न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते निवेशकों की नजर बाजार की आगे की दिशा पर टिक गई है।
अगस्त डिलीवरी वाला सोना कारोबार की शुरुआत में करीब 1 प्रतिशत टूटकर 1,52,306 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,53,879 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2,48,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली, जो पिछले बंद भाव 2,51,807 रुपये की तुलना में काफी कम रही।
कारोबार के दौरान और बढ़ी गिरावट
शुरुआती सत्र में बिकवाली तेज होने से सोने की कीमत 1,52,304 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक फिसल गई। दूसरी ओर चांदी में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली और इसका भाव करीब 6,300 रुपये टूटकर 2,45,509 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
वैश्विक बाजार में सोने को मिला समर्थन
घरेलू बाजार में कमजोरी के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं और सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ी।
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1.4 प्रतिशत बढ़कर 4,316.42 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर भी 1.8 प्रतिशत की तेजी के साथ 69.18 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
फेडरल रिजर्व के संकेतों का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने सोने और चांदी पर दबाव बढ़ाया है। फेड ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखा है, लेकिन आगे दरों में बढ़ोतरी की संभावना से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।
ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता। ऐसे में निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसके अलावा डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाती है।
गोल्ड और सिल्वर का तकनीकी स्तर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,51,800 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,53,300 रुपये का स्तर रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। जब तक सोना इस रेजिस्टेंस स्तर को पार नहीं करता, तब तक दबाव बना रह सकता है।
वहीं चांदी के लिए 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर सपोर्ट और 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
नोट: निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।



