यूपी पंचायत चुनाव: फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 29 लाख से ज्यादा नए मतदाता जुड़े; जौनपुर सबसे आगे

लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। नई सूची के अनुसार राज्य में कुल 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570 मतदाता पंजीकृत हैं। यह संख्या वर्ष 2021 की पंचायत मतदाता सूची के मुकाबले करीब 29 लाख अधिक है।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराए गए विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए गए, जबकि मृत, स्थानांतरित और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए। पुनरीक्षण प्रक्रिया में 2.32 करोड़ नए नाम जोड़े गए, जबकि 2.03 करोड़ नाम हटाए गए, जिसके बाद मतदाताओं की कुल संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई।

जौनपुर बना सबसे बड़ा मतदाता जिला

अंतिम मतदाता सूची के अनुसार जौनपुर प्रदेश का सबसे अधिक मतदाताओं वाला जिला बन गया है, जहां 36.97 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। इसके बाद प्रयागराज में 34.95 लाख, सीतापुर में 31.18 लाख, गोरखपुर में 29.63 लाख और लखीमपुर खीरी में 28.87 लाख मतदाता हैं।

इसके अलावा हरदोई, गाजीपुर, बलिया, गोंडा और बाराबंकी भी उन जिलों में शामिल हैं जहां मतदाताओं की संख्या 20 लाख से अधिक है।

लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता

मतदाता संख्या में वृद्धि के मामले में लखीमपुर खीरी राज्य में शीर्ष पर रहा, जहां 1.38 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े। वहीं बलिया, देवरिया, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में भी एक लाख से अधिक मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कुछ जिलों में घटी मतदाताओं की संख्या

जहां कई जिलों में मतदाता संख्या बढ़ी है, वहीं कुछ जिलों में कमी भी दर्ज की गई है। गाजीपुर, मैनपुरी, आजमगढ़, आगरा और महोबा में मतदाताओं की संख्या में शुद्ध गिरावट देखने को मिली है।

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राजधानी लखनऊ में अंतिम सूची के अनुसार कुल 10.85 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। यहां पिछले आंकड़ों की तुलना में 30 हजार से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं।

पंचायत चुनाव में देरी, प्रशासकों को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी

पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने के कारण राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों में निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्यभार सौंपा गया है। शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक अब प्रशासक किसी भी नए विकास कार्य को शुरू करने से पहले जिला प्रशासन की अनुमति प्राप्त करेंगे।

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नए कार्यों के लिए प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। हालांकि पहले से स्वीकृत, निर्माणाधीन या पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान और मूल्यांकन पूर्व व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगा।

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