Saturday, July 25, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, क्या खत्म होगा जंतर-मंतर का आंदोलन? CJP ने बताई आगे की रणनीति

नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़: पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लंबे समय से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा।

वांगचुक ने 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले आमरण अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया।

सरकार के आश्वासन के बाद लिया फैसला

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मिले थे और अनशन समाप्त करने की अपील की थी। दोनों मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।

इसके बाद वांगचुक ने दोनों मंत्रियों को खुले पत्र के माध्यम से कहा था कि यदि सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का भरोसा देती है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने को तैयार हैं।

CJP ने क्या कहा?

अनशन समाप्त होने के बाद CJP ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण को लेकर शुक्रवार को चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि सरकार न्यूट्रल स्थान पर वार्ता के लिए तैयार हो गई है और इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है।

हालांकि CJP ने स्पष्ट किया कि अनशन समाप्त होने का मतलब आंदोलन खत्म होना नहीं है। संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे भी रणनीति बनाएगा।

पेपर लीक पर सरकार लाएगी नया कानून

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि सरकार पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा का प्रावधान करने वाला नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और विधेयक को संसद के मौजूदा मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।

धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग बरकरार

प्रधानमंत्री की घोषणा के बावजूद CJP ने अपनी प्रमुख मांग दोहराई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ सबसे बड़ा कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना होगा। उनका कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, आंदोलन की मूल मांग पूरी नहीं मानी जाएगी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,388FansLike
133FollowersFollow
621SubscribersSubscribe
- Advertisement -[cricket_score]

Latest Articles