न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- नीट (NEET) पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। हालांकि इस व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद उनकी वापसी के लिए कोई विशेष ट्रेन उपलब्ध नहीं कराई गई है।
रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार स्पेशल ट्रेन शनिवार को इंदौर से रवाना होकर विभिन्न स्टेशनों से गुजरते हुए भोपाल पहुंची। इस ट्रेन का ठहराव फतेहाबाद, बड़नगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर और संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर रखा गया था।
परीक्षा के बाद लौटने की परेशानी
स्पेशल ट्रेन के जरिए परीक्षार्थी परीक्षा से एक दिन पहले भोपाल पहुंच सकते हैं, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद घर लौटने के लिए उन्हें सामान्य ट्रेनों, बसों या निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। इस वजह से छात्रों और अभिभावकों के सामने अतिरिक्त परेशानी खड़ी हो गई है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने और परीक्षार्थियों को राहत देने के उद्देश्य से यह ट्रेन चलाई गई है। हालांकि वापसी की कोई अलग व्यवस्था नहीं होने से इसकी उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्पेशल ट्रेन का किराया भी बना चिंता का कारण
अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के लिए एक अन्य बड़ी चिंता ट्रेन का किराया है। इंदौर-भोपाल स्पेशल ट्रेन में स्लीपर श्रेणी का किराया 350 रुपये निर्धारित किया गया है, जो इस रूट की सामान्य ट्रेनों की तुलना में काफी अधिक है।
जहां अन्य नियमित ट्रेनों में स्लीपर टिकट का किराया लगभग 150 से 180 रुपये के बीच है, वहीं स्पेशल ट्रेन में यात्रियों को लगभग दोगुनी राशि चुकानी पड़ रही है। खास बात यह है कि बीच के स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी समान किराया देना होगा।
कई क्षेत्रों के छात्रों को नहीं मिला सीधा लाभ
रेलवे की यह विशेष सेवा प्रदेश के सभी अभ्यर्थियों तक नहीं पहुंच पा रही है। नीमच, मंदसौर, जावरा, पिपलिया मंडी और मल्हारगढ़ जैसे क्षेत्रों के छात्रों के लिए कोई सीधी स्पेशल ट्रेन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्रों के उम्मीदवारों को अन्य परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध कोचों और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए ही यह ट्रेन संचालित की गई है।
री-एग्जाम में कम हुई परीक्षार्थियों की संख्या
इस बार आयोजित हो रही नीट पुनर्परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या भी पहले की तुलना में कम दर्ज की गई है। भोपाल में पहली परीक्षा के दौरान जहां 14 हजार से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे, वहीं पुनर्परीक्षा में यह संख्या घट गई है। परीक्षा केंद्रों की संख्या में भी मामूली कमी दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और कथित पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा प्रक्रिया को लेकर देशभर में चर्चा रही थी। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है और इसी क्रम में कुछ अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है।



