न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश का शिक्षा तंत्र गंभीर संकट से गुजर रहा है और छात्रों की आवाज़ को हर सरकार को गंभीरता से सुनना चाहिए। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी आंदोलन का समर्थन करते हुए छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कह चुके हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर रहे हैं।
हमारा एजुकेशन सिस्टम बर्बाद है।
हर सरकार को स्टूडेंट्स की बात सुननी चाहिए और एजुकेशन सिस्टम को बदलने के लिए एक्शन लेना चाहिए।
चाहे वो कांग्रेस की सरकार हो, केंद्र सरकार हो या झारखंड की सरकार हो।
: Gen-Z के सवाल पर नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/wXkuFBgy5J
— Congress (@INCIndia) August 6, 2026
उन्होंने कहा, “हमारा एजुकेशन सिस्टम ढह गया है। यह बहुत महंगा हो गया है और छात्रों पर दबाव डालने वाला है। चाहे कांग्रेस की सरकार हो, राष्ट्रीय स्तर की सरकार हो या झारखंड की सरकार, हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।”
खरगे बोले- छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए लड़ेंगे
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी झारखंड में चल रहे आंदोलन पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवाज़ उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि चाहे किसी भी राज्य की सरकार हो, छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ है। झारखंड हो, पंजाब हो, दिल्ली हो, कहीं भी हो, हम सब, राहुल गाँधी जी और पूरी कांग्रेस पार्टी हमारे विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं।
चाहे हमारा alliance partner हो, या चाहे हमारा opposition हो, हम विद्यार्थियों व युवकों के साथ हैं। उनकी समस्या… pic.twitter.com/Eti4ujVNpQ
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 6, 2026
25 जुलाई से जारी है आंदोलन
झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन की शुरुआत 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों से हुई थी, लेकिन बाद में JSSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हो गए।
छात्रों की प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक, परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
- 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द की जाए।
- मामले की जांच CBI या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की समिति से कराई जाए।
- JPSC और JSSC में संस्थागत सुधार किए जाएं।
- भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
- कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बाबूलाल मरांडी ने लगाए गंभीर आरोप
आंदोलन के बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि JPSC परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत का एक “रेट चार्ट” चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के लिए अलग-अलग रकम वसूली जाती है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राज्य सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियों ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी पूछताछ की जा चुकी है। विवाद के बीच JPSC मुख्य परीक्षा को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।



