न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संभावित संख्या बल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों में टूट और नए समर्थन की अटकलों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या एनडीए पहली बार लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकता है। हालांकि, फिलहाल ऐसी कई चर्चाएं राजनीतिक दावों और संभावनाओं पर आधारित हैं। आधिकारिक तौर पर लोकसभा में किसी बड़े बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है।
लोकसभा की कुल 543 सीटों के आधार पर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा लगभग 362 सीटों के आसपास माना जाता है। किसी संवैधानिक संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए यह संख्या बेहद अहम होती है।
2024 चुनाव में NDA का प्रदर्शन
2024 के लोकसभा चुनाव में National Democratic Alliance को कुल 293 सीटें मिली थीं। इनमें सबसे बड़ी पार्टी Bharatiya Janata Party रही, जिसने 240 सीटें जीती थीं।
एनडीए के प्रमुख सहयोगियों में शामिल थे:
- Telugu Desam Party – 16 सीटें
- Janata Dal (United) – 12 सीटें
- Shiv Sena – 7 सीटें
- Lok Janshakti Party (Ram Vilas) – 5 सीटें
यह संख्या सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से ऊपर थी, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से काफी दूर रही।
किन दावों से बढ़ी चर्चा?
हाल के दिनों में विपक्षी दलों में संभावित टूट को लेकर कई राजनीतिक बयान सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress और महाराष्ट्र में Uddhav Thackeray की पार्टी को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में Om Prakash Rajbhar और Keshav Prasad Maurya ने समाजवादी पार्टी के कुछ सांसदों के टूटने की संभावना जताई है। हालांकि, Samajwadi Party ने ऐसे सभी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
क्या NDA सचमुच 362 के आंकड़े तक पहुंच सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान संख्या और केवल संभावित समर्थन के आधार पर एनडीए को दो-तिहाई बहुमत तक पहुंचाने के दावे अभी अनुमान मात्र हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में अतिरिक्त सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी।
जब तक किसी दल का औपचारिक विलय, समर्थन या सांसदों की सदस्यता से जुड़ा निर्णय नहीं हो जाता, तब तक सीटों की वास्तविक संख्या में बदलाव नहीं माना जा सकता।
इतिहास में NDA का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एनडीए का अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन 2019 लोकसभा चुनाव में रहा था, जब गठबंधन ने कुल 353 सीटें जीती थीं। यह भी दो-तिहाई बहुमत के लिए आवश्यक 362 सीटों से 9 सीट कम था।
यदि भविष्य में एनडीए 362 या उससे अधिक सीटों का समर्थन जुटाने में सफल होता है, तो यह गठबंधन के इतिहास में पहली बार होगा।



