अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- राम मंदिर में चढ़ावे और आभूषणों में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी पड़ताल को निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। जांच के पांचवें दिन अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को नौ पेन ड्राइव में सुरक्षित संकलित किया है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शनिवार शाम तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है।
जानकारी के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने पिछले पांच दिनों में लगातार कई घंटों तक संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की। इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए आभूषणों के कथित रूप से गायब होने के आरोपों से जुड़े लोगों से भी विस्तार से जानकारी ली गई। अधिकारियों ने कई नए नामों को भी जांच के दायरे में शामिल किया है।
नौ कर्मचारियों से पूछताछ, दो लोगों पर विशेष फोकस
चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े नौ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ के दौरान दो व्यक्तियों के नाम बार-बार सामने आए हैं। इनमें एक गणना प्रभारी भी शामिल बताया जा रहा है। एसआईटी इन दोनों की भूमिका की गहन जांच कर रही है और उनके कार्यों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को पुलिस कंट्रोल रूम से अलग करने में कुछ व्यक्तियों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके अलावा, गणना स्थल पर आने-जाने वाले बैंक कर्मियों को सुरक्षा जांच से छूट देने के मामलों की भी जांच की जा रही है।
ट्रस्टियों की चुप्पी पर उठे सवाल
एसआईटी की जांच के दौरान एक बड़ा सवाल यह भी बना हुआ है कि मंदिर से जुड़े विवादों पर ट्रस्टियों की ओर से अब तक स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी गई। अधिकारियों ने इस संबंध में मौखिक और लिखित दोनों माध्यमों से जवाब मांगे, लेकिन अब तक संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिल पाया है।
संगठित साजिश या अवसर का फायदा?
जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी गौर कर रही हैं कि क्या कथित अनियमितताएं किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थीं या फिर कुछ लोगों ने अवसर का लाभ उठाकर घटनाओं को अंजाम दिया। जांच के दौरान राम मंदिर से जुड़े कुछ सेवादारों और गणना कर्मियों के बयानों के आधार पर अधिकारियों ने कई अहम बिंदुओं को चिन्हित किया है।
फिलहाल एसआईटी की टीम सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित जिम्मेदारियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।



