करने के महत्व की जानकारी दी।
वहीं, शिक्षिका डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने कहा कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में शिक्षा और जागरूकता की अहम भूमिका है। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में पशु कल्याण से जुड़े विषयों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई।
यशवंत गौतम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पशु संबंधी मामलों में पुलिस, पशु चिकित्सकों और स्थानीय पशु कल्याण कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर और त्वरित समन्वय होने से मामलों का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। कार्यक्रम में टीम की सरिता मौर्य, अंकिता मौर्य और वीर आजाद भी मौजूद रहे।
पुलिसकर्मियों के साथ हुई व्यावहारिक चर्चा
कार्यक्रम के दौरान पशु क्रूरता से जुड़े वास्तविक मामलों और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। पुलिसकर्मियों से संवाद के जरिए यह समझने का प्रयास किया गया कि पशुओं से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और पुलिस तथा पशु कल्याण कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल किस तरह बनाया जा सकता है।
पुलिस लाइन में लगाए गए 9 बड़े जल पात्र
कार्यक्रम को केवल जागरूकता और चर्चा तक सीमित नहीं रखा गया। Voice4Change टीम के सहयोग से पुलिस लाइन परिसर में पशु-पक्षियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर 9 बड़े जल पात्र रखवाए गए।
इस पहल का उद्देश्य परिसर में रहने वाले और आसपास आने-जाने वाले पशु-पक्षियों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। आयोजकों ने कहा कि पशु कल्याण केवल कानून और जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास मौजूद पशुओं की मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
Voice4Change टीम ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी पशु-पक्षियों के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था करें।
पुलिसकर्मियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में उपनिरीक्षक सिराज अहमद, उपनिरीक्षक राधेश्याम यादव, ओपी राधेश्याम यादव, हेड कांस्टेबल जीतेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल उमाशंकर यादव, आशा देवी, दीपिका मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में संवेदनशील बनाने, कानून की बुनियादी जानकारी देने और व्यावहारिक कार्रवाई के प्रति जागरूक करने के साथ पुलिस, पशु चिकित्सकों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।


