राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय राउत ने ट्रस्ट से पूछा- 4 किलो चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये दिए थे कहां गई?

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। चढ़ावा चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से शिवसेना द्वारा दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं, सिंधी समाज ने भी वर्ष 2021 में दान की गई 200 किलो चांदी की ईंटों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है।

संजय राउत ने उठाए सवाल

संजय राउत ने सोशल मीडिया पर कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में एक करोड़ रुपये और चार किलो की चांदी की पवित्र ईंट ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उनका आरोप है कि कई वर्ष बीत जाने के बावजूद ट्रस्ट की ओर से न तो दान की कोई रसीद जारी की गई और न ही चांदी की ईंट के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी दी गई।

उन्होंने सवाल किया कि दान में दी गई चांदी की ईंट कहां है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

सिंधी समाज ने भी मांगा जवाब

विश्व सिंधी सेवा संगम ने भी ट्रस्ट से 200 किलो चांदी की ईंटों का ब्यौरा मांगा है। संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी के अनुसार, 26 जनवरी 2021 को देश-विदेश के सिंधी समाज के सहयोग से 200 चांदी की ईंटें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी गई थीं। इन ईंटों पर भगवान झूलेलाल की आकृति अंकित थी और समारोह में 12 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।

‘आज तक नहीं मिली रसीद’

डॉ. मनवानी का कहना है कि ट्रस्ट ने उस समय चांदी की शुद्धता की जांच के बाद रसीद देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक न तो कोई रसीद मिली और न ही दान की गई ईंटों के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा की गई। उन्होंने कहा कि हालिया विवाद के बाद सिंधी समाज की चिंता और बढ़ गई है तथा जल्द ही समाज का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा।

चढ़ावा मामले में 8 लोगों पर एफआईआर

दूसरी ओर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पूरे मामले की जांच कर रहा है। सरकार ने कहा है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, शिवसेना और सिंधी समाज द्वारा उठाए गए सवालों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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