न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। ट्रस्ट के नेतृत्व में हुए परिवर्तन के बाद अब VIP और सुगम दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन करीब 1,500 VIP और सुगम दर्शन पास जारी किए जा सकते हैं, लेकिन वर्तमान में 10 प्रतिशत से भी कम पास जारी हो पा रहे हैं।
दान चोरी के बाद बदली व्यवस्थाएं
दान चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय के पद छोड़ने के बाद कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही दान की गणना और निगरानी की प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। हालांकि, दर्शन पास व्यवस्था अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है।
VIP और सुगम दर्शन पास में आ रही परेशानी
मंदिर परिसर में VIP और सुगम दर्शन पास के लिए श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग पास बनवाने के लिए सुग्रीव किला तीर्थ यात्री सेवा केंद्र और रामकोट स्थित ट्रस्ट कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर पास नहीं मिल पा रहा है।
किन लोगों को तत्काल मिलता है पास?
- 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रद्धालु और उनके एक सहयोगी को काउंटर से तत्काल पास मिलता है।
- गोद में छोटे बच्चे के साथ आने वाले माता-पिता के लिए भी तत्काल पास की सुविधा जारी है।
- सामान्य श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पास व्यवस्था पहले की तरह संचालित हो रही है।
ऑनलाइन पास के नियम
ऑनलाइन दर्शन पास दर्शन की निर्धारित तिथि से 15 दिन पहले उपलब्ध कराया जाता है। सुगम दर्शन पास के लिए श्रद्धालुओं को स्वयं अपने मोबाइल से आवेदन करना होता है, जिसमें फोटो और सभी यात्रियों की पहचान संबंधी जानकारी अपलोड करनी होती है।
- VIP और विशिष्ट दर्शन पास में एक आवेदन पर अधिकतम 8 श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जा सकता है।
- सामान्य दर्शन पास में अधिकतम 6 श्रद्धालुओं को शामिल किया जा सकता है।
- एक बार पास बनने के बाद अगले 72 घंटे तक उसी व्यक्ति के नाम से नया सामान्य दर्शन पास जारी नहीं किया जाता।
पुराने रेफरेंस सिस्टम के बंद होने से बढ़ी समस्या
पहले VIP पास मुख्य रूप से ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के रेफरेंस पर जारी किए जाते थे। स्थानीय व्यापारी, अधिकारी और अन्य लोग भी इन्हीं माध्यमों से पास बनवाते थे। लेकिन संबंधित पदाधिकारियों की आईडी निष्क्रिय होने के बाद यह व्यवस्था लगभग ठप हो गई है।
नए ट्रस्टियों की आईडी अभी नहीं बनी
पास व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, पूर्व पदाधिकारियों की आईडी बंद होने के बाद अभी तक किसी नए ट्रस्टी या अंतरिम महासचिव की अधिकृत आईडी सिस्टम में सक्रिय नहीं की गई है। नए आदेश जारी होने के बाद ही सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
फिलहाल सीमित स्तर पर पास अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, अन्य ट्रस्टियों, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधियों तथा अधिकृत CRPF और SSF अधिकारियों की अनुशंसा के आधार पर ही जारी किए जा रहे हैं।



